# चीन का निर्यात सितंबर में उछलकर 36.3 फीसदी पर पहुंचा, अमेरिकी ट्रेड और एआई चिप मांग से चमके वैश्विक बाजार

> सितंबर महीने में चीन के विदेशी व्यापार में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया, जिसमें निर्यात 36.3 प्रतिशत और आयात 31 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिका के साथ रिश्तों में स्थिरता और प्रौद्योगिकी मांग के चलते व्यापार अधिशेष 938.11 अरब डॉलर पहुंच गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/china-ka-niryata-sitnbara-men-uchhalakara-36-3-phisadi-para-pahuncha-us-treda-aura-ai-chipa-manga-se-chamake-vaishvika-bajara-47434 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीन व्यापार, निर्यात वृद्धि, अमेरिका चीन संबंध, एआई मांग, व्यापार अधिशेष, वैश्विक अर्थव्यवस्था, मुद्रा बाजार

सितंबर के महीने में चीन के विदेशी व्यापार ने तेज रफ्तार पकड़ी है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में आर्थिक स्थिरता को नया संबल मिला है। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़े पूंजीगत व्यय में तेज बढ़ोतरी और बढ़ती कीमतों ने प्रौद्योगिकी उत्पादों के दोतरफा व्यापार को मजबूती दी है। सितंबर में चीन की निर्यात वृद्धि दर उछलकर सालाना आधार पर 36.3 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे पहले अगस्त में यह आंकड़ा 25.0 प्रतिशत था, जबकि ब्लूमबर्ग का अनुमान 25.7 प्रतिशत रहने का था। इसी दौरान आयात में भी 31.0 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अगस्त के 28.2 प्रतिशत और ब्लूमबर्ग के 25.0 प्रतिशत के अनुमान से कहीं अधिक रही।

## साल 2026 के नौ महीनों में व्यापार अधिशेष का नया रिकॉर्ड
चीन के समग्र आर्थिक विकास को गति देने में उसका विदेशी व्यापार सबसे अहम पहिया साबित हो रहा है। वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों (9M26) के दौरान देश के कुल निर्यात में 21.3 प्रतिशत और कुल आयात में 27.5 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई है। इस शानदार व्यापारिक प्रदर्शन के दम पर नौ महीनों का संचयी व्यापार अधिशेष बढ़कर 938.11 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 870.37 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया था। मौजूदा मजबूत आंकड़ों और तकनीकी क्षेत्र की मजबूत मांग को देखते हुए साल 2026 के लिए निर्यात वृद्धि का अनुमान 17.0 प्रतिशत से बढ़ाकर 23 प्रतिशत और आयात वृद्धि का अनुमान 22.0 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत कर दिया गया है।

## अमेरिका और चीन के द्विपक्षीय व्यापार में सुधार
अमेरिका के साथ चीन के व्यापारिक रिश्तों में भी निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए अमेरिकी शुल्कों के निष्प्रभावी होने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में सकारात्मक रुख बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी के बीच मई में हुई शिखर वार्ता के बाद से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में स्थिरता आई है। सितंबर में हुई दोनों देशों की हालिया बैठक ने भी स्थिर द्विपक्षीय संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धताओं को मजबूती दी है। इसी का परिणाम है कि सितंबर में अमेरिका के साथ चीन के निर्यात और आयात दोनों ने ही दहाई अंक की तेज विकास दर बनाए रखी है।

## मुद्रा बाजारों में हलचल और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
चीन के व्यापार आंकड़ों और मुद्रास्फीति के मिश्रित आंकड़ों का सीधा असर वैश्विक मुद्रा विनिमय बाजार पर देखा गया है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7000 के स्तर के पास मजबूती से टिकी रही। चीन में सितंबर महीने के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई उम्मीद से कम बढ़ा, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई मुद्रास्फीति में तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही चीन के व्यापार अधिशेष में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर में सुस्ती छाई रही, जिससे AUD/USD को मजबूती मिली, जबकि निवेशकों की निगाहें अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों पर टिकी रहीं।

## जापानी येन का दायरा और अमेरिकी मुद्रास्फीति से सोने पर दबाव
दूसरी तरफ USD/JPY की जोड़ी बुधवार के एशियाई सत्र में 158.50 के करीब एक सीमित दायरे में कारोबार करती दिखाई दी। जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित दखलंदाजी के जोखिमों ने जापानी येन को सहारा दिया, जिससे कमजोर डॉलर के बावजूद इस जोड़ी की बढ़त सीमित रही। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को सहारा भी दिया। बुधवार के अमेरिकी सत्र में जब अमेरिकी सीपीआई आंकड़े सामने आए, तो वहां मुद्रास्फीति अनुमान से ज्यादा गर्म रही। आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अमेरिकी मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़ी, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ गई और इस दबाव के चलते सोने की कीमतों में गिरावट का दौर और गहरा गया।

