चीन के केंद्रीय बैंक ने युआन का दैनिक संदर्भ रेट बढ़ाकर 6.7411 तय किया, मुद्रा बाजारों में हलचल पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने मंगलवार के कारोबारी सत्र के लिए युआन की केंद्रीय संदर्भ दर 6.7411 निर्धारित की है। वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत कदमों के बीच यह निर्णय सामने आया है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने मंगलवार के कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की केंद्रीय संदर्भ दर 6.7411 निर्धारित कर दी है। यह नया स्तर पिछले कारोबारी दिन तय किए गए 6.7399 के मुकाबले थोड़ा ऊंचा है, जबकि बाजार में इसके 6.7177 रहने का अनुमान जताया गया था। दैनिक संदर्भ दर का यह निर्धारण विदेशी मुद्रा बाजार में युआन के दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा तय करने का काम करता है, जिसके इर्द-गिर्द बैंक और व्यापारी अपनी खरीद-फरोख्त करते हैं। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के मुख्य मौद्रिक उद्देश्य और ढांचा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का प्राथमिक कार्य कीमतों की स्थिरता बनाए रखना है, जिसके दायरे में विदेशी मुद्रा विनिमय दर का संतुलन भी शामिल है। इसके साथ ही बैंक का लक्ष्य देश के व्यापक आर्थिक विकास को निरंतर गति देना है। चीन का केंद्रीय बैंक वित्तीय सुधारों को लागू करने, वित्तीय बाजारों को विकसित करने और विदेशी निवेश के लिए नए रास्ते खोलने का काम भी संभालता है। चीन का यह केंद्रीय बैंक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार के पूर्ण स्वामित्व में काम करता है। इसी वजह से इसे पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों की तरह पूरी तरह स्वायत्त संस्था नहीं माना जाता। चीन की स्टेट काउंसिल के चेयरमैन द्वारा नामित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) समिति के सचिव का केंद्रीय बैंक के प्रबंधन और दिशा-निर्देशन पर सबसे गहरा असर होता है, जो बैंक गवर्नर के पद से भी ज्यादा प्रभाव रखता है। वर्तमान समय में श्री पान गोंगशेंग इन दोनों महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे हैं। मौद्रिक नीति के उपकरण और उधारी दरों की व्यवस्था पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में पीबीओसी अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नीतिगत उपकरणों के एक व्यापक और बहुआयामी सेट का इस्तेमाल करता है। इसके प्रमुख उपकरणों में सात-दिवसीय रिवर्स रेपो रेट (आरआरआर), मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी (एमएलएफ), विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो (आरआरआर) शामिल हैं। इन तमाम उपकरणों के बीच लोन प्राइम रेट (एलपीआर) चीन की मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर की भूमिका निभाती है। एलपीआर में किसी भी तरह का बदलाव सीधे तौर पर बाजार में मिलने वाले सामान्य कर्जों और रियल एस्टेट मॉर्गेज की दरों को प्रभावित करता है। इसके साथ ही यह बैंकों में बचत पर मिलने वाले ब्याज को भी बदल देता है। लोन प्राइम रेट में फेरबदल करके ही चीन का केंद्रीय बैंक युआन की विनिमय दरों पर सीधा असर डालता है और मुद्रा प्रवाह को नियंत्रित करता है। चीन का बैंकिंग परिदृश्य और निजी बैंकों की स्थिति चीन के विशाल वित्तीय तंत्र के भीतर केवल 19 निजी बैंक काम कर रहे हैं, जो कुल वित्तीय व्यवस्था का एक बेहद छोटा हिस्सा हैं। इनमें सबसे प्रमुख डिजिटल बैंक वीबैंक और मायबैंक हैं, जिन्हें तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों टेनसेंट और एंट ग्रुप का मजबूत समर्थन प्राप्त है। वर्ष 2014 में चीन ने निजी पूंजी से पूरी तरह वित्तपोषित घरेलू बैंकों को सरकारी नियंत्रण वाले वित्तीय क्षेत्र में परिचालन शुरू करने की औपचारिक मंजूरी दी थी। वैश्विक विदेशी मुद्रा और बांड बाजार की हलचल वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) जोड़ी ने मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र में अपना सुस्त दायरा जारी रखा और यह रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के आगामी ब्याज दर निर्णय से पहले 0.7000 के ठीक ऊपर कारोबार करती दिखी। दूसरी तरफ, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उपजी महंगाई की आशंकाओं ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मजबूत किया है। इस रुख ने अमेरिकी बांड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर करीब दो महीने के उच्चतम स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को समर्थन दिया है और मुद्रा जोड़ी की बढ़त सीमित रखी है। इसी तरह यूएस डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी में भी सुस्ती देखी गई। पिछले एक सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बाद यह जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 157.00 के मध्य स्तर के करीब स्थिर रही। जापानी येन की कमजोरी पर ट्रंप की चिंताओं ने अमेरिका और जापान द्वारा संयुक्त मुद्रा हस्तक्षेप की नई अटकलों को हवा दे दी है। इस घटनाक्रम और बैंक ऑफ जापान (बीओजे) के सख्त नीतिगत रुख ने येन को सहारा दिया है, जिससे इस जोड़ी का उछाल रुक गया। हालांकि, अमेरिकी फेड द्वारा दर वृद्धि के बढ़ते दांव और अमेरिकी बांड यील्ड में तेजी ने डॉलर को ऊंचा रखकर स्पॉट कीमतों को नीचे गिरने से बचाए रखा है। सुरक्षित संपत्तियों का प्रदर्शन और केंद्रीय बैंकों के कदम सोने के बाजार में भी पिछले दिन की भारी