# ब्रिटिश पाउंड में जल्द आ सकती है भारी गिरावट, आईएनजी ने ग्लोबल मार्केट्स में बड़े बदलाव के दिए संकेत

> आईएनजी के विश्लेषकों का अनुमान है कि ब्रिटिश पाउंड की हालिया बढ़त अस्थायी है और बढ़ते वित्तीय जोखिमों के कारण इसमें जल्द ही गिरावट देखने को मिल सकती है। इस बीच, मध्य पूर्व के जियोपॉलिटिकल तनाव और अलग-अलग केंद्रीय बैंकों की नीतियों ने क्रूड ऑयल, गोल्ड और क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भी भारी उठापटक ला दी है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-07-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/british-pound-men-jalda-a-sakati-hai-bhari-giravata-ing-ne-global-markets-men-bare-badalava-ke-die-snketa-10166 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, विदेशी मुद्रा बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, क्रूड ऑयल, महंगाई दर, आईएनजी रिपोर्ट, finance

ब्रिटिश पाउंड इस समय एक बेहद अहम दोराहे पर खड़ा है और प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि इसकी हालिया बढ़त लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है। आईएनजी (ING) के विस्तृत विश्लेषण के अनुसार, इस करंसी में हाल ही में आई तेजी मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म मार्केट पोजीशनिंग, कैरी ट्रेड डायनामिक्स और संभावित रूप से विलय और अधिग्रहण (M&A) से जुड़े फ्लो के कारण है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी कारक पूरी तरह से अस्थायी प्रकृति के हैं। विश्लेषकों का स्पष्ट रूप से मानना है कि पाउंड की इस तेजी के पीछे यूनाइटेड किंगडम के बुनियादी आर्थिक ढांचे में कोई स्थायी या मजबूत सुधार नहीं है। किसी भी करंसी को लंबे समय तक मजबूत बने रहने के लिए ठोस आर्थिक विकास और घरेलू संकेतकों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जो वर्तमान में ब्रिटिश पाउंड के मामले में नदारद दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में यह तेजी एक बुलबुले के समान साबित हो सकती है।

## बढ़ता वित्तीय जोखिम और ब्याज दरों का प्रभाव

यूनाइटेड किंगडम के मैक्रोइकॉनॉमिक हालात आने वाले समय में ब्रिटिश पाउंड के लिए कई बड़ी चुनौतियां पेश कर रहे हैं। आईएनजी के मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले महीनों में यूके में छोटी अवधि (शॉर्ट-डेटेड) की ब्याज दरों में गिरावट आ सकती है। आमतौर पर, जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो यील्ड (मुनाफा) की तलाश में रहने वाले निवेशकों के लिए वह करंसी कम आकर्षक हो जाती है, जिससे पूंजी देश से बाहर जाने लगती है। इसके अलावा, जैसे-जैसे ऑटम (पतझड़) का मौसम करीब आ रहा है, राजकोषीय (फिस्कल) जोखिम एक बार फिर से बाजार के फोकस में आ रहे हैं। भले ही शॉर्ट-टर्म में पब्लिक फाइनेंस की कहानी थोड़ी सकारात्मक नजर आ रही हो, लेकिन लॉन्ग-टर्म का नजरिया अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। विश्लेषकों के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि यूके सरकार मौजूदा बजट योजनाओं से अधिक कर्ज लेने से खुद को कैसे रोक पाएगी। इन्हीं कारणों से, आईएनजी को उम्मीद है कि ब्रिटिश पाउंड अपनी हालिया बढ़त को जल्द ही खो देगा। उनके मुख्य अनुमान के अनुसार, इस साल के अंत तक EUR/GBP एक्सचेंज रेट बढ़कर 0.88 के स्तर तक पहुंच सकता है।

