ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले 0.8400 के स्तर पर अटका यूरो, तकनीकी सुधार के बीच फ्रांस का वित्तीय संकट बना रोड़ा यूरो और ब्रिटिश पाउंड की जोड़ी कई महीनों के निचले स्तर से उबरने की कोशिश कर रही है, लेकिन 0.8400 के पास कड़ा प्रतिरोध मिल रहा है। फ्रांस की राजकोषीय चिंताओं और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत सख्ती ने यूरो की बढ़त सीमित रखी है। यूरोपीय मुद्रा यूरो ने ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले हाल ही में बने 17 महीने के निचले स्तर यानी 0.8370 के आसपास से वापसी करने की कोशिश की है, लेकिन यह रिकवरी फिलहाल 0.8400 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे ही सीमित नजर आ रही है। बाजार में आई हल्की तेजी और अत्यधिक बिकवाली की स्थिति से तकनीकी उछाल तो देखने को मिला, लेकिन व्यापक मंदी का दबाव अभी भी कायम है। पिछले चार हफ्तों से लगातार कमजोरी झेलने के बाद यह जोड़ी अब भी संभलने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, EUR/GBP की कीमत 0.8372 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 0.8386 से 0.17 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.8365 से 0.8865 के बीच रहा है, जिससे साफ पता चलता है कि मौजूदा स्तर अपने वार्षिक निचले दायरे के बेहद करीब बने हुए हैं। यूरो पर हावी कच्चे तेल की महंगाई और फ्रांस की राजकोषीय चुनौतियां यूरोपीय अर्थव्यवस्था के सामने इस समय कई मोर्चों पर चुनौतियां खड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें ऊर्जा आयातक यूरोपीय देशों के व्यापार संतुलन को बिगाड़ रही हैं, जिससे यूरो पर सीधा दबाव बन रहा है। इसके साथ ही फ्रांस के सार्वजनिक वित्त और राजकोषीय घाटे को लेकर निवेशक काफी चिंतित हैं। फ्रांसीसी सरकार के लिए अपने बढ़ते कर्ज और बजट घाटे को नियंत्रित करना राजनीतिक रूप से बेहद पेचीदा साबित हो रहा है। संसद में नीतिगत सहमति बनाने में आ रही दिक्कतों के कारण वित्तीय सुधारों की गति धीमी पड़ गई है। जब तक फ्रांस अपने वित्तीय संकट का कोई ठोस समाधान नहीं निकाल लेता, तब तक यूरो की किसी भी बड़ी तेजी पर बिकवाली का साया मंडराता रहेगा। बैंक ऑफ इंग्लैंड की सख्ती और आगामी आर्थिक आंकड़े दूसरी तरफ, ब्रिटिश पाउंड को ब्रिटेन के हालिया आर्थिक आंकड़ों से अच्छा समर्थन मिल रहा है। ब्रिटेन के मजबूत आंकड़ों ने इस संभावना को बल दिया है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड नवंबर की आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला ले सकता है। बाजार के प्रतिभागी बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के आगामी संवाददाता सम्मेलन पर नजरें गड़ाए हुए हैं, जहां वे नीतिगत दरों और अर्थव्यवस्था की दिशा पर महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। यूरोप की तरफ से भी नीतिगत बयान आने बाकी हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के प्रमुख अधिकारी और बैंक ऑफ इटली के गवर्नर फैबियो पनेटा यूरोपीय आयोग के प्रारंभिक उपभोक्ता विश्वास रिपोर्ट जारी होने से पहले अपना संबोधन देने वाले हैं। दोनों केंद्रीय बैंकों के रुख में यह संभावित अंतर पाउंड को यूरो पर बढ़त दिला रहा है। तकनीकी विश्लेषण: मंदी का रुझान और अहम समर्थन स्तर EUR/GBP का तकनीकी ढांचा स्पष्ट रूप से मंदी के दबाव को दर्शाता है। 4 घंटे के चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI अत्यधिक बिकवाली के क्षेत्र से थोड़ा सुधरा है, लेकिन यह अब भी 40 से नीचे ही बना हुआ है। लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो दैनिक RSI 19 के स्तर पर है, जो अत्यधिक बिकवाली की ओर इशारा करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD तकनीकी रूप से मंदी की पुष्टि कर रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.8461, 50-दिवसीय EMA 0.8513 और 200-दिवसीय EMA 0.8614 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे होना डेथ क्रॉस की पुष्टि करता है, जो दीर्घकालिक गिरावट का पक्का संकेत