# ब्रिटिश पाउंड में मजबूत तकनीकी सुधार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3650 का स्तर छूने की तैयारी

> साप्ताहिक चार्ट पर रिवर्सल पैटर्न बनने के बाद ब्रिटिश पाउंड में उछाल आया है, जहां बैंक ऑफ इंग्लैंड की दरों और वित्तीय नीतियों के बीच पाउंड 1.3650 के स्तर की ओर बढ़ रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/britisha-paunda-men-majabuta-takaniki-sudhara-ameriki-dollar-ke-mukabale-1-3650-ka-stara-chhune-ki-taiyari-48359 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ इंग्लैंड, विदेशी मुद्रा, ब्याज दरें, सोना, बिटकॉइन

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है। बुधवार को जारी हुए अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों के बाद पाउंड निचले स्तरों पर फिसल गया था, लेकिन वहां से एक तेज रिकवरी देखने को मिली है। इस ताजा बढ़त के सहारे पाउंड वापस 1.33 के मध्य क्षेत्र में कारोबार करने लगा है। तकनीकी चार्ट के लिहाज से यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि साप्ताहिक समय सीमा पर एक बड़ा आउटसाइड रेंज रिवर्सल पैटर्न तैयार हो रहा है, जो आने वाले कारोबारी सत्रों में पाउंड की मजबूती की ओर इशारा करता है।

## तकनीकी स्तर और आने वाले हफ्तों का रुझान
विदेशी मुद्रा बाजार के तकनीकी ढांचे पर गौर करें तो पाउंड का यह ताजा उछाल अप्रैल के महीने से बने एक साइडवेज दायरे के निचले सिरे के आसपास आधार बनाने के बाद आया है। मुद्रा जोड़ी अपने इस लंबे दायरे के निचले स्तर पर टिकी रही और वहां से खरीदारों की सक्रियता दर्ज की गई। मौजूदा उछाल इस बात का संकेत दे रहा है कि आने वाले हफ्तों में ब्रिटिश मुद्रा इस दायरे की ऊपरी सीमा यानी 1.3650 से 1.3675 के स्तर को दोबारा छूने का प्रयास कर सकती है।

हालांकि, इस लक्ष्य तक पहुंचने के रास्ते में पाउंड को कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी बाधाओं को पार करना होगा। मुद्रा जोड़ी के सामने सबसे पहली और प्रमुख रेजिस्टेंस 1.3435 के स्तर पर मौजूद है, जहां इसका 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (200-day MA) स्थित है। तकनीकी विश्लेषक 200-दिवसीय औसत को किसी भी मध्यम अवधि के रुझान के लिए बेहद निर्णायक रेखा मानते हैं। जब तक पाउंड इस स्तर के ऊपर स्थिर होकर टिकाव नहीं दिखाता, तब तक ऊपरी दायरे की ओर तेजी की गति सीमित रह सकती है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड और दरों का गणित
मुद्रा के इस तकनीकी सुधार को बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर बेली के हालिया बयानों से भी परखा जा रहा है। गवर्नर बेली ने कहा कि ब्रिटेन में महंगाई के दूसरे दौर के प्रभावों के अभी बहुत कम सबूत सामने आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस तथ्य की ओर भी ध्यान दिलाया कि ब्रिटिश अर्थव्यवस्था पहले लगाए गए अनुमानों की तुलना में कहीं अधिक लचीली और मजबूत साबित हुई है।

गवर्नर बेली की इस टिप्पणी का ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप (OIS) बाजार पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। वित्तीय डेरिवेटिव बाजार अभी भी पूरी तरह से इस संभावना को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहा है कि अगले महीने की शुरुआत में बैंक ऑफ इंग्लैंड की तरफ से ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (25bps) की बढ़ोतरी की जाएगी। स्वैप बाजार में दर वृद्धि की यह मजबूत प्रतिबद्धता ब्रिटिश पाउंड के लिए एक ठोस सहारा बनी हुई है, क्योंकि नीतिगत सख्ती की निरंतरता मुद्रा के आकर्षण को बनाए रखती है।

## बजट में बैंकों पर अधिभार बढ़ाने की तैयारी
मौद्रिक नीतियों के अलावा ब्रिटेन के वित्तीय मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए जाने की चर्चाएं हैं। सार्वजनिक वित्त को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चांसलर हीली आगामी सप्ताह के बजट में बैंकों पर लगने वाले निगम कर अधिभार को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत करने की योजना बना रहे हैं। यह कदम ब्रिटेन की राजकोषीय स्थिति को स्थिरता देने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। वित्तीय बाजार बजट के इन राजकोषीय प्रस्तावों पर भी बारीक नजर बनाए हुए हैं।

## वैश्विक मुद्राओं और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी का असर अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में दोबारा मजबूती लौटी और यह 0.6950 के स्तर की तरफ बढ़ गया। दूसरी तरफ, डॉलर इंडेक्स पर दबाव के कारण अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) पर भी बिकवाली का दबाव बना, जिसके चलते यह जोड़ी 158.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गई।

अमेरिकी डॉलर पर यह नया बिकवाली दबाव फेड चेयर वॉर्श के हालिया बयानों के बाद और गहराया है। वॉर्श ने अपनी टिप्पणी में दोहराया कि वह मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। भविष्य में नीतिगत सख्ती के रास्ते पर इस अस्पष्ट और अनिर्णायक रुख ने डॉलर की धारणा को कमजोर किया, जिसका सीधा फायदा अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं को मिला।

## सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल असमंजस भरी दिखाई दी। शुक्रवार के दिन पीली धातु 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के ठीक नीचे सीमित दायरे में घटती-बढ़ती रही। अमेरिकी डॉलर में हल्की गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में आई मामूली बढ़त के बीच सोने की कीमतों में कोई एकतरफा दिशा नहीं बन सकी।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार की बात करें तो अक्टूबर के महीने में अब तक इस पर दबाव बना रहा है। व्यापक आर्थिक चुनौतियों और घटती मांग के कारण बिटकॉइन (BTC) सप्ताह के शुरुआती दिनों में 80,000 डॉलर से नीचे चला गया था। हालांकि, बाद में स्थिति कुछ संभली और शुक्रवार को यह सुधरकर लगभग 82,000 डॉलर के स्तर पर वापस पहुंच गया।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजार में होने वाले इन बदलावों का असर अंतरराष्ट्रीय लेनदेन, निवेश और यात्रा लागत पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय दर:** पाउंड के 1.33 से ऊपर निकलने और डॉलर के कमजोर होने से ब्रिटेन में पढ़ाई या यात्रा करने वाले लोगों के लिए विदेशी मुद्रा विनिमय का खर्च प्रभावित होगा। यदि पाउंड 1.3650 तक चढ़ता है तो ब्रिटिश मुद्रा में लेनदेन करना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा।
- **कमोडिटी और सोने के खरीदार:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। सोने की कीमतों में स्थिरता बने रहने से खुदरा खरीदारों और आभूषण निर्माताओं को कीमतों में अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव से राहत मिल सकती है।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशक:** बिटकॉइन के 80,000 डॉलर से फिसलकर 82,000 डॉलर पर संभलने से पता चलता है कि बाजार में दबाव अब भी बना हुआ है। खुदरा निवेशकों को किसी भी नए आवंटन से पहले व्यापक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों के रुख पर नजर रखनी चाहिए।
- **बैंकिंग और कॉरपोरेट क्षेत्र:** ब्रिटेन में बैंक सरचार्ज को 3% से बढ़ाकर 8% करने की तैयारी से बहुराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के मुनाफे और कर देनदारी में बदलाव आएगा। वैश्विक वित्तीय सेवाओं से जुड़े कारोबारियों को आगामी बजट घोषणाओं के अनुसार अपनी रणनीति समायोजित करनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यह फेरबदल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अनिश्चित रुख, ब्रिटेन की आर्थिक मजबूती और तकनीकी स्तरों के कारण हुआ है।

- **तकनीकी दायरे का निचला स्तर:** ब्रिटिश पाउंड ने अप्रैल से कायम अपने साइडवेज ट्रेडिंग दायरे के निचले छोर पर मजबूत आधार तैयार किया। अमेरिकी सीपीआई के बाद आई गिरावट के तुरंत बाद इस स्तर पर खरीदारों की वापसी हुई, जिससे साप्ताहिक आउटसाइड रिवर्सल बना।
- **बैंक ऑफ इंग्लैंड की दरों की उम्मीद:** गवर्नर बेली द्वारा अर्थव्यवस्था के लचीले होने का उल्लेख करने के बाद स्वैप बाजार में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। ब्याज दर बढ़ोतरी की इस उम्मीद ने पाउंड को अन्य मुद्राओं के मुकाबले सहारा दिया।
- **अमेरिकी डॉलर पर फेड का दबाव:** फेड चेयर वॉर्श द्वारा भविष्य में दरों के रास्ते पर स्पष्ट संकेत न देने से अमेरिकी डॉलर में बिकवाली बढ़ गई। इस अनिश्चितता के कारण येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सहित प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर गिरा।
- **राजकोषीय सुधार की तैयारी:** ब्रिटेन में सरकारी वित्त को दुरुस्त करने के लिए बैंक टैक्स सरचार्ज को 3% से 8% करने की योजना बनाई जा रही है। इस संभावित राजकोषीय सख्ती से सार्वजनिक वित्त की मजबूती को लेकर बाजार में सकारात्मक उम्मीदें जगी हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर क्या है?
पाउंड के लिए पहला प्रमुख रेजिस्टेंस 1.3435 पर है, जो इसका 200-दिवसीय मूविंग एवरेज है। इसके पार होने पर यह 1.3650 से 1.3675 तक जा सकता है।

### 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर बेली ने क्या कहा?
गवर्नर बेली ने कहा कि ब्रिटेन में दूसरे दौर के मुद्रास्फीति प्रभावों के बहुत कम प्रमाण हैं और देश की अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक लचीली रही है।

### 3. क्या बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है?
हाँ, ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप बाजार अगले महीने की शुरुआत में 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की पूरी संभावना मानकर चल रहा है।

### 4. ब्रिटेन के बजट में बैंकों के कर को लेकर क्या योजना है?
चांसलर हीली सार्वजनिक वित्त को मजबूत करने के लिए अगले सप्ताह के बजट में बैंक सरचार्ज को 3% से बढ़ाकर 8% करने की तैयारी में हैं।

### 5. फेड चेयर वॉर्श के बयान का अमेरिकी डॉलर पर क्या असर हुआ?
वॉर्श द्वारा भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते पर स्पष्ट संकेत न देने के कारण अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

### 6. बिटकॉइन और सोने के हालिया स्तर क्या रहे हैं?
सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे घटता-बढ़ता रहा, जबकि बिटकॉइन 80,000 डॉलर से नीचे गिरने के बाद सुधरकर 82,000 डॉलर के आसपास आ गया।

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