छह महीने के निचले स्तर से संभला ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, जापानी येन के सामने 100-दिन के एसएमए के नीचे कमजोरी के संकेत जापान के मिश्रित आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंक के रुख के बीच एयूडी/जेपीवाई 109.95 के स्तर पर पहुंचा, हालांकि प्रमुख तकनीकी संकेतकों के नीचे रहने से दबाव बरकरार है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर छह महीने के न्यूनतम स्तर से उबरकर गुरुवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में 109.95 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई। जापानी अर्थव्यवस्था के मिले-जुले रुझानों के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण येन में थोड़ी नरमी देखी गई। इसके बावजूद, मुद्रा जोड़ी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे टिकी हुई है, जिससे अल्पावधि में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। जापानी अर्थव्यवस्था के मिश्रित रुझान और केंद्रीय बैंक का नीतिगत रुख जापान के बैंक ऑफ जापान द्वारा जारी किए गए तीसरी तिमाही के तानकान सर्वेक्षण में विनिर्माण क्षेत्र में सुधार देखा गया, जबकि गैर-विनिर्माण क्षेत्र के मनोबल में गिरावट दर्ज की गई। तानकान लार्ज मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स तीसरी तिमाही में बढ़कर 24 पर पहुंच गया, जो दूसरी तिमाही में 22 दर्ज किया गया था। हालांकि, यह बाजार के 25 के अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। इसके विपरीत, तानकान नॉन-मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स दूसरी तिमाही के 37 से घटकर 35 पर आ गया, जो विश्लेषकों के 36 के अनुमान से नीचे रहा। सेवा और गैर-विनिर्माण क्षेत्र में आई इस सुस्ती से कारोबारी धारणा प्रभावित हुई है। बैंक ऑफ जापान की सितंबर बैठक की राय के सारांश के अनुसार, कुछ नीति निर्माताओं ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गति तेज करने या उन्हें जल्द ही केंद्रीय बैंक के लक्ष्य के करीब लाने की आवश्यकता जताई थी। अधिकांश सदस्यों का मानना था कि बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव को देखते हुए सितंबर की दर वृद्धि के बाद उधार लागत में और इजाफा किया जाना चाहिए। नीतिगत बदलाव की इस बहस ने विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की चाल को संवेदनशील बना रखा है। दैनिक चार्ट पर तकनीकी तस्वीर और अहम समर्थन स्तर दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो मुद्रा जोड़ी का निकट अवधि का रुझान मंदड़ियों के पक्ष में बना हुआ है। वर्तमान मूल्य 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड्स के केंद्र के नीचे बना हुआ है, जबकि ऊपरी बैंड और 100-दिवसीय एसएमए के पास भारी आपूर्ति की स्थिति है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 37.33 पर बना हुआ है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के ठीक ऊपर है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार आरएसआई 35 के आसपास बना हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि नकारात्मक गति बनी रहने के बावजूद हालिया निचले स्तरों पर बिकवाली का दबाव कुछ धीमा पड़ रहा है। गिरावट की स्थिति में, शुरुआती समर्थन 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड्स की निचली सीमा पर 109.30 के स्तर पर स्थित है, जो आगे की मंदी को थामने के लिए तात्कालिक तल का काम कर रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगला अहम समर्थन 30 सितंबर के 108.89 के निचले स्तर पर देखा जा रहा है। इसके बाद 13 फरवरी को दर्ज किया गया 107.69 का निचला स्तर प्रमुख सुरक्षा स्तर होगा। लाइव तकनीकी स्तरों में 20-दिवसीय समर्थन 108.91 पर आंका गया है। उछाल की स्थिति में प्रमुख रुकावटें यदि मुद्रा जोड़ी में खरीदारी लौटती है और रिकवरी का प्रयास होता है, तो सबसे पहले इसे बोलिंगर बैंड्स की केंद्र रेखा यानी 110.90 के स्तर को पार करना होगा। इस स्तर के ऊपर खरीदारी का प्रवाह तेज होने पर 112.50 का ऊपरी बैंड और 112.65 के आसपास स्थित 