ब्याज दरों में फेरबदल के बीच ब्रिटिश पाउंड 1.34 के स्तर पर पहुंचा, बैंक ऑफ इंग्लैंड से बढ़ीं उम्मीदें बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं के बीच ब्रिटिश पाउंड डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 1.34 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों को लेकर निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड खरीदारों के निरंतर समर्थन के दम पर मजबूती दिखाते हुए 1.3400 के अहम स्तर की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाउंड में यह तेजी ऐसे समय में दर्ज की जा रही है जब बाजार विश्लेषक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को पूरी तरह अपनी गणनाओं में शामिल कर चुके हैं। इस संभावित कदम से ब्रिटेन और अमेरिका के बीच नीतिगत ब्याज दरों का मौजूदा अंतर समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे वैश्विक मुद्रा विनिमय परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फेडरल रिजर्व के कदमों पर अनिश्चितता और आर्थिक आंकड़े दूसरी तरफ, अमेरिका के केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में दरों में वृद्धि किए जाने की संभावनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह संभावना पहले जहां लगभग 84 प्रतिशत के स्तर पर आंकी जा रही थी, वहीं यह घटकर 70 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह बदलाव तब देखने को मिला है जब अमेरिका के हालिया आर्थिक आंकड़े खासे मजबूत रहे हैं। अमेरिका की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 3.4 प्रतिशत की सालाना दर से शानदार वृद्धि दर्ज की है, जिसने पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ दिया। मजबूत आर्थिक विस्तार के साथ ही अमेरिका में महंगाई दर भी उच्च स्तर पर बनी हुई है। कोर पीसीई सूचकांक के आधार पर मापी गई महंगाई 3.1 प्रतिशत सालाना दर्ज की गई, जो सितंबर के आंकड़ों से अधिक है लेकिन बाजार अनुमानों के अनुरूप रही है। सामान्य तौर पर ऐसे आंकड़े केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में सख्त फैसले लेने की संभावना को बढ़ाते हैं, लेकिन निवेशकों ने फिलहाल अपने दांव कुछ हद तक घटाए हैं। ब्रिटेन का नया बजट और वित्तीय स्थिरता ब्रिटेन के घरेलू मोर्चे पर सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को निवेशकों और वित्तीय बाजारों ने सकारात्मक रूप से लिया है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के प्रशासन में वित्त मंत्री जॉन हीली ने अपना पहला बजट पेश किया। इस बजट में पूर्व चांसलर रीव्स के वित्तीय नियमों और राजकोषीय अनुशासन का पूरी तरह पालन किया गया है, जिसने वित्तीय स्थिरता को लेकर बाजार सहभागियों का भरोसा मजबूत किया है। नीतिगत निरंतरता के इस संकेत ने पाउंड को आवश्यक सहारा दिया है। तकनीकी विश्लेषण और चार्ट पर प्रमुख स्तर दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी विनिमय दर 1.3392 के आसपास बनी हुई है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 1.34 के स्तर पर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर 1.33 के मुकाबले 0.51 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्शाती है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है। दैनिक चार्ट पर 1.3380 के करीब स्थित ट्रिपल सिंपल मूविंग एवरेज क्लस्टर से ऊपर बने रहने के कारण इस जोड़ी का अल्पकालिक रुख हल्का सकारात्मक बना हुआ है। यह स्थिति बताती है कि 1.3251 के पूर्व प्रतिरोध ट्रेंड लाइन को दोबारा हासिल करने के बाद वहां मजबूत ढांचागत समर्थन तैयार हुआ है। भाव इस समय 1.3391 के पास टूटने वाली नीचे की ओर झुकी प्रतिरोध ट्रेंड लाइन का परीक्षण कर रहे हैं। इस बीच 14 अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 56.7 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि लाइव आंकड़ों में आरएसआई 57 दर्ज है, जो यह दर्शाता है कि खरीदारी का मोमेंटम बेहतर स्थिति में है और फिलहाल ओवरबॉट जोन से दूर है। ऊपरी स्तरों की बात करें तो यदि विनिमय दर 1.3391 के ट्रेंड लाइन पिवट से ऊपर निर्णायक रूप से निकलती है, तो इसके बाद 1.3656 और 1.3833 के स्तरों पर स्थित पूर्व समर्थन जो अब प्रतिरोध बन चुके हैं, चुनौती के रूप में सामने आएंगे। इसके विपरीत, यदि नीचे की ओर दबाव बनता है, तो प्रारंभिक समर्थन 1.3392 के पास मौजूद है। इसके बाद 1.3380 पर स्थित ट्रिपल सिंपल मूविंग एवरेज और 1.3251 पर पूर्व ट्रेंड लाइन का समर्थन स्तर है। यदि यह स्तर नीचे की ओर टूटता है, तो वर्तमान सकारात्मक रुख कमजोर पड़ सकता है और गिरावट का नया दौर शुरू हो सकता है। लाइव डेटा के मुताबिक धुरी स्तर 1.34 पर है, जबकि आर1 1.34, आर2 1.35 और समर्थन एस1 1.34 तथा एस2 1.33 पर दर्ज है। वैश्विक मुद्राओं का तुलनात्मक प्रदर्शन और अन्य बाजार मुद्रा विनिमय बाजार में ब्रिटिश पाउंड का प्रदर्शन अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले भी बेहतर रहा है। यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो के मुकाबले पाउंड में सबसे अधिक मजबूती दर्ज की गई। मुद्रा हीटमैप के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि पाउंड को व्यापक स्तर पर खरीदारों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। अन्य वैश्विक मुद्रा जोड़ियों में भी हलचल देखी जा रही है। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 0.7035 के करीब पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर के मजबूत आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दरों में वृद्धि की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गति मिली। वहीं अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए 157.00 के दायरे में आ गई। हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी की कोशिश देखी गई, क्योंकि निवेशक बैंक ऑफ जापान की हालिया मौद्रिक समीक्षा बैठक के परिणामों का आकलन कर रहे हैं, जहां नीतिगत दरों को बिना किसी बदलाव के स्थिर रखा गया था। जिंस बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में शुक्रवार को दबाव देखा गया और यह साल के नए निचले स्तर तक फिसल गया। वित्तीय बाजारों में सतर्कता और जोखिम से बचने के माहौल के बावजूद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और वृद्धि की आशंकाओं के कारण सोने की कीमतों में कमजोरी रही, जिसके चलते यह धातु नकारात्मक दायरे में बंद होने की कगार पर पहुंच गई। इसका आप पर असर मुद्रा विनिमय दरों और ब्याज दरों में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात-निर्यात और विदेशी निवेश से जुड़े फैसले प्रभावित होते हैं। • भारत में प्रभाव: डॉलर और पाउंड की विनिमय दरों में फेरबदल से भारतीय रुपये के क्रॉस-करेंसी रेट्स प्रभावित होते हैं। ब्रिटेन में पढ़ाई करने वाले छात्रों और वहां यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए पाउंड की मजबूती से खर्च में इजाफा हो सकता है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: 1.34 का स्तर पाउंड-डॉलर जोड़ी के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी अवरोध बना हुआ है। यदि यह स्तर पार होता है तो आगामी सत्रों में नए कारोबारी अवसरों के लिए स्टॉप-लॉस और टार्गेट स्तरों की समीक्षा जरूरी होगी। • ब्रिटिश बाजार से जुड़े निर्यातकों के लिए: मजबूत पाउंड से ब्रिटेन में भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सकती है। जो भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में अपने उत्पाद बेचती हैं, उन्हें मुद्रा विनिमय पर सकारात्मक लाभ मिल सकता है। • निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो रणनीति: वैश्विक केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग नीतिगत कदमों से मुद्रा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों में निवेश करने वाले निवेशकों को हेजिंग रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ब्रिटिश पाउंड में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसके 1.34 की ओर बढ़ने के पीछे दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक रुख और आर्थिक संकेतकों का बड़ा हाथ है। • बैंक ऑफ इंग्लैंड से दर वृद्धि की उम्मीद: बाजार विश्लेषकों ने नवंबर में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह मान लिया है। इस कदम से अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ब्याज दरों का अंतर खत्म होने की उम्मीद बनी, जिससे पाउंड को सीधा समर्थन मिला। • फेडरल रिजर्व के रुख पर घटते दांव: मजबूत अमेरिकी जीडीपी और महंगाई आंकड़ों के बावजूद फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं 84 प्रतिशत से घटकर 70 प्रतिशत रह गईं। इससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और पाउंड को बढ़त बनाने का अवसर मिला। • ब्रिटेन के बजट से मिला भरोसा: ब्रिटेन में प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के प्रशासन में वित्त मंत्री जॉन हीली द्वारा पेश किए गए पहले बजट को बाजारों ने सराहा। बजट में पूर्व चांसलर रीव्स के वित्तीय अनुशासन के नियमों का पालन किए जाने से निवेशकों का संशय दूर हुआ। सवाल-जवाब 1. जीबीपी/यूएसडी जोड़ी किस स्तर की ओर बढ़ रही है? जीबीपी/यूएसडी विनिमय दर मजबूत खरीदारी के दम पर 1.3400 के स्तर की ओर बढ़ रही है और दैनिक चार्ट पर 1.3392 के पास देखी गई। 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी बैठक को लेकर बाजार की क्या उम्मीदें हैं? बाजार ने नवंबर महीने में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह अपनी कीमतों में शामिल कर लिया है। 3. फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में दर वृद्धि की क्या संभावना जताई जा रही है? फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना 84 प्रतिशत से घटकर लगभग 70 प्रतिशत पर आ गई है। 4. अमेरिका की तीसरी तिमाही की जीडीपी विकास दर कितनी दर्ज की गई? अमेरिका की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 3.4 प्रतिशत सालाना की दर से शानदार वृद्धि दर्ज की। 5. ब्रिटेन के नए बजट को पेश करने वाले वित्त मंत्री कौन हैं? प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के प्रशासन में वित्त मंत्री जॉन हीली ने यह बजट पेश किया, जो पूर्व चांसलर रीव्स के वित्तीय नियमों के अनुकूल रहा। 6. पाउंड के लिए चार्ट पर प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन से हैं? 1.3391 के ट्रेंड लाइन पिवट के पार जाने पर 1.3656 और 1.3833 के स्तरों पर मुख्य तकनीकी प्रतिरोध मौजूद हैं। https://trendkia.com/market/byaja-daron-men-pherabadala-ke-bicha-british-pound-1-34-ke-stara-para-pahuncha-bank-of-england-se-barhin-ummiden-53561 TrendKia — Har trend, sabse pehle.