ब्रिटिश पाउंड में खुदरा बिक्री के आंकड़ों से उछाल, तकनीकी स्तरों पर दबाव बरकरार ब्रिटेन के खुदरा बिक्री आंकड़ों में अप्रत्याशित बढ़त के बाद पाउंड स्टर्लिंग में हल्की रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन डॉलर की मजबूती के बीच करेंसी जोड़ी पर तकनीकी दबाव बना हुआ है। ब्रिटेन के आर्थिक आंकड़ों में मजबूती के संकेत मिलने के बाद ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित सुधार दर्ज किया है। खुदरा बिक्री के ताजा आंकड़ों ने बाजार विश्लेषकों को चौंका दिया है, जिसके चलते पाउंड स्टर्लिंग 1.3372 के स्तर के करीब पहुंच गया। हालांकि, ब्याज दरों के हालिया फैसले और डॉलर इंडेक्स में जारी मजबूती के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड की बढ़त एक सीमित दायरे में ही सिमटी नजर आ रही है। ब्रिटेन में खुदरा बिक्री ने बाजार अनुमानों को पीछे छोड़ा ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन में अगस्त महीने के दौरान खुदरा बिक्री में मासिक आधार पर 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा, क्योंकि अर्थशास्त्रियों ने 0.2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया था। इससे पिछले महीने में भी खुदरा बिक्री में 0.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी, जिससे उबरते हुए ताजा आंकड़ों ने ब्रिटिश अर्थव्यवस्था की उपभोक्ता मांग को लेकर सकारात्मक संकेत दिया है। खुदरा बिक्री में इस तेज उछाल ने मुद्रा बाजार में पाउंड को तत्काल सहारा दिया। इसके बावजूद बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत बैठक और पूरे हफ्ते के दौरान जारी व्यस्त आर्थिक आंकड़ों के बीच ब्रिटिश करेंसी का कुल प्रदर्शन कमजोर रहा है। बाजार के भागीदार इस बात पर लगातार नजर रख रहे हैं कि उपभोक्ता मांग का यह सुधार आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक के रुख को किस दिशा में ले जाएगा। बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरें और अमेरिकी डॉलर का रुख बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपनी हालिया मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। मौद्रिक नीति समिति में यह निर्णय 6-3 के बहुमत से पारित हुआ, जो पूरी तरह से बाजार की आम सहमति के अनुरूप था। केंद्रीय बैंक के इस रुख के बाद निवेशकों का ध्यान फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी उम्मीदों की ओर स्थानांतरित हो गया है। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख के पुनर्मूल्यांकन के बाद अमेरिकी डॉलर काफी मजबूत बना हुआ है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स यूरोपीय कारोबार के दौरान 100.38 के नए छह-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की इस व्यापक मजबूती ने अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की बढ़त को थामे रखा है। तकनीकी परिदृश्य और प्रमुख मूल्य स्तर करेंसी बाजार में ब्रिटिश पाउंड 1.3366 के आसपास कारोबार कर रहा है, जहां निकट अवधि का तकनीकी ढांचा लगातार मंदी की ओर इशारा कर रहा है। स्पॉट भाव 1.3484 पर स्थित 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना हुआ है। इसके अलावा 1.3372 के पास मौजूद डाउनट्रेंड रेजिस्टेंस लाइन भी किसी भी निरंतर उछाल के लिए कड़ी रुकावट बनी हुई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार मुद्रा जोड़ी 1.34 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 1.34 के मुकाबले 0.27 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। तकनीकी संकेतकों में 14-पीरियड रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 38 के आसपास है, जबकि स्रोत विश्लेषण के अनुसार यह 32.4 के स्तर पर ओवरसोल्ड सीमा के ठीक ऊपर देखा गया था। यह स्थिति दर्शाती है कि बिकवाली का दबाव पूरी तरह हावी है, लेकिन इसमें गिरावट के बजाय थकान के शुरुआती लक्षण दिखाई दे रहे हैं। एमएसीडी हिस्टोग्राम मंदी के संकेत दे रहा है और 20-दिन का बोलिंजर बैंड 1.34 से 1.37 के बीच फैला है। ऊपरी स्तरों पर प्रारंभिक प्रतिरोध 1.3372 की डाउनट्रेंड लाइन पर स्थित है, जिसके बाद 1.3484 के 20-पीरियड ईएमए पर अधिक महत्वपूर्ण बाधा है। यदि सुधारात्मक उछाल आता है तो इस क्षेत्र में नई बिकवाली देखने को मिल सकती है। दूसरी तरफ, यदि स्पॉट 17 सितंबर के निचले स्तर 1.3336 को बनाए रखने में विफल रहता है, तो यह 1.3300 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक गिर सकता है। वर्तमान लाइव पिवट 1.34 पर स्थित है, जिसका पहला सपोर्ट 1.34 और दूसरा सपोर्ट 1.33 पर बना हुआ है। वैश्विक मुद्रा बाजार और अन्य परिसंपत्तियों की हलचल वैश्विक करेंसी और कमोडिटी बाजारों में भी व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख रहा और एशियाई सत्र में यह 0.7100 के ऊपर टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने डॉलर पर दबाव बनाया, जबकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने ब्याज दर बढ़ने की संभावनाओं को हवा दी। हालांकि, फेड के सख्त रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने इस उछाल को सीमित रखा। जापानी येन के मोर्चे पर