है। इसके अलावा 45 का एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी ADX यह दिखाता है कि गिरावट का यह ट्रेंड काफी मजबूत है। कारोबारियों के लिए तात्कालिक प्रतिरोध 0.8400 के स्तर पर है, जो हालिया उच्चतम स्तर भी रहा है। अगर यह स्तर पार होता है, तो अगला पड़ाव 19 और 20 अक्टूबर के उच्च स्तर 0.8430 के आसपास देखा जा सकता है। नीचे की तरफ पिवट स्तर 0.8371 है। बुधवार के 0.8373 के निचले स्तर से नीचे फिसलने पर पहला बड़ा समर्थन S1 0.8367 और S2 0.8362 पर रहेगा। यदि गिरावट और बढ़ती है, तो बाजार मई 2025 के निचले स्तर 0.8355 और फिर अप्रैल 2025 के निचले स्तर 0.8320 की ओर रुख कर सकता है। बोलिंजर बैंड का दायरा 0.8351 से 0.8598 के बीच फैला है, जिसका मध्य स्तर 0.8475 है। वैश्विक फॉरेक्स बाजार में अन्य मुद्राओं का हाल मुद्रा बाजार के व्यापक परिदृश्य में यूरो ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है, लेकिन अन्य जोड़ियों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। AUD/USD एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अपने मासिक उच्च स्तर से फिसलकर 0.7000 पर आ गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम वाली मुद्राओं पर असर डाला, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर हुआ। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों की सख्त टिप्पणियां और अमेरिकी डॉलर में बिकवाली का दबाव इस गिरावट को थामने में मददगार साबित हो सकता है। उधर USD/JPY एशियाई सत्र में एक हफ्ते के निचले स्तर तक गिर गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तीन हफ्ते के निचले स्तर के पास आई गिरावट ने डॉलर को कमजोर रखा है, भले ही फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में दरें बढ़ाने के कयास लगाए जा रहे हों। बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें और येन को सहारा देने के लिए सरकारी हस्तक्षेप का जोखिम इस जोड़ी पर लगातार दबाव बना रहा है। मंदड़िए अब 157.00 के मध्य स्तर वाले समर्थन के टूटने का इंतजार कर रहे हैं। कमोडिटी, क्रिप्टो और अमेरिकी शेयर बाजार का रुझान कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी जारी रही और यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसलकर एक हफ्ते के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की वजह से बढ़ती महंगाई के जोखिमों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की संभावनाओं को हवा दी है, जिससे गैर-ब्याज वाली इस धातु की मांग घटी है। बॉन्ड यील्ड की गिरावट भी सोने को सहारा देने में नाकाम रही है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मीम कॉइन डॉगकॉइन पर दबाव बरकरार रहा और यह 0.081 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखा। हालांकि सेंटिमेंट के आंकड़ों से टोकन के संचय के संकेत मिले हैं और डॉगकॉइन लैब्स तथा डॉगकॉइन फाउंडेशन की हालिया साझेदारी से सकारात्मक भावनाएं बनी हैं, लेकिन डेरिवेटिव संकेतकों की कमजोरी ने बढ़त को रोके रखा है। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को एआई रैली के दम पर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 52,800 के स्तर के करीब बंद हुआ, जो सितंबर की शुरुआत के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। नैस्डैक कंपोजिट में भी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। स्पेसएक्स ने 161 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की सूचना दी, लेकिन मूल्य-भारित डाउ सूचकांक को सबसे ज्यादा फायदा गोल्डमैन सैक्स और कैटरपिलर के शेयरों में आई मजबूती से मिला। इसका आप पर असर यह मुद्रा उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विदेशी मुद्रा कारोबारियों और यूरोपीय बाजारों से आयात-निर्यात करने वाले व्यवसायों को सीधे प्रभावित करता है। • फॉरेक्स कारोबारियों के लिए: EUR/GBP जोड़ी में 0.8400 का स्तर मजबूत प्रतिरोध बना हुआ है और दैनिक RSI 19 पर बेहद ओवरसोल्ड है। ट्रेडर्स को किसी भी उछाल पर स्टॉप-लॉस