ब्रिटिश पाउंड पर मंडराया बजट का जोखिम, अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में दिखा भारी उतार-चढ़ाव 28 अक्टूबर को पेश होने वाले ऑटम बजट बिल से पहले ब्रिटिश पाउंड दबाव में है, जबकि फेडरल रिजर्व के रुख से अमेरिकी डॉलर, सोना और बिटकॉइन भी प्रभावित हो रहे हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर अनिश्चितता के बादल गहराने लगे हैं, जहां ब्रिटेन के आगामी वित्तीय फैसलों को लेकर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा इस वर्ष अपनी नीतिगत ब्याज दर को 3.75% पर स्थिर बनाए रखने के कारण पाउंड का कैरी ट्रेड आकर्षण धीरे-धीरे घट चुका है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद से यानी फरवरी के अंतिम दिनों से यूरो और पाउंड का विनिमय अनुपात 0.84 से 0.87 के सीमित दायरे में बना रहा है। हालांकि भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश का समग्र आर्थिक प्रदर्शन लचीला रहा है और चालू वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर तिमाही-दर-तिमाही औसतन +0.6% दर्ज की गई है। इसके बावजूद आने वाले दिनों में राजकोषीय समीकरण मुद्रा की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऑटम बजट बिल बना सरकार के लिए कठिन इम्तिहान ब्रिटेन में 28 अक्टूबर को पेश होने वाला ऑटम बजट बिल प्रधानमंत्री बर्नहैम और वित्त मंत्री हीली के कार्यकाल की अब तक की सबसे बड़ी चुनौती साबित होने जा रहा है। वित्तीय बाजारों में इस बात को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है कि बजट घाटे को घटाने के मकसद से लाए जाने वाले राजकोषीय कदमों से निवेशक पूरी तरह असंतुष्ट हो सकते हैं। यदि बाजार ने इन सरकारी उपायों को अपर्याप्त या जोखिम भरा माना, तो सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आ सकती है। यील्ड का यह उछाल अंततः पाउंड की विनिमय दरों को नीचे खींचने का काम करेगा, जिससे मुद्रा में तेज गिरावट की आशंका गहरा रही है। अमेरिकी डॉलर में बिकवाली और प्रमुख मुद्राओं की चाल दूसरी तरफ शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर पर ताजा बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वार्श की हालिया टिप्पणियों ने अमेरिकी मुद्रा पर बिकवाली के रुख को और हवा दी। फेड चेयर वार्श ने अपने बयान में कहा कि वह कीमतों में स्थिरता लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य के ब्याज दर मार्ग को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। भविष्य में दरों को और सख्त करने के रास्ते पर कोई ठोस वादा न मिलने से बाजार में डॉलर कमजोर हुआ। इस डॉलर बिकवाली का सीधा फायदा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिला। एशियाई सत्र में एयूडी/यूएसडी जोड़ी ने नई रफ्तार पकड़ी और अपनी बढ़त को 0.6950 के स्तर की ओर खींच लिया। इसके विपरीत डॉलर में कमजोरी के कारण यूएसडी/जेपीवाई पर नया बिकवाली दबाव बना और यह जोड़ी शुक्रवार के कारोबारी सत्र में 158.00 का अहम स्तर नीचे की ओर तोड़ गई। सोने में कशमकश और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति कमोडिटी और वैकल्पिक संपत्तियों में भी अनिश्चितता का माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतें प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के प्रमुख स्तर के ठीक नीचे लाभ और हानि के बीच झूलती रहीं। अमेरिकी डॉलर में हल्की गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी मोर्चों पर दर्ज की गई मामूली रिकवरी के मिले-जुले असर से पीली धातु का मूल्य रुझान किसी एक निश्चित दिशा में तय नहीं हो सका। अक्टूबर के महीने में क्रिप्टोकरेंसी बाजार भी लगातार दबाव की स्थिति का सामना कर रहा है। व्यापक व्यापक-आर्थिक प्रतिकूलताओं और मांग में आई सुस्ती ने डिजिटल टोकनों को प्रभावित किया है। इसी उथल-पुथल के बीच दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन इस सप्ताह की शुरुआत में फिसलकर 80,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चली गई थी, हालांकि बाद में इसमें सीमित सुधार दर्ज किया गया और शुक्रवार को यह संभलकर लगभग 82,000 डॉलर के स्तर के आसपास पहुंच गई। आने वाले दिनों में ब्रिटेन के बजट एलान और अमेरिकी मौद्रिक नीति के संकेत वैश्विक वित्तीय प्रवाह की दिशा तय करते रहेंगे। इसका आप पर असर मुद्रा विनिमय दरों और सोने-क्रिप्टो की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी निवेश और कमोडिटी बाजार पर पड़ता है। • विदेशी मुद्रा विनिमय पर असर: पाउंड और डॉलर में चल रही अस्थिरता से विदेश यात्रा या शिक्षा के लिए मुद्रा बदलने की लागत प्रभावित हो सकती है। जो लोग विदेशी मुद्रा खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें विनिमय दरों की निगरानी करके ही लेनदेन पूरा करना चाहिए। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,200 डॉलर के आसपास सीमित दायरे में रहने से खुदरा आभूषण कीमतों में बड़ा उछाल टल गया है। गहने खरीदने वाले ग्राहकों को आगामी दिनों में दरों में बड़े बदलाव के बजाय सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन के 80,000 डॉलर से सुधरकर 82,000 डॉलर पर आने से बाजार में भारी घबराहट फिलहाल थमी है। अल्पावधि ट्रेडर्स को व्यापक आर्थिक दबावों को देखते हुए उच्च अस्थिरता के लिए तैयार रहना होगा। • आयात-निर्यात कारोबारियों के लिए: मुद्राओं की क्रॉस-करेंसी दरों में 0.84 से 0.87 और 158.00 जैसे स्तरों पर तेज बदलाव से हेजिंग लागत बढ़ सकती है। आयातकों और निर्यातकों को अपने करेंसी जोखिम को प्रबंधित करने के लिए हेजिंग रणनीतियों की समीक्षा करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ब्रिटेन में आगामी बजट की अनिश्चितता, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी अस्पष्टता और सुस्त होती मांग ने वैश्विक परिसंपत्तियों में यह उतार-चढ़ाव पैदा किया है। • राजकोषीय घाटे पर बाजार की आशंका: ब्रिटेन में 28 अक्टूबर को पेश होने वाले ऑटम बजट बिल से पहले निवेशकों को डर है कि घाटा घटाने के उपाय नाकाफी रह सकते हैं। यदि बाजार इन कदमों से असंतुष्ट रहा तो बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है, जो पाउंड को कमजोर कर देगी। • नीतिगत ब्याज दर और कैरी ट्रेड में कमी: बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दर 3.75% पर स्थिर रखने से पाउंड का कैरी अट्रैक्टिवनेस धीरे-धीरे कम हुआ है। ब्याज दर में बढ़त न होने से विदेशी पूंजी प्रवाह सुस्त पड़ा है। • फेडरल रिजर्व का अस्पष्ट रुख: फेड चेयर वार्श ने मूल्य स्थिरता पर जोर तो दिया लेकिन भविष्य की ब्याज दरों पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। इस अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने अमेरिकी डॉलर में ताजा बिकवाली शुरू कर दी। • व्यापक आर्थिक दबाव और सुस्त मांग: व्यापक आर्थिक प्रतिकूलताओं के चलते अक्टूबर माह में बिटकॉइन 80,000 डॉलर से नीचे फिसला था, जिससे क्रिप्टो बाजार में दबाव बना रहा। सवाल-जवाब 1. ब्रिटेन का ऑटम बजट बिल कब पेश किया जाएगा? ब्रिटेन का ऑटम बजट बिल 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री बर्नहैम और वित्त मंत्री हीली द्वारा पेश किया जाना निर्धारित है। 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौजूदा नीतिगत ब्याज दर क्या है? बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इस वर्ष अपनी नीतिगत ब्याज दर को 3.75% पर बनाए रखा है। 3. चालू वर्ष में ब्रिटेन की जीडीपी वृद्धि दर कितनी रही है? भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद इस वर्ष ब्रिटेन की जीडीपी वृद्धि दर तिमाही-दर-तिमाही आधार पर औसतन +0.6% रही है। 4. फेड चेयर वार्श के बयान का अमेरिकी डॉलर पर क्या असर पड़ा? फेड चेयर वार्श द्वारा भविष्य की ब्याज दरों पर कोई स्पष्ट संकेत न दिए जाने से अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। 5. शुक्रवार को सोने और बिटकॉइन की कीमतें किस स्तर पर दर्ज की गईं? सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के नीचे बना रहा, जबकि बिटकॉइन 80,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद संभलकर लगभग 82,000 डॉलर पर पहुंचा। https://trendkia.com/market/british-pound-para-mndaraya-bajata-ka-jokhima-us-dollar-aura-vaishvika-bajaron-men-dikha-bhari-utara-charhava-48403 TrendKia — Har trend, sabse pehle.