ब्रिटेन में सर्विस सेक्टर के दम पर दिखी ग्रोथ, नोमुरा ने जताई महंगाई की चिंता और अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में हलचल अगस्त में सर्विस सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से ब्रिटेन की आर्थिक ग्रोथ को गति मिली है, हालांकि नोमुरा के अनुसार इनपुट और आउटपुट लागतों में बढ़ोतरी से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के फैसले और सोने में आई तेजी से वैश्विक बाजारों का माहौल बदला है। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में इस समय एक दिलचस्प विरोधाभास देखने को मिल रहा है, जहां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट के बावजूद सर्विस सेक्टर के शानदार प्रदर्शन ने ओवरऑल ग्रोथ को संभाला हुआ है। दूसरी ओर, महंगाई के मोर्चे पर इनपुट और आउटपुट लागतों में बढ़ोतरी ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। वैश्विक बाजारों में भी भारी हलचल देखी जा रही है, जहां अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में अमेरिकी ट्रेजरी के अचानक हस्तक्षेप, सोने के तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन की रिकॉर्ड तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सर्विस सेक्टर की बदौलत ब्रिटेन की विकास दर में तेजी नोमुरा के ताजा विश्लेषण के अनुसार, अगस्त महीने में ब्रिटेन के मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद, देश के कंपोजिट इंडेक्स में दर्ज की गई समग्र बढ़त में सबसे बड़ा योगदान सर्विस सेक्टर का रहा। सर्विस सेक्टर की इस मजबूती ने विनिर्माण क्षेत्र की सुस्ती की भरपाई की और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान की। इसके साथ ही ब्रिटेन के उपभोक्ताओं के भरोसे में भी सुधार देखा गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने में ब्रिटेन का जीएफके (GfK) कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स -17 से सुधरकर -14 पर पहुंच गया। उपभोक्ता विश्वास का यह स्तर पिछले दो वर्षों में सबसे उच्चतम रीडिंग दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि घरेलू स्तर पर उपभोक्ता धारणा धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। लागत दबाव और महंगाई के बढ़ते जोखिम आर्थिक गतिविधियों में सुधार के साथ-साथ महंगाई से जुड़ी चिंताएं भी दोबारा उभरने लगी हैं। ब्रिटेन में अगस्त के दौरान कंपोजिट प्राइस इंडेक्स में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण सर्विस सेक्टर में कीमतों का बढ़ना रहा, जिसने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हुई मामूली गिरावट के प्रभाव को पूरी तरह से निष्प्रभावी कर दिया। कीमतों के आंकड़ों पर गहराई से नजर डालें तो कंपोजिट इनपुट प्राइस इंडेक्स 1.4 अंक बढ़कर 67.2 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, कंपोजिट आउटपुट प्राइस इंडेक्स 0.7 अंक की बढ़त के साथ 57.1 दर्ज किया गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनपुट और आउटपुट दोनों ही प्राइस इंडेक्स इस वर्ष फरवरी के स्तर की तुलना में अधिक बने हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सर्विस सेक्टर में लागत का दबाव लगातार बना हुआ है जो आने वाले समय में महंगाई को बढ़ावा दे सकता है। विदेशी मुद्रा बाजार: पौंड और यूरो पर दबाव वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार (FX) में सप्ताह के अंत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। GBP/USD करेंसी पैर (Cable) शुक्रवार को दबाव में नजर आया। दिन के शुरुआती कारोबार में 1.3670 से ऊपर के नए शिखर को छूने के बाद पौंड में गिरावट आई और यह 1.3600 के निचले स्तरों तक फिसल गया। लगातार दो दिनों की तेजी के बाद पौंड में यह सुधार अमेरिकी डॉलर में आई मामूली मजबूती और ब्रिटेन के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण देखने को मिला। इसी तरह, EUR/USD पैर में भी सुस्ती का रुख रहा और यह 1.1670 के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार करता दिखा। यूरो ने 1.1700 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने का एक और प्रयास किया, लेकिन वह इसमें विफल रहा। अमेरिकी डॉलर में आए इस हल्के उछाल के पीछे