कच्चे तेल में सौ डॉलर का मजबूत स्तर बरकरार, खाड़ी तनाव और गैस संकट से वैश्विक बाजारों में हलचल फारस की खाड़ी में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति चिंताओं के कारण ब्रेंट कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। यूरोप में गैस भंडारण के गिरते स्तर और मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को मजबूती मिलती दिख रही है, जहां ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास टिका हुआ है। फारस की खाड़ी से तेल प्रवाह में सुधार के शुरुआती संकेतों के बावजूद पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं हावी हैं। ऊर्जा बाजारों में यह घबराहट सीधे तौर पर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर रही है, जिससे सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड को भी लगातार समर्थन मिल रहा है। विश्लेषक वारेन पैटरसन और इवा मांथे का मानना है कि इस पूरे समीकरण में फारस की खाड़ी के भू-राजनीतिक खतरे आपूर्ति में आने वाले सुधार पर भारी पड़ रहे हैं। फारस की खाड़ी में बुनियादी ढांचे पर नए हमले और आपूर्ति की स्थिति सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हाल के दिनों में फिर से निशाना बनाया गया है। सऊदी अरब की प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ताजा हमले की जानकारी सामने आई है। यह पाइपलाइन पिछले हमले के नुकसान से उबरकर हाल ही में दोबारा शुरू हुई थी। हालांकि ताजा घटनाक्रम में पाइपलाइन के जरिए होने वाले तेल प्रवाह में कोई रुकावट नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने बाजार को फिर याद दिला दिया है कि इस क्षेत्र के प्रमुख मार्ग लगातार जोखिम के दायरे में बने हुए हैं। जब तक बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं होता, तब तक आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं टलने वाली नहीं हैं। मध्य पूर्व के प्रमुख उत्पादक देश मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार अपने उत्पादन और रणनीतियों को ढाल रहे हैं। कुवैत ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में 75 प्रतिशत क्षमता पर तेल उत्पादन कर रहा है। दूसरी ओर, सऊदी अरब ने नवंबर में होने वाली लोडिंग के लिए एशिया के वास्ते अपने अरब लाइट कच्चे तेल की आधिकारिक बिक्री कीमत (OSP) में कटौती की है। इस मूल्य कटौती को बाजार विशेषज्ञ आपूर्ति स्थिति में आने वाले धीरे-धीरे सुधार के संकेत के रूप में देख रहे हैं। फिर भी, जब तक अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते को लेकर ठोस प्रगति दिखाई नहीं देती, तब तक बाजार में यह घबराहट बनी रहने की पूरी संभावना है। सर्दियों से पहले यूरोपीय प्राकृतिक गैस भंडारण पर गहराता संकट फारस की खाड़ी से तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG के प्रवाह में तेजी आने के बावजूद यूरोप का गैस बाजार गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। सर्दियों के मौसम की शुरुआत से ठीक पहले यूरोपीय संघ के भूमिगत गैस भंडारण स्तर चिंताजनक स्थिति में हैं। यूरोपीय संघ के गैस भंडार इस समय 73 प्रतिशत से भी कम भरे हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष इसी समय दर्ज किए गए 83 प्रतिशत भंडारण स्तर से काफी नीचे है और इसके 88 प्रतिशत के पांच साल के औसत से भी काफी कम है। सर्दियों में हीटिंग की मांग बढ़ने के साथ यह कमी यूरोपीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम बन सकती है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा और येन में कमजोरी वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक अनिश्चितता का असर मुद्राओं पर साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार के एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ा, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिन की रिकवरी की रफ्तार थम गई। फिक्स्ड इनकम बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब टिकी हुई है, जिससे अमेरिकी डॉलर को मजबूत सहारा मिल रहा है। हालांकि अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की कम होती उम्मीदों के बावजूद यह मजबूती जारी है। इसके विपरीत, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा चालू महीने में एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक सहारा बन सकती है। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मंगलवार की सुबह यूरोपीय कारोबारी सत्र में फिर से 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं और बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं के बावजूद येन को कोई खास गति नहीं मिल सकी। मजबूत अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव डॉलर को साल के उच्चतम स्तर के करीब बनाए हुए हैं, जिससे यह मुद्रा जोड़ी मजबूत बनी हुई है। सोने की कीमतों पर दबाव और केंद्रीय बैंकों के सामने नीतिगत दुविधाएं सर्राफा बाजार में भी सतर्कता का माहौल है। यूरोपीय सत्र में आगे बढ़ते हुए सोने में मामूली इंट्राडे गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहा, जो मंगलवार की शुरुआत में दो महीने का निचला स्तर था। मजबूत अमेरिकी डॉलर गैर-ब्याज देने वाली इस पीली धातु की मांग को दबा रहा है। इसके बावजूद, अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें