कनाडाई डॉलर का हाल, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फेयर वैल्यू के करीब कारोबार कनाडाई डॉलर में हालिया व्यापारिक हलचल के बीच यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी फेयर वैल्यू के करीब बना हुआ है, जबकि बाजार में तेल की कीमतों और अन्य वैश्विक कारकों का असर भी दिख रहा है। कनाडाई डॉलर के लिए हालिया कारोबारी सत्र काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। टैरिफ, जवाबी टैरिफ और कई अन्य व्यापारिक फैसलों के बीच बाजार में सुगबुगाहट बनी हुई है, हालांकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से यह राहत भरा संकेत भी सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला अभी थमा नहीं है और वार्ताओं का दौर जारी है। टैरिफ लागू होने की समयसीमा और कूलिंग-ऑफ पीरियड व्यापार मोर्चे पर स्थिति को समझें तो कनाडा की तरफ से जवाबी टैरिफ कार्रवाई सितंबर के शुरुआती दिनों से पहले प्रभावी नहीं होने जा रही है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका की तरफ से सभी ऑटोमोबाइल वाहनों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर 50 प्रतिशत तक के भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी जनवरी से पहले लागू नहीं होगी। इन दोनों ही मामलों में एक तयशुदा कूलिंग-ऑफ पीरियड या राहत अवधि मौजूद है, जो फौरी तौर पर किसी बड़े टकराव को टालने का काम कर रही है। कनाडाई मुद्रा में हल्की नरमी और तेल की कीमतें मौजूदा सत्र की शुरुआत में कनाडाई डॉलर मामूली रूप से कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आ रहा है। हालांकि इस मामूली गिरावट के पीछे व्यापारिक चिंताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई नरमी का भी बड़ा हाथ हो सकता है। कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल के भाव घटने का सीधा असर कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं जैसे कनाडाई डॉलर पर देखने को मिलता है। फ्रंट-एंड स्प्रेड और फेयर वैल्यू का गणित बाजार के तकनीकी पहलुओं पर नजर डालें तो सत्र के दौरान फ्रंट-एंड स्प्रेड में बहुत ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है और समग्र जोखिम का माहौल सकारात्मक बना हुआ है। वर्तमान में हाजिर भाव यानी स्पॉट उसी स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है जिसे विश्लेषकों का फेयर वैल्यू अनुमान 1.3842 बताता है। यदि निकट भविष्य में व्यापारिक माहौल में कोई बहुत बड़ी और अचानक गिरावट नहीं आती है, तो कनाडाई डॉलर पर पड़ने वाला दबाव सीमित दायरे में ही बना रह सकता है। तकनीकी रुझान और न्यूट्रल आउटलुक तकनीकी मोर्चे पर रुख फिलहाल न्यूट्रल बना हुआ है। हाजिर कीमत थोड़ा संभलकर 200-दिवसीय मूविंग एवरेज यानी 1.3843 से हल्की ऊपर पहुंच गई है, लेकिन अमेरिकी डॉलर में आई रिकवरी के बाद भी बड़ा तकनीकी परिदृश्य लगभग वैसा ही है। जून के आखिरी हफ्ते से चला आ रहा डाउनट्रेंड अभी भी कायम है, जबकि दैनिक और साप्ताहिक ट्रेंड ऑसिलेटर मंदी का संकेत दे रहे हैं। विदेशी मुद्रा बाजारों में व्यापक हलचल व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में भी कई तरह के समीकरण बनते-बिगड़ते दिख रहे हैं। ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर के जोड़े में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा और यह 1.3600 के ऊपर एक संकरे दायरे में उतार-चढ़ाव कर रहा है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के आकलन के बीच अमेरिकी डॉलर में स्थिरता आई है, जबकि कूटनीतिक कोशिशें भी फिर से गति पकड़ रही हैं। ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि पाकिस्तान ईरान के सामने घेराबंदी खत्म करने और मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत प्रतिबंध हटाने के प्रस्ताव को आगे बढ़ा रहा है। अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर का जोड़ा रिकवरी की रफ्तार पकड़ने में संघर्ष कर रहा है और मंगलवार के दूसरे सत्र में यह 1.1700 के नीचे कारोबार कर रहा है। मध्य पूर्व के घटनाक्रमों को देखते हुए बाजार में सतर्क रुख बना हुआ है, जिसका फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी आर्थिक कैलेंडर के तहत आज अगस्त महीने के उपभोक्ता भावना डेटा पर भी निवेशकों की नजर टिकी हुई है। कमोडिटी बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ती दिखी है और एशियाई सत्र में 4,697 डॉलर के नए तीन महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद मंगलवार को सोने में गिरावट दर्ज की गई। हालिया तेजी के बाद आरएसआई के ओवरबॉट जोन में पहुंच जाने के कारण कारोबारी मुनाफावसूली करते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन ने मजबूती दिखाते हुए 80,000 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है। मई के मध्य के बाद से यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है, जो निवेशकों की जोखिम लेने की बेहतर होती क्षमता और सुधरती तरलता को दर्शाता है। कॉर्पोरेट कमाई और अमेरिकी ट्रेजरी के कदम अमेरिकी शेयर बाजार में एसएंडपी 500 कंपनियों के लिए साल 2026 की दूसरी तिमाही का अर्निंग सीजन लगभग समाप्त होने को है, और रिपोर्टिंग चक्र काफी सकारात्मक रहा है। हालांकि इस हफ्ते सभी की निगाहें दिग्गज टेक कंपनी एनवीडिया पर टिकी हैं, जिसके वित्तीय नतीजे मैग्नीफिसेंट सेवन समूह के अर्निंग सीजन का समापन करेंगे। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपने कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया। ट्रेजरी ने 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टरों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को दोगुना करने का ऐलान किया है, जिससे प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को कम से कम 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। इसका आप पर असर भारत में: वैश्विक स्तर पर कमोडिटी और करंसी बाजार में होने वाले इन उतार-चढ़ाव का असर विदेशी व्यापार, आयातित जिंसों की कीमतों और भारतीय रुपए के विनिमय मूल्य परोक्ष रूप से पड़ सकता है। व्यापार और निवेश: फॉरेक्स और कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को वैश्विक टैरिफ वार्ताओं और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत कदमों पर करीबी नजर रखनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. कनाडाई डॉलर वर्तमान में किस फेयर वैल्यू के आसपास कारोबार कर रहा है? कनाडाई डॉलर इस समय लगभग 1.3842 की फेयर वैल्यू के आसपास कारोबार कर रहा है। 2. कनाडा और अमेरिका के बीच टैरिफ लागू होने की समयसीमा क्या है? कनाडा की जवाबी टैरिफ कार्रवाई सितंबर की शुरुआत में और अमेरिका के ऑटो व स्टील टैरिफ जनवरी में लागू होने हैं। 3. कनाडाई डॉलर में हालिया नरमी की मुख्य वजह क्या है? कनाडाई डॉलर में आई हल्की नरमी की मुख्य वजह व्यापारिक चिंताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट है। 4. अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक ऑपरेशन में क्या बदलाव किया गया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष के सेक्टरों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस की अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। https://trendkia.com/market/canadian-dollar-trades-near-fair-value-against-us-dollar-amid-trade-headwinds-21928 TrendKia — Har trend, sabse pehle.