बॉन्ड यील्ड में तेजी और क्रूड के दबाव से सोने की रफ्तार थमी, $4,385 पर तकनीकी रुकावट वैश्विक बॉन्ड यील्ड में दशक के उच्चतम उछाल और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सोने का भाव $4,335 से $4,386 के पास सीमित बना हुआ है, जबकि अमेरिकी फेड द्वारा सितंबर में दरें स्थिर रखने की संभावना 65% दर्ज की गई है। सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में सुस्ती का रुख बना हुआ है और शुरुआती एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान यह $4,335 से $4,386 प्रति औंस के सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। दुनिया भर में सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई जोरदार तेजी, केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों पर बदलती उम्मीदों और मध्य पूर्व में बने भू-राजनीतिक संकट ने सर्राफा बाजार पर गहरा प्रभाव डाला है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, स्पॉट सोना फिलहाल $4,386 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $4,418 से लगभग 0.73% की गिरावट दर्शाता है। बीते 52 हफ्तों के दौरान सोने का कारोबार $3,310 से $5,586 के विस्तृत दायरे में दर्ज किया गया है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत से 0.64 गुना बना हुआ है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में दशक के उच्चतम स्तरों पर उछाल सोने की कीमतों पर दबाव बनाने वाला सबसे प्रमुख कारक दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी बॉन्ड यील्ड का तेजी से बढ़ना है। अमेरिका में 30 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.33% पर पहुंच गई है, जो 2007 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। अमेरिकी राजकोषीय घाटे में लगातार हो रही बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतिगत स्वायत्तता को लेकर बाजार में उठ रहे सवालों के कारण बॉन्ड बाजार में भारी बिकवाली देखी जा रही है। सरकारी बॉन्ड में यह बिकवाली केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। यूरोप में जर्मनी के 10-वर्षीय बंड की यील्ड 2011 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर दर्ज की गई, जबकि फ्रांस की 10-वर्षीय उधारी लागत 2008 के बाद के सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गई। वहीं एशिया में, बैंक ऑफ जापान द्वारा सितंबर जितनी जल्दी नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती अटकलों से जापान की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड तीन दशक के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। चूंकि सोना कोई नियमित ब्याज या लाभांश नहीं देता, इसलिए बॉन्ड की ऊंची ब्याज दरें सोने में निवेश की अवसर लागत (opportunity cost) को बढ़ा देती हैं, जिससे संस्थागत निवेशक सोने से पूंजी निकालकर बॉन्ड जैसे फिक्स्ड-इनकम साधनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सोने के मौलिक परिदृश्य पर मध्य पूर्व में लगातार बने भू-राजनीतिक संकट और ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता का गहरा असर पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य एवं बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्गों पर सुरक्षा खतरों के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। मरीनट्रैफिक के मरीन ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, इन महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्यों से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और टैंकरों की आवाजाही में ऐतिहासिक औसत की तुलना में भारी गिरावट बनी हुई है। भू-राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ फिलहाल कोई द्विपक्षीय वार्ता प्रक्रिया जारी नहीं है और न ही ऐसी किसी बैठक की योजना बनाई गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अर्थव्यवस्था