गिरावट के बाद स्थिरता की कोशिशें देखी गईं। सोने का भाव 5 अगस्त के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और कारोबारी अब अगली गिरावट से पहले 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर के टूटने का इंतजार कर रहे हैं। कच्चे तेल से पैदा हुई महंगाई के चलते अक्टूबर में फेड द्वारा एक और दर वृद्धि की संभावना बढ़ी है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग कमजोर हुई है। मजबूत अमेरिकी डॉलर भी सोने में मंदड़ियों के पक्ष को मजबूती दे रहा है। नीतिगत मोर्चे पर फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में लगभग एक जैसा रुख अपनाया है। दोनों ही केंद्रीय बैंकों ने पिछले सप्ताह ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी की है। दोनों संस्थान महंगाई के बढ़ते जोखिमों से जूझ रहे हैं और दोनों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनके भविष्य के फैसले पूरी तरह आने वाले नए आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे। क्रिप्टोकरेंसी सुरक्षा और अवैध लेनदेन पर रोक डिजिटल एसेट बाजार में ब्लॉकचेन सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ा कदम देखा गया। क्रॉस-चेन ट्रेडिंग प्रोटोकॉल नियर इंटेंट्स ने हालिया बिटगेट सुरक्षा चूक से जुड़े 5 करोड़ डॉलर से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग प्रयासों को सफलतापूर्वक अवरुद्ध कर दिया। प्रोटोकॉल ने निष्पादन प्रक्रिया के दौरान 5,03,000 डॉलर की राशि को फ्रीज भी कर दिया। यह पूरी कार्रवाई प्रोटोकॉल के रिस्क-इंटेलिजेंस सिस्टम शील्ड के जरिए पूरी की गई, जो हैकिंग और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लेनदेन पर निरंतर निगरानी रखता है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा विनिमय दरों और अमेरिकी बांड यील्ड में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और सोने की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। • भारतीय आयातकों और कंपनियों पर असर: अमेरिकी डॉलर के दो महीने के उच्च स्तर पर बने रहने से आयात लागत बढ़ सकती है। कंपनियों को कच्चे माल के भुगतान के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है। • सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए: सोने की कीमतों में $4,100 के स्तर के पास कमजोरी के कारण आभूषण खरीदारों को कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव रहने से निवेशकों को सतर्क रहना होगा। • विदेशी मुद्रा और यात्रा खर्च: डॉलर की मजबूती के चलते विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और यात्रा करने वालों का बजट बढ़ सकता है। मुद्रा विनिमय कराने से पहले दरों पर नजर रखना जरूरी है। • वैश्विक वित्तीय बाजारों पर प्रभाव: केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी और आगे भी दर वृद्धि की आशंका से ऋण लागत ऊंची बनी रहेगी। इससे बॉन्ड बाजार और सुरक्षित संपत्तियों में निवेश के नए अवसर बन रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा युआन के संदर्भ रेट में समायोजन और वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती के पीछे कच्चे तेल की कीमतों से उपजी महंगाई और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के सख्त नीतिगत कदम मुख्य वजह हैं। • तेल की कीमतों से महंगाई का दबाव: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण मुद्रास्फीति के दोबारा बढ़ने की चिंताएं गहरी हो गई हैं। इसी दबाव के चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदें तेज हुई हैं। • अमेरिकी बांड यील्ड में रिकॉर्ड उछाल: ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके चलते डॉलर इंडेक्स को मजबूती मिली है और सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग बढ़ी है। • केंद्रीय बैंकों के समन्वित नीतिगत कदम: फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों ने हाल ही में दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीति को सख्त रखने का यह रुख वैश्विक विनिमय दरों को लगातार प्रभावित कर रहा है। सवाल-जवाब 1. पीबीओसी ने मंगलवार को युआन का संदर्भ रेट क्या तय किया? पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने मंगलवार के सत्र के लिए संदर्भ दर 6.7411 निर्धारित की, जो पिछले दिन के 6.7399 से अधिक है। 2. चीन में लोन प्राइम रेट का क्या महत्व है? लोन प्राइम रेट (एलपीआर) चीन की बेंचमार्क उधारी दर है, जो सीधे तौर पर व्यापारिक कर्जों, रियल एस्टेट मॉर्गेज और बचत ब्याज दरों को तय करती है। 3. पीबीओसी में सीसीपी सचिव और गवर्नर का पद वर्तमान में कौन संभाल रहा है? श्री पान गोंगशेंग वर्तमान समय में पीबीओसी के गवर्नर और सीसीपी समिति के सचिव दोनों पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 4. हाल ही में फेड और बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया? फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों ने पिछले सप्ताह अपनी प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। 5. नियर इंटेंट्स प्रोटोकॉल ने किस घटना के संबंध में फंड्स को फ्रीज किया? नियर इंटेंट्स ने बिटगेट से जुड़ी सुरक्षा चूक के बाद 5 करोड़ डॉलर के मनी लॉन्ड्रिंग प्रयास को रोका और 5,03,000 डॉलर को फ्रीज किया। https://trendkia.com/market/china-central-bank-pboc-ne-yuan-ka-dainika-sndarbha-reta-barhakara-6-7411-taya-kiya-mudra-bajaron-men-halachala-40142 TrendKia — Har trend, sabse pehle.