चांदी 1,500 रुपये चढ़ी, एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये के करीब, लेकिन महंगे क्रूड ने रोकी तेजी घरेलू वायदा बाजार में चांदी 1,500 रुपये उछली और एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये के करीब पहुंचा, पर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने आगे की तेजी पर लगाम लगा दी है। घरेलू वायदा बाजार में चांदी ने तेज छलांग लगाई है और सोना एक नए स्तर की ओर बढ़ चला है। एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी एक ही सत्र में 1,500 रुपये उछल गई। लेकिन फिलहाल इस तेजी पर एक सीमा लगी हुई है, और इसकी वजह सर्राफा बाजार से नहीं, बल्कि ऊर्जा बाजार से जुड़ी है। महंगे क्रूड ने क्यों रोकी सोने की चाल आगे की बढ़त पर सबसे बड़ा दबाव क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से आ रहा है। US WTI क्रूड और ब्रेंट क्रूड दोनों 1-1% चढ़ चुके हैं, जिससे ये क्रमशः 84 डॉलर और 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। गैसोलीन और नैचुरल गैस की कीमतें भी 1-1% बढ़ी हैं। ऊर्जा की ऊंची लागत सीधे महंगाई को हवा देती है, और इससे ब्याज दरों का पूरा गणित बदल जाता है, जो तय करता है कि सोने के पास ऊपर जाने की कितनी गुंजाइश बची है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर अब निवेशकों की निगाहें बुधवार को आने वाले अमेरिकी CPI महंगाई आंकड़े पर टिकी हैं। इस आंकड़े को बेहद ध्यान से देखा जा रहा है, क्योंकि यह बताएगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी अगली नीति बैठक में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है। सोना खुद कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए उसके लिए ब्याज दरों की दिशा सबसे अहम होती है। ऊंची दरें सोने को कम आकर्षक बना देती हैं, जबकि दरों में कटौती की उम्मीद इसे ऊपर ले जाती है। फेड को लेकर बंटी हुई राय अभी बाजार दो हिस्सों में बंटा है। जुलाई में दरें स्थिर रखने के बाद फेडरल रिजर्व सितंबर में इन्हें 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा सकता है, और क्रूड की बढ़ती कीमतें महंगाई की चिंता को जिंदा रखकर इस सख्त रुख को और मजबूत कर रही हैं। कारोबारियों के बीच एकराय नहीं है, और बुधवार का आंकड़ा पलड़ा किसी एक ओर झुका सकता है। होर्मुज जलसंधि का अनिश्चित पहलू भू-राजनीति ने भी एक नई परत जोड़ दी है। कारोबारी इस बात की संभावना तौल रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझ बनेगी, जिससे होर्मुज जलसंधि दोबारा खुल सके, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान इस जलसंधि को लेकर "किसी न किसी तरह के समझौते के करीब" हैं। इसके अलावा, ईरान और ओमान के बीच बातचीत भी काफी आगे बढ़ चुकी बताई जा रही है। यहां किसी भी नरमी से तेल की कीमतें ठंडी पड़ सकती हैं और क्रूड तथा सोने, दोनों का परिदृश्य बदल सकता है। चीन की अगुवाई में केंद्रीय बैंकों की खरीद जारी सोने को सहारा निवेशकों की मांग और खासकर केंद्रीय बैंकों की खरीद से मिल रहा है। इसमें चीन सबसे आगे रहा है। चीन के केंद्रीय बैंक ने जुलाई में अपने भंडार में करीब 20 टन सोना जोड़ा, जबकि जून में उसने करीब 15 टन खरीदा था। जुलाई की यह खरीद अक्टूबर 2023 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है, जो इशारा करती है कि ऊंची कीमतों पर भी सरकारी खरीदार सोने में लंबी अवधि का मूल्य देख रहे हैं। इसका आप पर असर • सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए: एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये के करीब और चांदी 1,500 रुपये ऊपर होने से गहने और सिक्के खरीदना महंगा हुआ है, इसलिए शादी या त्योहार की खरीदारी करने वाले इन उतार-चढ़ावों को देखकर योजना बनाएं। • निवेशकों के लिए: बुधवार का अमेरिकी महंगाई आंकड़ा और फेड का फैसला सोने को तेज हरकत दे सकता है, इसलिए खरीद या बिक्री से पहले इन संकेतों पर नजर रखें। सवाल-जवाब 1. एमसीएक्स पर सोना किस स्तर के करीब पहुंचा है? एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है। 2. चांदी की कीमत कितनी बढ़ी? चांदी एक ही सत्र में 1,500 रुपये चढ़ गई। 3. सोने की तेजी पर लगाम क्यों लगी है? क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों की वजह से आगे की तेजी सीमित हो गई है। 4. निवेशक किस आंकड़े का इंतजार कर रहे हैं? बुधवार को आने वाले अमेरिकी CPI महंगाई आंकड़े का, जो फेड की ब्याज दर नीति के संकेत देगा। 5. क्या फेडरल रिजर्व दरें बदल सकता है? जुलाई में दरें स्थिर रखने के बाद फेड सितंबर में इन्हें 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा सकता है। 6. होर्मुज जलसंधि का इससे क्या संबंध है? अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते से यह जलसंधि दोबारा खुल सकती है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा। 7. चीन की खरीद क्यों अहम है? चीन के केंद्रीय बैंक ने जुलाई में करीब 20 टन सोना जोड़ा, जो अक्टूबर 2023 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। https://trendkia.com/market/chandi-1-500-rupaye-charhi-mcx-para-sona-1-55-lakha-rupaye-ke-kariba-lekina-mahnge-kruda-ne-roki-teji-15942 TrendKia — Har trend, sabse pehle.