अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर में सीमित दायरे में कारोबार, तेजी का रुझान बरकरार कैनेडियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, हालांकि कमोडिटी मार्केट में तेजी के चलते इसके फेयर वैल्यू मॉडल में मजबूती बनी हुई है। बाजार अब अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर नजर गड़ाए हुए हैं। कमोडिटी बाजार में जारी मजबूती और कच्चे तेल के दामों में उछाल के बीच कैनेडियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि बॉन्ड यील्ड और इंटरेस्ट रेट स्प्रेड में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों को लेकर बाजार में हल्की सुस्ती और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतों में सुधार से कैनेडियन टर्म्स ऑफ ट्रेड को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है, जिसका पूरा असर अभी कैनेडियन डॉलर की मौजूदा चाल पर नहीं दिखा है। फेयर वैल्यू मॉडल और वैल्यूएशन गैप की स्थिति बाजार में हाजिर कीमतें भले ही एक दायरे में सिमटी हुई नजर आ रही हों, लेकिन फेयर वैल्यू मॉडल लगातार कैनेडियन डॉलर की स्थिति मजबूत होने का संकेत दे रहा है और यह स्तर 1.3700 परsettle हुआ है। हाजिर कीमत मॉडल के संतुलन के आसपास ही बनी हुई है, हालांकि इसमें हालिया समय में थोड़ा बड़ा विचलन देखा गया है जो पिछले करीब एक महीने में सबसे बड़ा वैल्यूएशन गैप है। इस बड़े अंतर का मतलब यह है कि जब तक कोई नया आर्थिक उत्प्रेरक या ट्रिगर सामने नहीं आता, तब तक कैनेडियन डॉलर के मौजूदा दायरे से बाहर जाने की संभावना काफी सीमित है। तकनीकी रुझान और डॉलर पर बिकवाली का दबाव अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक तकनीकी संकेतकों के अध्ययन से यह साफ होता है कि मोमेंटम अभी भी अमेरिकी डॉलर के लिहाज से मंदी वाला बना हुआ है। इसका मतलब यह है कि अमेरिकी डॉलर में अगर कोई भी मामूली बढ़त देखने को मिलती है, तो निवेशक वहां बिकवाली का रुख अपना सकते हैं। डॉलर के लिए 1.3715 से 1.3535 के बीच मजबूत समर्थन स्तर देखा जा रहा है, जिसके बाद कीमतों में गिरावट आकर 1.3500 से 1.3550 के क्षेत्र में लौटने की उम्मीद है। तकनीकी दृष्टिकोण से अमेरिकी डॉलर में तेजी के शुरुआती संकेत जरूर मिल रहे हैं, लेकिन व्यापक रुझान अभी भी डॉलर के खिलाफ ही झुके हुए हैं। प्रमुख करंसी जोड़ियों और ग्लोबल मार्केट्स का हाल एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर से गुजर रही है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के चलते ऑस्ट्रेलियन डॉलर 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है। इसके विपरीत, फेडरल रिजर्व की तरफ से अधिक आक्रामक रुख अपनाने की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिल रहा है। USD/JPY जोड़ी भी एशियाई सत्र में 153.50 से ऊपर स्थिर है, लेकिन बैंक ऑफ जापान की नीतियों में बदलाव की अटकलों के कारण यह इस सप्ताह के शुरुआती सात महीने के निचले स्तर के करीब ही बनी हुई है। कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों में इस हफ्ते लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने तथा ट्रेजरी यील्ड में जबरदस्त रिकवरी के बाद यह प्रमुख 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आंकड़े से नीचे फिसल गया है। दूसरी ओर, सोलाना आधारित डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज रेडियम में मजबूत तेजी का दौर देखा जा रहा है और नए टोकन लॉन्च होने के कारण इसकी नेटवर्क गतिविधि में जोरदार उछाल आया है। रेडियम ने रविवार से अपनी रैली को आगे बढ़ाते हुए लगभग 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है और ओवरबॉट स्थिति होने के बावजूद इसका तकनीकी आउटलुक 1.50 डॉलर की ओर संभावित तेजी का संकेत दे रहा है. इसका आप पर असर फॉरेक्स और मुद्रा बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर आयात-निर्यात करने वाले व्यवसायों और विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने वाले निवेशकों पर पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से आयातित सामानों, कच्चे तेल और डॉलर आधारित व्यापार की लागत पर सीधा असर पड़ता है। • ग्लोबल बाजार में: अमेरिकी डॉलर और कैनेडियन डॉलर के बीच मूल्य के अंतर से निवेशकों की वैश्विक पोर्टफोलियो रणनीतियों और कमोडिटी आधारित मुद्राओं की दिशा तय होती है। • निवेशकों के लिए: मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों से पहले फॉरेक्स ट्रेडर्स को अपने पोजीशन में जोखिम प्रबंधन का खास ध्यान रखना चाहिए। • ऊर्जा बाजार पर असर: कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती सीधे तौर पर कैनेडियन अर्थव्यवस्था और उसकी मुद्रा की सेहत को प्रभावित करती है। ऐसा क्यों हुआ फॉरेक्स बाजार में मुद्राओं के उतार-चढ़ाव के पीछे केंद्रीय बैंकों की नीतियां, कमोडिटी की कीमतें और व्यापक आर्थिक आंकड़े मुख्य वजह होते हैं। • कमोडिटी की कीमतें: कच्चे तेल और अन्य वैश्विक कमोडिटी में मजबूती आने से कैनेडियन डॉलर के फेयर वैल्यू मॉडल को सपोर्ट मिला है। • मुद्रास्फीति के आंकड़े: अमेरिका से आने वाले आगामी इन्फ्लेशन डेटा और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अटकलें डॉलर की चाल तय कर रही हैं। • तकनीकी मोमेंटम: तकनीकी अध्ययन संकेत देते हैं कि अमेरिकी डॉलर के खिलाफ बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिससे इसकी चाल सीमित दायरे में है। सवाल-जवाब 1. कैनेडियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? कैनेडियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और इसका फेयर वैल्यू मॉडल 1.3700 पर सेट हुआ है। 2. कच्चे तेल की कीमतों का कैनेडियन डॉलर पर क्या असर पड़ रहा है? मजबूत हो रहे कच्चे तेल के दाम कैनेडियन टर्म्स ऑफ ट्रेड को अतिरिक्त समर्थन दे रहे हैं। 3. अमेरिकी डॉलर के लिए प्रमुख समर्थन स्तर क्या हैं? अमेरिकी डॉलर के लिए 1.3715 से 1.3735 के बीच समर्थन स्तर है, जिसके बाद कीमत 1.3500 के क्षेत्र की ओर आ सकती है। 4. सोने की कीमतों में हालिया गिरावट की क्या वजह है? मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में जोरदार रिकवरी के चलते सोना 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसल गया है। 5. रेडियम क्रिप्टो में हाल ही में कितनी तेजी आई है? सोलाना आधारित एक्सचेंज रेडियम ने लगभग 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है और यह रविवार से अपनी 41 प्रतिशत की रैली को आगे बढ़ा रहा है। https://trendkia.com/market/canadian-dollar-men-simita-dayare-men-karobara-teji-ka-rujhana-barakarara-31080 TrendKia — Har trend, sabse pehle.