चेन्नई और हैदराबाद में चांदी 50,000 रुपये टूटी, छह दिनों में 1 किलोग्राम के भाव में भारी गिरावट दक्षिण भारत के प्रमुख सर्राफा बाजारों में छह दिनों के भीतर चांदी प्रति किलोग्राम 50,000 रुपये तक सस्ती हो गई है। 18 फरवरी को आई ताजा गिरावट के बाद अब एक किलोग्राम चांदी का भाव 2.60 लाख रुपये पर आ गया है। दक्षिण भारतीय महानगरों के सर्राफा बाजारों में चांदी की चमक तेजी से फीकी पड़ी है। चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में महज छह दिनों के व्यापारिक सफर के दौरान सफेद धातु की कीमतों में 50,000 रुपये प्रति किलोग्राम का भारी नुकसान दर्ज किया गया। 18 फरवरी को दोनों शहरों में एक किलोग्राम चांदी के भाव में 5,000 रुपये की सीधी कमी आई, जिससे इस वजन का स्तर लुढ़ककर 2.60 लाख रुपये पर पहुंच गया। इस ताजा कमजोरी ने खुदरा खरीदारों और आभूषण निर्माताओं दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विभिन्न वजन के आधार पर नई खुदरा दरें बाजार में हर छोटे-बड़े वजन के हिसाब से दरों में कटौती देखने को मिली है। खुदरा आभूषण बाजार में 100 ग्राम चांदी के दाम 500 रुपये फिसलकर 26,000 रुपये दर्ज किए गए, जबकि 10 ग्राम चांदी का भाव 50 रुपये सस्ता होकर 2,650 रुपये पर आ गया। इसके अलावा आठ ग्राम के सिक्के या आभूषण टुकड़ों के दाम 40 रुपये घटकर 2,080 रुपये रह गए हैं। सबसे छोटी खुदरा इकाई यानी एक ग्राम चांदी की कीमत में 5 रुपये की कमी आई है, जिससे अब इसका भाव 260 रुपये प्रति ग्राम हो गया है। चेन्नई और हैदराबाद के स्थानीय बाजारों में यह मूल्य संरचना पूरी तरह एक समान स्तर पर बनी हुई है। छह कारोबारी सत्रों में गिरावट का पूरा क्रम मौजूदा नुकसान की शुरुआत कुछ दिन पहले से ही तैयार हो रही थी। 17 फरवरी को बाजार में कोई फेरबदल नहीं हुआ था और दरें स्थिर रहीं, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले 16 फरवरी को कीमतों में 15,000 रुपये की तेज बिकवाली दर्ज हुई थी। वहीं 14 फरवरी और 15 फरवरी के दौरान भी बाजार में स्थिरता देखी गई थी और कोई बदलाव नहीं हुआ था। बीते दस दिनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट 13 फरवरी को सामने आई थी, जब एक ही सत्र के भीतर एक किलोग्राम चांदी सीधे 20,000 रुपये टूट गई थी। 13 फरवरी से लेकर 18 फरवरी के बीच का कुल नुकसान अब 50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है। फरवरी के महीने में अब तक का कुल रुझान बीते दस दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार का मिजाज या तो सुस्त बना रहा है या फिर लगातार बिकवाली के दबाव में रहा है। इन दोनों शहरों में आखिरी बार बढ़त 9 फरवरी को दर्ज की गई थी, जब चांदी में 15,000 रुपये की मजबूती आई थी। उसके बाद से किसी भी कारोबारी सत्र में तेजी नहीं लौट सकी। पूरे महीने के परिदृश्य को देखें तो फरवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 19% की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिसने अल्पावधि निवेशकों के मुनाफे को काफी हद तक घटा दिया है। जिंस बाजार में बिकवाली और औद्योगिक मांग का असर सफेद धातु पर बने इस दबाव के तकनीकी और कारोबारी कारणों को विश्लेषक व्यापक बाजार से जोड़कर देख रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की उपाध्यक्ष अक्षा कंबोज के अनुसार, कमोडिटी बाजारों में चल रही चौतरफा बिकवाली के चलते चांदी के बाजार को अधिक गंभीर गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है, इसलिए निवेश और औद्योगिक दोनों तरह के सेंटिमेंट के असर से कीमतों में आई गिरावट कहीं अधिक तीखी साबित हुई है। जानकारों का यह भी मानना है कि मौजूदा बिकवाली का दबाव भले ही कुछ समय जारी रहे, लेकिन ऐसी तेज गिरावट बाजार के स्थिर होते ही नए खरीदारों को आकर्षित करने का काम करती है। इसका आप पर असर सर्राफा बाजार में आई इस तेज गिरावट से आभूषण खरीदारों, खुदरा निवेशकों और उद्योगों के लिए लागत में बड़ा बदलाव आया है। • भारत में: पूरे देश में चांदी की कीमतों पर नजर रख रहे खुदरा खरीदारों और आभूषण प्रेमियों के लिए प्रति ग्राम लागत सस्ती