अमेरिकी डॉलर में गिरावट और कच्चे तेल में उछाल से कनाडाई डॉलर लगातार चौथे हफ्ते मजबूत, मई के मध्य के बाद के निचले स्तर पर पहुंचा USD/CAD अमेरिकी ट्रेजरी के लिक्विडिटी बायबैक फैसले और कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई है। वहीं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बेहतर रिटेल आंकड़ों के दम पर कनाडाई डॉलर लगातार चौथे हफ्ते मजबूती की ओर बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त को बरकरार रखा है, जिससे USD/CAD करेंसी पेयर मई के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर तक गिर गया है। विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर लगातार चौथे सप्ताह सकारात्मक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों में कमी, संस्थागत विश्वसनीयता पर उठते सवाल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कमजोर आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, कनाडा के मजबूत रिटेल बिक्री आंकड़ों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने कनाडाई डॉलर, जिसे लूनी भी कहा जाता है, को जबरदस्त समर्थन प्रदान किया है। अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले और संस्थागत चिंताओं से डॉलर पस्त अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक के मूल्य को मापता है, 98.75 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो लगभग तीन महीने का निचला स्तर है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित एक अप्रत्याशित कदम के बाद डॉलर पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया। ट्रेजरी विभाग ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता वाली लंबी अवधि की सरकारी प्रतिभूतियों के लिए अपनी लिक्विडिटी सहायता बायबैक सीमा को दोगुना करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है। यह निर्णय 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। बाजार विशेषज्ञों और टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की धारणा में पहले से ही बदलाव के संकेत दिख रहे थे। जुलाई महीने में सुस्त CPI मुद्रास्फीति और नकारात्मक रिटेल आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर की मंदी की राह पहले से तय मानी जा रही थी। हालांकि, ट्रेजरी बायबैक घोषणा के बाद अमेरिकी संस्थागत साख पर बढ़ती चिंताओं और वित्तीय दमन के जोखिम ने डॉलर में चल रही मौजूदा मंदी की प्रवृत्ति को और मजबूत कर दिया है। बाजार प्रतिभागी अब फेड द्वारा भविष्य में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाओं को कम मान रहे हैं। कच्चे तेल में तेजी और अमेरिकी टैरिफ पर अस्थायी विराम कनाडा एक प्रमुख कच्चा तेल निर्यातक देश है, इसलिए वैश्विक तेल बाजार के उतार-चढ़ाव का कनाडाई डॉलर की विनिमय दर पर सीधा और गहरा असर पड़ता है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक गतिरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड तेल लगभग $86.70 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है और इस सप्ताह 6% से अधिक की साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की ओर बढ़ रहा है। ऊंचा क्रूड मूल्य कनाडाई अर्थव्यवस्था और उसकी मुद्रा के लिए बेहद अनुकूल पृष्ठभूमि तैयार करता है। इसके अतिरिक्त, व्यापारिक मोर्चे पर मिले सकारात्मक संकेतों ने भी लूनी की विनिमय दर को सहारा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा से होने वाले आयात पर प्रस्तावित 50% टैरिफ पर तीन दिनों के अस्थायी विराम की घोषणा की गई है। इस अल्पकालिक राहत से दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कुछ हद तक कम हुआ है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कनाडा के रिटेल आंकड़े और अमेरिकी PMI डेटा पर नजर आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर, कनाडा के सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जून महीने में रिटेल बिक्री में 0.6% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार के 0.4% अनुमान से बेहतर रही। ऑटोमोबाइल बिक्री को हटाकर देखें तो कोर रिटेल बिक्री 0.5% बढ़ी, जिसने 0.4% के पूर्वानुमान को पार कर लिया। यद्यपि ये दोनों आंकड़े पिछले महीने की तुलना में थोड़े कम रहे हैं, फिर भी अनुमान से बेहतर रहने के कारण इन्होंने कनाडाई डॉलर की मांग को मजबूती प्रदान की है। अब विदेशी मुद्रा व्यापारी अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार की निगाहें अगस्त महीने के प्रारंभिक एसएंडपी ग्लोबल परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो अमेरिकी ट्रेडिंग घंटों के दौरान जारी होने वाली है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त में अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में हल्की सुस्ती आ सकती है। मैन्युफैक्चरिंग PMI के जुलाई के 53.9 से घटकर 53.8 रहने और सर्विसेज PMI के पिछले महीने के 54.6 से घटकर 54.0 पर