चिली में दो दशक के निचले स्तर पर पहुंचा तांबा उत्पादन, 14,000 डॉलर से नीचे फिसली कीमतें दुनिया के सबसे बड़े तांबा उत्पादक चिली में उत्पादन में भारी गिरावट के चलते वैश्विक आपूर्ति संकट गहरा गया है, जबकि व्यापक बाजार बिकवाली के कारण कीमतें 14,000 डॉलर प्रति टन से नीचे आ गई हैं। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में तांबे की आपूर्ति को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े तांबा उत्पादक देश चिली में तीसरी तिमाही का उत्पादन गिरकर दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी आयात मांग में मजबूती बने रहने के बावजूद, वित्तीय बाजारों में तकनीकी शेयरों की भारी बिकवाली और व्यापक जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के बीच तांबे के वैश्विक भाव 14,000 डॉलर प्रति टन के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गए हैं। चिली के उत्पादन अनुमानों में भारी कटौती चिली के सरकारी तांबा आयोग कोचिल्को ने देश के कुल उत्पादन अनुमान में बड़ी कटौती दर्ज की है। आयोग ने पहले चालू वर्ष 2026 में केवल 0.6% की मामूली गिरावट का अनुमान जताया था, लेकिन अब इस अनुमान को पूरी तरह बदलते हुए 8.4% की भारी गिरावट की आशंका जताई गई है। इस तेज गिरावट के कारण चिली का वार्षिक तांबा उत्पादन घटकर 4.94 मिलियन टन रह जाने का अनुमान है। अगले वर्ष यानी 2027 के परिदृश्य पर नजर डालें तो आयोग ने मामूली सुधार की उम्मीद जताई है। कोचिल्को का अनुमान है कि 2027 में उत्पादन 3% सुधरकर 5.1 मिलियन टन से थोड़ा कम रह सकता है। हालांकि, यह संशोधित आंकड़ा आयोग के पिछले 5.55 मिलियन टन के लक्ष्य की तुलना में काफी कम है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि मध्यम अवधि में भी खनन बाधाएं वैश्विक आपूर्ति को सीमित रखेंगी। अमेरिकी मांग से सहारा, फिर भी कीमतों पर बिकवाली का दबाव औद्योगिक धातुओं के लिए अमेरिकी बाजार से मजबूत संकेत मिल रहे हैं। सूचना प्रदाता आईएचएस मार्किट के अनुसार, अमेरिका ने अक्टूबर के दौरान 207,000 टन तांबे का आयात किया। मजबूत खपत और स्थिर आयात प्रवाह के बावजूद, कमोडिटी एक्सचेंज पर तांबे की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। प्रौद्योगिकी शेयरों में मुनाफावसूली और वैश्विक निवेशकों की सतर्कता ने धातुओं पर दबाव बनाए रखा है, जिससे कीमतें 14,000 डॉलर प्रति टन से नीचे आ गईं। मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और चुनावी अनिश्चितता मुद्रा बाजारों में भी व्यापक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) लगातार दूसरे सत्र में गिरकर 0.6960 के स्तर के पास कई दिनों के निचले स्तर पर आ गया। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक (आरबीए) के हालिया मौद्रिक नीति निर्णय के आकलन और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों की प्रतीक्षा में व्यापारी अपनी स्थितियां सीमित कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) मंगलवार के एशियाई सत्र में फिसल गया और पिछले कारोबारी दिन के 158.00 तक के लाभ को आंशिक रूप से गंवा बैठा। ईरान से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रमों की आशा और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले डॉलर पर दबाव बना हुआ है। जापानी मुद्रा बाजार में सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम से येन को समर्थन मिल रहा है, हालांकि बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा ब्याज दरों में अगली बढ़ोतरी के समय को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से इसकी बढ़त भी सीमित है। नतीजतन, यह मुद्रा जोड़ी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। भू-राजनीतिक तनाव, कच्चा तेल और सोने में गिरावट कमोडिटी बाजार में सोने (XAU/USD) ने मंगलवार को अपनी तेजी