# ब्रिटिश पाउंड में लगातार दूसरे दिन तेजी, डॉलर में कमजोरी के बीच नए मासिक स्तर पर पहुंची मुद्रा

> बैंक ऑफ इंग्लैंड की सख्त मौद्रिक नीति और ब्रिटेन के मजबूत जीडीपी आंकड़ों के सहारे पाउंड स्टर्लिंग में उछाल देखने को मिला है, जिससे मुद्रा जोड़ी ने अहम तकनीकी स्तरों को पार किया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/british-pound-men-lagatara-dusare-dina-teji-dollar-men-kamajori-ke-bicha-nae-masika-stara-para-pahunchi-mudra-48466 · **Language:** Hindi
**Tags:** जीबीपी यूएसडी, फॉरेक्स बाजार, बैंक ऑफ इंग्लैंड, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, मुद्रा विनिमय, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ आगे बढ़ा है। अमेरिकी डॉलर में जारी गिरावट के रुख के बीच पाउंड स्टर्लिंग ने नए मासिक उच्च स्तर को छू लिया है। मुद्रा विनिमय बाजार में यह बढ़त मुख्य रूप से ब्रिटेन के बेहतर सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के सख्त मौद्रिक रुख की वजह से देखने को मिली है। तकनीकी तौर पर अहम माने जाने वाले स्तरों से ऊपर निकलने के बाद खरीदारों का रुझान मुद्रा जोड़ी के पक्ष में बना हुआ है।

## तकनीकी स्तर और चार्ट पर रुझान
बाजार के तकनीकी विश्लेषण पर नजर डालें तो मुद्रा जोड़ी ने 1.3265 के महत्वपूर्ण संगम स्तर को पार कर लिया है। यह स्तर 100 अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) और 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट का साझा बिंदु था। इस बाधा के टूटने से बाजार में आगे भी तेजी की संभावना को बल मिला है। वर्तमान लाइव आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 1.33 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर से 0.43 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच दर्ज किया गया है।

ऊपरी स्तरों की बात करें तो पहला तात्कालिक प्रतिरोध 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर 1.3343 के करीब बना हुआ है। यदि तेजी जारी रहती है, तो अगला पड़ाव 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के पास 1.3406 पर होगा। इसके बाद 61.8 प्रतिशत का अहम स्तर 1.3468 पर आता है, जहां पहुंचते ही खरीदारों की गति थोड़ी धीमी पड़ सकती है और मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 53 के स्तर पर है, जो तटस्थ से सकारात्मक रुख की ओर इशारा करता है। एमएसीडी हिस्टोग्राम भी 0.00 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है, जबकि एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स 28 पर बना हुआ है, जो मौजूदा ट्रेंड में मजबूती का संकेत देता है।

नीचे की ओर गिरावट आने की स्थिति में 1.3265 का स्तर अब प्रारंभिक समर्थन का काम करेगा। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह सहारा टूटता है, तो मुद्रा जोड़ी 1.3140 के बुनियादी आधार स्तर तक फिसल सकती है। दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला एटीआर संकेतक 0.01 पर है, जिसे स्टॉप लॉस तय करने के लिए बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

## फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों से डॉलर पर दबाव
अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी डीएक्सवाई में आई नरमी ने भी पाउंड की बढ़त में बड़ा योगदान दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों के दौरान फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के बयानों के बाद ग्रीनबैक पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। वॉर्श ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते पर कोई अग्रिम संकेत दिए बिना मूल्य स्थिरता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी या कटौती को लेकर किसी स्पष्ट संकेत के अभाव ने डॉलर के प्रति निवेशकों के उत्साह को ठंडा कर दिया, जिससे अमेरिकी मुद्रा का सूचकांक लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

डॉलर की इस व्यापक कमजोरी का प्रभाव केवल पाउंड तक सीमित नहीं रहा। वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों में भी इसका असर दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले अपनी जमीन मजबूत करते हुए एशियाई सत्र में 0.6950 के स्तर की ओर बढ़ गया। दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी नए बिकवाली दबाव में आ गई और 158.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गई। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले पाउंड का प्रदर्शन सबसे मजबूत जापानी येन के सामने देखा गया।

