ब्रेंट क्रूड में 100 डॉलर के स्तर पर खींचतान, खाड़ी से आपूर्ति सुधरने के बीच वैश्विक बाजारों में हलचल कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास उतार-चढ़ाव जारी है। होर्मुज जलडमरूमध्य से बढ़ती आपूर्ति और सऊदी अरब द्वारा एशियाई कीमतों में कटौती के बीच डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे प्रमुख मुद्राओं और सोने पर दबाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही हैं। ब्रेंट क्रूड बार-बार 100 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण आंकड़े से नीचे फिसलने के बावजूद अंततः इसी स्तर से ऊपर बंद होने में सफल रहा है। बाजार के कारोबारी इस समय एक तरफ मध्य पूर्व के लगातार बने हुए तनाव और दूसरी तरफ सुधरती आपूर्ति व्यवस्था के बीच संतुलन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल के प्रवाह में इजाफा, जी7 देशों द्वारा अपने आपातकालीन भंडारों से तेल की निकासी और सऊदी अरब की प्रमुख पाइपलाइन की बहाली जैसी खबरों ने कीमतों पर दबाव बनाया है, जबकि ओपेक प्लस की स्थिर उत्पादन नीति और व्यापक भू-राजनीतिक टकराव गिरावट को थामे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और सऊदी पाइपलाइन से आपूर्ति में सुधार वैश्विक तेल बाजार में मंदी के रुख को मजबूती देने वाला सबसे बड़ा कारक फारस की खाड़ी और उसके प्रमुख समुद्री मार्गों से तेल प्रवाह की बहाली है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल आवाजाही में हाल के दिनों में लगातार तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से संबंधित रुकावटें भी धीरे-धीरे दूर हो रही हैं। प्राप्त जानकारियों के अनुसार, इस पाइपलाइन में तेल का प्रवाह अपनी कुल क्षमता के 80 प्रतिशत से अधिक पर वापस लौट चुका है। इस पाइपलाइन क्षमता के बहाल होने से सऊदी अरब के प्रमुख बंदरगाह यानबू से कच्चे तेल के निर्यात में तेजी से सुधार देखने को मिलेगा। हाल के सप्ताहों में जब ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन प्रभावित हुई थी, तब सऊदी अरब को होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्ग से कहीं बड़ा वॉल्यूम भेजना पड़ा था। अब दोनों मोर्चों पर लॉजिस्टिक्स सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आपूर्ति को लेकर बाजार में व्याप्त गंभीर चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं। सऊदी अरब ने एशियाई खरीदारों के लिए दाम घटाए बाजार में ढीली पड़ती आपूर्ति स्थितियों का एक और स्पष्ट प्रमाण सऊदी अरब के हालिया मूल्य निर्धारण फैसले से मिलता है। सऊदी अरब ने नवंबर में लोड होने वाले अरब लाइट कच्चे तेल के लिए एशियाई देशों के आधिकारिक विक्रय मूल्य में 3 डॉलर प्रति बैरल की कटौती कर दी है। इस महत्वपूर्ण कटौती के साथ ही बेंचमार्क के मुकाबले इसका डिस्काउंट बढ़कर 5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि एशियाई रिफाइनरों के लिए आधिकारिक मूल्य में इस तरह की तेज छूट यह दर्शाती है कि आगामी महीनों में कच्चे तेल की उपलब्धता अपेक्षाकृत आसान रहने वाली है। सट्टेबाजों ने घटाए सौदे, ओपेक प्लस की उत्पादन नीति स्थिर वायदा बाजार के ताजा आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि वित्तीय निवेशकों और सट्टेबाजों का भरोसा फिलहाल तेल में बड़ी तेजी को लेकर कमजोर पड़ा है। नवीनतम पोजीशनिंग डेटा के मुताबिक, पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में सट्टेबाजों ने ब्रेंट क्रूड में अपनी शुद्ध लॉन्ग पोजीशन में 13,812 लॉट की भारी कटौती की है। इसके बाद उनकी कुल लॉन्ग पोजीशन घटकर 204,302 लॉट रह गई है, जो कि अगस्त की शुरुआत के बाद से दर्ज किया गया सबसे निचला स्तर है। फारस की खाड़ी से तेल प्रवाह में बढ़ोतरी के संकेतों को देखते हुए सटोरिए इस समय अत्यधिक जोखिम उठाने से साफ तौर पर बच रहे हैं। दूसरी ओर, ओपेक प्लस गठबंधन ने सप्ताहांत में हुई अपनी समीक्षा के दौरान