## क्रिप्टो बाजार की स्थिति और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की ऊंचाई
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में XRP 1.36 डॉलर से ऊपर कारोबार करता नजर आया, जहां खरीदार इसे 1.40 डॉलर के आपूर्ति दायरे की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजारों के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाएं तलाशने हेतु साझेदारी की है। उधर पारंपरिक ऋण बाजार में अक्टूबर की शुरुआत में लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। ट्रेजरी की नई ऋण नीलामियों में निवेशक रिकॉर्ड हिस्सेदारी खरीद रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बॉन्ड बाजार में बिकवाली अन्य सौदों की सुरक्षा के लिए की जा रही है, न कि खरीदारों के बाजार से हटने के कारण।

## इसका आप पर असर
चीन के मजबूत व्यापारिक आंकड़ों और बढ़ती तकनीकी मांग से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और मुद्रा बाजारों में हलचल तेज हो गई है।

- **भारतीय उद्योगों पर असर:** चीन के मजबूत निर्यात और एआई चिप मांग से वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट की कीमतें और उपलब्धता सीधे प्रभावित होंगी। भारतीय विनिर्माताओं और आईटी कंपनियों को अपनी आपूर्ति योजनाएं उसी अनुसार व्यवस्थित करनी होंगी।
- **आयात और लागत:** आयात में 31 प्रतिशत की वृद्धि से साफ है कि चीन बड़े पैमाने पर कच्चे माल की खरीद कर रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंसों के भाव स्थिर या मजबूत बने रह सकते हैं, जिससे स्थानीय आयातकों की लागत प्रभावित होगी।
- **निवेशक और मुद्रा विनिमय:** अमेरिकी मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत रहने से डॉलर मजबूत हुआ है और सोने पर दबाव बढ़ा है। खुदरा निवेशकों को मुद्रा बाजार की अस्थिरता और कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर पोर्टफोलियो संतुलित करना चाहिए।
- **क्रिप्टो और पूंजी बाजार:** रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज की साझेदारी संस्थागत डिजिटल संपत्ति अपनाने की दिशा में नया कदम है। टोकनाइजेशन और कस्टडी सेवाओं में रुचि रखने वाले निवेशकों को नए उत्पादों पर नजर रखनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
चीन के विदेशी व्यापार में आई इस तेज उछाल के पीछे वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेश और अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों में आया ठहराव मुख्य कारण हैं।

- **एआई और तकनीकी पूंजीगत व्यय:** दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बुनियादी ढांचे पर कंपनियों का भारी खर्च जारी है। तकनीकी उत्पादों की ऊंची कीमतों और भारी मांग ने चीन के दोतरफा टेक व्यापार को जोरदार समर्थन दिया।
- **अमेरिकी शुल्कों का निष्प्रभावी होना:** राष्ट्रपति ट्रंप के IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ के हटने से व्यापारिक बाधाएं कम हुईं। इस नीतिगत बदलाव ने द्विपक्षीय शिपमेंट के प्रवाह को तत्काल गति प्रदान की।
- **द्विपक्षीय शिखर वार्ताएं:** मई में राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी के बीच हुई शिखर बैठक तथा सितंबर में हुई बैठकों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर किया। इस कूटनीतिक तालमेल के चलते दोनों देशों के बीच सितंबर में आयात और निर्यात दोनों दहाई अंक की रफ्तार से बढ़े।

## सवाल-जवाब

### 1. सितंबर में चीन की निर्यात और आयात वृद्धि दर कितनी दर्ज की गई?
सितंबर में चीन का निर्यात सालाना आधार पर 36.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि आयात में 31.0 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

### 2. वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में चीन का व्यापार अधिशेष कितना रहा?
साल 2026 के पहले नौ महीनों में चीन का संचयी व्यापार अधिशेष 938.11 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 870.37 अरब अमेरिकी डॉलर था।

### 3. अमेरिका और चीन के व्यापार में हालिया सुधार का क्या कारण है?
राष्ट्रपति ट्रंप के IEEPA शुल्कों के निष्प्रभावी होने और मई व सितंबर की द्विपक्षीय बैठकों के बाद दोनों देशों के व्यापार में दहाई अंक की वृद्धि लौटी है।

### 4. अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों का सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
सितंबर में अमेरिकी सीपीआई सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़कर उम्मीद से ज्यादा रहने के कारण डॉलर मजबूत हुआ और सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

### 5. दक्षिण कोरिया में रिपल ने किस कंपनी के साथ साझेदारी की है?
रिपल ने दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजारों में संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाएं तलाशने के लिए मेरिट्ज सिक्योरिटीज के साथ साझेदारी की है।

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