# भारी बिकवाली और ऑप्शंस एक्सपायरी के बीच बिटकॉइन में बड़ी गिरावट, $59,000 के स्तर से नीचे फिसली कीमत

> अमेरिकी स्पॉट ETF से लगातार पूंजी निकासी और $10.6 बिलियन की आगामी ऑप्शंस एक्सपायरी के चलते बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह $59,000 के स्तर से नीचे आ गया है.

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-06-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bhari-bikavali-aura-pshnsa-eksapayari-ke-bicha-bitcoin-men-bari-giravata-59-000-ke-stara-se-niche-phisali-kimata-3165 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिटकॉइन, क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन ईटीएफ, मार्केट क्रैश, निवेश, फेडरल रिजर्व

बिटकॉइन की कीमतों में शुक्रवार सुबह भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह $59,000 के बेहद महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया. इस गिरावट की मुख्य वजह एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) से होने वाली ताबड़तोड़ बिकवाली को माना जा रहा है. इसके साथ ही, निवेशकों में साल की सबसे बड़ी ऑप्शंस एक्सपायरी को लेकर भी गहरी चिंता बनी हुई है. शुक्रवार को यह प्रमुख डिजिटल एसेट लगभग $59,100 पर कारोबार कर रहा था, जो कि पिछले एक हफ्ते में करीब 6.4% की गिरावट को दर्शाता है. यह मौजूदा कीमत अक्टूबर में बने $126,080 के इसके अब तक के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर से लगभग 53% नीचे है. पिछले 24 घंटों के दौरान इस क्रिप्टोकरेंसी की कीमत न्यूनतम $58,189 से लेकर अधिकतम $60,724 के दायरे में घूमती रही, जिससे इसका कुल मार्केट कैप घटकर $1.18 ट्रिलियन के आसपास आ गया है.

बाजार का रुख इस समय काफी सावधानी भरा नजर आ रहा है. दास्तान के मालिकाना हक वाले प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म मायरीड पर ट्रेडर्स आगे और बड़ी मंदी की आशंका जता रहे हैं. इस प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करने वाले अधिकांश लोगों का मानना है कि बिटकॉइन का अगला कदम इसे $55,000 के स्तर पर धकेल सकता है. इस मंदी वाले नतीजे की संभावना अब बढ़कर 77% हो गई है, जो इस सप्ताह की शुरुआत में केवल 72% दर्ज की गई थी.

## संस्थागत बिकवाली से बाजार में बढ़ा दबाव
कीमतों में आई यह ताजा गिरावट मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली से जुड़ी है. गुरुवार को अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से करीब $691 मिलियन की भारी-भरकम निकासी देखी गई. यह 27 मई के बाद से किसी एक दिन में फंड से बाहर जाने वाली सबसे बड़ी रकम है. संस्थागत मांग में आई यह कमजोरी केवल एक कारोबारी सत्र तक सीमित नहीं है. साल 2024 में इन निवेश उत्पादों की लॉन्चिंग के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब अमेरिकी ETF के बिटकॉइन होल्डिंग्स की सालाना ग्रोथ घटकर लगभग शून्य हो गई है.

क्रिप्टोक्वांट के रिसर्च हेड जूलियो मोरेनो ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि ये ईटीएफ अब बाजार की अतिरिक्त सप्लाई को सोखने के बजाय, खुद बिकवाली करके बाजार में बिटकॉइन की आपूर्ति बढ़ा रहे हैं. मोरेनो का मानना है कि जब तक यह संस्थागत खरीदारी दोबारा गति नहीं पकड़ती और बिकवाली का यह दौर नहीं थमता, तक तक बाजार के लिए कोई ठोस निचला स्तर बनना बेहद मुश्किल होगा.

## $10.6 बिलियन की विशाल ऑप्शंस एक्सपायरी और अहम तकनीकी स्तर
इस मंदी के माहौल के बीच बाजार में एक और बड़ी हलचल होने वाली है. डेरिबिट एक्सचेंज पर इस शुक्रवार को लगभग $10.6 बिलियन के बिटकॉइन ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होने जा रही है, जो इस साल का सबसे बड़ा तिमाही सेटलमेंट है. चूंकि बिटकॉइन की वर्तमान कीमत लगभग $72,000 के तथाकथित मैक्स पेन स्तर से काफी नीचे चल रही है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि इनमें से लगभग 80% ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स बिना किसी मूल्य के समाप्त हो जाएंगे.

बाजार के दिग्गज इस अस्थिरता के दौर में कुछ खास तकनीकी स्तरों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं. एसेट टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्म टीएक्स के को-फाउंडर माइक मैकक्लूस्की ने कहा कि $60,000 का स्तर बाजार के लिए इस समय बेहद नाजुक सीमा बना हुआ है. उन्होंने बताया कि इस स्ट्राइक प्राइस पर भारी मात्रा में पुट पोजीशन बनी हुई हैं. मैकक्लूस्की के अनुसार, अगर बाजार के खरीदार इस स्तर की रक्षा करने में सफल रहते हैं, तो इससे यह साफ हो जाएगा कि गिरावट पर खरीदारी करने वाले निवेशक अभी भी बाजार को नियंत्रित कर रहे हैं. हालांकि, अगर यह स्तर टूटता है, तो लिक्विडिटी की कमी के कारण कीमतों में गिरावट की रफ्तार बहुत तेज हो सकती है.