न बढ़ाने की संभावनाओं ने सोने की गिरावट को सीमित करने में मदद की है। आर्थिक मोर्चे पर आज कोई बड़ा टियर-1 डेटा जारी नहीं होना है, जिससे निवेशकों का मुख्य ध्यान मध्य पूर्व के घटनाक्रम और यूरोपीय राजनीतिक समीकरणों पर टिका है। फ्रांस में आने वाले दिनों का सबसे अहम मुद्दा यह रहेगा कि क्या सोशलिस्ट पार्टी और मरीन ले पेन की नेशनल रैली बजट विवाद को लेकर मौजूदा सरकार को गिराने के संकेत देती हैं। दूसरी ओर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सामने भी पेचीदा स्थिति है। आम परिस्थितियों में मुद्रास्फीति के लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार पर चलने का सीधा जवाब ब्याज दरों में बढ़ोतरी होता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां असामान्य हैं, जहां बॉन्ड बाजार पहले से ही वित्तीय सख्ती का हिस्सा खुद पूरा कर रहा है, जिससे यूरोपीय नीति निर्माताओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। इसका आप पर असर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और यूरोप में गैस की कमी से वैश्विक स्तर पर ईंधन व परिवहन लागत बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ सकता है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर के पास बने रहने से देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ेगा। इससे भविष्य में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों और माल ढुलाई भाड़े में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहती है। • वैश्विक स्तर पर: यूरोप में गैस भंडार केवल 73 प्रतिशत होने से आगामी सर्दियों में बिजली और हीटिंग बिल में भारी वृद्धि हो सकती है। आम उपभोक्ताओं को सर्दियों के दौरान ऊर्जा खर्च के लिए अतिरिक्त बजट तैयार रखना पड़ सकता है। • मुद्रा बाजार में: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर रहने से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना रहेगा। आयातित वस्तुएं और विदेश यात्राएं आम नागरिकों के लिए अधिक महंगी हो सकती हैं। • सोना और निवेश: सोने की कीमतें 4,100 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर रहने से खुदरा खरीदारों और गहना प्रेमियों को कीमतों पर नजर रखनी होगी। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता निवेश के रिटर्न को प्रभावित कर सकती है। ऐसा क्यों हुआ फारस की खाड़ी में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले और भू-राजनीतिक संघर्ष आपूर्ति में सुधार के संकेतों पर हावी हो रहे हैं। इसके साथ ही भंडारण की धीमी गति और मौद्रिक अनिश्चितता ने ऊर्जा बाजारों में जोखिम बढ़ा दिया है। • बुनियादी ढांचे पर ताजा हमले: सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हाल ही में दोबारा हुआ हमला तेल आपूर्ति मार्गों की कमजोरी को उजागर करता है। भले ही प्रवाह नहीं रुका, लेकिन आपूर्ति में अचानक व्यवधान आने की आशंकाएं बरकरार हैं। • भू-राजनीतिक अनिश्चितता: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर किसी स्पष्ट प्रगति के अभाव ने ऊर्जा व्यापारियों को लगातार सतर्क रखा हुआ है। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तेल कीमतों में जोखिम प्रीमियम जुड़ा रहेगा। • गैस भंडारण में कमी: यूरोपीय संघ के गैस भंडार पिछले साल के 83 प्रतिशत और पांच साल के औसत 88 प्रतिशत के मुकाबले सिर्फ 73 प्रतिशत तक ही भर पाए हैं। आपूर्ति में सुधार के बावजूद धीमी भरपाई ने सर्दियों से पहले यूरोपीय बाजार को नाजुक बना दिया है। • उत्पादन कटौती का असर: कुवैत का 75 प्रतिशत क्षमता पर काम करना यह दिखाता है कि क्षेत्रीय आपूर्ति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। सऊदी अरब द्वारा एशियाई कीमतों में कटौती भी इस तनाव को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पाई है। सवाल-जवाब 1. कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के स्तर पर क्यों बनी हुई हैं? फारस की खाड़ी में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में संभावित व्यवधान के खतरे बाजार में सुधार के संकेतों पर हावी हैं। 2. सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर क्या असर पड़ा? पाइपलाइन पर ताजा हमले के बावजूद तेल का प्रवाह बाधित नहीं हुआ है, हालांकि इसने बुनियादी ढांचे के जोखिम को फिर से उजागर कर दिया है। 3. कुवैत इस समय कितने प्रतिशत तेल का उत्पादन कर रहा है? कुवैत ने जानकारी दी है कि वह युद्ध-पूर्व स्तरों की तुलना में 75 प्रतिशत क्षमता पर तेल उत्पादन कर रहा है। 4. यूरोपीय संघ में गैस भंडारण की मौजूदा स्थिति क्या है? यूरोपीय संघ के गैस भंडार 73 प्रतिशत से कम भरे हैं, जो पिछले साल के 83 प्रतिशत और पांच साल के औसत 88 प्रतिशत से काफी नीचे है। 5. सोने की कीमत किस स्तर पर कारोबार कर रही है? सोने की कीमत मामूली इंट्राडे गिरावट के बावजूद 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बनी हुई है। 6. अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती की क्या वजह है? फिक्स्ड इनकम बाजार में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण डॉलर को मजबूती मिल रही है। https://trendkia.com/market/brent-men-100-dolara-ka-stara-barakarara-gulf-tanava-aura-gas-snkata-se-vaishvika-bajaron-men-halachala-43756 TrendKia — Har trend, sabse pehle.