चीन के केंद्रीय बैंक ने USD/CNY का रेफरेंस रेट 6.7840 तय किया, जानिए वैश्विक फॉरेक्स बाजार का हाल पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने गुरुवार को युआन का दैनिक मध्य दर 6.7840 निर्धारित किया। इसके साथ ही वैश्विक फॉरेक्स बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, सोने की कीमतों और आगामी फेडरल रिजर्व बयान पर भी नजरें टिकी हुई हैं। चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने गुरुवार के कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन (USD/CNY) की अपनी दैनिक मध्य दर यानी रेफरेंस रेट 6.7840 पर निर्धारित की है। यह दर पिछले कारोबारी दिन के फिक्स 6.7829 से थोड़ी अधिक है, जबकि बाजार विश्लेषकों का अनुमान 6.7261 का था। केंद्रीय बैंक द्वारा हर सुबह तय की जाने वाली यह संदर्भ दर चीन के मुद्रा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा निर्धारित करती है, क्योंकि ऑनशोर युआन को इस आधिकारिक दर से एक निश्चित दायरे के भीतर ही व्यापार करने की अनुमति होती है। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के मुख्य उद्देश्य और नीतियां पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के प्राथमिक मौद्रिक नीतिगत उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता बनाए रखना शामिल है, जिसमें विनिमय दर यानी एक्सचेंज रेट की स्थिरता सुनिश्चित करना और देश की समग्र आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, चीन का केंद्रीय बैंक कई वित्तीय सुधारों को लागू करने का लक्ष्य भी रखता है, जिनमें घरेलू वित्तीय बाजारों को खोलना और उनका विकास करना मुख्य रूप से शामिल है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बैंक विभिन्न प्रकार के नीतिगत उपायों और साधनों का उपयोग करता है। चीन के केंद्रीय बैंक का ढांचा और नेतृत्व तंत्र पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों के विपरीत, पीपल्स बैंक ऑफ चाइना एक पूरी तरह से स्वायत्त संस्था नहीं माना जाता है, क्योंकि इसका स्वामित्व पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राज्य के पास है। बैंक प्रबंधन और रणनीतिक दिशा पर सबसे बड़ा और निर्णायक प्रभाव चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) समिति के सचिव का होता है, जिनका नामांकन स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। हालांकि गवर्नर का पद भी महत्वपूर्ण होता है, लेकिन वर्तमान में पैन गोंगशेंग (Mr. Pan Gongsheng) के पास ये दोनों ही जिम्मेदारियां हैं, यानी वे गवर्नर के साथ-साथ CCP समिति सचिव का पद भी संभाल रहे हैं। मौद्रिक नीति के उपकरण और लोन प्राइम रेट का महत्व पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में, PBoC अपने निर्धारित उद्देश्यों को हासिल करने के लिए मौद्रिक नीति उपकरणों के अधिक व्यापक सेट का उपयोग करता है। इसके प्राथमिक उपकरणों में 7-दिवसीय रिवर्स रेपो रेट (RRR), मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी (MLF), विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो (RRR) शामिल हैं। इन सबके बीच, लोन प्राइम रेट (LPR) को चीन की बेंचमार्क ब्याज दर माना जाता है। LPR में किसी भी प्रकार के बदलाव का सीधा असर बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रकार के लोन, मॉर्गेज की दरों और बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ता है। LPR में बदलाव करके चीन का केंद्रीय बैंक चीनी रेन्मिनबी की विनिमय दरों को भी प्रभावित करता है। चीन में निजी बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति चीन के राज्य-नियंत्रित वित्तीय ढांचे में निजी बैंकों की हिस्सेदारी सीमित है। वर्तमान में चीन में 19 निजी बैंक कार्यरत हैं, जो कि विशाल वित्तीय प्रणाली का एक बहुत छोटा हिस्सा हैं। इन निजी संस्थानों में सबसे बड़े डिजिटल लेंडर्स वेबैंक (WeBank) और मायबैंक (MYbank) हैं। इन डिजिटल बैंकों को चीन की बड़ी टेक कंपनियों टेनसेंट (Tencent) और एंट ग्रुप (Ant Group) का समर्थन प्राप्त है। वर्ष 2014 में चीन ने पूरी तरह से निजी पूंजी से वित्तपोषित घरेलू उधारदाताओं को इस राज्य-संचालित वित्तीय क्षेत्र में काम करने की अनुमति दी थी। वैश्विक फॉरेक्स बाजार: GBP/USD और EUR/USD में गिरावट अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार की बात करें तो GBP/USD ने बुधवार को अपनी गिरावट फिर से शुरू कर दी। मंगलवार के तेजी के प्रयास को बदलते हुए पाउंड डॉलर के मुकाबले 1.3600 के स्तर से नीचे आ गया। पाउंड में यह गिरावट अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती के बाद देखने को मिली है, क्योंकि निवेशक हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य का मूल्यांकन कर रहे हैं। दूसरी ओर, EUR/USD पर भी बिकवाली का दबाव देखा गया और यह एशियाई सत्र की शुरुआत से पहले 1.1600 के मध्य स्तर तक नीचे आ गया। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव और शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के आगामी भाषण से पहले बाजार में सतर्कता के कारण यूरो ने अपनी गति खो दी। इसके साथ ही यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) गुरुवार को अपने खाते (Accounts) प्रकाशित करने वाला है। सोने की कीमतें और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति कीमती धातुओं के बाजार में, गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान सोने को कुछ निचले स्तरों पर खरीदार मिले। इससे सोने ने पिछले दिन के नुकसान की आंशिक भरपाई की, जो इसे साप्ताहिक निचले स्तर तक ले गया था। डॉलर की गति सीमित रहने, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने को सहारा दिया। हालांकि, अमेरिका के हालिया पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) इन्फ्लेशन आंकड़ों के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं बनी हुई हैं, जिससे डॉलर को समर्थन मिल रहा है और गैर-ब्याज वाली संपत्ति सोने की बढ़त सीमित बनी हुई है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श शुक्रवार को फेड चेयरमैन के रूप में अपना पहला जैक्सन होल भाषण देने की तैयारी कर रहे हैं, और बाजार की उम्मीदें केवल सितंबर में दरों में बदलाव तक सीमित नहीं हैं। इसका आप पर असर चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा विनिमय दर तय करने और वैश्विक बाजारों में डॉलर व सोने की हलचल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश गतिविधियों पर सीधा असर पड़ता है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल या सोने की उतार-चढ़ाव से भारतीय रुपये की विनिमय दर और घरेलू सोने के दामों पर असर पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप आयातित वस्तुएं महंगी या सस्ती हो सकती हैं। • वैश्विक निवेशकों के लिए: चीन की मौद्रिक नीति और अमेरिका में इन्फ्लेशन के आंकड़ों के कारण करेंसी ट्रेडर्स को ध्यानपूर्वक जोखिम प्रबंधन की रणनीति अपनानी चाहिए। 1.3600 और 1.1600 जैसे प्रमुख स्तरों पर फॉरेक्स बाजार नजर रख रहा है। सवाल-जवाब 1. गुरुवार को पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने USD/CNY का रेफरेंस रेट क्या तय किया? पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने गुरुवार के कारोबारी सत्र के लिए USD/CNY का रेफरेंस रेट 6.7840 तय किया, जो पिछले दिन के 6.7829 से अधिक है। 2. चीन का लोन प्राइम रेट (LPR) अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करता है? लोन प्राइम रेट चीन की बेंचमार्क ब्याज दर है, जो सीधे तौर पर वाणिज्यिक लोन, मॉर्गेज दरों और बचत पर ब्याज दरों को नियंत्रित करती है। 3. चीन में कौन से प्रमुख निजी डिजिटल बैंक काम कर रहे हैं? चीन में मुख्य निजी डिजिटल लेंडर्स वेबैंक और मायबैंक हैं, जिन्हें टेक दिग्गज टेनसेंट और एंट ग्रुप का समर्थन प्राप्त है। 4. GBP/USD और EUR/USD की हालिया स्थिति क्या रही है? GBP/USD घटकर 1.3600 के स्तर से नीचे आ गया है, जबकि EUR/USD बिकवाली के दबाव में 1.1600 के मध्य स्तर पर आ गया है। 5. सोने की कीमतों पर किन कारकों का प्रभाव पड़ रहा है? सोने को अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सहारा मिला है, लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर और PCE इन्फ्लेशन आंकड़ों ने इसकी तेजी को सीमित किया है। https://trendkia.com/market/china-ke-kendriya-bainka-ne-usd-cny-ka-repharensa-reta-6-7840-taya-kiya-janie-vaishvika-phoreksa-bajara-ka-hala-22780 TrendKia — Har trend, sabse pehle.