में महंगाई की चिंताओं को फिर से बढ़ा सकती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों के लिए मौद्रिक नीति को आसान बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ज़ैनर मेटल्स के वरिष्ठ धातु रणनीतिकार और उपाध्यक्ष पीटर ग्रांट ने बाजार के हालात पर कहा कि बॉन्ड यील्ड कर्व का तेज होना सोने के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है, जबकि कच्चे तेल की मजबूत होती कीमतें भी सोने में देखी जा रही मौजूदा कमजोरी के पीछे एक अहम कारण हैं। फेडरल रिजर्व की दरों पर उम्मीदों में बड़ा बदलाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की समयसीमा को लेकर वित्तीय बाजारों के अनुमानों में बड़ा बदलाव आया है। हालिया आर्थिक आंकड़ों से पहले, बाजार प्रतिभागी सितंबर में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक के दौरान ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई में नरमी और कमजोर खुदरा बिक्री आंकड़ों के बाद बाजार का रुख बदल गया है। वित्तीय वायदा बाजारों के आंकड़ों के मुताबिक, अब इस बात की लगभग 65% संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व सितंबर बैठक में ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें वर्तमान स्तर पर स्थिर रखेगा। हालांकि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहना सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव डालता है, लेकिन वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं सोने को एक निश्चित सीमा से नीचे गिरने से रोक रही हैं। निवेशक अब आगामी FOMC बैठक के मिनट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि फेडरल रिजर्व के आक्रामक या नरम नीतिगत रुख के बारे में अतिरिक्त स्पष्टता मिल सके। सोने (XAU/USD) का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण दैनिक तकनीकी चार्ट पर XAU/USD का रुझान निकट अवधि में सुस्त बना हुआ है क्योंकि स्पॉट कीमतें 100-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे कारोबार कर रही हैं। हालांकि, कीमतें 20-दिवसीय बोलिंजर मध्य बैंड $4,210 से $4,211 के ऊपर बनी हुई हैं, जो सीमित दायरे के भीतर सुधारात्मक उछाल का संकेत देती हैं। तकनीकी ऑसिलेटर्स में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) 63 अंकों पर मजबूती प्रदर्शित कर रहा है, जो अत्यधिक ओवरबॉट स्थिति के बिना सकारात्मक गति को दर्शाता है। वहीं MACD इंडिकेटर में MACD लाइन 75.73 पर सिग्नल लाइन 47.59 के ऊपर बनी हुई है, जिससे हिस्टोग्राम 28.14 का सकारात्मक आंकड़ा दे रहा है। इसके अलावा, ADX-14 इंडिकेटर 28 पर है जो बाजार में स्पष्ट ट्रेंड की उपस्थिति को दर्ज करता है, जबकि स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 86 और सिग्नल लाइन 88 पर है। कीमतों के लिए मुख्य तकनीकी स्तर बेहद स्पष्ट हैं। ऊपर की तरफ पहला बड़ा प्रतिरोध 100-दिवसीय SMA के पास $4,385 पर है, जबकि इसके बाद पिवट प्रतिरोध स्तर $4,389, $4,392 (R1) और $4,399 (R2) पर स्थित हैं। अपर बोलिंजर बैंड $4,500 से $4,511 के करीब है, जहां मजबूत बिकवाली का दबाव आ सकता है। मंदी का दबाव खत्म करने के लिए $4,385 के ऊपर टिकाऊ बंद होना जरूरी है। नीचे की ओर तत्काल समर्थन पिवट S1 $4,382 और S2 $4,378 पर है, जिसके बाद 20-दिवसीय बोलिंजर मध्य बैंड $4,210 आता है। दूसरा मुख्य समर्थन $4,018 और निचला बोलिंजर बैंड $3,910 से $3,915 पर स्थित है। 