नवंबर के लिए उत्पादन स्तर में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। अमेरिका-ईरान तनाव के पूरे दौर में समूह ने कुल मिलाकर 1.65 मिलियन बैरल प्रतिदिन की संचयी आपूर्ति वृद्धि की घोषणा जरूर की थी, लेकिन यह बढ़ोतरी मोटे तौर पर केवल कागजी साबित हुई। वास्तविक उत्पादन में इसके अनुरूप कोई उछाल इसलिए नहीं आ सका क्योंकि वास्तविक आपूर्ति व्यवधानों ने उत्पादन को धरातल पर बढ़ने से रोके रखा। इस प्रकार उत्पादन कोटा वही रहने के बावजूद बाजार वास्तविक भौतिक आपूर्ति पर अधिक ध्यान दे रहा है। डॉलर में उछाल से वैश्विक मुद्राओं और सोने पर दबाव ऊर्जा बाजार के इन मिश्रित संकेतों और लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर ने अपनी मजबूत स्थिति फिर से हासिल कर ली है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती का असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार और कमोडिटी परिसंपत्तियों पर साफ दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नए सिरे से बिकवाली का दबाव देखा गया और सोमवार को देर से चले एशियाई कारोबार में यह 0.6900 के स्तर की ओर गिर गया। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक कच्चे तेल के भाव, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक के अगले कदमों पर नजरें गड़ाए हुए हैं। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा में वापसी दर्ज की गई है। एशियाई सत्र में डॉलर-येन जोड़ी अपने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए वापस 158.00 के स्तर पर पहुंच गई, जहां यह पिछले एक सप्ताह से बने सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक जोखिम डॉलर को सहारा दे रहे हैं, हालांकि बैंक ऑफ जापान के कड़े रुख और टोक्यो द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंका डॉलर की बढ़त को सीमित कर सकती है। सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु भी डॉलर के दबाव से अछूती नहीं रही। सोने की कीमतें एशियाई सत्र में मामूली उछाल का लाभ उठाने में संघर्ष करती रहीं और 4,150 डॉलर के ठीक नीचे लगभग अपरिवर्तित स्तर पर कारोबार करती दिखीं। निवेशक अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ चुके हैं और अप्रैल 2025 के बाद के अपने नए उच्च स्तर पर पहुंचे डॉलर ने सोने की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की कम होती संभावनाओं ने सोने में बहुत बड़ी गिरावट को थाम रखा है। यूरोपीय मुद्रा के लिए भी परिस्थितियां प्रतिकूल बनी हुई हैं। यूरो मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ चुका है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 के स्तर तक लुढ़क गई थी, जो कि जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। यूरोप का यह भारी अवमूल्यन मजबूत अमेरिकी डॉलर, लगातार बने भू-राजनीतिक संशय और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के प्रति यूरोपीय अर्थव्यवस्था की संवेदनशीलता के सामूहिक प्रभाव को उजागर करता है। इसका आप पर असर कच्चे तेल में 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास जारी खींचतान और डॉलर की मजबूती का सीधा असर ईंधन कीमतों, मुद्रास्फीति और विदेशी व्यापार पर पड़ेगा। • ईंधन की खुदरा कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का 100 डॉलर के करीब बने रहना पेट्रोल और डीजल की कीमतों को उच्च स्तर पर बनाए रखेगा। यदि आपूर्ति में सुधार से कीमतें इस स्तर से नीचे टिकती हैं, तभी आम उपभोक्ताओं को खुदरा ईंधन दरों में राहत मिलने की उम्मीद बनेगी। • आयात खर्च और डॉलर का दबाव: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ऊर्जा आयात महंगा रहने से आयातकों की लागत बढ़ेगी। विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ने से रोजमर्रा के जरूरी सामानों की कीमतों पर असर पड़ सकता है। • सोने और निवेश बाजार: डॉलर के नए शिखर पर