यूएसडी/जेपीवाई यूरोपीय सत्र में तेजी पकड़ते हुए 158.00 के करीब पहुंचकर दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दर को 1.25 प्रतिशत तक बढ़ाने और गवर्नर काज़ुओ उएदा की टिप्पणियों के बावजूद येन में कमजोरी दर्ज हुई, क्योंकि दर वृद्धि के खिलाफ आए दो अप्रत्याशित असहमति मतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। पिछले एक दशक से अधिक समय से जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित किया था, जिससे येन दुनिया का सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बना हुआ था। बैंक ऑफ जापान की नीतिगत सख्ती के बाद अब यह परिदृश्य एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में तेजी दर्ज की गई, जहां खरीदार 4,400 डॉलर के स्तर को पार करने की कोशिश में हैं। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने डॉलर की तेजी पर लगाम लगाई है। वहीं डिजिटल परिसंपत्तियों में पाई नेटवर्क ने लगातार तीन दिनों की 15 प्रतिशत की गिरावट के बाद आंशिक सुधार दिखाया। पाई कोर टीम ने नो योर कस्टमर और मेननेट माइग्रेशन अपग्रेड के माध्यम से 417,000 डुप्लिकेट खातों को हटाने की घोषणा की, हालांकि इसका तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है और 0.0704 डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर नजर बनी हुई है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड और डॉलर की मौजूदा हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और मुद्रा विनिमय पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय: विदेशी मुद्रा में लेन-देन करने वाले व्यापारियों और आयातकों के लिए विनिमय दर में उतार-चढ़ाव लागत को प्रभावित कर सकता है। मौजूदा स्तरों पर डॉलर मजबूत बना हुआ है जिससे विदेशी भुगतान अधिक महंगे हो रहे हैं। • ब्रिटेन यात्रा और शिक्षा: ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों और यात्रियों के लिए पाउंड की सीमित रिकवरी तात्कालिक खर्चों में स्थिरता प्रदान करती है। हालांकि डॉलर के मुकाबले पाउंड पर दबाव बने रहने से समग्र बजट योजना प्रभावित हो सकती है। • फॉरेक्स निवेशक: मुद्रा बाजार में सक्रिय खुदरा व्यापारियों को 1.3372 और 1.3484 के तकनीकी स्तरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। 1.3336 के सपोर्ट के टूटने पर 1.3300 तक गिरावट की संभावना बन सकती है। • कमोडिटी खरीदार: सोने के 4,400 डॉलर के उच्च स्तर पर बने रहने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी का रुख है। घरेलू बाजारों में इसका असर आभूषणों और निवेश उत्पादों की लागत पर देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ ब्रिटिश पाउंड में आई रिकवरी और उसके बाद सीमित दायरे में कारोबार की मुख्य वजह ब्रिटेन के मजबूत आर्थिक आंकड़े और दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर की निरंतर मांग का मिलाजुला असर है। • खुदरा बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि: ब्रिटेन में अगस्त की खुदरा बिक्री 0.5 प्रतिशत बढ़ी जबकि 0.2 प्रतिशत गिरावट की संभावना थी। इस सकारात्मक आंकड़े ने पाउंड को मंदी के निचले स्तरों से तुरंत सहारा प्रदान किया। • केंद्रीय बैंकों के नीतिगत निर्णय: बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपनी प्रमुख दर को 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखा, जिसमें 6-3 का विभाजन रहा। वहीं फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर में तेज खरीदारी बनाए रखी। • डॉलर इंडेक्स का उछाल: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर 100.38 पर पहुंच गया। इस व्यापक डॉलर मांग ने यूरोपीय कारोबारी सत्र में पाउंड की बढ़त को आगे बढ़ने से रोक दिया। सवाल-जवाब 1. अगस्त में ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में कितनी वृद्धि हुई? अगस्त महीने में ब्रिटेन की खुदरा बिक्री मासिक आधार पर 0.5 प्रतिशत बढ़ी, जबकि विश्लेषकों ने 0.2 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया था। 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लिया? बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 6-3 के मतदान विभाजन के साथ अपनी नीतिगत ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। 3. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंचा? यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.38 के छह सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। 4. जीबीपी/यूएसडी के लिए कौन से प्रमुख तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं? ऊपरी स्तर पर 1.3372 और 1.3484 का ईएमए प्रमुख प्रतिरोध हैं, जबकि नीचे की ओर 1.3336 का सपोर्ट टूटने पर भाव 1.3300 तक गिर सकता है। 5. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में क्या निर्णय लिया? बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, हालांकि बोर्ड के दो सदस्यों ने इस फैसले के खिलाफ असहमति जताई। https://trendkia.com/market/british-pound-men-khudara-bikri-ke-ankaron-se-uchhala-takaniki-staron-para-dabava-barakarara-33465 TrendKia — Har trend, sabse pehle.