## सोने और वैश्विक परिसंपत्तियों की स्थिति
कमजोर डॉलर ने सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु यानी सोने को भी सहारा दिया है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सोने के बाजार में खरीदारों की सक्रियता दर्ज की गई, हालांकि यह पिछले दो हफ्तों के तय दायरे के भीतर ही सीमित रहा। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। मुद्रा बाजार के हीटमैप के अनुसार, ब्रिटिश पाउंड लगभग सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले सकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जिससे आने वाले कारोबारी सत्रों में इसकी मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

## इसका आप पर असर
मुद्रा बाजार में पाउंड की मजबूती और डॉलर की नरमी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

- **मुद्रा निवेशकों के लिए:** पाउंड स्टर्लिंग में 1.3265 के ऊपर तकनीकी मजबूती बनी रहने से शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 1.3343 और 1.3406 के लक्ष्य सक्रिय हो गए हैं। ट्रेडर्स 1.3265 के आसपास स्टॉप लॉस लगाकर जोखिम प्रबंधित कर सकते हैं।
- **आयात और निर्यात पर असर:** कमजोर होते अमेरिकी डॉलर से डॉलर आधारित आयात लागत में मामूली कमी आ सकती है। वहीं ब्रिटेन के साथ द्विपक्षीय व्यापार करने वाले कारोबारियों को पाउंड की ऊंची दरों के कारण अपनी लागत योजना की समीक्षा करनी होगी।
- **वैश्विक जिंस बाजार:** डॉलर इंडेक्स में गिरावट के चलते सोना और अन्य अंतरराष्ट्रीय धातुएं स्थिर बनी हुई हैं। जिंस बाजार में निवेश करने वाले खरीदार डॉलर की दिशा के अनुसार अपनी हेजिंग रणनीति तय कर सकते हैं।
- **विदेश यात्रा और शिक्षा:** ब्रिटेन जाने वाले यात्रियों और वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए पाउंड का महंगा होना खर्च में बढ़ोतरी ला सकता है। छात्रों के परिजनों को ट्यूशन फीस और रहने के खर्च के लिए विनिमय दरों पर नजर रखनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
ब्रिटिश पाउंड में यह उछाल बैंक ऑफ इंग्लैंड के सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण, मजबूत यूके जीडीपी आंकड़ों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के बयानों से डॉलर में आई कमजोरी के संयुक्त प्रभाव के कारण हुआ है।

- **बैंक ऑफ इंग्लैंड का सख्त रुख:** गवर्नर एंड्रयू बेली की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए गए सख्त संकेतों ने पाउंड के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि दर में मजबूती ने भी मौद्रिक नीति में सख्ती बनाए रखने की गुंजाइश दी है।
- **फेडरल रिजर्व की अनिश्चितता:** अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बैठक में फेडरल रिजर्व प्रमुख केविन वॉर्श ने ब्याज दरों की भविष्य की दिशा पर कोई स्पष्ट वादा नहीं किया। इस अस्पष्टता के चलते निवेशकों ने डॉलर में मुनाफावसूली की, जिससे डॉलर इंडेक्स गिरकर दो हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया।
- **तकनीकी स्तरों का टूटना:** 100 अवधि के ईएमए और 23.6 प्रतिशत फिबोनाची स्तर के संगम 1.3265 के ऊपर निकलने से तकनीकी खरीदारी शुरू हो गई। इस ब्रेकआउट ने अल्पकालिक बिकवाली के दबाव को पूरी तरह से समाप्त कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश पाउंड में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है?
ब्रिटेन के बेहतर जीडीपी आंकड़े, बैंक ऑफ इंग्लैंड गवर्नर की सख्त टिप्पणियां और अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी इस तेजी के प्रमुख कारण हैं।

### 2. तकनीकी चार्ट पर अगला अहम प्रतिरोध स्तर कौन सा है?
ऊपरी स्तर पर पहला प्रतिरोध 1.3343 (38.2% फिबोनाची) और उसके बाद 1.3406 (50% फिबोनाची) पर स्थित है।

### 3. मुद्रा जोड़ी के लिए प्राथमिक समर्थन स्तर कहां है?
शुरुआती समर्थन स्तर 1.3265 पर है, जबकि इससे नीचे का मजबूत आधार स्तर 1.3140 पर बना हुआ है।

### 4. फेडरल रिजर्व के बयानों का डॉलर पर क्या असर पड़ा?
फेड प्रमुख केविन वॉर्श द्वारा भविष्य की दरों पर कोई स्पष्ट संकेत न देने से डॉलर इंडेक्स गिरकर लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

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