## GBP/USD का भविष्य और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भूमिका

अटलांटिक के दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियां फॉरेक्स मार्केट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। आईएनजी का मानना है कि फेडरल रिजर्व मौजूदा आर्थिक चक्र में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी (टाइटनिंग) नहीं करेगा, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर में नरमी आने की व्यापक उम्मीद है। इस परिदृश्य को देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि GBP/USD करंसी पेयर 1.32 से 1.36 की रेंज में ही कारोबार करता रहेगा। लाइव मार्केट डेटा भी इसी संघर्ष को दर्शा रहा है। फिलहाल GBP/USD लगभग 1.34 पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके पिछले क्लोजिंग स्तर से 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट है। प्राइस एक्शन अहम रेजिस्टेंस लेवल के नीचे सीमित है और यह 20-दिन के EMA के ऊपर लौटने के लिए संघर्ष कर रहा है। तकनीकी इंडिकेटर्स लंबी अवधि के डाउनट्रेंड का संकेत दे रहे हैं, जिसकी पुष्टि डेथ क्रॉस (Death Cross) से होती है, जहां 50-दिन का EMA, 200-दिन के EMA से नीचे आ गया है। RSI (14) इस समय 49 पर न्यूट्रल है, और कीमत 1.32 से 1.35 के बोलिंगर बैंड (Bollinger Bands) के बीच फंसी हुई है, जो बाजार में स्पष्ट दिशा की कमी को दर्शाता है।

## यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन: महंगाई और जियोपॉलिटिकल टेंशन

गुरुवार के यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन के दौरान, GBP/USD पेयर की रिकवरी में साफ तौर पर रुकावट देखी गई और यह 1.3400 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे ही बना रहा। अमेरिकी डॉलर में आए मामूली उछाल और यूके के उम्मीद से कम महंगाई (इन्फ्लेशन) आंकड़ों के कारण पाउंड की तेजी पर ब्रेक लग गया है। महंगाई कम होने से बैंक ऑफ इंग्लैंड पर उच्च ब्याज दरों को बनाए रखने का दबाव कम हो जाता है, जिसका सीधा नकारात्मक असर पाउंड की कीमत पर पड़ता है। इन जटिल बुनियादी कारणों के अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) की ओर मुड़ने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे ब्रिटिश पाउंड में उनका जोखिम लेने का उत्साह और भी ठंडा पड़ गया है।

## यूरोपियन सेंट्रल बैंक के फैसलों से पहले यूरो में मजबूती

ब्रिटिश पाउंड के संघर्ष के ठीक विपरीत, यूरो बाजार में जबरदस्त मजबूती दिखा रहा है। EUR/USD पेयर ने लगातार दूसरे दिन अपनी सकारात्मक गति को बरकरार रखा है और गुरुवार को यूरोपीय सेशन के दौरान यह 1.1400 के अहम स्तर से मजबूती से ऊपर बना हुआ है। बाजार के सभी प्रतिभागी यूरोपियन सेंट्रल बैंक के आगामी ब्याज दर के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ट्रेडर्स और निवेशक भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़े किसी भी संकेत या फॉरवर्ड गाइडेंस के लिए आर्थिक डेटा और आधिकारिक बयानों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। यूरोप, यूके और अमेरिका के केंद्रीय बैंकों की नीतियों में आ रहा यह अंतर प्रमुख करंसी पेयर्स में भारी उठापटक और ट्रेडिंग के नए मौके पैदा कर रहा है।

## कमोडिटी मार्केट: क्रूड ऑयल में उछाल और गोल्ड पर दबाव

कमोडिटी सेक्टर में भी मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के कारण भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एनर्जी मार्केट में, अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ते हुए छह सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं और $90 प्रति बैरल के आंकड़े की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। इस आक्रामक उछाल का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच जियोपॉलिटिकल तनाव का और अधिक बढ़ना है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें दुनिया भर में महंगाई को लेकर डर पैदा कर रही हैं। इससे यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बढ़ती लागतों को काबू में करने के लिए लंबे समय तक ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रख सकता है। फेड के इस सख्त रुख का सीधा नकारात्मक असर बिना यील्ड (ब्याज) वाले एसेट्स पर पड़ रहा है। नतीजतन, गुरुवार के यूरोपीय सेशन में गोल्ड ने पुलबैक का सामना किया है और यह $4,100 के विशाल राउंड फिगर के आसपास ठहरा हुआ है, क्योंकि निवेशक उच्च ब्याज दर वाले माहौल में गोल्ड को होल्ड करने के अवसर की लागत (अपॉर्चुनिटी कॉस्ट) का आकलन कर रहे हैं।

