कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर मजबूत लार्सक द्वीप पर अमेरिकी हमलों और कच्चे तेल के दामों में उछाल के चलते कैनेडियन डॉलर को समर्थन मिल रहा है, हालांकि फेडरल रिजर्व के रुख से डॉलर मजबूत बना हुआ है। सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान यूएसडी/सीएडी जोड़ी घटकर लगभग 1.3890 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे कमोडिटी से जुड़े कैनेडियन डॉलर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कुछ हद तक समर्थन प्राप्त हुआ है। बाजार के निवेशकों की नजरें अब शुक्रवार को अमेरिका और कनाडा से आने वाले रोजगार के महत्वपूर्ण आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। ईरान के ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई और तेल बाजार का हाल अमेरिकी अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने ईरान के लार्सक द्वीप पर स्थित दो लॉन्चर्स को निशाना बनाकर हमले किए। जुलाई के अंत के बाद से ईरान की भूमि पर यह पहली ज्ञात अमेरिकी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है, जिसकी पुष्टि बीबीसी द्वारा भी की गई है। इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल के दाम प्रभावित हुए हैं, जिसका सीधा असर कमोडिटी-संवेदनशील मुद्राओं पर देखने को मिल रहा है। कनाडाई अर्थव्यवस्था और बैंक ऑफ कनाडा की नीतियां स्कोटियाबैंक के रणनीतिकारों का कहना है कि हाल ही में जारी किए गए कनाडाई आंकड़े लगातार उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि मजबूत डेटा को पहले ही कैनेडियन डॉलर की चाल में शामिल माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में घरेलू आंकड़े आम तौर पर अनुमानों से बेहतर रहे हैं। इसके बावजूद, उनका मानना है कि आगामी विकास के आंकड़े अल्पावधि में कैनेडियन डॉलर के लिए सकारात्मक रुख को थोड़ा और बढ़ा सकते हैं, जिससे व्यापक आर्थिक स्थिति में किसी बड़े बदलाव के बिना मुद्रा को जमीनी स्तर पर समर्थन मिलता रहेगा। कैनेडियन डॉलर को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में बैंक ऑफ कनाडा द्वारा निर्धारित ब्याज दरों का स्तर, कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद यानी तेल का मूल्य, देश की अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य, महंगाई और व्यापार संतुलन शामिल हैं। व्यापार संतुलन से तात्पर्य कनाडा के कुल निर्यात और आयात के मूल्य के अंतर से है। इसके अलावा, बाजार की धारणा भी अहम भूमिका निभाती है, जिसमें निवेशक जोखिम भरे परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं या सुरक्षित ठिकानों की तलाश करते हैं। फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख और वैश्विक मुद्रा बाजार फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श ने हाल ही में अधिक आक्रामक यानी हॉकिश संदेश दिया है, जिससे मूल्य स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उनका यह जोर कि फेड को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि मूल मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, यह दर्शाता है कि यदि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की दिशा में प्रगति धीमी पड़ती है, तो केंद्रीय बैंक आगे भी ब्याज दरों में सख्ती जारी रख सकता है। इसी बीच, वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड, यूरो और सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड साप्ताहिक सुधार के दौर से गुजरते हुए शुक्रवार को 1.3530 के क्षेत्र के करीब आ गया, जबकि यूरो में भी गिरावट दर्ज की गई और वह सप्ताह के अंत में 1.1600 के स्तर से नीचे आ गया। दूसरी ओर, सोने की कीमतें एशियाई सत्र में घटकर 4,400 डॉलर के आसपास पहुंच गईं, क्योंकि फेड अध्यक्ष के बयानों को आक्रामक माना गया और सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हुईं। तकनीकी स्तर और मूल्य सीमा तकनीकी मोर्चे पर, यदि मुद्रा जोड़ी ऊपर की ओर बढ़ती है, तो शुरुआती बाधा 20-दिवसीय बोलिंगर एसएमए मध्य बैंड 1.3900 पर है, इसके बाद 100-दिवसीय एसएमए 1.3915 पर और 20-दिवसीय बोलिंगर ऊपरी बैंड 1.4045 के पास एक अधिक मजबूत दीवार मौजूद है। नीचे की ओर, अगली महत्वपूर्ण सपोर्ट लाइन 20-दिवसीय बोलिंगर निचली बैंड के आसपास 1.3750 पर है, जहां यदि मौजूदा नरमी गहराती है तो खरीदार बाजार में प्रवेश कर सकते हैं। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव का असर आयातित वस्तुओं, ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पड़ सकता है। • भारत में: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से घरेलू स्तर पर ईंधन और ऊर्जा के आयात बिल पर असर पड़ सकता है। • वैश्विक स्तर पर: अमेरिकी डॉलर और कैनेडियन डॉलर के बीच विनिमय दर में बदलाव से वैश्विक व्यापार और जिंस बाजारों में निवेश की रणनीतिक योजना प्रभावित होती है। • निवेशकों के लिए: मुद्रा जोड़े में पोजीशन बनाते समय तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों के साथ-साथ केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर करीबी नजर रखनी चाहिए। • व्यापारिक दृष्टिकोण से: आगामी रोजगार आंकड़ों और आर्थिक रिपोर्टों के जारी होने से बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. सोमवार को एशियाई सत्र में यूएसडी/सीएडी जोड़ी किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी? यूएसडी/सीएडी जोड़ी घटकर लगभग 1.3890 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी। 2. ईरान के लार्सक द्वीप पर किसने और कब हमले किए? अमेरिकी बलों ने रविवार को ईरान के लार्सक द्वीप पर दो लॉन्चर्स को निशाना बनाकर हमले किए। 3. कनाडाई अर्थव्यवस्था को लेकर स्कोटियाबैंक के रणनीतिकारों का क्या कहना है? उनका कहना है कि हालिया कनाडाई आंकड़े लगातार उम्मीदों से बेहतर रहे हैं, जिससे मजबूत डेटा का असर मुद्रा पर पहले से ही शामिल माना जा रहा है। 4. कैनेडियन डॉलर को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कौन-से हैं? बैंक ऑफ कनाडा की ब्याज दरें, तेल की कीमतें, देश की अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य, महंगाई और व्यापार संतुलन इसके प्रमुख कारक हैं। 5. फेडरल रिजर्व के किस अधिकारी ने आक्रामक मौद्रिक संदेश दिया? फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श ने हाल ही में एक अधिक हॉकिश संदेश दिया। https://trendkia.com/market/canadian-dollar-strengthens-against-greenback-amid-rising-oil-prices-24829 TrendKia — Har trend, sabse pehle.