# चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, छह दिनों में 40,000 रुपये तक लुढ़के दाम

> घरेलू बाजार में 18 फरवरी को चांदी 5,000 रुपये प्रति किलो सस्ती होकर 2.55 लाख रुपये पर आ गई, जबकि पिछले छह कारोबारी दिनों में कुल गिरावट 40,000 रुपये तक पहुंच चुकी है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/chandi-ki-kimaton-men-joradara-giravata-chhaha-dinon-men-40-000-rupaye-taka-lurhake-dama-53294 · **Language:** Hindi
**Tags:** चांदी के भाव, एमसीएक्स सिल्वर, कॉमेक्स, सराफा बाजार, कमोडिटी बाजार, चांदी की कीमत

घरेलू सराफा बाजार में सफेद धातु की चमक लगातार फीकी पड़ती जा रही है। 18 फरवरी को चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा झटका लगा, जब प्रति किलोग्राम भाव 5,000 रुपये तक लुढ़क गया। इस ताजा गिरावट के बाद अब एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2.55 लाख रुपये के स्तर पर आ पहुंची है। सिर्फ बड़े वजन में ही नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भी सभी पैमानों पर भाव नीचे आए हैं। 100 ग्राम चांदी का भाव 500 रुपये घटकर 25,500 रुपये दर्ज किया गया, जबकि 10 ग्राम चांदी 50 रुपये की नरमी के साथ 2,550 रुपये पर आ गई। इसी तरह 8 ग्राम चांदी का सौदा 40 रुपये कम होकर 2,040 रुपये में हुआ और 1 ग्राम चांदी का खुदरा भाव 5 रुपये गिरकर 255 रुपये पर टिका।

 

## छह दिनों में 40,000 रुपये का जोरदार क्रैश

बाजार के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी में बिकवाली का यह सिलसिला पिछले कई सत्रों से लगातार गहरा रहा है। 18 फरवरी की 5,000 रुपये की कटौती से ठीक पहले, 17 फरवरी को 1 किलोग्राम चांदी में 8,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उससे पहले 16 फरवरी को भी कीमतों में 7,000 रुपये का बड़ा कट देखा गया था। गिरावट का यह दौर 14 फरवरी को भी जारी रहा, जब धातु 5,000 रुपये सस्ती हुई थी, जबकि 13 फरवरी को सबसे बड़ा झटका लगा था और भाव सीधे 15,000 रुपये टूट गए थे। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर देखें तो बीते 6 दिनों के भीतर 1 किलोग्राम चांदी अपने उच्चतम स्तरों से 40,000 रुपये तक फिसल चुकी है। इस लगातार बिकवाली ने खुदरा खरीदारों और वायदा कारोबारियों दोनों को सतर्क कर दिया है।

 

## देश के प्रमुख शहरों में क्या हैं आज के भाव

भारत के अलग-अलग महानगरों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के आधार पर चांदी के भाव में हल्का अंतर देखने को मिल रहा है। देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों जैसे मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में 1 किलोग्राम चांदी का भाव 2.55 लाख रुपये दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्रों में भाव अपेक्षाकृत ऊंचे बने हुए हैं। चेन्नई, हैदराबाद और पूरे केरल में 1 किलोग्राम चांदी का खुदरा भाव 2.60 लाख रुपये पर बना हुआ है। उत्तर और पश्चिम भारत के मुकाबले दक्षिण भारतीय बाजारों में 5,000 रुपये प्रति किलो का यह अंतर स्थानीय मांग और आपूर्ति की परिस्थितियों के चलते बना हुआ है।

 

## कॉमेक्स पर वैश्विक परिदृश्य और तकनीकी स्तर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के रुख को लेकर एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने विस्तृत तकनीकी विश्लेषण पेश किया है। वैश्विक मंच कॉमेक्स पर चांदी फिलहाल 73 डॉलर से 80 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रही है। यह स्थिति तब बनी है जब धातु 121 डॉलर प्रति औंस से ऊपर के अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर से एक तीव्र करेक्शन का सामना कर चुकी है। लंबी अवधि के टाइमफ्रेम पर धातु का व्यापक ढांचा अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन हालिया तेज गिरावट ने कीमतों को प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे धकेल दिया है। यह इस बात का संकेत है कि अल्पावधि में बाजार पर मंदी का दबाव बना रहेगा और यह सुधारात्मक दौर कुछ समय और खिंच सकता है।

तकनीकी चार्ट्स पर 65 डॉलर से 70 डॉलर का सपोर्ट दायरा काफी अहम माना जा रहा है, जहां मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। यह स्तर पुराने स्विंग लोज और लंबी अवधि के ट्रेंड सपोर्ट के साथ मेल खाता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कीमतें इस सपोर्ट बेस को मजबूती से थामे रखती हैं और वहां से पलटकर 85 डॉलर से 92 डॉलर के ऊपर बंद होने में सफल रहती हैं, तो बाजार में तेजी की गति फिर से लौट सकती है। ऐसी स्थिति में कीमतें 95 डॉलर से 105 डॉलर की तरफ बढ़ सकती हैं और पुराने उच्चतम स्तरों को दोबारा परख सकती हैं। हालांकि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, फिर भी मजबूत औद्योगिक मांग और आपूर्ति की संरचनात्मक अड़चनों के चलते मध्यम से लंबी अवधि का परिदृश्य अब भी मजबूत दिखाई दे रहा है।

 

