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  "type": "article",
  "title": "कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन रिपोर्ट: ऑयल में तेजी और बाकी पोजिशनिंग में कमजोरी",
  "summary": "सितंबर 1 को समाप्त सप्ताह में सट्टा पोजिशनिंग अधिक रक्षात्मक हो गई, जिसमें येन और गोल्ड में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मजबूत कीमतों के बीच ऑयल की खरीदारी में सुधार हुआ।",
  "content": "सितंबर 1 को समाप्त सप्ताह के दौरान बाजार में सट्टा गतिविधियों का रुख अधिक सतर्क और रक्षात्मक नजर आया। इस अवधि में जापानी येन में शॉर्ट पोजिशनिंग को सबसे भारी झटका लगा, जबकि सोने की लॉन्ग पोजीशन में भी कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, मजबूत होती कीमतों के साथ कच्चे तेल यानी ऑयल की खरीदारी में वापसी देखने को मिली। इसके अलावा कनाडाई डॉलर और यूरो की पोजिशनिंग में भी सुधार हुआ, हालांकि यूरो के मोर्चे पर प्रवाह कमजोर हाजिर कीमतों से अलग दिशा में चलता दिखा। बाजार के इन तमाम आंकड़ों ने कमोडिटी और करेंसी बाजारों में निवेशकों के बदलते रुझान को स्पष्ट रूप से उजागर किया है।\n\n \n\nसोने की लॉन्ग पोजीशन में भारी गिरावट\n समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोने के शुद्ध लॉन्ग अनुबंधों में लगभग 15.2K की बड़ी गिरावट आई, जिससे कुल आंकड़ा घटकर 228.1K पर आ गया। फरवरी के शुरुआती हफ्तों के बाद से सोने में साप्ताहिक आधार पर यह सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान हाजिर कीमतों में भी जोरदार कमजोरी देखने को मिली, जिसके चलते बाजार में जोखिम का एक्सपोजर घटकर 96वें परसेंटाइल के स्तर पर आ गया। विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग में आई यह सुस्ती वैश्विक स्तर पर बदलते व्यापक आर्थिक संकेतों का सीधा परिणाम है।\n\n \n\nकच्चे तेल में तेजी और बढ़ी हुई खरीदारी\n WTI क्रूड ऑयल के गैर-वाणिज्यिक शुद्ध लॉन्ग अनुबंधों में लगभग 6.5K की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 129.9K पर पहुंच गए। इसी अवधि में बैरल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। इस प्रकार बाजार में कीमतें और पोजिशनिंग दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़े, हालांकि इसके बावजूद शुद्ध पोजिशनिंग अभी भी 15वें परसेंटाइल के आसपास ही बनी हुई है। दूसरी ओर, ऑयल बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल का बाजार बिल्कुल अलग कहानी बयां कर रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो कि अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI के बीच का प्रीमियम है, पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इसने 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर का intraday रिकॉर्ड स्तर छू लिया।\n\n \n\nजापानी येन और अन्य करेंसी बाजारों का हाल\n जापानी येन (JPY) में सट्टा शुद्ध शॉर्ट पोजीशन लगभग 28.9K अनुबंधों से बढ़कर 92.2K पर पहुंच गई, जो कई हफ्तों का निचला स्तर है। USD/JPY ने अच्छी खासी बढ़त के साथ कारोबार किया, जिससे येन की कमजोरी और पोजिशनिंग में आई गिरावट की पुष्टि होती है। इसके अलावा, अन्य आंकड़ों से पता चला कि शुद्ध पोजिशनिंग फिसलकर 30वें परसेंटाइल पर आ गई। इस बीच, बैंक ऑफ जापान की तरफ से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के अधिक आक्रामक पुनर्मूल्यांकन और एक संदिग्ध हस्तक्षेप के कारण जापानी येन में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली, जो इस सप्ताह के शुरुआत में 160.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया था। इसके साथ ही, शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान USD/JPY अगस्त के मासिक स्विंग लो की फिर से जांच कर रहा है, जबकि अमेरिकी डॉलर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच पिछले दिन के भारी नुकसान को समेटता हुआ नजर आ रहा है।\n\n \n\nअन्य प्रमुख मुद्राओं और धातु बाजार का प्रदर्शन\n AUD/USD जोड़ी 0.7200 के ऊपर स्थिर बनी हुई है और मई के मध्य के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब है, क्योंकि बुल ट्रेडर्स अमेरिकी NFP रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि फेडरल रिजर्व के नीतिगत मार्ग पर आगे के संकेत मिल सकें। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हालिया गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को एक हफ्ते से अधिक के निचले स्तर के आसपास कमजोर बनाए रखा है, जो रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक रुख के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक सहायक कारक के रूप में काम कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, सोने (XAU/USD) में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसकी दो दिन की रिकवरी पर ब्रेक लग गया। यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट उम्मीद से काफी मजबूत रही। इसके एक दिन पहले गुरुवार को सोना短暂 रूप से 4,500 डॉलर के ऊपर चढ़ गया था और उसने लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त हासिल की थी, लेकिन उसके बाद से उसने अपनी उस बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवा दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nबाजार के इन ताजा आंकड़ों और कमोडिटी तथा करेंसी में उतार-चढ़ाव का सीधा असर निवेशकों और ट्रेडर्स की रणनीतियों पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: कच्चे तेल और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से घरेलू बाजार में ईंधन की खुदरा कीमतों और आभूषण उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n• निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए: मुद्रा और जिंस बाजार में ट्रेड करने वालों को सट्टा पोजीशनिंग और केंद्रीय बैंकों के रुख को ध्यान में रखकर अपने जोखिम का प्रबंधन करना चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. CFTC रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 1 को समाप्त सप्ताह में सोने की पोजीशन में क्या बदलाव आया?\nसोने के शुद्ध लॉन्ग अनुबंध लगभग 15.2K घटकर 228.1K पर आ गए, जो फरवरी के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।\n\n2. WTI क्रूड ऑयल की पोजिशनिंग में इस सप्ताह क्या रुख रहा?\nWTI क्रूड ऑयल के गैर-वाणिज्यिक शुद्ध लॉन्ग अनुबंध लगभग 6.5K बढ़कर 129.9K हो गए और बैरल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की तेजी आई।\n\n3. जापानी येन (JPY) की पोजिशनिंग पर क्या असर पड़ा?\nजापानी येन में सट्टा शुद्ध शॉर्ट पोजीशन लगभग 28.9K बढ़कर 92.2K हो गई, जो मल्टी-सप्ताह के निचले स्तर को दर्शाती है।\n\n4. अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड में क्या रिकॉर्ड बना?\nअमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर एक इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।",
  "url": "https://trendkia.com/market/cftc-report-oil-rebound-offsets-broader-positioning-retreat-27921",
  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-04",
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    "CFTC रिपोर्ट",
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