100-दिवसीय एसएमए एक सघन प्रतिरोध क्षेत्र बनाते हैं। जब तक खरीदार इस पूरे दायरे को मजबूती से अपने कब्जे में नहीं लेते, तब तक किसी भी बड़ी तेजी के सीमित रहने की संभावना है। लाइव संकेतकों में पिवट 109.73 पर स्थित है, जबकि तात्कालिक रुकावटें 110.26 और 110.56 पर देखी जा रही हैं। जापानी येन की मुद्रा भूमिका और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का प्रभाव जापानी येन विश्व की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल के अंतर तथा निवेशकों की जोखिम धारणा से तय होता है। बैंक ऑफ जापान के प्रमुख दायित्वों में मुद्रा नियंत्रण शामिल है, इसलिए उसके कदम येन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। बैंक ऑफ जापान ने समय-समय पर मुद्रा बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप भी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सामान्यतः येन के मूल्य को नियंत्रित करना रहा है, हालांकि व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण ऐसा बार-बार करने से बचा जाता है। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के कारण अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ नीतिगत अंतर लगातार बढ़ता गया, जिससे येन में कमजोरी आई थी। विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साथ नीतिगत भिन्नता ने 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड प्रतिफल के अंतर को चौड़ा कर दिया, जिससे अमेरिकी डॉलर को येन की तुलना में मजबूती मिली। वर्ष 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा अति-उदार नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के निर्णय और अन्य केंद्रीय बैंकों में ब्याज दर कटौती की शुरुआत ने इस यील्ड अंतर को कम करना शुरू किया है, जिससे येन को कुछ सहारा मिला है। इसके अलावा, वैश्विक वित्तीय तनाव के समय निवेशक जापानी मुद्रा को सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पूंजी लगाते हैं, जिससे संकट के दौर में येन को मजबूती मिलती है। वैश्विक मुद्रा बाजार और अन्य संपत्तियों की स्थिति व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो महीने के निचले स्तर के करीब 0.6900 के मध्य क्षेत्र में सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावनाओं को कुछ कम किया है, लेकिन कच्चे तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताओं ने अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को ऊंचा बनाए रखा है। अगस्त में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष घटकर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया, जिसका मुद्रा पर सीमित प्रभाव पड़ा। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी सिरे पर 158.00 से ऊपर बनी हुई है। नरम पीसीई आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के करीब बने हुए हैं। साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती ने बैंक ऑफ जापान की आक्रामक नीतिगत अपेक्षाओं और हस्तक्षेप के जोखिमों को संतुलित कर रखा है। कमोडिटी और अन्य बाजारों में, सोना गिरावट को रोकने का प्रयास करते हुए 4,150 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है, जबकि बुधवार को इसे 4,200 डॉलर से ऊपर दबाव का सामना करना पड़ा था। निवेशक अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, ब्याज दरों के संबंध में ट्रेडर्स ने फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित अगली दर वृद्धि की समयसीमा को 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 9 दिसंबर पर खिसका दिया है। पीसीई मूल्य सूचकांक के वार्षिक संशोधन में जुलाई की कोर मुद्रास्फीति को 3.3 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है। यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी मई 2025 के बाद के अपने न्यूनतम स्तर 1.1312 पर पहुंच गई है, जो जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। डिजिटल संपत्ति क्षेत्र में, हाइपरलिक्विड में संस्थागत बहिर्गमन के चलते 2 प्रतिशत की गिरावट आई और बुधवार को 5 मिलियन