ब्रिटिश पाउंड ने 200-दिवसीय EMA स्तर को पार किया, लेबर पार्टी में सत्ता हस्तांतरण की तैयारी ब्रिटिश पाउंड ने मिड-जून के बाद पहली बार 200-दिवसीय EMA के ऊपर बढ़त बनाई है। इस बीच, यूके में लेबर पार्टी की सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में है। गुरुवार को GBP/USD की ट्रेडिंग 1.3404 के स्तर पर देखी गई, जिसने मिड-जून के बाद पहली बार 200-दिवसीय EMA के महत्वपूर्ण अवरोध को पार कर लिया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद डॉलर को समर्थन नहीं मिल पा रहा है। वाशिंगटन ने ईरान पर दो रातें लगातार हमले किए हैं, लेकिन बाजार पर इसका असर सीमित रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा जहाजों पर हमले और कच्चे तेल पर फिर से प्रतिबंध लगाने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। लेबर पार्टी में नेतृत्व का बदलाव यूनाइटेड किंगडम की राजनीति में सत्ता का हस्तांतरण निर्धारित समय पर चल रहा है। 16 जुलाई तक लेबर पार्टी के नामांकन की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद 17 जुलाई को एंडी बर्नहम को औपचारिक रूप से पार्टी नेता घोषित किए जाने की उम्मीद है और उसके तीन दिन बाद उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार सौंपा जाएगा। बाजार पिछले दो हफ्तों से इसे एक सुलझे हुए घटनाक्रम के रूप में देख रहा है। हालांकि, एंडी बर्नहम द्वारा अभी तक किसी चांसलर के नाम की घोषणा नहीं की गई है, जिससे राजकोषीय नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति बैंक ऑफ इंग्लैंड ने जून में अपनी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को 3.75% पर स्थिर रखा, जिसमें 7-2 का बहुमत मिला। सेवाओं में महंगाई 3.7% पर बनी हुई है और तीसरी तिमाही में घरेलू ऊर्जा बिलों की सीमा में 13.5% की बढ़ोतरी ने बाजार को सतर्क रखा है। वर्तमान में बाजार इस साल के अंत तक दरों में बढ़ोतरी की लगभग 76% संभावना मानकर चल रहा है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के डिप्टी गवर्नर की हालिया टिप्पणी ने भी इस अनुमान को प्रभावित नहीं किया है। तकनीकी विश्लेषण और भावी संकेत 1.3400 के करीब 200-दिवसीय EMA के ऊपर दैनिक क्लोजिंग एक मजबूत ट्रेंड संकेत के रूप में देखी जा रही है। Stochastic RSI का 60 के स्तर पर होना और आगे बढ़ना यह दर्शाता है कि ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंचने से पहले अभी और गुंजाइश है। यदि पाउंड 1.3450 और फिर 1.3500 के प्रतिरोध स्तरों को पार करता है, तो यह तेजी के रुख को और पुष्ट करेगा। दूसरी ओर, यदि पाउंड 1.3350 के नीचे बंद होता है, तो यह रिकवरी के दावों को कमजोर करेगा और 1.3300 का स्तर दोबारा जांचा जा सकता है। मई के बाद यह तीसरी बार है जब पाउंड ने इस मूविंग एवरेज क्लस्टर को चुनौती दी है। आगामी दिनों में अमेरिकी रिटेल सेल्स और यूके के GDP आंकड़ों पर निवेशकों की पैनी नजर होगी। पाउंड स्टर्लिंग और वैश्विक अर्थव्यवस्था 886 ईस्वी से अस्तित्व में पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी 12% है और इसका दैनिक औसत कारोबार 630 अरब डॉलर है। GBP/USD को 'केबल' कहा जाता है, जो कुल फॉरेक्स कारोबार का 11% हिस्सा रखता है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का प्राथमिक लक्ष्य 2% की मुद्रास्फीति दर को स्थिर रखना है। जब महंगाई बढ़ती है, तो बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर ऋण को महंगा करता है, जो पाउंड के लिए आमतौर पर सकारात्मक होता है। आर्थिक स्वास्थ्य मापने के लिए GDP, विनिर्माण PMI और रोजगार डेटा प्रमुख संकेतक हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था विदेशी निवेश को आकर्षित करती है और पाउंड को मजबूती प्रदान करती है। व्यापार संतुलन भी मुद्रा के मूल्य पर गहरा प्रभाव डालता है, क्योंकि निर्यात से जुड़ी मांग मुद्रा को सीधे लाभ पहुँचाती है। इसका आप पर असर भारत में: ब्रिटिश पाउंड की मजबूती का असर भारत के आयात और विदेशी यात्राओं पर पड़ सकता है, जिससे पाउंड आधारित भुगतान करना महंगा हो सकता है। व्यापार और निवेश में: निवेशकों को फॉरेक्स बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति और यूके की नई राजकोषीय योजनाएं सीधे मुद्रा के मूल्य को प्रभावित करेंगी। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड के लिए वर्तमान महत्वपूर्ण स्तर क्या हैं? पाउंड के लिए 1.3400 का स्तर एक प्रमुख अवरोध है, जिसके ऊपर दैनिक क्लोजिंग तेजी का संकेत देती है। 1.3450 और 1.3500 ऊपर की ओर रेजिस्टेंस हैं, जबकि 1.3350 और 1.3300 सपोर्ट के स्तर हैं। 2. यूके में सत्ता परिवर्तन कब पूरा होगा? लेबर पार्टी नामांकन प्रक्रिया 16 जुलाई तक चलेगी। एंडी बर्नहम को 17 जुलाई को नेता घोषित किया जाएगा और 20 जुलाई को उनके प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया पूरी होगी। 3. क्या बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में बदलाव करेगा? बाजार वर्तमान में साल के अंत तक दरों में बढ़ोतरी की लगभग 76% संभावना देख रहा है, जो उच्च सेवाओं की मुद्रास्फीति और ऊर्जा बिलों पर निर्भर करेगा। 4. GBP/USD को 'केबल' क्यों कहा जाता है? GBP/USD जोड़ी का उपनाम 'केबल' है, जो 19वीं सदी में अटलांटिक के नीचे बिछाए गए विशाल टेलीग्राफ केबल से आता है, जिसका उपयोग मुद्रा दरों के संचार के लिए किया जाता था। https://trendkia.com/market/british-pound-200-day-ema-1-3404-andy-burnham-labour-6360 TrendKia — Har trend, sabse pehle.