## एमसीएक्स वायदा और घरेलू निवेशकों के लिए रणनीति

भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी स्थिति वैश्विक संकेतों के अनुरूप ही चल रही है। एमसीएक्स पर चांदी के वायदा अनुबंध करीब 4,20,000 रुपये के रिकॉर्ड शिखर से भारी गिरावट के बाद अब 2,30,000 रुपये से 2,70,000 रुपये के दायरे में घूम रहे हैं। हालांकि लंबी अवधि की तेजी का ढांचा अब भी सुरक्षित है, लेकिन इस बड़ी गिरावट के कारण कीमतें अहम मूविंग एवरेज के नीचे फिसल चुकी हैं, जो साफ तौर पर अल्पकालिक दबाव की पुष्टि करती हैं। घरेलू स्तर पर 2,25,000 रुपये से 2,35,000 रुपये का बैंड एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में काम कर रहा है, जो पिछले स्विंग लोज और व्यापक संरचनात्मक समर्थन से जुड़ा है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि एमसीएक्स पर चांदी इस सपोर्ट क्षेत्र के ऊपर टिकी रहती है और निर्णायक बढ़त दिखाती है, तो इसमें 3,00,000 रुपये से 3,25,000 रुपये के स्तर तक की नई तेजी का रास्ता खुल सकता है। ऐसे में पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए सपोर्ट स्तरों के आसपास आने वाली गिरावट खरीदारी और संचय का अवसर साबित हो सकती है। इसके विपरीत, यदि कीमतें इस अहम बेस को नीचे की तरफ तोड़ देती हैं, तो बिकवाली का दबाव अचानक तेज हो सकता है और यह सुधारात्मक दौर और ज्यादा गहरा सकता है। इसलिए मौजूदा अस्थिरता के बीच वायदा कारोबारियों को सख्त स्टॉपलॉस और सतर्कता के साथ काम करने की सलाह दी जा रही है।

## इसका आप पर असर
चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट से आम उपभोक्ताओं और वायदा कारोबारियों के लिए खरीदारी के नए समीकरण बन रहे हैं।

- **भारत में:** छह दिनों में 40,000 रुपये की गिरावट से आभूषण खरीदारों और छोटे निवेशकों के लिए धातु काफी सस्ती हो गई है। 18 फरवरी को 10 ग्राम चांदी 2,550 रुपये पर मिलने से शादी-ब्याह के मौसम में खरीदारी का बजट कम हुआ है।
- **मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों में:** मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में 1 किलो चांदी 2.55 लाख रुपये में उपलब्ध है। स्थानीय खरीदार दक्षिण भारत की तुलना में प्रति किलो 5,000 रुपये कम कीमत पर खरीदारी कर सकते हैं।
- **चेन्नई, हैदराबाद और केरल में:** दक्षिणी राज्यों में भाव 2.60 लाख रुपये प्रति किलो पर बने हुए हैं। वहां के खरीदारों को अन्य महानगरों के मुकाबले थोड़ी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
- **निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए:** एमसीएक्स पर 2,25,000 से 2,35,000 रुपये का दायरा एक बड़ा सपोर्ट स्तर है। यदि यह स्तर कायम रहता है तो पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए गिरावट में संचय करने का अवसर बन सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
चांदी की कीमतों में यह तेज गिरावट वैश्विक और घरेलू वायदा बाजारों में रिकॉर्ड स्तरों से आए भारी तकनीकी करेक्शन के कारण हुई है। बाजार में प्रमुख मूविंग एवरेज टूटने से अल्पकालिक मंदी का दबाव बना हुआ है।

- **रिकॉर्ड स्तरों से मुनाफावसूली:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में 121 डॉलर और घरेलू एमसीएक्स पर 4,20,000 रुपये के उच्च स्तर छूने के बाद तेज मुनाफावसूली हुई। ऊपरी स्तरों पर भारी बिकवाली ने कीमतों को नीचे धकेल दिया।
- **तकनीकी स्तरों का टूटना:** तेज गिरावट के कारण कीमतें प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे खिसक गईं। इससे तकनीकी चार्ट्स पर शॉर्ट-टर्म बियरिश दबाव हावी हो गया और बिकवाली का दायरा बढ़ गया।
- **छह दिनों का लगातार दबाव:** 13 फरवरी को 15,000 रुपये टूटने के बाद बाजार संभल नहीं पाया और लगातार चार सत्रों में भारी कटौती दर्ज हुई। इस सिलसिलेवार बिकवाली ने गिरावट को 40,000 रुपये तक पहुंचा दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. 18 फरवरी को 1 किलोग्राम चांदी की कीमत क्या रही?
18 फरवरी को 1 किलोग्राम चांदी का भाव 5,000 रुपये गिरकर 2.55 लाख रुपये पर आ गया।

### 2. पिछले छह दिनों में चांदी कुल कितनी टूट चुकी है?
बीते छह कारोबारी सत्रों में 1 किलोग्राम चांदी के दाम कुल 40,000 रुपये घट चुके हैं।

### 3. दिल्ली और मुंबई में आज चांदी का क्या रेट है?
दिल्ली और मुंबई में 1 किलोग्राम चांदी का भाव 2.55 लाख रुपये दर्ज किया गया है।

### 4. चेन्नई और हैदराबाद में चांदी किस भाव पर मिल रही है?
चेन्नई, हैदराबाद और केरल में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये पर बनी हुई है।

### 5. एमसीएक्स पर चांदी के लिए अहम सपोर्ट स्तर कौन से हैं?
एमसीएक्स पर विश्लेषक 2,25,000 रुपये से 2,35,000 रुपये के दायरे को मजबूत सपोर्ट जोन मान रहे हैं।

### 6. कॉमेक्स पर चांदी के लिए क्या अनुमान जताया गया है?
कॉमेक्स पर 65 से 70 डॉलर का सपोर्ट है, और 85 से 92 डॉलर के ऊपर बंद होने पर भाव 95 से 105 डॉलर तक जा सकते हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._