ब्रिटेन में नए मंत्रिमंडल के गठन के बीच जापानी येन के मुकाबले पाउंड स्टर्लिंग की रफ्तार थमी, निवेशकों की नजरें अगले कदम पर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम द्वारा कैबिनेट गठन की घोषणा के बीच जापानी येन के मुकाबले पाउंड स्टर्लिंग में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि तकनीकी संकेत बताते हैं कि बाजार में अभी भी खरीदारी का जोर बना हुआ है और निवेशक भविष्य में एक नए उछाल की उम्मीद कर रहे हैं। ब्रिटेन के राजनीतिक परिदृश्य में हो रहे अहम बदलावों के बीच पाउंड स्टर्लिंग को जापानी येन के मुकाबले लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का सामना करना पड़ा है। विदेशी मुद्रा बाजार के निवेशक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के पहले भाषण और उनके द्वारा मंत्रिमंडल के शुरुआती सदस्यों की घोषणा का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं। इस राजनीतिक हलचल के कारण पाउंड पर दबाव देखा जा रहा है। लाइव बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी में 0.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और यह अपने पिछले बंद स्तर 218.23 से फिसलकर 217.93 पर कारोबार कर रही है। हालांकि दिन के कारोबार के दौरान इसने 218.84 का उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में यह विफल रही। हालिया मूल्य उतार-चढ़ाव और समेकन का दौर बाजार के मौजूदा रुझान को समझने के लिए पिछले कुछ हफ्तों के प्रदर्शन पर नजर डालना जरूरी है। पिछले सप्ताह 15 जुलाई को इस जोड़ी ने अपने दैनिक निचले स्तर से शानदार वापसी की थी और 219.61 के नए वार्षिक उच्च स्तर को छुआ था। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी ने 195.04 से लेकर 219.52 तक का एक विस्तृत दायरा तय किया है, जो इसकी अस्थिरता को दर्शाता है। हालांकि, नए शिखर को छूने के बाद तेजी की गति कुछ धीमी पड़ी है और यह जोड़ी अब समेकन के दौर से गुजर रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि किसी भी बड़ी तेजी से पहले इस तरह का ठहराव एक सामान्य प्रक्रिया है। दैनिक औसत अस्थिरता को मापने वाला एटीआर सूचकांक फिलहाल 1.26 पर है, जो ट्रेडर्स को स्टॉप-लॉस निर्धारित करने में मदद करता है। तकनीकी संकेतकों में तेजी की झलक भले ही हालिया सत्रों में गिरावट देखी गई हो, लेकिन तकनीकी चार्ट पर खरीदारों की पकड़ अभी भी मजबूत दिखाई दे रही है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई वर्तमान में 60 के स्तर पर है। यह दर्शाता है कि खरीदारी का दबाव बरकरार है और मामूली गिरावट के बावजूद यह सूचकांक फिर से ऊपर की ओर बढ़ने के लिए तैयार है। इसके अलावा, एमएसीडी सूचकांक 1.08 पर है, जो अपने 0.95 के सिग्नल स्तर से ऊपर है। इसका 0.13 का हिस्टोग्राम एक स्पष्ट तेजी का संकेत दे रहा है। एक और बेहद सकारात्मक तकनीकी संकेत 50-दिवसीय ईएमए (215.46) का 200-दिवसीय ईएमए (210.24) के ऊपर होना है, जिसे बाजार की भाषा में गोल्डन क्रॉस कहा जाता है। यह दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। मूल्य वर्तमान में बोलिंजर बैंड के 212.85 और 220.10 के दायरे के बीच कारोबार कर रहा है, जिसका मध्य स्तर 216.48 है। वहीं, 21 के स्तर पर मौजूद एडीएक्स सूचकांक यह संकेत दे रहा है कि मौजूदा समय में बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है। प्रतिरोध और समर्थन के अहम स्तर अगर पाउंड को जापानी येन के मुकाबले अपनी तेजी फिर से शुरू करनी है, तो उसे सबसे पहले 219.