अमेरिकी बॉन्ड मार्केट के घटनाक्रम और हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे निवेशकों की प्रतिक्रिया रही। सोना तीन महीने के रिकॉर्ड स्तर पर, बिटकॉइन में जबरदस्त उछाल कमोडिटी बाजार में सोने ने गुरुवार के अनिश्चित कारोबार को पीछे छोड़ते हुए शुक्रवार को जोरदार तेजी दर्ज की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना थोड़े समय के लिए प्रति ट्रॉय औंस 4,600 डॉलर के आंकड़े को पार कर गया, जो इसका पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। सोने की यह शानदार तेजी तब देखी गई जब अमेरिकी डॉलर में मामूली बढ़त दर्ज की जा रही थी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी बढ़ोतरी हो रही थी। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त बुलिश रुझान बना रहा। इस तेजी की अगुवाई बिटकॉइन (BTC) ने की, जो उछलकर 77,000 डॉलर के पार निकल गया। बिटकॉइन की इस रैली का असर ऑल्टकॉइन्स पर भी पड़ा। एथेरियम (ETH) 2,400 डॉलर के करीब कारोबार करता नजर आया, जबकि रिपल (XRP) 1.35 डॉलर के आसपास मजबूत बना रहा। अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा फैसला और जैक्सन होल सम्मेलन अमेरिकी ऋण बाजार (बॉन्ड मार्केट) में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपने नियमित कैलेंडर से हटकर दोपहर 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। विभाग ने स्पष्ट किया कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता (मैच्योरिटी) वाली सरकारी प्रतिभूतियों में तरलता सहायता बायबैक संचालन के आकार को कम से कम दोगुना करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक चलेगी। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक के मोर्चे पर केविन वॉरश जैक्सन होल सम्मेलन में पदार्पण करने जा रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक की तरफ से आ रहे मिले-जुले संकेतों और अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड मार्केट में हालिया हस्तक्षेप के बाद बाजार विशेषज्ञों को किसी बड़े सख्त (हॉकिश) फैसले की उम्मीद कम ही है। वहीं, शेयर बाजार के निवेशक एनवीडिया (Nvidia) के आगामी तिमाही नतीजों पर नजर टिकाए हुए हैं, जिससे शेयर बाजार की भावी दिशा तय होगी। इसका आप पर असर • भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर: यूके और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बॉन्ड बायबैक से वैश्विक तरलता बढ़ेगी, जिससे भारतीय शेयर और कमोडिटी बाजारों में विदेशी निवेश (FPI) का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। • सोना और क्रिप्टो निवेशकों के लिए: सोने के $4,600 के स्तर और बिटकॉइन के $77,000 पार करने से भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव बढ़ सकते हैं और डिजिटल एसेट निवेशकों के पोर्टफोलियो में तेजी आ सकती है। सवाल-जवाब 1. अगस्त में ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि का मुख्य कारण क्या रहा? अगस्त में ब्रिटेन की विकास दर का मुख्य कारण सर्विस सेक्टर का मजबूत प्रदर्शन रहा, जिसने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई गिरावट की भरपाई की। 2. ब्रिटेन के कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स में क्या बदलाव आया है? ब्रिटेन का जीएफके (GfK) कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स अगस्त में -17 से सुधरकर -14 पर पहुंच गया, जो पिछले दो वर्षों का उच्चतम स्तर है। 3. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड मार्केट को लेकर क्या बड़ा ऐलान किया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले बॉन्ड के लिए तरलता सहायता बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करने की घोषणा की है। 4. सोने और बिटकॉइन की कीमतों में हाल में क्या रिकॉर्ड बने हैं? सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,600 को पार कर तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि बिटकॉइन उछलकर $77,000 के पार निकल गया। https://trendkia.com/market/britain-men-sarvisa-sektara-ke-dama-para-dikhi-grotha-nomura-ne-jatai-mahngai-ki-chinta-aura-us-bonda-marketa-men-halachala-19839 TrendKia — Har trend, sabse pehle.