# बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर खींचतान के बीच पाउंड में उछाल, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

> जुलाई की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव 6-3 से खारिज होने के बाद भी ब्रिटिश पाउंड में उछाल देखने को मिला है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के मुख्य अर्थशास्त्री ने दरों को तुरंत 4% तक ले जाने की वकालत की है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/british-pound-bounces-despite-july-rate-hike-defeat-as-markets-eye-boe-27346 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, बैंक ऑफ इंग्लैंड, ब्याज दरें, महंगाई आंकड़े, फॉरेक्स बाजार, अमेरिकी डॉलर, finance

ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी GBP/USD इस समय 1.3530 के आसपास कारोबार कर रही है, क्योंकि 1.3500 के ठीक नीचे मौजूद 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA ने एक बार फिर कीमतों को थाम लिया है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के मुख्य अर्थशास्त्री ने दरों को तुरंत 4% तक बढ़ाने की मांग की है, हालांकि जुलाई में हुई बैठक में इस विचार को 6-3 के बहुमत से खारिज कर दिया गया था।

 

## जुलाई का मतदान और महंगाई के आंकड़े

जुलाई की बैठक में यह मतदान 6-3 से हार गया था, जो लगातार तीसरी ऐसी बैठक थी जिसमें ब्याज दरें बढ़ाने का पक्ष हार गया था। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर ने जैक्सन होल में यह स्पष्ट किया था कि द्वितीयक प्रभाव अभी भी सीमित बने हुए हैं और समिति के पास फिलहाल इंतजार करने की गुंजाइश है। जुलाई महीने में हेडलाइन महंगाई दर 2.9% दर्ज की गई थी जो लक्ष्य से ऊपर है, और बैंक का अपना केंद्रीय अनुमान यह कहता है कि चौथी तिमाही में यह लगभग 3.2% पर अपनी चोटी पर पहुंच सकती है। यही वह आधार है जिस पर असहमति जताने वाले अधिकारी काम कर रहे हैं। बाजार ने अप्रैल के बाद से हर बैठक में यही तर्क सुना है, लेकिन इसने बहुमत के रुख को नहीं बदला और गुरुवार को बाजार को एक बार फिर इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

 

## अमेरिकी सेवा क्षेत्र और डॉलर का रुख

इस बीच दोपहर 2:00 बजे एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया, जब इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट यानी ISM के सेवा क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI 54.3 के अनुमान के मुकाबले बढ़कर 55.4 पर आ गया। इसके साथ ही कीमतों का सूचकांक भी 70.3 से बढ़कर 72.6 पर पहुंच गया, लेकिन इसके बावजूद डॉलर में एक भी पाइप की तेजी नहीं आई। एक ऐसा डॉलर जो फेडरल रिजर्व की बैठक से ठीक दो हफ्ते पहले सेवा क्षेत्र की मजबूत कीमतों को नजरअंदाज कर देता है, वह असल में पोजीशनिंग के दबाव में बेचा जा रहा है और पोजीशनिंग हमेशा नीतिगत फैसलों की तुलना में बहुत तेजी से बदलती है।

 

## शुक्रवार के भाषण और केंद्रीय बैंक के आंकड़े

शुक्रवार का दिन दो केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के नाम रहने वाला है जो चार घंटे के अंतराल पर अपनी बात रखेंगे, और इसमें ब्रिटिश अधिकारी पहले बोलेंगे। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर लंदन में सुबह 08:50 GMT पर एक मुख्य भाषण देंगे। यदि वह जैक्सन होल वाले अपने रुख को दोहराते हैं कि समिति किसी भी फैसले से बंधी नहीं है और अभी स्थिति पर नजर रख सकती है, तो न्यूयॉर्क बाजार के खुलने से पहले ही गुरुवार के चालीस पाइप्स जोखिम में आ जाएंगे। 17 सितंबर का नीतिगत फैसला 16 सितंबर को आने वाले अगस्त के महंगाई आंकड़ों के ठीक एक दिन बाद आएगा, इसलिए शुक्रवार का यह भाषण उन आंकड़ों से पहले बहुमत का आखिरी अनौपचारिक बयान होगा जो मतदान की दिशा तय करेंगे।

 

## अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स और आगामी डेटा

जुलाई में 23,000 नौकरियां घटने के बाद, दोपहर 12:30 GMT पर आने वाले अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स के आंकड़ों के लिए 56,000 नौकरियों का अनुमान लगाया गया है, जबकि बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। औसत प्रति घंटा कमाई में महीने-दर-महीने 0.3% और साल-दर-साल 3% की वृद्धि की संभावना है, जो पिछले महीने के 3.2% से कम है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि समिति का मुख्य ध्यान कीमतों पर है, जिससे यह रिपोर्ट इस मुद्रा जोड़ी के लिए एकतरफा बन जाती है। एक कमजोर आंकड़ा उस कटौती को नहीं लाएगा जो कमजोर डॉलर को सही ठहरा सके, जबकि एक मजबूत आंकड़ा सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को वापस बाजार में ले आएगा। अगले हफ्ते की शुरुआत में ही इस बात का फैसला होगा कि दरों में ठहराव आएगा या नहीं, क्योंकि 10 सितंबर को प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स यानी PPI और 11 सितंबर को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI के आंकड़े आने वाले हैं, जिन पर गवर्नर की सारी शर्तें टिकी हुई हैं।