डॉलर की निकासी दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 90 डॉलर के नीचे सीमित बनी हुई है। इसका आप पर असर मुद्रा विनिमय दरों में यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेशी यात्रा और मुद्रा बाजार में निवेश करने वालों के वित्तीय निर्णयों को प्रभावित करता है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: मुद्रा जोड़ी 100-दिवसीय एसएमए के नीचे बनी रहने से तकनीकी रुझान मंदड़ियों के पक्ष में है। कारोबारियों को 109.30 के समर्थन स्तर और 110.90 के प्रतिरोध स्तर पर नजर रखकर अपने स्टॉप-लॉस निर्धारित करने चाहिए। • आयात और निर्यात पर प्रभाव: येन में उतार-चढ़ाव से जापानी सामान मंगाने वाली कंपनियों की लागत संरचना में बदलाव आता है। व्यवसायों को मुद्रा के इस अस्थिर दौर में हेजिंग रणनीतियों का उचित प्रबंधन करना चाहिए। • वैश्विक निवेशकों के लिए: बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों से बॉन्ड यील्ड के अंतर में बदलाव आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों में निवेश रखने वाले व्यक्तियों को केंद्रीय बैंक की अगली दर बैठक के संकेतों पर ध्यान देना होगा। • विदेशी यात्रा और शिक्षा: जापान या ऑस्ट्रेलिया की यात्रा अथवा शिक्षा की योजना बना रहे लोगों के लिए मुद्रा विनिमय दर सीधे बजट को तय करती है। आगामी खर्चों के लिए अनुकूल दरों पर अग्रिम विनिमय करना बजट को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। ऐसा क्यों हुआ मुद्रा बाजार में यह उठापटक जापान के आर्थिक सर्वेक्षण के मिले-जुले नतीजों और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण पैदा हुई है। • तानकान सर्वेक्षण के विरोधाभासी आंकड़े: जापानी विनिर्माण क्षेत्र में आठ साल का उच्च स्तर देखा गया लेकिन गैर-विनिर्माण क्षेत्र का मनोबल गिरकर 35 पर आ गया। इस असमान विकास ने बैंक ऑफ जापान द्वारा लगातार दूसरी बार दरें बढ़ाने की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए। • नीतिगत दर वृद्धि पर बहस: बैंक ऑफ जापान के नीति निर्माताओं ने मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए दरों में तेजी लाने का समर्थन किया था। इसके बावजूद आर्थिक आंकड़ों की सुस्ती ने नीतिगत कदम उठाने की तात्कालिकता को लेकर बाजार में दुविधा बढ़ा दी है। • तकनीकी स्तरों पर बिकवाली का दबाव: मुद्रा जोड़ी प्रमुख बोलिंगर बैंड्स और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रही है। इन तकनीकी बाधाओं के चलते छह महीने के निचले स्तर से हुई रिकवरी सीमित दायरे में ही सिमट कर रह गई। सवाल-जवाब 1. गुरुवार के सत्र में एयूडी/जेपीवाई किस स्तर पर कारोबार कर रहा था? गुरुवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में यह मुद्रा जोड़ी छह महीने के निचले स्तर से उबरकर 109.95 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी। 2. जापान के तानकान सर्वेक्षण में कौन से आंकड़े सामने आए? लार्ज मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स बढ़कर 24 पर पहुंच गया, जबकि नॉन-मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स दूसरी तिमाही के 37 से घटकर 35 पर आ गया। 3. मुद्रा जोड़ी के लिए तात्कालिक समर्थन और रुकावट के स्तर कौन से हैं? तात्कालिक समर्थन स्तर 109.30 पर स्थित है, जबकि ऊपर की ओर पहली प्रमुख रुकावट 110.90 के स्तर पर देखी जा रही है। 4. बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठक के सारांश में क्या रुख दिखा? नीति निर्माताओं ने मुद्रास्फीति के दबाव को देखते हुए उधार लागत और ब्याज दरों को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की थी। 5. तकनीकी विश्लेषण में 14-दिवसीय आरएसआई क्या संकेत दे रहा है? 14-दिवसीय आरएसआई 37.33 पर स्थित है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के पास रहते हुए मंदी के दबाव में कुछ ठहराव का संकेत देता है। https://trendkia.com/market/chhaha-mahine-ke-nichale-stara-se-snbhala-streliyai-dolara-japanese-yen-ke-samane-100-dina-ke-sma-ke-niche-kamajori-ke-snketa-41010 TrendKia — Har trend, sabse pehle.