मध्य और पूर्वी यूरोपीय बाज़ारों में पोलिश ज़्लॉटी पर भारी दबाव, यूरोज़ोन से लेकर एशियाई कारोबार तक करेंसी और बुलियन में उथल-पुथल मध्य और पूर्वी यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं में पीएमआई आंकड़ों से मजबूती के संकेत मिलने के बावजूद पोलिश ज़्लॉटी पर राजनीतिक उठापटक और नरम मौद्रिक रुख का दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, जापानी येन, सोना और कार्डानो भी नए अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों व चुनावों के बीच सीमित दायरे और गिरावट में फंसे हैं। मध्य और पूर्वी यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं में कारोबारी गतिविधियों के आंकड़े मिले-जुले लेकिन मोटे तौर पर लचीले बने हुए हैं, इसके बावजूद पोलैंड की मुद्रा ज़्लॉटी अपने क्षेत्रीय साथियों की तुलना में सबसे कमज़ोर स्थिति का सामना कर रही है। यूरो और पोलिश ज़्लॉटी का विनिमय अनुपात यानी EUR/PLN नए उच्च स्तरों को छू रहा है। इसके पीछे सप्ताहांत की राजनीतिक हलचलें, देश का बड़ा राजकोषीय घाटा और नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड की तरफ से नरम मौद्रिक नीति अपनाए जाने की प्रबल संभावना प्रमुख वजहें बनकर उभरी हैं। इसी बीच वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग फैसलों के कारण ऑस्ट्रेलिया से लेकर जापान और सोने से लेकर क्रिप्टो बाज़ार तक कई परिसंपत्तियां दबाव में दिखाई दे रही हैं। पोलिश ज़्लॉटी पर बढ़ता दबाव और मध्य-पूर्वी यूरोप का आर्थिक परिदृश्य क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं के हालिया परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों ने समग्र रूप से मजबूत आर्थिक स्थिति की पुष्टि की है। चेक गणराज्य और हंगरी के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े पीएमआई संकेतकों में स्पष्ट तेजी दर्ज की गई है, जबकि पोलैंड में भी सुधार के लक्षण दिखे हैं। इसके विपरीत रोमानिया की आर्थिक रफ्तार में कुछ नरमी आई है। यदि तुर्की को छोड़ दिया जाए, तो क्षेत्र के लगभग सभी देशों के पीएमआई स्तर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव शुरू होने से पहले की स्थिति से कहीं अधिक बेहतर और ऊंचे बने हुए हैं। इस सकारात्मक क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के बावजूद पोलिश ज़्लॉटी पर बिकवाली का रुख हावी है। सप्ताहांत में सामने आए राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद मुद्रा बाज़ार में पोलिश मुद्रा के मुकाबले यूरो ने नई ऊंचाइयां छुईं। आईएनजी के रणनीतिकार फ्रांतिसेक ताबोरस्की के आकलन के अनुसार, ये घटनाक्रम ज़्लॉटी के लिए मंदी के दबाव को और तेज कर रहे हैं, जिससे इसमें आगे और गिरावट आने की पूरी संभावना दिखाई देती है। पोलैंड के केंद्रीय बैंक, नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड की इस सप्ताह होने वाली बैठक में ब्याज दरों के प्रति नरम रुख अपनाए जाने का अनुमान है। यही कारण है कि विश्लेषक ज़्लॉटी को मध्य और पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र की सबसे कमज़ोर कड़ी मान रहे हैं और EUR/PLN के 4.420 के स्तर से ऊपर टिकने की उम्मीद जता रहे हैं। ऊर्जा कीमतें, भारी राजकोषीय घाटा और वैश्विक चुनौतियां यूरोपीय बाज़ारों के लिए अंतरराष्ट्रीय हालात भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऊर्जा की ऊंची लागत स्थानीय मुद्राओं की रिकवरी को सीमित कर रही है, हालांकि कुछ सत्रों में ऊर्जा के दामों में आंशिक सुधार दर्ज हुआ है। पोलैंड के आंतरिक मोर्चे पर सबसे बड़ी चिंता उसका सार्वजनिक वित्त घाटा है, जो पूरे यूरोपीय संघ में सबसे अधिक स्तर पर पहुंच चुका है। अत्यधिक बजट घाटे की इस स्थिति के चलते पोलैंड विदेशी निवेशकों और यूरो-मूल्यवर्ग वाले बॉन्ड बाज़ार में होने वाली किसी भी संभावित उथल-पुथल के सामने सीधे तौर पर संवेदनशील बना हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फिसला वैश्विक विदेशी मुद्रा बाज़ार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी AUD/USD मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन नरमी के साथ कारोबार करती दिखी। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान यह जोड़ी दो हफ़्ते के नए निचले स्तर पर फिसल गई। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी प्रमुख नीतिगत दर में 25 आधार अंकों यानी 25 bps की बढ़ोतरी तो की, लेकिन नीति-निर्माताओं के बीच इस फैसले को लेकर पूर्ण सहमति नहीं थी। आरबीए के तीन बोर्ड सदस्यों ने नीतिगत दरों को 4.60% पर ही स्थिर बनाए रखने के पक्ष में राय दी। नीतिगत फैसले में इस मतभेद के सामने आने से निवेशकों के बीच यह संदेश गया कि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक आगे शायद आक्रामक ढंग से दरों में बढ़ोतरी न करे। ब्याज दरों में आगे सख्त बढ़ोतरी की उम्मीदें घटने और अमेरिकी डॉलर में हल्की मजबूती लौटने से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर चौतरफा दबाव देखा गया। जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच सीमित दायरे का संघर्ष जापान के मुद्रा बाज़ार में USD/JPY जोड़ी मंगलवार के एशियाई सत्र में मामूली रूप से नीचे आई, जिससे पिछले कारोबारी सत्र में 158.00 तक की बढ़त का एक हिस्सा घट गया। अमेरिकी डॉलर में यह हल्की सुस्ती ईरान के साथ राजनयिक बातचीत की उम्मीदों और अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले बनी सतर्कता के कारण देखने को मिली। दूसरी तरफ, मुद्रा बाज़ार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को एक हद तक सहारा दिया है। हालांकि, बैंक ऑफ़ जापान द्वारा अपनी अगली ब्याज दर बढ़ोतरी के सटीक समय को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता येन की बढ़त को सीमित कर रही है। इन दोनों परस्पर विरोधी ताकतों की वजह से USD/JPY एक सुपरिचित दायरे में ही बंधा रहा है, जिससे ट्रेडर किसी भी दिशा में बड़े दांव लगाने से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी विनिर्माण आंकड़ों से सोना 3,950 डॉलर के नीचे आया कीमती धातुओं के बाज़ार में सोने के भाव एशियाई सत्र के दौरान 3,950 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे खिसक गए। इस गिरावट के साथ पीली धातु ने पिछले सप्ताह बने एक साल के निचले स्तर से शुरू हुई अपनी पिछली रिकवरी का एक बड़ा हिस्सा गंवा दिया। सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका के विनिर्माण क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों में अक्टूबर महीने के दौरान लगातार 10वें महीने विस्तार दर्ज हुआ है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा और सितंबर के 54.5 के मुकाबले बढ़कर अक्टूबर में 55.5 पर पहुंच गया। इस मजबूत आर्थिक आंकड़े ने अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने या सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों को दोबारा बल दिया। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल में आई उछाल के साथ-साथ इन अपेक्षाओं ने ब्याज न देने वाली संपत्तियों, विशेष रूप से सोने में नई बिकवाली को जन्म दिया। कार्डानो में तकनीकी गिरावट और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का असर क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों में कार्डानो यानी ADA में गिरावट का दौर जारी रहा और मंगलवार को यह 0.189 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। इससे पिछले दिन इस डिजिटल टोकन ने अपने प्रमुख तकनीकी समर्थन क्षेत्र को तोड़ दिया था। डेरिवेटिव बाज़ार के मिले-जुले आंकड़ों और सतर्क ऑन-चेन संकेतकों ने खरीदारों के भरोसे को कमज़ोर किया है, जबकि तकनीकी चार्ट पर बिगड़ते रुझान ADA के लिए आगे और गिरावट की संभावना की ओर संकेत कर रहे हैं। इन तमाम बाज़ार गतिविधियों की पृष्ठभूमि में संयुक्त राज्य अमेरिका मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान कर रहा है। इस चुनाव में अमेरिकी सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों और प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों का फैसला होना है। इसके अतिरिक्त, फ्लोरिडा और ओहियो में विशेष चुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई सीटों को भरा जा सके। इन राजनीतिक नतीजों का असर आने वाले दिनों में वैश्विक वित्तीय नीतियों और डॉलर की चाल पर पड़ना तय माना जा रहा है। इसका आप पर असर वैश्विक करेंसी और कमोडिटी बाज़ारों में आ रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कारोबार, आयात लागत और निवेश के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और मजबूत अमेरिकी आंकड़ों से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और विदेशों में पढ़ाई या यात्रा करने वालों के खर्च में बदलाव देखने को मिल सकता है। • सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए: सोने की कीमतों में 3,950 डॉलर से नीचे आई गिरावट से घरेलू खुदरा बाज़ार में भी कीमतों पर असर पड़ सकता है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होने से सोने में अल्पावधि के दौरान उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए आभूषण या निवेश खरीदारों को स्तरों पर नजर रखनी चाहिए। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: कार्डानो का 0.189 डॉलर से नीचे फिसलना डिजिटल एसेट बाज़ार में सतर्कता का संकेत देता है। ऑन-चेन और डेरिवेटिव्स संकेतकों की कमजोरी के चलते निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। • अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों और फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: पोलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जापान की मुद्राओं में केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग रुख के कारण भारी अस्थिरता है। हेजिंग रणनीतियों और करेंसी पेयर्स पर नज़र रखने वाले आयातकों-निर्यातकों को विनिमय दरों में बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक और क्षेत्रीय वित्तीय बाज़ारों में यह व्यापक हलचल मजबूत अमेरिकी औद्योगिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों के बंटे हुए रुख और अहम राजनीतिक गतिविधियों के एक साथ आने से उत्पन्न हुई है। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की मजबूती: अमेरिका में विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार लगातार 10वें महीने जारी रहा और अक्टूबर आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बढ़कर 55.5 पर पहुंच गया। इस मजबूती ने फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को सख्त बनाए रखने की संभावनाओं को हवा दी, जिससे बॉन्ड प्रतिफल बढ़ा और सोने व अन्य मुद्राओं पर दबाव आया। • पोलैंड की आंतरिक राजनीतिक और राजकोषीय चिंताएं: सप्ताहांत की राजनीतिक सुर्खियों और यूरोपीय संघ में सबसे ऊंचे सार्वजनिक वित्त घाटे ने पोलिश ज़्लॉटी को कमज़ोर किया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत रुख नरम रखे जाने के अनुमान ने यूरो के मुकाबले ज़्लॉटी को भारी बिकवाली की ओर धकेल दिया। • केंद्रीय बैंकों के अंदरूनी मतभेद: रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने 25 आधार अंकों की दर वृद्धि तो की, लेकिन तीन सदस्यों द्वारा 4.60% पर दरें स्थिर रखने के समर्थन ने सख्त नीति चक्र के समाप्त होने का संकेत दिया। इसी तरह बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने के समय पर अनिश्चितता ने येन के दायरे को सीमित रखा। • अमेरिकी चुनाव और भू-राजनीतिक कारक: अमेरिका में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की एक तिहाई सीटों के लिए मतदान होने से निवेशक सतर्क हैं। वहीं अमेरिका-ईरान कूटनीति की उम्मीदों और ऊर्जा कीमतों की अनिश्चितता ने सुरक्षित निवेश और जोखिम वाली संपत्तियों दोनों के प्रवाह को प्रभावित किया है। सवाल-जवाब 1. मध्य और पूर्वी यूरोप में पोलिश ज़्लॉटी सबसे कमजोर मुद्रा क्यों बन गई है? पोलैंड में सप्ताहांत की राजनीतिक अनिश्चितता, यूरोपीय संघ में सबसे बड़ा राजकोषीय घाटा और नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड द्वारा नरम मौद्रिक रुख अपनाने की उम्मीदों के कारण ज़्लॉटी पर भारी बिकवाली का दबाव है। 2. अक्टूबर महीने के लिए अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई का आंकड़ा क्या रहा? इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई सितंबर के 54.5 से बढ़कर अक्टूबर में 55.5 दर्ज किया गया, जो लगातार 10वें महीने के विस्तार को दर्शाता है। 3. रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के हालिया ब्याज दर निर्णय में क्या मतभेद था? आरबीए ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, लेकिन बोर्ड के तीन सदस्यों ने नीतिगत दरों को 4.60% पर ही स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया। 4. सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा? बेहतर अमेरिकी विनिर्माण आंकड़ों और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल में आई तेजी के कारण फेडरल रिजर्व के सख्त रहने की उम्मीदों ने सोने को 3,950 डॉलर से नीचे धकेल दिया। 5. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में कितनी सीटों पर मतदान हो रहा है? इन चुनावों में अमेरिकी सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों और प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों के लिए मतदान हो रहा है, साथ ही फ्लोरिडा और ओहियो में विशेष सीटें भी शामिल हैं। 6. कार्डानो का वर्तमान तकनीकी स्तर क्या है? कार्डानो अपने प्रमुख समर्थन स्तर को तोड़ने के बाद मंगलवार को 0.189 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/central-european-currencies-stumble-led-by-weak-polish-zloty-as-global-markets-navigate-strong-us-pmi-and-midterm-elections-55638 TrendKia — Har trend, sabse pehle.