कनाडा में महंगाई घटने और अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से USD/CAD में उछाल, लूनी पर दबाव बढ़ा कनाडा में जून के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उम्मीद से अधिक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बैंक ऑफकनाडा द्वारा नीतिगत दरों को स्थिर रखने की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने कैनेडियन डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर लगातार दबाव का सामना कर रहा है। हाल ही में जारी हुए कनाडा के कमजोर महंगाई आंकड़ों ने कैनेडियन डॉलर (जिसे लूनी भी कहा जाता है) की स्थिति को और कमजोर कर दिया है, जिसके चलते USD/CAD मुद्रा जोड़ी में बढ़त का रुख देखा जा रहा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, USD/CAD वर्तमान में 1.41 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.41 से 0.23% की तेजी को दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान यह जोड़ी 1.35 से 1.42 के दायरे में घूमती रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कैनेडियन डॉलर इस समय अपने वार्षिक निचले स्तरों के करीब संघर्ष कर रहा है। इस कमजोरी के पीछे घरेलू स्तर पर घटती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग प्रमुख कारण बनकर उभरे हैं। कनाडा में महंगाई दर में उम्मीद से अधिक गिरावट कनाडा के सांख्यिकी विभाग, स्टैटिस्टिक्स कनाडा द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में जून के महीने के दौरान हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में मासिक आधार पर 0.4% की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषक इसमें केवल 0.2% की गिरावट की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन वास्तविक आंकड़े इस अनुमान से कहीं अधिक कमजोर रहे। जून की यह गिरावट पिछले महीने यानी मई में दर्ज की गई 1.0% की तीव्र वृद्धि के बिल्कुल विपरीत है। यह मासिक गिरावट दिसंबर 2024 के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट के रूप में दर्ज की गई है, जिससे कनाडा की अर्थव्यवस्था में मांग के धीमे होने के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। अगर वार्षिक आधार पर देखा जाए, तो कनाडा की हेडलाइन महंगाई दर कम होकर 2.8% पर आ गई है, जो इससे पिछले महीने में 3.2% पर थी। यह वार्षिक आंकड़ा भी बाजार के 2.9% के अनुमान से थोड़ा नीचे रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक ऑफ कनाडा (BoC) का पसंदीदा कोर CPI, जो मौद्रिक नीति तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है, जून में केवल 0.1% बढ़ा। इससे पहले मई में इसमें 0.6% की तेजी देखी गई थी। इस बीच, कोर महंगाई की वार्षिक दर भी 2.2% से मामूली रूप से घटकर 2.1% पर आ गई है। स्टैटिस्टिक्स कनाडा के अनुसार, जून के दौरान सालाना आधार पर पेट्रोल की कीमतों में धीमी गति से हुई बढ़ोतरी ने हेडलाइन CPI की वृद्धि दर को धीमा करने में सबसे बड़ा योगदान दिया है। बैंक ऑफ कनाडा की मौद्रिक नीति और उसके मुख्य उपकरण कनाडा की राजधानी ओटावा में स्थित बैंक ऑफ कनाडा (BoC) देश का केंद्रीय बैंक है, जो ब्याज दरें तय करने और देश की मौद्रिक नीति का संचालन करने के लिए जिम्मेदार है। यह केंद्रीय बैंक वर्ष में आठ बार पूर्व-निर्धारित बैठकों का आयोजन करता है, और आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन बैठकें भी बुला सकता है। बैंक ऑफ कनाडा का प्राथमिक लक्ष्य देश में मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ है महंगाई दर को 1% से 3% के दायरे के भीतर रखना। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक मुख्य रूप से ब्याज दरों को घटाने या बढ़ाने का सहारा लेता है। सामान्यतः, ऊंची ब्याज दरों से कैनेडियन डॉलर को मजबूती मिलती है, जबकि दरों में कटौती से कैनेडियन डॉलर कमजोर होता है। जब अर्थव्यवस्था में असाधारण परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं, तब बैंक ऑफ कनाडा क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) जैसे चरम नीतिगत उपकरणों का उपयोग करता है। QE के तहत केंद्रीय बैंक नई मुद्रा प्रिंट करके वित्तीय संस्थानों से सरकारी या कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसी संपत्तियां खरीदता है ताकि बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ाया जा सके। आमतौर पर इस प्रक्रिया से कैनेडियन डॉलर कमजोर हो जाता है। QE को एक अंतिम उपाय माना जाता है जब केवल ब्याज दरों में कटौती करके मूल्य स्थिरता हासिल करना संभव नहीं होता। बैंक ऑफ कनाडा ने इस नीति का उपयोग 2009 से 2011 के दौरान आए ग्रेट फाइनेंशियल क्राइसिस के समय किया था, जब बैंकों के बीच आपसी अविश्वास के कारण वित्तीय ऋण बाजार पूरी तरह से ठप हो गया था। इसके विपरीत, जब अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगती है और महंगाई बढ़ने लगती है, तब क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। QT के दौरान केंद्रीय बैंक नई संपत्तियां खरीदना बंद कर देता है और अपने पास मौजूद बॉन्ड के परिपक्व होने पर मिलने वाली राशि का दोबारा निवेश नहीं करता। इससे बाजार से नकदी कम होती है और यह प्रक्रिया कैनेडियन डॉलर के लिए सकारात्मक या तेजी (bullish) लाने वाली मानी जाती है। अपनी हालिया जुलाई की बैठक में, बैंक ऑफ कनाडा ने वर्ष 2026 के लिए अपने महंगाई के अनुमान को 2.3% से बढ़ाकर 2.5% कर दिया है और उम्मीद जताई है कि महंगाई दर 2027 की शुरुआत तक अपने 2% के मूल लक्ष्य पर वापस आ जाएगी। मिडिल ईस्ट का भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का समीकरण कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर कैनेडियन डॉलर पर पड़ता है क्योंकि कनाडा एक प्रमुख तेल निर्यातक देश है। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में नए सिरे से भड़के तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता देखी गई है। भू-राजनीतिक मोर्चे पर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि हाल के दिनों में मध्यस्थों के जरिए तेहरान के साथ संदेशों का आदान-प्रदान किया गया है, और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता केवल ईरान के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही की जाएगी। इस बयान के बाद राजनयिक प्रयासों के दोबारा शुरू होने की उम्मीद में कच्चे तेल और अमेरिकी डॉलर पर शुरुआत में कुछ दबाव देखा गया था। हालांकि, यह राहत अधिक समय तक नहीं टिक सकी। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ तत्काल नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर ने अपनी सभी गिरावटों की भरपाई कर ली और मजबूती हासिल कर ली। दूसरी ओर, तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुख रहा, जिसने लूनी पर दोहरी मार की तरह काम किया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल वर्तमान में लगभग $81.00 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो इसके एक महीने के उच्चतम स्तर $84.42 से काफी नीचे है। कच्चे तेल में आई इस गिरावट के कारण कैनेडियन डॉलर को मिलने वाला समर्थन कमजोर हो गया है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों का हाल अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक की ताकत को मापता है, अपने इंट्राडे निचले स्तर 100.65 से उबरने के बाद 100.90 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया है। इस बीच, अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर नजर डालें तो GBP/USD सोमवार को 1.3450 के स्तर से ऊपर स्थिर बना हुआ है, लेकिन इसमें किसी बड़े तेजी के रुझान की कमी दिख रही है। बाजार के खिलाड़ी आने वाले समय में जारी होने वाले यूनाइटेड किंगडम के रोजगार आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दूसरी तरफ, EUR/USD लगातार तीसरे दिन गिरावट का सामना करते हुए 1.1400 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के करीब पहुंच रहा है, जहां यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के ब्याज दरों के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में माने जाने वाले गोल्ड (सोना) पर भी कुछ दबाव देखा जा रहा है, और यह प्रति ट्रॉय औंस $4,000 के