## क्रिप्टोकरेंसी और पारंपरिक फाइनेंस का होता हुआ मिलन

डिजिटल एसेट स्पेस में, एक्सपर्ट्स अगले बड़े मार्केट साइकिल के ट्रिगर्स की पहचान कर रहे हैं। बिटवाइज़ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर मैट होगन का तर्क है कि ब्लॉकचेन पर आधारित वित्तीय ढांचे और पारंपरिक फाइनेंस सिस्टम के बीच बढ़ता हुआ मिलन अगले बड़े क्रिप्टोकरेंसी बुल मार्केट का मुख्य कारण बन सकता है। मंगलवार देर रात प्रकाशित एक व्यापक रिपोर्ट में, होगन ने सुझाव दिया कि क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर एक पक्के मार्केट बॉटम (निचले स्तर) के शुरुआती और उत्साहजनक संकेत दिखा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थागत पूंजी का विकेंद्रीकृत प्लेटफॉर्म्स में आना वह बड़ी लिक्विडिटी दे सकता है, जो एक लंबी रैली को बनाए रखने के लिए जरूरी है। अपनी बात को साबित करने के लिए होगन ने बताया कि 1 जुलाई के बाद से बिटकॉइन ने 9 प्रतिशत की शानदार बढ़त हासिल की है, जबकि इसी समान अवधि में पारंपरिक इक्विटी मार्केट का सूचकांक नैस्डैक 100 लगभग 6 प्रतिशत गिर गया है।

## प्रमुख सपोर्ट लेवल्स पर रिपल और स्टेलर का संघर्ष

हालांकि पूरे क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए लंबी अवधि का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन कुछ अलग-अलग ऑल्टकॉइन्स को तत्काल तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपल और स्टेलर दोनों ही अपने प्रमुख तकनीकी स्तरों के आसपास बहुत सतर्कता के साथ कारोबार कर रहे हैं। XRP सक्रिय रूप से अपने 50-दिन के EMA पर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस का परीक्षण कर रहा है और अपनी हालिया गिरावट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। इसी समय, XLM अपने अहम $0.187 के सपोर्ट जोन के आसपास लगातार कंसोलिडेट हो रहा है। बाजार की भावना बेहद सतर्क बनी हुई है। डेरिवेटिव्स मार्केट का मिला-जुला डेटा, जिसमें हल्का सा मंदी का झुकाव दिख रहा है, यह बताता है कि क्रिप्टो ट्रेडर्स अभी भी असमंजस की स्थिति में हैं। यह सतर्क दृष्टिकोण इन डिजिटल एसेट्स के लिए निकट भविष्य में किसी भी बड़े दिशात्मक कदम को अत्यधिक अनिश्चित बनाए हुए है।

## इसका आप पर असर
- **भारतीय प्रवासियों के लिए:** अगर आप यूके में काम करते हैं और भारत पैसे भेजते हैं, तो पाउंड के कमजोर होने से आपको रुपये में कम वैल्यू मिल सकती है।

- **निवेशकों के लिए:** ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजारों में भी भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए निवेश को लेकर सतर्क रहें।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश पाउंड में गिरावट की आशंका क्यों जताई जा रही है?
आईएनजी के विश्लेषकों का कहना है कि पाउंड की हालिया तेजी मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे पर आधारित नहीं है, बल्कि यह शॉर्ट-टर्म पोजीशनिंग और विलय तथा अधिग्रहण (M&A) से जुड़े फ्लो का नतीजा है।

### 2. GBP/USD करंसी पेयर के लिए आईएनजी का क्या पूर्वानुमान है?
आईएनजी का अनुमान है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व डॉलर को नरम करता है, तो GBP/USD पेयर आने वाले समय में 1.32 से 1.36 की रेंज में ही कारोबार करेगा।

### 3. अमेरिकी कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अचानक क्यों बढ़ रही हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल की ओर बढ़ रही हैं, जिससे दुनिया भर में सप्लाई में बाधा का डर पैदा हो गया है।

### 4. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में उम्मीद की सबसे बड़ी वजह क्या है?
बिटवाइज़ के सीआईओ मैट होगन का मानना है कि ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर और पारंपरिक फाइनेंस सिस्टम के बीच बढ़ता हुआ तालमेल अगले बड़े क्रिप्टो बुल मार्केट का प्रमुख कारण बन सकता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._