## लॉन्ग पोजीशन का लिक्विडेशन और वैश्विक आर्थिक नीतियां
कीमतों में अचानक आई इस तेज गिरावट ने उन ट्रेडर्स को बड़ा झटका दिया है जो बाजार में तेजी की उम्मीद कर रहे थे. पिछले 24 घंटों में बाजार के भीतर $1.1 बिलियन से अधिक के लीवरेज्ड क्रिप्टो पोजीशन पूरी तरह लिक्विडेट हो गए. ट्रेडिंग डेटा से पता चलता है कि इनमें से $875 मिलियन के नुकसान केवल लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स को उठाने पड़े हैं, जिन्होंने बाजार में बढ़त का दांव लगाया था.

यह गिरावट वैश्विक अर्थव्यवस्था और केंद्रीय बैंक की नीतियों में आए बदलावों के बीच देखने को मिल रही है. फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श के पहले सख्त बयानों के बाद से ही निवेशक डरे हुए हैं और उन्हें लग रहा है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं. इसी व्यापक आर्थिक चिंता के चलते बिटकॉइन इस सप्ताह सितंबर 2024 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, और इसने कुछ समय के लिए अपने 200-सप्ताह के मूविंग एवरेज को भी तोड़ दिया. माइक मैकक्लूस्की ने इस तकनीकी पहलू पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से यह 200-सप्ताह का मूविंग एवरेज हमेशा से बिटकॉइन के लिए एक बेहद मजबूत मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सपोर्ट स्तर रहा है.

## भविष्य की राह: रेगुलेशन और भू-राजनीतिक हालात
बाजार की भविष्य की दिशा को लेकर गैलेक्सी डिजिटल के सीईओ माइक नोवोग्रैट्स ने गुरुवार को एक बातचीत के दौरान अपने विचार साझा किए. नोवोग्रैट्स का कहना है कि बिटकॉइन में फिर से बड़ी तेजी आने की उम्मीद केवल दो बातों पर टिकी है, पहला क्लेरिटी एक्ट का पास होना और दूसरा फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती करना. हालांकि, उनका मानना है कि ईरान में जारी युद्ध जैसी भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने केंद्रीय बैंक की दरों में कटौती के फैसले को धीमा कर दिया है.

नोवोग्रैट्स ने उम्मीद जताई कि जैसे ही यह युद्ध समाप्त होगा और कच्चे तेल की कीमतें फिर से $60 प्रति बैरल के आसपास आएंगी, वैसे ही ब्याज दरों में कटौती का रास्ता साफ हो सकता है. उनके अनुसार, यह स्थिति चौथी तिमाही के अंत में या फिर अगले साल की पहली तिमाही की शुरुआत में ब्याज दरों में कटौती का मौका बना सकती है. उनका निष्कर्ष है कि जब तक बाजार को कोई नया ट्रिगर या सकारात्मक खबर नहीं मिल जाती, तब तक बिटकॉइन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहेगा और बड़ी छलांग के लिए किसी नई कहानी का इंतजार करेगा.

## इसका आप पर असर
**भारत में:**

- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** वैश्विक बाजार में आई इस मंदी के कारण घरेलू क्रिप्टो निवेशकों के पोर्टफोलियो पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे उन्हें अल्पकालिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
- **बाजार की स्थिति:** इस गिरावट के बाद टैक्स नियमों और वैश्विक अस्थिरता के कारण भारतीय रिटेल ट्रेडर्स अब नए निवेश के लिए अधिक सावधानी बरतेंगे.

## सवाल-जवाब

### 1. बिटकॉइन की कीमतों में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी स्पॉट ETF से गुरुवार को हुई $691 मिलियन की भारी निकासी और डेरिविट एक्सचेंज पर होने वाली $10.6 बिलियन की विशाल ऑप्शंस एक्सपायरी को माना जा रहा है.

### 2. इस गिरावट के दौरान बिटकॉइन का सबसे निचला स्तर क्या रहा?
पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन ने न्यूनतम $58,189 का स्तर छुआ, जबकि इसका अधिकतम स्तर $60,724 रहा.

### 3. माइक नोवोग्रैट्स के अनुसार बिटकॉइन में तेजी वापस आने के लिए क्या जरूरी है?
गैलेक्सी डिजिटल के सीईओ माइक नोवोग्रैट्स के अनुसार, बिटकॉइन में दोबारा तेजी आने के लिए अमेरिका में क्लेरिटी एक्ट का पास होना और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती किया जाना आवश्यक है.

### 4. हालिया गिरावट में लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स को कितना नुकसान हुआ?
बाजार में कीमतों के अचानक गिरने के कारण लीवरेज्ड ट्रेडर्स को भारी नुकसान हुआ, जिसमें से अकेले लॉन्ग पोजीशन वालों के लगभग $875 मिलियन लिक्विडेट हो गए.

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