चीन के केंद्रीय बैंक ने तय की युआन की नई संदर्भ दर, जापानी येन और सोने पर दिखा वैश्विक दबाव पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन की दैनिक संदर्भ दर 6.7487 निर्धारित की है। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों के बदलते रुख और भू-राजनीतिक हलचलों के बीच विदेशी मुद्रा बाजार और सोने में सतर्कता देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत के साथ ही चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की दैनिक संदर्भ दर यानी सेंट्रल पैरिटी रेट 6.7487 पर तय की। यह स्तर पिछले शुक्रवार को निर्धारित 6.7521 की फिक्सिंग दर से थोड़ा मजबूत है, जबकि इसके लिए रॉयटर्स का अनुमान 6.6951 का लगाया गया था। चीन की इस ताजा फिक्सिंग ने वैश्विक स्तर पर कारोबारियों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि यह कदम दुनिया भर के प्रमुख वित्तीय बाजारों में जारी उथल-पुथल के बीच सामने आया है। चीन की मौद्रिक नीति और केंद्रीय बैंक का ढांचा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के प्राथमिक मौद्रिक नीतिगत लक्ष्यों में मुख्य रूप से मूल्य स्थिरता बनाए रखना, विनिमय दर में स्थायित्व सुनिश्चित करना और समग्र आर्थिक विकास को गति देना शामिल है। इसके अलावा, देश का केंद्रीय बैंक वित्तीय सुधारों को लागू करने की दिशा में भी निरंतर कार्यरत रहता है, जिसके तहत घरेलू वित्तीय बाजार को वैश्विक निवेशकों के लिए खोलने और विकसित करने की योजनाएं बनाई जाती हैं। पश्चिमी देशों के स्वतंत्र केंद्रीय बैंकों की तुलना में इसका संगठनात्मक ढांचा काफी अलग है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का पूर्ण स्वामित्व पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के पास है, जिसके चलते इसे एक स्वायत्त या स्वतंत्र संस्था नहीं माना जाता। स्टेट काउंसिल के चेयरमैन द्वारा नामित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी के सेक्रेटरी का केंद्रीय बैंक के प्रबंधन और उसकी समग्र दिशा पर सबसे अहम प्रभाव होता है। आमतौर पर यह प्रभाव गवर्नर की तुलना में अधिक माना जाता है, हालांकि वर्तमान समय में पैन गोंगशेंग इन दोनों ही पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के नीतिगत हथियार पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली के उलट, चीन का केंद्रीय बैंक अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मौद्रिक नीतिगत उपकरणों के एक व्यापक और विविध सेट का इस्तेमाल करता है। इन प्रमुख उपकरणों में सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मीडियम टर्म लेंडिंग फैसिलिटी, विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो शामिल हैं। इसके बावजूद, लोन प्राइम रेट चीन की प्राथमिक बेंचमार्क ब्याज दर बनी हुई है। लोन प्राइम रेट में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर बाजार में दिए जाने वाले व्यावसायिक ऋणों, आवासीय मोर्टगेज और बचत पर मिलने वाले ब्याज को प्रभावित करता है। इसी लोन प्राइम रेट में आवश्यक फेरबदल करके केंद्रीय बैंक चीनी रैनमिन्बी की विनिमय दरों को भी व्यापक रूप से नियंत्रित और प्रभावित करता है। चीन में निजी बैंकों की सीमित मौजूदगी चीन की संपूर्ण वित्तीय व्यवस्था में निजी बैंकों की हिस्सेदारी बेहद छोटी है और देश में केवल 19 निजी बैंक कार्यरत हैं। इनमें से सबसे बड़े निजी ऋणदाता डिजिटल प्लेटफॉर्म वीबैंक और मायबैंक हैं, जिन्हें तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों टेनसेंट और एंट ग्रुप का समर्थन हासिल है। सरकारी प्रभुत्व वाले वित्तीय क्षेत्र में निजी पूंजी से पूरी तरह वित्तपोषित घरेलू बैंकों को संचालन की अनुमति वर्ष 2014 में दी गई थी। विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य मुद्राओं का हाल सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बनी रही। निरंतर बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर ने जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से आई मामूली गिरावट को थाम लिया है। इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत दृष्टिकोण ने भी अमेरिकी डॉलर को मजबूती प्रदान की है। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी के दांव ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे जाने से रोका है। बाजार अब मंगलवार को गवर्नर बुलॉक के भाषण और गुरुवार को आने वाले ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहा है। दूसरी ओर, नए हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में हल्की बढ़त दर्ज की गई। यह जोड़ी 158.00 के स्तर से पीछे हटने के बाद स्थिर हुई है, जो पिछले शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा की गई नीतिगत ब्याज दर वृद्धि के बाद छुआ गया दो सप्ताह का उच्चतम स्तर था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व द्वारा इसी वर्ष ब्याज दर बढ़ाने के अनुमानों ने डॉलर को मजबूती दी है, हालांकि कारोबारी नए भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सतर्क बने हुए हैं। बैंक ऑफ जापान का फैसला और सोने की चाल बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। केंद्रीय बैंक का यह निर्णय काफी हद तक बाजार की उन उम्मीदों के अनुरूप रहा, जिसका अनुमान पिछले कई हफ्तों से लगाया जा रहा था। इस बीच, सोने की कीमतों को पिछले दो दिनों में हुई रिकवरी को आगे बढ़ाने में संघर्ष करना पड़ रहा है और नए हफ्ते की शुरुआत में इसे ताजा बिकवाली का सामना करना पड़ा। पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष के जोखिम ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को शुक्रवार की गिरावट से उबरने में मदद की। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख ने बिना ब्याज देने वाले सोने पर दबाव बनाए रखा है, जिससे पीली धातु 4,400 डॉलर के स्तर से नीचे बनी हुई है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा और सर्राफा बाजार में हो रहे इन नीतिगत बदलावों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आयात-निर्यात लागत पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय दर: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और युआन की फिक्सिंग से आयातित वस्तुओं की लागत प्रभावित हो सकती है। जो कंपनियां विदेशी व्यापार से जुड़ी हैं, उन्हें अपनी हेजिंग रणनीतियों पर नजर रखनी चाहिए। • सोने के खरीदार: सोने की कीमतों पर वैश्विक स्तर पर 4,400 डॉलर के नीचे दबाव बना हुआ है। यदि आप आभूषण या सोने में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो वैश्विक ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर नजर रखना जरूरी है। • विदेशी यात्रा और शिक्षा: डॉलर के मुकाबले प्रमुख एशियाई मुद्राओं में उतार-चढ़ाव से विदेश में पढ़ाई या यात्रा का खर्च बदल सकता है। छात्रों और यात्रियों को मुद्रा विनिमय के समय दरों की तुलना कर लेनी चाहिए। • निवेशक और ट्रेडर: प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में किए जा रहे बदलाव से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। विदेशी मुद्रा और कमोडिटी में ट्रेडिंग करने वालों को स्टॉप-लॉस और सतर्क रुख बनाए रखना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा नई संदर्भ दर तय करने और वैश्विक बाजारों में हलचल के पीछे केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले और भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारक हैं। • पीबीओसी का मौद्रिक ढांचा: पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना आर्थिक विकास को सहारा देने और विनिमय दर में स्थिरता बनाए रखने के लिए दैनिक संदर्भ दर तय करता है। यह दर सीधे तौर पर बाजार की मांग और घरेलू ऋण प्राथमिकताओं को संतुलित करने के उद्देश्य से तय की जाती है। • फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने और संभावित बढ़ोतरी के संकेतों ने डॉलर को मजबूत किया है। इस मजबूत डॉलर के कारण सोने और अन्य प्रमुख एशियाई मुद्राओं पर निरंतर दबाव बना हुआ है। • बैंक ऑफ जापान का सामान्यीकरण: बैंक ऑफ जापान ने वर्षों की अति-सुलभ मौद्रिक नीति से बाहर निकलते हुए ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% किया है। इस नीतिगत सामान्यीकरण के बावजूद पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव ने येन की तेजी को सीमित रखा है। • भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की आशंकाओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग को समर्थन दिया है। इसके चलते पारंपरिक सुरक्षित परिसंपत्ति सोना पिछले बढ़त के स्तर को बरकरार रखने में विफल रहा। सवाल-जवाब 1. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन की नई संदर्भ दर क्या तय की है? पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सोमवार को यूएसडी/सीएनवाई की केंद्रीय संदर्भ दर 6.7487 तय की, जो पिछले सत्र के 6.7521 से मजबूत है। 2. चीन में मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर कौन सी है? चीन में प्राथमिक बेंचमार्क ब्याज दर लोन प्राइम रेट है, जो देश भर में ऋणों और मोर्टगेज की दरों को तय करती है। 3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 4. चीन में कितने निजी बैंक सक्रिय हैं? चीन में केवल 19 निजी बैंक कार्यरत हैं, जिनमें वीबैंक और मायबैंक सबसे प्रमुख डिजिटल ऋणदाता हैं। 5. सोने की कीमतें वर्तमान में किस स्तर के नीचे बनी हुई हैं? सोने की कीमतें ताजा बिकवाली और मजबूत डॉलर के दबाव के कारण 4,400 डॉलर के स्तर से नीचे बनी हुई हैं। https://trendkia.com/market/china-ke-kendriya-bainka-ne-taya-ki-yuan-ki-nai-sndarbha-dara-japani-yen-aura-sone-para-dikha-vaishvika-dabava-35456 TrendKia — Har trend, sabse pehle.