हुई है। आभूषण बनवाने या चांदी के सिक्के खरीदने की योजना बना रहे लोग इस मौजूदा सुधार का फायदा उठाकर अपने बजट की योजना बना सकते हैं। • चेन्नई और हैदराबाद में: इन दोनों शहरों में स्थानीय स्तर पर एक किलोग्राम चांदी का भाव गिरकर 2.60 लाख रुपये और प्रति 10 ग्राम 2,650 रुपये पर आ चुका है। शादी या त्योहारों के लिए खरीदारी करने वाले स्थानीय ग्राहक सीधे सर्राफा दुकानों से संशोधित दरों पर आभूषण प्राप्त कर सकते हैं। • औद्योगिक खरीदारों के लिए: सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक पुर्जों में चांदी का उपयोग करने वाली इकाइयों की कच्चा माल खरीद लागत घटेगी। फरवरी 2026 में लगभग 19% की गिरावट विनिर्माण खर्चों को कुछ समय के लिए नियंत्रित करने में मदद करेगी। • निवेशकों के लिए: हाल ही में ऊंचे स्तरों पर निवेश करने वालों के पोर्टफोलियो पर दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार तीव्र गिरावट के बाद बाजार स्थिर होने पर दीर्घकालिक निवेशक निचले स्तरों पर नई खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ कमोडिटी बाजार में चौतरफा बिकवाली और दोहरे इस्तेमाल वाली इस धातु की उच्च अस्थिरता ने मिलकर कीमतों में इतनी भारी गिरावट को जन्म दिया है। • कमोडिटी बाजार में चौतरफा बिकवाली: वैश्विक और घरेलू स्तर पर जिंस बाजारों में बिकवाली का एक साझा दौर देखा जा रहा है। आईबीजेए के अनुसार इस व्यापक बिकवाली ने चांदी को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे कीमतों में भारी गिरावट दर्ज हुई। • चांदी की आंतरिक अस्थिरता: सोने की तुलना में चांदी के बाजार का आकार छोटा और उतार-चढ़ाव अधिक तीव्र होता है। इस उच्च अस्थिरता की वजह से सामान्य बिकवाली के दौर में भी चांदी के भाव बहुत तेजी से नीचे फिसलते हैं। • निवेश और औद्योगिक धारणा का दोहरा दबाव: चांदी न केवल एक निवेश परिसंपत्ति है बल्कि विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाली औद्योगिक धातु भी है। निवेश प्रवाह कमजोर पड़ने और औद्योगिक धारणा सुस्त रहने के दोहरे संकेतों ने इस गिरावट की गति को कई गुना बढ़ा दिया। • बाजार स्थिरीकरण की संभावना: विश्लेषकों का कहना है कि अत्यधिक तीव्र गिरावट के बाद जब बाजार का दबाव कम होता है, तो निचले स्तर आमतौर पर मूल्य-केंद्रित खरीदारों को आकर्षित करते हैं। हालांकि जब तक यह बिकवाली पूरी तरह शांत नहीं होती, तब तक कीमतों पर निकट अवधि का दबाव बना रह सकता है। सवाल-जवाब 1. 18 फरवरी को चेन्नई और हैदराबाद में एक किलोग्राम चांदी का क्या भाव दर्ज किया गया? 18 फरवरी को दोनों शहरों में 1 किलोग्राम चांदी 5,000 रुपये सस्ती होकर 2.60 लाख रुपये पर आ गई। 2. 13 फरवरी से 18 फरवरी के बीच चांदी में कुल कितनी गिरावट आई है? इन छह दिनों के दौरान 1 किलोग्राम चांदी की कीमत में कुल 50,000 रुपये की भारी कमी दर्ज की गई है। 3. फरवरी 2026 में चांदी की कीमतों में अब तक कितने प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है? फरवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में लगभग 19% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। 4. 18 फरवरी को 10 ग्राम और 100 ग्राम चांदी के खुदरा दाम क्या रहे? 18 फरवरी को 10 ग्राम चांदी का भाव 2,650 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 26,000 रुपये रहा। 5. बीते दस दिनों में चांदी में सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट किस दिन देखी गई थी? सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट 13 फरवरी को आई थी, जब एक किलोग्राम चांदी 20,000 रुपये टूट गई थी। 6. आईबीजेए के अनुसार चांदी में आई इस भारी गिरावट का मुख्य कारण क्या है? आईबीजेए की उपाध्यक्ष अक्षा कंबोज के अनुसार, कमोडिटीज में चौतरफा बिकवाली, उच्च अस्थिरता तथा निवेश व औद्योगिक धारणा के कमजोर संकेतों से यह गिरावट बढ़ी है। https://trendkia.com/market/chennai-aura-hyderabad-men-chandi-50-000-rupaye-tuti-chhaha-dinon-men-1-kilograma-ke-bhava-men-bhari-giravata-53257 TrendKia — Har trend, sabse pehle.