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करना होगा। लाइव पिवट बिंदु 218.06 पर स्थित है और इसके ऊपर पहला कड़ा प्रतिरोध 218.29 पर है। यदि खरीदार बाजार में हावी होते हैं और 219.00 का स्तर टूटता है, तो अगला लक्ष्य 219.50 का क्षेत्र होगा। इसके बाद 220.00 और फिर 221.00 के प्रमुख मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तरों पर नजर रहेगी। दूसरी ओर, यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो 218.01 (9 जुलाई का उच्च स्तर) और 217.70 पर पहला अहम समर्थन मौजूद है। इसके टूटने पर 217.47 और 217.00 के स्तर बचाव के लिए आगे आएंगे। यदि गिरावट और गहराती है, तो 30 अप्रैल का उच्च स्तर, जो अब समर्थन में बदल चुका है, 216.60 पर बाजार को थामने की कोशिश करेगा। अंततः, 2 जुलाई का 216.06 का स्तर भी एक मजबूत समर्थन दीवार के रूप में कार्य करेगा। 50-दिवसीय एसएमए 214.97 पर स्थित है, जो मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण रेखा है। जापानी येन की ताकत और नीतियां जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक व्यापार की जाने वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापान की घरेलू अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। हालांकि, सबसे बड़ा प्रभाव बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीतियों, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच के अंतर और वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता से पड़ता है। बैंक ऑफ जापान के प्रमुख कार्यों में से एक मुद्रा पर नियंत्रण रखना है। इसलिए इस केंद्रीय बैंक का हर कदम येन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐतिहासिक रूप से, बैंक ऑफ जापान ने कभी-कभी विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य येन के मूल्य को कम करना रहा है। हालांकि, अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों की राजनीतिक चिंताओं के कारण बैंक ऐसा अक्सर करने से बचता है। दशकों पुरानी नीतियों में बदलाव साल 2013 से लेकर 2024 तक बैंक ऑफ जापान ने बेहद उदार मौद्रिक नीति अपनाई थी। इस नीति के कारण बैंक ऑफ जापान और दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बीच नीतियों का भारी अंतर पैदा हो गया था। इस विचलन के परिणामस्वरूप जापानी येन का मूल्य अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले लगातार गिरता गया। विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण यह अंतर और गहरा गया था, जिससे अमेरिका और जापान के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के बीच का फासला काफी बढ़ गया। इससे निवेशकों ने अमेरिकी डॉलर को येन के मुकाबले अधिक तरजीह दी। हालांकि, 2024 में बैंक ऑफ जापान ने अपनी इस बेहद उदार नीति को धीरे-धीरे खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। इसी समय अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने भी अपनी ब्याज दरों में कटौती शुरू कर दी। इस दोहरे बदलाव के कारण यील्ड का अंतर कम हो रहा है, जिससे हाल के दिनों में जापानी येन को मजबूत समर्थन मिला है। सुरक्षित निवेश के रूप में येन की स्थिति वित्तीय बाजारों में जापानी येन को पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। इसका मतलब यह है कि जब भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता या तनाव का माहौल होता है, तो निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए जापानी मुद्रा की ओर रुख करते हैं। येन की कथित विश्वसनीयता और स्थिरता इसे संकट के समय में बेहद आकर्षक बनाती है। भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध, या आर्थिक संकट जैसी उथल-पुथल की स्थितियों में आमतौर पर जापानी येन अन्य जोखिम भरी मुद्राओं के मुकाबले काफी मजबूती दर्ज करता है। वर्तमान में वैश्विक परिदृश्य में मौजूद कई तनावपूर्ण स्थितियां येन की इस सुरक्षित निवेश की छवि को लगातार बल दे रही हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार का विस्तृत परिदृश्य केवल पाउंड और येन ही नहीं, बल्कि वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में इस सप्ताह की शुरुआत में अन्य जोड़ियों में भी काफी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाउंड में भारी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। यह जोड़ी 1.3420 के करीब कई दिनों के निचले स्तर पर वापस आ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों का निवेशक बारीकी से आकलन कर रहे हैं, जिससे सुरक्षित विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है। इसके अलावा, मंगलवार को आने वाली ब्रिटेन की रोजगार रिपोर्ट पर भी सबकी नजरें टिकी हैं, जो पाउंड की अगली दिशा तय करेगी। दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में भी गिरावट का रुख बरकरार है। यह जोड़ी फिसलकर 1.1400 के क्षेत्र की ओर बढ़ रही है, जहां इसे कुछ शुरुआती समर्थन मिलने की उम्मीद है। सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के मजबूत प्रदर्शन ने बाजार में जोखिम भरे निवेशों पर दबाव बनाए रखा है। मध्य पूर्व के संघर्ष पर निवेशकों की लगातार नजर है। घरेलू मोर्चे पर बात करें, तो यूरोलैंड और जर्मनी में आने वाले ज़ेडईडब्ल्यू आर्थिक भावना के आंकड़े बाजार के लिए अगली बड़ी खबर होंगे। कमोडिटी बाजार में सोने ने भी अपने पिछले सप्ताह के अंतिम दिन की तेजी खो दी है। सप्ताह की शुरुआत में सोने की कीमतें प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के प्रमुख स्तर के आसपास झूल रही हैं। एक तरफ, मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य कार्रवाई इस सुरक्षित धातु को मजबूत समर्थन प्रदान कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिका में ब्याज दरों के उच्च स्तर पर बने रहने की उम्मीदें अमेरिकी डॉलर को ताकत दे रही हैं, जिसके कारण सोने की कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है और निवेशक हर छोटी खबर पर पैनी नजर रखे हुए हैं। इसका आप पर असर • विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: पाउंड और येन में व्यापार करने वालों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। नए ब्रिटिश मंत्रिमंडल की नीतियों से बाजार में बड़ी हलचल हो सकती है, इसलिए 219.00 के प्रतिरोध स्तर पर नजर रखें। • सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी नीतियों के कारण जापानी येन एक बार फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभर रहा है, जो अस्थिरता के दौर में पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण येन में लंबी अवधि के लिए मजबूती आ सकती है, जिसका असर डॉलर और सोने की कीमतों पर भी पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. पाउंड स्टर्लिंग में गिरावट का मुख्य कारण क्या है? ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम द्वारा मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा और उनके पहले भाषण के कारण बाजार में बनी राजनीतिक अनिश्चितता पाउंड में गिरावट का मुख्य कारण है। 2. GBP/JPY जोड़ी के लिए अगला महत्वपूर्ण स्तर कौन सा है? तकनीकी दृष्टिकोण से, तेजी को फिर से शुरू करने के लिए पाउंड को 219.00 के अहम प्रतिरोध स्तर को पार करना होगा। इसके बाद 219.50 और 220.00 के स्तर निशाने पर होंगे। 3. बैंक ऑफ जापान की नीति येन को कैसे प्रभावित कर रही है? बैंक ऑफ जापान ने 2024 में अपनी दशकों पुरानी बेहद उदार मौद्रिक नीति को खत्म करने का फैसला किया है, जिससे अन्य देशों के साथ ब्याज दरों का अंतर कम हो रहा है और येन को मजबूती मिल रही है। 4. बाजार में सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है? मध्य पूर्व के तनाव के कारण सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में समर्थन मिल रहा है, लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव के चलते इसकी कीमतें 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास संघर्ष कर रही हैं। https://trendkia.com/market/britain-men-nae-mntrimndala-ke-gathana-ke-bicha-japanese-yen-ke-mukabale-pound-sterling-ki-raphtara-thami-niveshakon-ki-najaren-ag-9864 TrendKia — Har trend, sabse pehle.