20-दिवसीय EMA $4,259, 50-दिवसीय EMA $4,247, 200-दिवसीय EMA $4,300, 50-दिवसीय SMA $4,158 और 200-दिवसीय SMA $4,491 पर दर्ज है, जिसमें डेली वोलेटिलिटी बफर (ATR-14) 70.41 है। केंद्रीय बैंकों का स्वर्ण भंडार और आर्थिक आधार मानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के एक सर्वमान्य साधन के रूप में भूमिका निभाई है। आभूषण निर्माण के अलावा, सोने को दुनिया भर में सबसे भरोसेमंद सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) माना जाता है। किसी सरकार या केंद्रीय बैंक की क्रेडिट रेटिंग पर निर्भर न होने के कारण यह मुद्रास्फीति और करेंसी के अवमूल्यन के खिलाफ सबसे कारगर सुरक्षा प्रदान करता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था, जिसकी कुल कीमत लगभग $70 अरब थी। यह रिकॉर्ड आंकड़ों की शुरुआत के बाद से किसी भी एक वर्ष की सबसे बड़ी खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते देशों के केंद्रीय बैंक अपनी मुद्राओं को मजबूती देने, विदेशी मुद्रा जोखिमों को कम करने और राष्ट्रीय साख बनाए रखने के लिए तेजी से अपने गोल्ड रिजर्व का विस्तार कर रहे हैं। सोने का अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी और शेयर बाजार से विपरीत संबंध (inverse correlation) रहता है, जिसके कारण वित्तीय अनिश्चितता और बाजार की बिकवाली के समय सोने में निवेश की मांग काफी बढ़ जाती है। विदेशी मुद्रा बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में हलचल सोने के बाजार में आई सुस्ती के साथ-साथ विदेशी मुद्रा और क्रिप्टो बाजारों में भी हलचल देखी गई। करेंसी मार्केट में, ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) दबाव में आकर 1.3530 के स्तर तक फिसल गया, जो कि 1.3570 के हालिया उच्च स्तर से गिरावट है। ब्रिटेन के कमजोर रोजगार आंकड़ों और डॉलर में मामूली मजबूती ने पाउंड पर दबाव बनाया। इसी तरह EUR/USD भी 1.1600 के करीब पहुंचकर स्थिर नहीं रह सका और 1.1580 से 1.1570 के दायरे में वापस आ गया, क्योंकि उत्तरी अमेरिकी व्यापारिक सत्र के अंत में बाजार सहभागियों ने आगामी FOMC मिनट्स से पहले अपनी पोजीशन को समायोजित किया। डिजिटल एसेट क्षेत्र में, K33 की शोध रिपोर्ट के अनुसार बिटकॉइन (BTC) की 30-दिवसीय वोलेटिलिटी गिरकर 1.132% पर आ गई है। यह इतिहास में केवल पांचवां ऐसा मौका है जब बिटकॉइन की वोलेटिलिटी नैस्डैक इंडेक्स की वोलेटिलिटी से कम दर्ज की गई है। इसके अलावा, बिटकॉइन की 7-दिवसीय वोलेटिलिटी भी घटकर 0.52% के निचले स्तर पर आ गई है, जो 2023 के बाद का सबसे शांत व्यापारिक दौर प्रदर्शित करती है। इसका आप पर असर • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में स्थिरता से घरेलू सर्राफा बाजार में अचानक बड़ी तेजी की संभावना कम है, जिससे त्योहारों से पहले आभूषण खरीदारों को अस्थायी राहत मिल सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोने जैसे गैर-ब्याज वाले साधनों में तात्कालिक मुनाफावसूली का दबाव बना रहेगा, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश मांग को बनाए रखेंगे। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमत में मौजूदा सुस्ती का मुख्य कारण क्या है? अमेरिका, जर्मनी और जापान में 30-वर्षीय और 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई बड़ी तेजी ने बिना ब्याज देने वाले सोने के आकर्षण को कम कर दिया है। 2. फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरें स्थिर रखने की क्या संभावना है? कमजोर खुदरा बिक्री और नरम मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद सितंबर की मौद्रिक समीक्षा बैठक में फेड द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने की संभावना 65% तक पहुंच गई है। 3. सोने (XAU/USD) के लिए तकनीकी स्तर पर कौन से मुख्य प्रतिरोध और समर्थन हैं? सोने के लिए पहला मजबूत प्रतिरोध $4,385 पर 100-दिवसीय SMA पर है, जबकि मुख्य समर्थन $4,210 के 20-दिवसीय बोलिंजर मध्य बैंड और $3,915 के निचले बैंड पर स्थित है। 4. वर्ष 2022 में विश्व भर के केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा था? विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था, जिसकी कुल कीमत लगभग $70 अरब थी। https://trendkia.com/market/bond-yield-mein-tezi-aur-crude-ke-dabaav-se-sone-ki-raftaar-thami-4385-par-takneeki-rukavat-18189 TrendKia — Har trend, sabse pehle.