कनाडा में सितंबर के दौरान 68.3K नौकरियां घटने से कनाडाई डॉलर कमजोर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट बढ़ी कनाडा के श्रम बाजार में सितंबर माह में 68.3K नौकरियों की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे कनाडाई डॉलर पर दबाव बढ़ गया है। बॉन्ड यील्ड के अंतर और कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुद्रा नीचे आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर की स्थिति कमजोर बनी हुई है, जहां सितंबर माह के निराशाजनक रोजगार आंकड़ों ने मुद्रा पर गहरा नकारात्मक असर डाला है। विदेशी मुद्रा विनिमय में यूएसडी/सीएडी (USD/CAD) अपनी बढ़त को लगातार आगे बढ़ा रहा है। कनाडा के श्रम बाजार में आई कमजोरी के चलते वहां के नीति निर्माताओं पर ब्याज दरों को लेकर दबाव बना हुआ है, जबकि दूसरी ओर मजबूत अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि पश्चिम एशिया में आपूर्ति जोखिमों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती देखने को मिली है, लेकिन अमेरिका और कनाडा के बीच ब्याज दर प्रतिफल यानी यील्ड का चौड़ा अंतर कच्चे तेल से मिलने वाले संभावित समर्थन पर भारी पड़ रहा है। सितंबर में श्रम बाजार में बड़ी गिरावट और बेरोजगारी में बढ़ोतरी स्टैटिस्टिक्स कनाडा द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में रोजगार संख्या में 68.3K की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से काफी उलट रहा, जो इस अवधि के दौरान 7K रोजगार वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठे थे। यह ताजा गिरावट अगस्त में दर्ज की गई 41.7K नौकरियों के नुकसान के बाद सामने आई है, जिससे लगातार दूसरे महीने श्रम बाजार में संकुचन देखा गया है। रोजगार में इस गिरावट के साथ ही देश की आधिकारिक बेरोजगारी दर 6.4% से बढ़कर 6.5% के स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही श्रम बल भागीदारी दर गिरकर 64.8% रह गई, जो महामारी के असाधारण दौर को छोड़ दें तो दिसंबर 1997 के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट स्पष्ट करती है कि कामकाजी आबादी का एक बड़ा हिस्सा औपचारिक श्रम बाजार से बाहर हो रहा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट और बैंक ऑफ कनाडा के सामने नीतिगत सीमाएं कनाडा के श्रम बाजार में बढ़ती सुस्ती और बैंक ऑफ कनाडा (BoC) के 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य के करीब बनी बुनियादी महंगाई ने केंद्रीय बैंक के लिए नीतिगत चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इन परिस्थितियों ने नीति निर्माताओं के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गुंजाइश को काफी सीमित कर दिया है। रोजगार डेटा सार्वजनिक होते ही कनाडाई सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में तेज गिरावट देखी गई। विशेष रूप से, 2 वर्षीय कनाडाई सरकारी बॉन्ड यील्ड में 8 आधार अंकों यानी बेसिस पॉइंट्स से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह लगभग 3.199% के आसपास आ गई। बॉन्ड बाजार में आई यह नरमी सीधे तौर पर केंद्रीय बैंक द्वारा सख्त मौद्रिक नीति से पीछे हटने की बाजार संभावनाओं को दर्शाती है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का अंतर कनाडाई डॉलर पर भारी दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तर बने रहने के कारण ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूत समर्थन हासिल हो रहा है। अमेरिका की 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.797% के करीब टिकी हुई है, जो अपने कनाडाई समकक्ष की तुलना में लगभग 160 आधार अंक अधिक है। दोनों देशों के बीच यह भारी यील्ड अंतर कनाडाई डॉलर के लिए सबसे बड़ा प्रतिकूल कारक बना हुआ है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति चिंताओं के कारण कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं, सामान्य तौर पर जिससे कनाडाई मुद्रा को मजबूती मिलनी चाहिए थी, लेकिन ब्याज दर अंतर के दबाव के आगे यह तेल समर्थन पूरी तरह बेअसर साबित हुआ है। इसके अलावा फेडरल रिजर्व से मिल रहे तीखे और सख्त नीतिगत संकेत भी अमेरिकी मुद्रा की तेजी को बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। मुद्रा बाजारों की हलचल और वैश्विक संपत्तियों का रुख विदेशी मुद्रा बाजार के विभिन्न जोड़ों में दिन के कारोबार के दौरान महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले कनाडाई डॉलर का प्रदर्शन कमजोर रहा, हालांकि जापानी येन के मुकाबले कनाडाई डॉलर ने तुलनात्मक रूप से सबसे अधिक मजबूती दिखाई। व्यापक मुद्रा बाजार में, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) ने अपने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसे ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक आरबीए (RBA) की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की रात भर की नरमी से सहारा मिला। वहीं जापानी येन के मोर्चे पर, घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने आई गिरावट के बाद यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) 158.00 के स्तर के आसपास बना रहा। हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई गिरावट ने इस जोड़ी की किसी बड़ी गिरावट को सीमित रखा। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली देखी गई और पीली धातु शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गई, जहां मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने धातु की नई बढ़त पर लगाम लगाई। आगामी आर्थिक संकेतकों पर निवेशकों की नजर वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजर अब आगामी महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। बाजार प्रतिभागी अक्टूबर के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स के शुरुआती आंकड़ों के साथ-साथ 1-वर्षीय और 5-वर्षीय मुद्रास्फीति अपेक्षाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका के आगामी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और खुदरा बिक्री के आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ोतरी से जुड़ी अपेक्षाओं को नई दिशा देंगे। वैश्विक स्तर पर, फ्रांस का वित्तीय संकट यूरो और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) पर दबाव बढ़ा रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के रोजगार आंकड़े और ब्रिटेन के आर्थिक आंकड़े क्रमशः आरबीए (RBA) और बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की आगामी नीतिगत चालों की कड़ी परीक्षा लेंगे। इसका आप पर असर कनाडा में रोजगार के कमजोर आंकड़ों और गिरती बॉन्ड यील्ड का सीधा असर मुद्रा विनिमय दरों तथा वैश्विक बॉन्ड बाजारों पर पड़ा है। • मुद्रा विनिमय और प्रेषण पर असर: कनाडा में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और वहां से पैसे भेजने वालों के लिए मुद्रा विनिमय दर प्रभावित होगी। कनाडाई डॉलर कमजोर होने से भारतीय रुपये के मुकाबले प्रेषण मूल्य पर तात्कालिक असर पड़ सकता है। • आयात और यात्रा खर्च: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई डॉलर की कमजोरी से कनाडा जाने वाले पर्यटकों और छात्रों का खर्च बढ़ सकता है। विदेशी मुद्रा में भुगतान करने वाले यात्रियों को विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना होगा। • कच्चे तेल और कमोडिटी बाजार: तेल की बढ़ती कीमतें कनाडाई मुद्रा को सहारा देने में नाकाम रही हैं, जिससे कमोडिटी से जुड़े कारोबारियों को सतर्क रहना होगा। ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों को मुद्रा विनिमय दरों के मुकाबले केवल तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। • ब्याज दर और निवेश प्रतिफल: अमेरिका और कनाडा के बीच यील्ड का बड़ा अंतर वैश्विक निवेशकों को अमेरिकी संपत्तियों की ओर आकर्षित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड फंडों में निवेश करने वालों को अपनी परिसंपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ कनाडा के श्रम बाजार में सितंबर माह के दौरान आई अप्रत्याशित गिरावट और मुद्रा पर बढ़ते दबाव के पीछे मुख्य रूप से घरेलू आर्थिक सुस्ती और दो प्रमुख देशों के बीच बढ़ता ब्याज दर अंतर जिम्मेदार है। • श्रम बाजार में संकुचन: सितंबर में 68.3K नौकरियों की शुद्ध कमी और अगस्त में 41.7K नुकसान ने नौकरियों के बाजार में लगातार सुस्ती पैदा की है। इस गिरावट के कारण बेरोजगारी दर 6.5% तक चढ़ गई और कार्यबल भागीदारी दर कई दशकों के निचले स्तर 64.8% पर आ गई। • बॉन्ड यील्ड का भारी अंतर: अमेरिका की 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.797% के आसपास बनी हुई है, जो कनाडाई यील्ड से लगभग 160 आधार अंक अधिक है। इस बड़े यील्ड अंतर ने पूंजी को अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया और कनाडाई डॉलर को कमजोर बना दिया। • केंद्रीय बैंक की नीतिगत सीमाएं: बैंक ऑफ कनाडा के 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य के करीब महंगाई रहने और श्रम बाजार में कमजोरी के कारण ब्याज दरें बढ़ाने की गुंजाइश सीमित हो गई है। इसके चलते कनाडाई बॉन्ड यील्ड में 8 आधार अंकों से अधिक की गिरावट आई। सवाल-जवाब 1. सितंबर में कनाडा में कितनी नौकरियां घटीं? सितंबर महीने में कनाडा में कुल 68.3K नौकरियों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अर्थशास्त्रियों को 7K नौकरियों की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। 2. कनाडा की वर्तमान बेरोजगारी दर और श्रम बल भागीदारी दर क्या है? कनाडा की बेरोजगारी दर बढ़कर 6.5% हो गई है, जबकि श्रम बल भागीदारी दर गिरकर 64.8% पर पहुंच गई है। 3. कनाडाई बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कितना अंतर है? कनाडा की 2 वर्षीय बॉन्ड यील्ड लगभग 3.199% है, जबकि अमेरिकी 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.797% पर है, जिससे दोनों में करीब 160 आधार अंकों का अंतर है। 4. क्या कच्चे तेल की कीमतों ने कनाडाई डॉलर को सहारा दिया? मध्य पूर्व आपूर्ति जोखिमों के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहीं, लेकिन अमेरिका-कनाडा बॉन्ड यील्ड का बड़ा अंतर इस तेल समर्थन पर भारी पड़ गया। 5. सोने की कीमतों का ताजा स्तर क्या रहा? सप्ताह के उच्च स्तर को छूने के प्रयास के बाद सोने की कीमतें शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गईं। https://trendkia.com/market/canada-men-sitnbara-ke-daurana-68-3k-naukariyan-ghatane-se-canadian-dollar-kamajora-us-dollar-ke-mukabale-giravata-barhi-45558 TrendKia — Har trend, sabse pehle.