# भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ा सुरक्षित निवेश का आकर्षण, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 161.50 के स्तर पर कमजोर हुआ जापानी येन

> अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में आई रुकावट के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है, जिससे डॉलर को मजबूती मिली है और जापानी येन पर दबाव बढ़ गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-06-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bhu-rajanitika-tanava-se-barha-surakshita-nivesha-ka-akarshana-us-dollar-ke-mukabale-161-50-ke-stara-para-kamajora-hua-japanese-ye-2259 · **Language:** Hindi
**Tags:** जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स मार्केट, बैंक ऑफ जापान, फेडरल रिजर्व, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वाशिंगटन तथा तेहरान के बीच शांति वार्ता में आई रुकावट के कारण वैश्विक मुद्रा बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर (USD) की मांग काफी बढ़ गई है। इस वजह से जापानी येन (JPY) डॉलर के मुकाबले 161.50 के स्तर के पास अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है।

 

## डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और वार्ता से वॉकआउट

सप्ताहांत के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को बड़ा झटका लगा, जब ईरानी वार्ताकार बैठक से बाहर चले गए। यह वॉकआउट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर फिर से सैन्य हमले करने की चेतावनी के विरोध में किया गया था। दरअसल, लेबनान में जारी इजरायली हमलों के बाद ईरान ने शनिवार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था, जिसके जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया।

 इस तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, **"ईरान को लेबनान में अपने भारी भुगतान वाले प्रॉक्सियों को तुरंत गड़बड़ी फैलाने से रोकना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत कड़ा हमला करेंगे, ठीक उसी तरह जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, लेकिन इस बार हमला और भी भीषण होगा!!!"**

 

## मुद्रा बाजार पर असर और जापानी येन की स्थिति

इस ताजा भू-राजनीतिक खींचतान के कारण डॉलर की मांग में तेजी आई है, जिससे USD/JPY जोड़ी पिछले सप्ताह दर्ज किए गए 161.80 के उच्चतम स्तर की ओर बढ़ रही है, जो जुलाई 2024 के बाद का सबसे ऊपरी स्तर है। TrendKia के अनुसार, हालांकि येन पर दबाव बना हुआ है, लेकिन जापान के वित्तीय अधिकारियों द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप (हस्तक्षेप जोखिम) की वजह से येन की गिरावट को सहारा मिल सकता है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) के हालिया आक्रामक रुख और अप्रैल की बैठक के मिनट्स से मिले संकेतों ने भी येन को नीचे गिरने से बचाया है।

 आमतौर पर, वैश्विक संकटों के दौरान जापानी येन को एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे अस्थिरता के समय इसकी वैल्यू बढ़ती है। हालांकि, पिछले एक दशक में नीतियों के बड़े अंतर के कारण येन कमजोर हुआ था। जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) ब्याज दरें बढ़ा रहा था, तब BoJ ने अपनी ब्याज दरों को बेहद निचले स्तर (अल्ट्रा-लूज नीति) पर बनाए रखा था। इससे अमेरिका और जापान के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर बढ़ा और डॉलर मजबूत हुआ। साल 2024 में BoJ द्वारा इस ढीली नीति को धीरे-धीरे खत्म करने के फैसले और अन्य प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती से अब यह अंतर कम हो रहा है।

 

## सोना, यूरो और स्टर्लिंग का हाल

अमेरिका-ईरान तनाव का असर अन्य वैश्विक संपत्तियों पर भी साफ दिख रहा है। सोमवार को लगातार चौथे दिन सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, और यह कीमती धातु 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर की ओर बढ़ रही है। निवेशक फेड के सख्त रुख और इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण जोखिम उठाने से बच रहे हैं।

 यूरोपीय मुद्राओं की बात करें तो, ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 1.3160 के निचले स्तर को छूने के बाद सुधार दर्ज करते हुए 1.3200 के पार पहुंचने में सफल रहा। ब्रिटेन के मजबूत रिटेल सेल्स आंकड़ों ने पाउंड को सहारा दिया है, हालांकि वहां जारी राजनीतिक अस्थिरता के कारण इसकी बढ़त सीमित बनी हुई है। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) 1.1420 के तीन महीने के निचले स्तर से थोड़ा सुधरकर 1.1460 के ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है।

 

## फेडरल रिजर्व के फैसले और मजबूत होती अमेरिकी अर्थव्यवस्था

ईरान युद्ध शुरू होने के लगभग चार महीने बाद भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। शुरुआत में इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रुकावट आई थी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन बाद में वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक प्रगति ने इस तनाव को थोड़ा कम किया था।

 बाजार की इन परिस्थितियों के बीच, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने लगातार चौथी बैठक में अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर अपरिवर्तित रखा। इस बैठक की कमान नए प्रमुख केविन वॉर्श के हाथों में थी। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन नीतियों और बाजार के अनुमानों को बदलने के संकेत दिए, जिन पर निवेशक पिछले एक दशक से निर्भर थे।

## इसका आप पर असर
- **निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए:** वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और फेडरल रिजर्व के नीतिगत बदलावों से मुद्रा, सोना और इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, जिससे पोर्टफोलियो में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन क्यों संघर्ष कर रहा है?
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूटने से पैदा हुए भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में डॉलर की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे जापानी येन पर दबाव बढ़ गया है।

### 2. ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता क्यों बाधित हुई?
ईरान द्वारा शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। इसके विरोध में ईरानी वार्ताकारों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया।

### 3. जापानी अधिकारियों के बाजार हस्तक्षेप का क्या अर्थ है?
जापानी वित्तीय अधिकारी और बैंक ऑफ जापान अपनी मुद्रा की गिरावट को रोकने के लिए बाजार में हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिससे येन की वैल्यू को थोड़ा सहारा मिल सकता है।

### 4. फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक में ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला हुआ?
नए फेड प्रमुख केविन वॉर्श के नेतृत्व में हुई बैठक में फेडरल रिजर्व ने लगातार चौथी बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया।

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