आने की संभावना जताई गई है। बैंक ऑफ कनाडा की नीतियां और कनाडाई डॉलर के प्रमुख चालक कनाडाई डॉलर के मूल्य को नियंत्रित और प्रभावित करने में बैंक ऑफ कनाडा (BoC) की केंद्रीय भूमिका होती है। बैंक ऑफ कनाडा वाणिज्यिक बैंकों के बीच अल्पकालिक उधार दरों को तय करता है, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों का स्तर निर्धारित होता है। केंद्रीय बैंक का प्राथमिक लक्ष्य मुद्रास्फीति को 1% से 3% के लक्षित दायरे में बनाए रखना है। जब बैंक ऑफ कनाडा ब्याज दरें बढ़ाता है, तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक उच्च रिटर्न की तलाश में कनाडाई संपत्तियों में निवेश करते हैं, जिससे कनाडाई डॉलर की मांग और विनिमय दर बढ़ती है। इसके विपरीत, क्वांटिटेटिव ईजिंग मुद्रा के लिए नकारात्मक और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग सकारात्मक साबित होती है। कच्चा तेल कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर व्यापार संतुलन (Trade Balance) को सकारात्मक बनाती हैं। जब निर्यात का मूल्य आयात से अधिक होता है, तो देश का व्यापार अधिशेष बढ़ता है और स्थानीय मुद्रा मजबूत होती है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार की धारणा भी अहम भूमिका निभाती है। जब निवेशक जोखिम लेने के लिए तैयार होते हैं (Risk-on sentiment), तो वे कनाडाई डॉलर जैसी विकास-उन्मुख मुद्राओं की ओर रुख करते हैं। चूंकि अमेरिका कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, इसलिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य भी कनाडाई मुद्रा की दिशा तय करता है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और कीमती धातुओं का हाल अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का असर दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ब्रिटेन के मजबूत PMI आंकड़ों के बाद GBP/USD पेयर 1.3670 के स्तर को पार कर फरवरी के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, हालांकि बाद में यह 1.3650 के नीचे कारोबार करता दिखा। इसी प्रकार, EUR/USD पेयर यूरोपीय सत्र के दौरान तेजी दिखाने के बाद 1.1700 के नीचे समायोजित हुआ, हालांकि जर्मनी और यूरोजोन के मिश्रित PMI आंकड़ों के बावजूद डॉलर की व्यापक कमजोरी के कारण इसमें स्थिरता बनी हुई है। सोन भी लगातार मजबूत हो रहा है और शुक्रवार को कीमती धातुओं के खरीदार $4,600 के प्रतिरोध स्तर का परीक्षण करने का प्रयास कर रहे हैं, जो पिछले छह महीनों के ट्रेडिंग रेंज का ऊपरी स्तर है। यूएस ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद के लिए तरलता बढ़ाने के फैसले से डॉलर में आई बिकवाली ने सोने को बल प्रदान किया है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी तेजी का रुख विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी शुक्रवार को तेजी का माहौल बना हुआ है। मुख्य क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) $77,000 के स्तर से ऊपर निकल गया है। अन्य प्रमुख ऑल्टकॉइन्स भी बिटकॉइन के सकारात्मक रुझान का अनुसरण कर रहे हैं, जिसमें इथेरियम (ETH) $2,400 के करीब और रिपल (XRP) $1.35 के आसपास कारोबार कर रहा है। डॉलर में गिरावट और वैश्विक तरलता में वृद्धि के संकेतों से डिजिटल संपत्तियों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में: अमेरिकी डॉलर कमजोर होने से विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर, यूरो और पाउंड मजबूत हो रहे हैं। निवेशकों के लिए: कच्चे तेल और सोने में तेजी से कमोडिटी निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है, जबकि डॉलर में कमजोरी से ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। सवाल-जवाब 1. USD/CAD करेंसी पेयर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक दोगुना करने की घोषणा और अमेरिका के सुस्त आर्थिक आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई है, जिससे USD/CAD मई के मध्य के बाद के निचले स्तर पर आ गया है। 2. कच्चे तेल की कीमतों का कनाडाई डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ता है? कच्चा तेल कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है। जब कच्चे तेल की कीमतें (WTI $86.70) बढ़ती हैं, तो कनाडाई डॉलर की मांग और उसकी विनिमय दर में मजबूती आती है। 3. अमेरिकी ट्रेजरी ने बायबैक योजना में क्या बदलाव किया है? यूएस ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की लंबी अवधि की सरकारी प्रतिभूतियों की लिक्विडिटी सहायता बायबैक सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया है। 4. जून महीने में कनाडा के रिटेल बिक्री आंकड़े कैसे रहे? कनाडा की जून रिटेल बिक्री में 0.6% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 0.4% के बाजार अनुमान से अधिक रही। https://trendkia.com/market/canadian-dollar-ne-us-dollar-ke-mukabale-banai-barhata-4-haphton-ki-teji-ki-raha-para-19726 TrendKia — Har trend, sabse pehle.