स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य संघर्षों से सोने को कुछ समर्थन तो मिल रहा है, लेकिन अमेरिका में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंका डॉलर को मजबूती दे रही है, जिससे सोने की बढ़त सीमित है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार की बात करें तो एथेरियम (ETH) ने पिछले सप्ताह अन्य शीर्ष संपत्तियों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन किया था, लेकिन यह बढ़त अब नाजुक नजर आ रही है। पिछले सप्ताह और बुधवार के बीच ETH ने बिटकॉइन (BTC), XRP और सोलाना के मुकाबले शानदार बढ़त दर्ज की थी, लेकिन व्यापक बाजार में आई हालिया गिरावट के कारण इसमें भी सुधार का दौर देखा जा रहा है। USD/CAD का तकनीकी आउटलुक और महत्वपूर्ण स्तर तकनीकी संकेतकों के आधार पर वर्तमान में USD/CAD का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि यह जोड़ी एक मजबूत और दीर्घकालिक तेजी के रुझान (uptrend) में बनी हुई है। दैनिक चार्ट पर 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) 1.40 के स्तर पर है, जो 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA200) यानी 1.39 के स्तर से ऊपर चल रहा है। इस स्थिति को तकनीकी विश्लेषण में एक 'गोल्डन क्रॉस' कहा जाता है, जो आने वाले समय में और अधिक तेजी का संकेत देता है। वर्तमान मूल्य 1.41 के स्तर पर होने के कारण यह सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है। सापेक्ष शक्ति सूचकांक या Relative Strength Index (RSI) वर्तमान में 52 पर है, जो दर्शाता है कि बाजार में इस समय न तो बहुत अधिक खरीदारी (overbought) हुई है और न ही बहुत अधिक बिकवाली (oversold), जिससे आगे दोनों तरफ के मूवमेंट की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि, MACD सूचक वर्तमान में 0.00 पर अपने सिग्नल लाइन 0.00 के साथ सपाट है और इसका हिस्टोग्राम मामूली मंदी (bearish) का संकेत दे रहा है। बोलिंगर बैंड्स (Bollinger Bands) की सीमाएं 1.40 से 1.43 के बीच फैली हुई हैं, और वर्तमान कीमत इस सीमा के भीतर बनी हुई है, जो बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करती है। 30 के ट्रेंडिंग ADX स्तर के साथ दैनिक उतार-चढ़ाव या ATR लगभग 0.01 पर है। इस जोड़ी के लिए 1.41 का स्तर एक महत्वपूर्ण धुरी बिंदु (pivot) बना हुआ है, जबकि तत्काल सपोर्ट 1.40 पर और मजबूत रेजिस्टेंस 1.42 के स्तर पर देखा जा रहा है। इसका आप पर असर • विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: कनाडा में महंगाई घटने के कारण बैंक ऑफ कनाडा द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावना मजबूत हुई है, जिससे कैनेडियन डॉलर में अल्पावधि में कमजोरी जारी रह सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हूती नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी, जिससे कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं पर सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. कनाडा की महंगाई में जून के दौरान कितनी गिरावट आई है? जून के दौरान कनाडा की हेडलाइन महंगाई दर मासिक आधार पर 0.4% गिरी है, जो दिसंबर 2024 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। 2. बैंक ऑफ कनाडा का पसंदीदा कोर CPI जून में क्या रहा? बैंक ऑफ कनाडा का पसंदीदा कोर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जून में केवल 0.1% बढ़ा, जो मई में दर्ज की गई 0.6% की वृद्धि से काफी कम है। 3. हूती विद्रोहियों के किस कदम से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है? यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ तत्काल नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर में सुधार आया है। 4. USD/CAD के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? USD/CAD के लिए तत्काल तकनीकी सपोर्ट स्तर 1.40 के आसपास और रेजिस्टेंस स्तर 1.42 के आसपास बना हुआ है। https://trendkia.com/market/canada-mein-mahngai-ghatne-aur-us-dollar-majboot-hone-se-usd-cad-mein-uchhal-loonie-par-dabav-badha-9648 TrendKia — Har trend, sabse pehle.