 

## तकनीकी स्तर और बाजार का रुझान

प्रतिरोध के स्तर की बात करें तो 1.3550 का आंकड़ा सबसे महत्वपूर्ण है, जहां गुरुवार का उच्च स्तर इसके ठीक नीचे असफल हो गया था और इसके ऊपर एक दैनिक क्लोजिंग इस उछाल को ट्रेंड में बदलने की पहली शर्त होगी। इसके ऊपर 1.3600 का स्तर है जो अगस्त के आखिरी दिनों में टूट गया था, और 1.3700 के ठीक नीचे का उच्चतम स्तर पूरे अगस्त महीने के दायरे को सीमित करता है। समर्थन के मोर्चे पर 1.3500 के ठीक नीचे का 50-दिवसीय EMA दो दिनों में दो परीक्षणों को सहन कर चुका है, और यही तय करेगा कि गुरुवार का निचला स्तर एक फर्श था या सिर्फ एक ठहराव। इसके नीचे 1.3400 के पास मौजूद 200-दिवसीय EMA आखिरी तकनीकी बाधा है, जिसके बाद खुला मैदान है और इसके नीचे 1.3350 तथा 1.3300 के स्तर हैं, जबकि और गिरावट आने पर 1.3200 का लक्ष्य सामने आ सकता है। जब तक 1.3550 का स्तर कीमतों को रोके रखता है, तब तक बाजार का रुख मंदी की ओर यानी bearish बना हुआ है। गुरुवार डॉलर की बिकवाली का दिन था जिसमें ब्रिटिश पहलू भी शामिल था, दैनिक स्टॉस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी Stoch RSI अभी भी 90 के ऊपर से गिरकर 58 के करीब आ गया है, और वे दोनों घटनाएं जो इस उछाल को बढ़ा सकती थीं यानी गवर्नर का सख्त रुख अपनाना और अमेरिकी महंगाई का नरम पड़ना, दोनों ही अल्पमत वाले परिणाम हैं। 1.3550 की ओर होने वाली हर तेजी केवल बिकवाली का मौका है। इस स्तर के ऊपर दैनिक क्लोजिंग इस अनुमान को अमान्य कर देगी और 1.3600 के रास्ते फिर से खोल देगी।

## इसका आप पर असर
मुद्रा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का सीधा असर निवेशकों, आयातकों और विदेश यात्रा करने वाले आम लोगों की जेब पर पड़ता है।

- **क्रॉस-बॉर्डर लेनदेन:** पाउंड और डॉलर के उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश भेजने वाले पैसों के मूल्य में बदलाव होता है। इससे आयातकों और निर्यातकों की लागत प्रभावित होती है।

- **ब्याज दरों का असर:** केंद्रीय बैंकों के फैसलों से वैश्विक ऋण बाजार की दिशा तय होती है, जिससे कर्ज लेने वालों की लागत पर परोक्ष प्रभाव पड़ता है।

- **निवेशक रणनीति:** मुद्रा जोड़े में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों को अपनी पोजीशन संभलकर रखनी चाहिए क्योंकि तकनीकी स्तरों पर बदलाव से अचानक नुकसान हो सकता है।

- **महंगाई का दबाव:** केंद्रीय बैंकों द्वारा महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखने से यह तय होता है कि आगे चलकर आम जनता के लिए ऋण कितना महंगा या सस्ता होगा।

- **फॉरेक्स ट्रेडिंग:** मुद्रा बाजार में कारोबार करने वाले ट्रेडर्स को तकनीकी स्तरों और केंद्रीय बैंक के बयानों के आधार पर अपने स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. GBP/USD इस समय किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है?
GBP/USD जोड़ी इस समय 1.3530 के आसपास कारोबार कर रही है।

### 2. जुलाई की बैठक में बैंक ऑफ इंग्लैंड का मतदान परिणाम क्या रहा था?
जुलाई की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने का प्रस्ताव 6-3 से खारिज कर दिया गया था।

### 3. जुलाई में ब्रिटेन की हेडलाइन महंगाई दर कितनी दर्ज की गई थी?
जुलाई में ब्रिटेन की हेडलाइन महंगाई दर 2.9% दर्ज की गई थी।

### 4. अमेरिकी ISM सेवा PMI का आंकड़ा कितना रहा था?
अमेरिकी ISM सेवा PMI का आंकड़ा 54.3 के अनुमान के मुकाबले 55.4 दर्ज किया गया था।

### 5. ब्रिटिश पाउंड के लिए मुख्य प्रतिरोध स्तर कौन सा है?
ब्रिटिश पाउंड के लिए 1.3550 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है।

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