की गति खो दी। ईरान के क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने सोने के रुझान को प्रभावित किया। सोना 0.93% की दैनिक गिरावट के साथ 3,909 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने निचले स्तर से सुधरा है लेकिन अभी भी 102.00 के नीचे अपने पिछले दायरे में अटका हुआ है। ईरान में संघर्ष की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से अमेरिकी डॉलर को समर्थन जरूर मिल रहा है, लेकिन घरेलू राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर का ऊपरी दायरा सीमित बना हुआ है। इसका आप पर असर तांबे के उत्पादन में भारी कमी और कच्चे तेल में उछाल से औद्योगिक विनिर्माण लागत और वैश्विक व्यापार प्रभावित होंगे। • उपभोक्ताओं पर असर: तांबे और कच्चे तेल की बढ़ती लागत से इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली के तारों और ऑटोमोबाइल घटकों की निर्माण लागत बढ़ सकती है। कंपनियों द्वारा इस खर्च को आगे बढ़ाने पर अंतिम उत्पाद महंगे हो सकते हैं। • कमोडिटी निवेशकों के लिए: तांबे के 14,000 डॉलर से नीचे आने और सोने के 3,909 डॉलर पर फिसलने से धातु बाजारों में अस्थिरता बढ़ेगी। व्यापारियों को वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सख्त स्टॉप लॉस बनाए रखने की जरूरत होगी। • मुद्रा विनिमय और आयात: डॉलर इंडेक्स के 102.00 के करीब रहने और चुनावी अनिश्चितता के कारण आयातकों के लिए मुद्रा की हेजिंग महत्वपूर्ण हो गई है। विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से आयात बिल सीधे प्रभावित हो सकते हैं। • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला: चिली में 8.4% उत्पादन गिरावट से तांबे का वैश्विक भंडार घट सकता है। प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सामग्री की डिलीवरी पर असर पड़ने का जोखिम है। ऐसा क्यों हुआ चिली की खदानों में परिचालन संबंधी बाधाओं और भू-राजनीतिक तथा मैक्रोइकॉनॉमिक बदलावों के चलते यह स्थिति बनी है। • खनन में आई रुकावटें: चिली में उत्पादन दो दशक के निचले स्तर पर जाने से कोचिल्को को अपना अनुमान घटाना पड़ा। इसी वजह से 2026 में 8.4% की बड़ी गिरावट दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है। • तकनीकी शेयरों की बिकवाली: अमेरिकी आयात मजबूत रहने के बावजूद व्यापक वित्तीय बाजारों में तकनीकी शेयरों में गिरावट आई। इसके चलते जोखिम से बचने के रुख ने तांबे को 14,000 डॉलर प्रति टन से नीचे धकेल दिया। • भू-राजनीतिक संघर्ष और तेल: ईरान के क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। इस घटनाक्रम ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर दबाव बनाया और डॉलर को समर्थन दिया। सवाल-जवाब 1. चिली में 2026 के लिए तांबा उत्पादन का नया अनुमान क्या है? कोचिल्को ने अपने अनुमान को संशोधित करते हुए 8.4% की गिरावट के साथ 4.94 मिलियन टन रहने की संभावना जताई है। 2. तांबे की कीमतें किस स्तर से नीचे आ गई हैं? तकनीकी शेयरों में बिकवाली और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के बीच तांबे के भाव 14,000 डॉलर प्रति टन से नीचे फिसल गए हैं। 3. अक्टूबर में अमेरिका ने कितना तांबा आयात किया? आईएचएस मार्किट के अनुसार अमेरिका ने अक्टूबर महीने में 207,000 टन तांबे का आयात किया। 4. सोने की कीमत पर क्या असर पड़ा है? कच्चे तेल में तेजी के बीच सोना 0.93% टूटकर 3,909 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया है। 5. 2027 के लिए चिली के तांबा उत्पादन का क्या अनुमान है? कोचिल्को ने 2027 में 3% के सुधार के साथ उत्पादन 5.1 मिलियन टन से थोड़ा कम रहने का अनुमान जताया है। https://trendkia.com/market/chile-men-do-dashaka-ke-nichale-stara-para-pahuncha-tanba-utpadana-14-000-dolara-se-niche-phisali-kimaten-56002 TrendKia — Har trend, sabse pehle.