CFTC रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा की रिपोजीशनिंग हावी, जिंसों के बाजार में दिखा मिला-जुला रुझान कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिंस बाजार में विविधीकरण के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में बड़े पैमाने पर पोजीशन में बदलाव देखा जा रहा है। सोने में तेजी के सट्टेबाजी सौदे 95वें पर्सेंटाइल तक पहुंचे हैं, जबकि कच्चे तेल में कीमतों और पोजीशन के बीच बड़ा अंतर दर्ज हुआ है। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की ताजा स्थिति रिपोर्ट में वैश्विक वित्तीय बाजारों के भीतर सट्टा निवेशकों के बदलते मिजाज का विस्तृत खाका सामने आया है। इस अवधि में विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक रिपोजीशनिंग का दौर देखा गया है, जबकि जिंसों के बाजार में विभिन्न संपत्तियों का प्रदर्शन एक-दूसरे से काफी अलग रहा है। कीमती धातुओं में सोने ने मजबूत सट्टेबाजी लिवाली का नेतृत्व किया है, वहीं कच्चे तेल में कीमतों की चाल और व्यापारियों के पोजीशनिंग डेटा के बीच एक दुर्लभ विरोधाभास देखा गया है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर पर दबाव के चलते प्रमुख मुद्रा जोड़ों में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। सोने में सट्टा सौदों का उभार और 95वें पर्सेंटाइल की रिकॉर्ड ऊंचाई कीमती धातु बाजार में सोने के प्रति सट्टेबाजों का आकर्षण काफी बढ़ा है। रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान नेट गोल्ड लॉन्ग पोजीशन में लगभग 20.3K कांट्रैक्ट की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जून के शुरुआती दिनों के बाद से एक सप्ताह में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है। इस दौरान ग्रॉस लॉन्ग पोजीशन में करीब 24K कांट्रैक्ट का इजाफा हुआ, जबकि ग्रॉस शॉर्ट पोजीशन भी मामूली रूप से 3.6K कांट्रैक्ट से अधिक बढ़ी। सोने की कीमतों में इस समीक्षाधीन अवधि के दौरान उल्लेखनीय तेजी आई, जिसने सट्टा बाजार के तेजी वाले संकेतों को और ज्यादा मजबूती प्रदान की। इन नए सौदों के जुड़ने से कुल नेट लॉन्ग पोजीशन लगभग 218K कांट्रैक्ट के स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही सोने में सट्टेबाजी का कुल एक्सपोजर अपनी 5 साल की सीमा के 95वें पर्सेंटाइल तक चढ़ गया है। बाजार विश्लेषक सोने को इस समय की सबसे भीड़भाड़ वाली लॉन्ग पोजीशन मान रहे हैं। अत्यधिक उच्च पर्सेंटाइल पर होने का मतलब है कि संस्थागत निवेशक सोने में भारी तेजी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, हालांकि इससे भविष्य में मुनाफावसूली का जोखिम भी बना रहता है। कच्चे तेल में कीमत और पोजीशनिंग का बड़ा विरोधाभास वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट कच्चे तेल के बाजार में स्थिति सोने के ठीक उलट रही है। गैर-व्यावसायिक नेट लॉन्ग पोजीशन में लगभग 13.2K कांट्रैक्ट की गिरावट आई, जिससे कुल नेट पोजीशन अपने 5-साल के दायरे के 8वें पर्सेंटाइल के निचले स्तर के करीब आ गई। इस गिरावट का मुख्य कारण ग्रॉस शॉर्ट पोजीशन में लगभग 19.2K कांट्रैक्ट की भारी वृद्धि थी, जिसने ग्रॉस लॉन्ग पोजीशन में हुई 6K कांट्रैक्ट से थोड़ी अधिक की बढ़ोतरी को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि सट्टा पोजीशन में आई इस कमी के बावजूद समीक्षाधीन सप्ताह में वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट की कीमतों में लगभग 10% की जबरदस्त उछाल दर्ज की गई। सट्टेबाजी सौदों का घटना और कीमतों का इस प्रकार तेजी से बढ़ना इस सप्ताह का सबसे स्पष्ट पोजीशनिंग-प्राइस विरोधाभास बनकर उभरा है। 8वें पर्सेंटाइल पर नेट पोजीशन होने का मतलब है कि कच्चा तेल शॉर्ट कवरिंग के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, और यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो सट्टेबाजों को अपने बिकवाली के सौदे मजबूरी में काटने पड़ सकते हैं। वीआईएक्स और कॉफी में सट्टेबाजों की रणनीति बाजार की अस्थिरता को मापने वाले इंडेक्स वीआईएक्स में सट्टेबाजों की पोजीशन में लगभग 13.8K कांट्रैक्ट की गिरावट आई। 