पहुंचने से सोने की कीमतों में 4,150 डॉलर के नीचे ठहराव देखा जा रहा है। सर्राफा में निवेश करने वाले खुदरा खरीदारों को आगामी त्योहारों से पहले सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। • वैश्विक यात्रा और विदेशी शिक्षा: प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती से विदेश यात्रा और अंतरराष्ट्रीय ट्यूशन फीस का भुगतान महंगा हो सकता है। विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और पर्यटकों को अपने बजट की दोबारा योजना बनानी होगी। ऐसा क्यों हुआ कच्चे तेल और वित्तीय बाजारों में यह स्थिति मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक अनिश्चितता और भौतिक आपूर्ति में सुधार के परस्पर विरोधी कारणों से पैदा हुई है। • खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति का विस्तार: होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की बढ़ती आवाजाही और सऊदी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के 80 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर लौटने से तात्कालिक कमी की आशंकाएं घटी हैं। इससे बाजार में उपलब्ध भौतिक कच्चे तेल की मात्रा बढ़ी है। • सऊदी अरब की आक्रामक मूल्य कटौती: सऊदी अरब ने नवंबर के लिए एशियाई खरीदारों को दिए जाने वाले अरब लाइट क्रूड के आधिकारिक दाम में 3 डॉलर प्रति बैरल की कटौती की है। इस कदम ने बेंचमार्क से डिस्काउंट बढ़ाकर 5 डॉलर कर दिया, जिससे आपूर्ति की नरमी का संकेत मिला। • सट्टेबाजों की घटी लॉन्ग पोजीशन: वायदा बाजार में सट्टेबाजों ने ब्रेंट क्रूड में 13,812 लॉट की भारी कटौती करते हुए अपनी शुद्ध लॉन्ग पोजीशन अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर ला दी। खाड़ी से प्रवाह सुधरने के चलते ट्रेडर्स अधिक जोखिम उठाने से बच रहे हैं। • ओपेक प्लस का स्थिर उत्पादन और कागजी वृद्धि: ओपेक प्लस ने नवंबर के उत्पादन में बदलाव नहीं किया और पिछले 1.65 मिलियन बैरल प्रतिदिन की घोषित वृद्धि वास्तविक व्यवधानों के चलते धरातल पर नहीं उतर सकी। इस उत्पादन ठहराव ने कीमतों को 100 डॉलर से बहुत नीचे गिरने से रोक रखा है। सवाल-जवाब 1. ब्रेंट क्रूड किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? ब्रेंट क्रूड बार-बार 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसलने के बावजूद इसी स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा है। 2. सऊदी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता में कितना सुधार हुआ है? सऊदी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन में तेल का प्रवाह अपनी कुल क्षमता के 80 प्रतिशत से अधिक पर वापस लौट चुका है। 3. सऊदी अरब ने एशियाई देशों के लिए कच्चे तेल के दामों में क्या बदलाव किया? सऊदी अरब ने नवंबर के अरब लाइट कच्चे तेल के आधिकारिक मूल्य में 3 डॉलर प्रति बैरल की कटौती की है, जिससे डिस्काउंट 5 डॉलर हो गया है। 4. सट्टेबाजों ने ब्रेंट क्रूड में अपनी पोजीशन कितनी घटाई है? सट्टेबाजों ने अपनी नेट लॉन्ग पोजीशन में 13,812 लॉट की कमी की, जिससे कुल पोजीशन घटकर 204,302 लॉट रह गई। 5. ओपेक प्लस ने नवंबर के उत्पादन के लिए क्या फैसला लिया? ओपेक प्लस ने सप्ताहांत में नवंबर के लिए अपने उत्पादन स्तर को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। 6. सोने की कीमत किस स्तर पर स्थिर बनी हुई है? सोने की कीमतें एशियाई सत्र में मजबूत डॉलर के दबाव के बीच 4,150 डॉलर प्रति औंस के ठीक नीचे कारोबार कर रही हैं। 7. यूरो में हालिया गिरावट का क्या स्तर रहा है? यूरो मई 2025 के बाद के निचले स्तर 1.1312 तक गिर गया है, जो जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी कम है। https://trendkia.com/market/brent-kruda-men-100-dolara-ke-stara-para-khinchatana-khari-se-apurti-sudharane-ke-bicha-vaishvika-bajaron-men-halachala-43142 TrendKia — Har trend, sabse pehle.