का सख्त ध्यान रखना चाहिए क्योंकि लंबी अवधि का रुझान अब भी मंदी का बना हुआ है। • यूरोप और ब्रिटेन यात्रा के लिए: पाउंड के मुकाबले यूरो के कमजोर होने से ब्रिटेन के नागरिकों के लिए यूरोप की यात्रा अपेक्षाकृत सस्ती हो रही है। यदि आप भारतीय मुद्रा से पाउंड या यूरो खरीद रहे हैं, तो दोनों के बीच की विनिमय दरों पर नजर रखकर करेंसी एक्सचेंज की बेहतर डील प्राप्त कर सकते हैं। • आयातकों और निर्यातकों के लिए: ब्रिटेन को सामान निर्यात करने वाले यूरोपीय व्यापारियों को कमजोर यूरो से मूल्य प्रतिस्पर्धा का फायदा मिल सकता है। दूसरी ओर, ब्रिटेन से यूरोपीय संघ में कच्चा माल मंगाने वाले विनिर्माताओं की इनपुट लागत बढ़ सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: फ्रांस की राजकोषीय स्थिति और बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी यूरोपीय परिसंपत्तियों के प्रति धारणा को प्रभावित कर रही है। निवेशकों को अपने यूरोपीय इक्विटी और बॉन्ड पोर्टफोलियो में मुद्रा जोखिम के प्रति सतर्क रहना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ EUR/GBP जोड़ी में यह गिरावट और सीमित तकनीकी सुधार व्यापक आर्थिक, राजकोषीय और मौद्रिक नीतिगत अंतरों का सीधा परिणाम है। यूरोप में राजनीतिक और बजटीय संकट ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है, जबकि ब्रिटेन में सख्त नीतिगत उम्मीदें पाउंड को मजबूती दे रही हैं। • फ्रांस का बढ़ता राजकोषीय संकट: फ्रांस की सरकार भारी बजट घाटे और सार्वजनिक कर्ज को नियंत्रित करने में राजनीतिक बाधाओं का सामना कर रही है। संसद में आम सहमति न बन पाने के कारण राजकोषीय सुधार अटके हुए हैं, जिससे पूरे यूरोजोन की वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं। • केंद्रीय बैंकों की नीतियों में भिन्नता: ब्रिटेन के ताजा आर्थिक आंकड़ों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को जीवित रखा है। इसके विपरीत, यूरोपीय सेंट्रल बैंक आर्थिक सुस्ती और ऊर्जा कीमतों के दबाव के कारण दरें बढ़ाने की स्थिति में नहीं दिख रहा है। • ऊंची ऊर्जा लागत का असर: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा नकारात्मक असर यूरोप के व्यापार संतुलन पर पड़ता है। तेल आयात महंगा होने से यूरोजोन में उत्पादन लागत बढ़ती है, जिससे यूरो मुद्रा पर बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है। • तकनीकी ओवरसोल्ड स्थिति: पिछले चार हफ्तों से लगातार गिरते रहने के बाद दैनिक RSI 19 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। इस अत्यधिक बिकवाली के चलते बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली, लेकिन व्यापक मंदी के कारण यह उछाल 0.8400 के पार नहीं जा सका। सवाल-जवाब 1. EUR/GBP में 0.8400 का स्तर इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है? 0.8400 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक बाधा और हालिया उच्चतम रेजिस्टेंस स्तर है, जिसके ऊपर टिके बिना यूरो में किसी भी स्थायी सुधार की संभावना नहीं है। 2. यूरो की हालिया कमजोरी का मुख्य कारण क्या है? फ्रांस का गंभीर राजकोषीय घाटा, राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें यूरो की कमजोरी के मुख्य कारण हैं। 3. ब्रिटिश पाउंड को किस बात से मजबूती मिल रही है? ब्रिटेन के मजबूत आर्थिक आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं से पाउंड को लगातार समर्थन मिल रहा है। 4. तकनीकी विश्लेषण के अनुसार EUR/GBP के लिए अगला समर्थन स्तर क्या है? तात्कालिक समर्थन 0.8371 के पिवट और 0.8367 के स्तर पर है, जबकि इसके टूटने पर 0.8355 और 0.8320 के ऐतिहासिक स्तर देखे जा सकते हैं। 5. क्या दैनिक चार्ट पर EUR/GBP ओवरसोल्ड है? हां, लाइव आंकड़ों के अनुसार 14-पीरियड का दैनिक RSI 19 पर पहुंच गया है, जो अत्यधिक बिकवाली की स्थिति दर्शाता है। https://trendkia.com/market/british-pound-ke-mukabale-0-8400-ke-stara-para-ataka-euro-takaniki-sudhara-ke-bicha-france-ka-vittiya-snkata-bana-rora-50815 TrendKia — Har trend, sabse pehle.