2 जून के बाद से वीआईएक्स सट्टा पोजीशनिंग में यह एक सप्ताह की सबसे बड़ी गिरावट है। चूंकि वीआईएक्स इंडेक्स में ही एक मजबूत रीट्रेसमेंट देखा गया था, इसलिए कीमत और पोजीशनिंग दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़े। दूसरी ओर, कॉफी के वायदा बाजार में विपरीत दिशा में गति देखी गई। कॉफी कांट्रैक्ट्स में नेट लॉन्ग पोजीशन में लगभग 2.3K कांट्रैक्ट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही कॉफी की कीमतों में भी ठीक-ठाक तेजी देखने को मिली, जिसने तेजी के रुझान की हल्की पुष्टि की। जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच का समीकरण जापानी येन के सट्टा बाजार में निवेशकों ने अपने नेट शॉर्ट सौदों में लगभग 3.4K कांट्रैक्ट की कमी की। यह कदम पिछले सप्ताह के ऐतिहासिक 117.9K कांट्रैक्ट के सुधार के बाद आया है। यह बदलाव कुल एक्सपोजर में आई कमी को दर्शाता है, जिसमें लॉन्ग और शॉर्ट दोनों प्रकार के कांट्रैक्ट घटे हैं। हालांकि, इस सट्टा कटौती के बावजूद USD/JPY जोड़ी ने अच्छे मजबूत आंकड़े दर्ज किए। इसका तात्पर्य यह है कि सट्टेबाजों द्वारा शॉर्ट पोजीशन घटाने के बावजूद जापानी येन में कमजोरी आई, जो कि पिछले सप्ताह के मूल्य समर्थन से एक स्पष्ट उलटफेर को दर्शाता है। अन्य मुद्राओं की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का एक्सपोजर साप्ताहिक गिरावट के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जबकि अमेरिकी डॉलर की ओवरऑल पोजीशनिंग अपेक्षाकृत दृढ़ बनी हुई है। इसके विपरीत, यूरो की नेट पोजीशनिंग अपने 4वें पर्सेंटाइल के निचले स्तर पर टिकी है, जिससे इसमें भी शॉर्ट कवरिंग की संभावना खुली हुई है। विदेशी मुद्रा जोड़ों में तेज उछाल और डॉलर पर दबाव मुद्रा बाजार के हाजिर सौदों में जीबीपी/यूएसडी जोड़ी ने नया उत्साह दिखाया और शुक्रवार के कारोबार में 1.3560 के क्षेत्र के करीब पहुंचकर तीन महीने के नए उच्चतम स्तर को छू लिया। केबल में यह तेज उछाल लगातार तीन दिनों की दैनिक गिरावट के बाद दर्ज किया गया, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर पर बढ़ रहा बिकवाली का दबाव था। इसी तरह, ईयूआर/यूएसडी जोड़ी में भी जोरदार तेजी देखी गई और यह मध्य जून के बाद पहली बार 1.1500 के ऊपरी स्तरों पर फिर से पहुंच गई। यूरो की इस तेज बढ़त के पीछे बैंक ऑफ जापान द्वारा हस्तक्षेप की चर्चाओं के बीच अमेरिकी डॉलर में आया भारी रिट्रेसमेंट था, भले ही मध्य पूर्व में अनिश्चितता का माहौल लगातार बना हुआ था। सोने का 4,400 डॉलर का स्तर और मुद्रास्फीति के आंकड़े हाजिर बाजार में सोना शुक्रवार को प्रति ट्रॉय औंस $4,400 के स्तर की ओर तेजी से उछला, जिससे पिछले दिन की गिरावट पूरी तरह पलट गई। कीमती धातु में यह सुधार ऐसे समय में आया जब अमेरिकी डॉलर में नई और तीव्र कमजोरी जारी रही। इसके साथ ही व्यापारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की कम होती संभावनाओं और मध्य पूर्व के उभरते हालात का आकलन कर रहे थे। अर्थव्यवस्था के व्यापक मोर्चे पर, जुलाई महीने के वास्तविक मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद के मुताबिक सामने आए। हेडलाइन कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में महीने-दर-महीने 0.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर सीपीआई 0.2% बढ़ा। हालांकि, वार्षिक हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.4% पर बनी हुई है, जो कि काफी ऊंची मानी जा रही है। इसका सीधा अर्थ यह है कि वेतनभोगियों की क्रय शक्ति में स्थिरता या गिरावट आ रही है। इसके अलावा, कोर इन्फ्लेशन केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्षित दायरे से ऊपर बना हुआ है, जो नीति निर्माताओं के लिए चुनौती पेश कर रहा है। इसका आप पर असर भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के $4,400 के पास पहुंचने और कच्चे तेल में 10% की उछाल से घरेलू सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के दाम बढ़ सकते हैं तथा पेट्रोल-डीजल पर लागत दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और 3.4% की ऊंची महंगाई दर के कारण वैश्विक इक्विटी और कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। सवाल-जवाब 1. सीएफटीसी की ताजा रिपोर्ट में सोने के बारे में क्या पता चला है? रिपोर्ट के अनुसार सोने में नेट लॉन्ग पोजीशन बढ़कर 218K कांट्रैक्ट के पास पहुंच गई है, जो कि 5 साल की सीमा का 95वां पर्सेंटाइल है। 2. कच्चे तेल में कीमत और सट्टा पोजीशनिंग में क्या विरोधाभास देखा गया? कच्चे तेल की नेट लॉन्ग पोजीशन गिरकर 8वें पर्सेंटाइल पर आ गई, जबकि इसी दौरान वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट की कीमतों में करीब 10% की तेजी दर्ज की गई। 3. जुलाई के अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े क्या रहे हैं? जुलाई में हेडलाइन सीपीआई 0.1% और कोर सीपीआई 0.2% बढ़ा, जबकि सालाना हेडलाइन मुद्रास्फीति दर 3.4% दर्ज की गई। 4. विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख करेंसी पेयर्स का प्रदर्शन कैसा रहा? अमेरिकी डॉलर में गिरावट से जीबीपी/यूएसडी 1.3560 के तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा और ईयूआर/यूएसडी 1.1500 के ऊपरी स्तर पर आ गया। https://trendkia.com/market/cftc-report-men-fx-repositioning-dominates-as-commodity-markets-diverge-17115 TrendKia — Har trend, sabse pehle.