चीन के सुस्त मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों और मजबूत अमेरिकी डॉलर से न्यूजीलैंड डॉलर पर भारी दबाव चीन के विनिर्माण क्षेत्र में सुस्ती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के चलते न्यूजीलैंड डॉलर लगातार दूसरे दिन गिरावट में रहा। एशियाई कारोबारी सत्र में मुद्रा 0.5620 के स्तर के इर्द गिर्द फिसलती नजर आई। चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई मंदी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेतों के बीच न्यूजीलैंड डॉलर (NZD) में लगातार दूसरे दिन बिकवाली का रुख देखा गया। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान न्यूजीलैंड डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (NZD/USD) की जोड़ी फिसलकर 0.5620 के आसपास कारोबार करती दिखी। इस मुद्रा जोड़ी का ताजा लाइव भाव 0.5612 दर्ज किया गया, जो पिछले बंद 0.5632 के मुकाबले 0.36 फीसदी नीचे है। न्यूजीलैंड के प्रमुख व्यापारिक साझेदार चीन से आए हालिया औद्योगिक आंकड़ों ने बाजार में कीवी मुद्रा के प्रति निवेशकों के रुझान को कमजोर किया है। चीन के विनिर्माण आंकड़ों का न्यूजीलैंड की मुद्रा पर सीधा असर न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था और उसके निर्यात क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा चीन की मांग पर निर्भर करता है। हालिया आंकड़ों में चीन का रेटिंगडॉग मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में गिरकर 52.0 पर आ गया, जो अगस्त में 52.1 दर्ज किया गया था। हालांकि यह आंकड़ा बाजार के 51.6 के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा, लेकिन विकास की रफ्तार में कमी साफ नजर आई। इसके अतिरिक्त चीन का नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (NBS) मैन्युफैक्चरिंग PMI अक्टूबर में संकुचन के दायरे में फिसलकर 49.3 पर आ गया, जबकि इसके 50.0 पर रहने की उम्मीद लगाई गई थी। 50 से नीचे का स्तर उत्पादन गतिविधियों में संकुचन दर्शाता है, जिससे न्यूजीलैंड के निर्यात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में न्यूजीलैंड डॉलर आज यूरो के मुकाबले सबसे अधिक कमजोर रहा। फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की ताकत दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर को घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और मुद्रास्फीति के दबावों से लगातार सहारा मिल रहा है। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय बाजारों के कारोबारी दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 75 फीसदी संभावना मानकर चल रहे हैं। हालिया व्यापक आर्थिक आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी से निपटने में सक्षम है, लेकिन लगातार ऊंची महंगाई फेडरल रिजर्व को सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने पर मजबूर कर सकती है। कारोबारी अब आगामी गैर कृषि पेरोल (NFP) रिपोर्ट और आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग तथा सर्विसेज आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही सप्ताह के दौरान कई फेडरल रिजर्व अधिकारियों के भाषण भी प्रस्तावित हैं, जिनसे ब्याज दरों की भावी दिशा स्पष्ट हो सकेगी। तकनीकी स्तर और चार्ट पर कीवी डॉलर का रुझान तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इस जोड़ी में सुधार की किसी भी कोशिश को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऊपर की तरफ पहला तात्कालिक प्रतिरोध 9 पीरियड के ईएमए पर लगभग 0.5644 के आसपास मौजूद है, जबकि 50 पीरियड का ईएमए 0.5701 के स्तर पर एक मजबूत रुकावट बना हुआ है। ताजा तकनीकी संकेतकों में 14 पीरियड का आरएसआई 39 पर दर्ज है, जो मंदड़ियों के प्रभाव को दर्शाता है। मूविंग एवरेज संरचना में 50 पीरियड का ईएमए 200 पीरियड के ईएमए से नीचे फिसल चुका है, जो चार्ट पर डेथ क्रॉस बनाता है और लंबी अवधि के मंदी के रुख की पुष्टि करता है। 20 पीरियड का ईएमए 0.5658, 50 पीरियड का ईएमए 0.5705 और 200 पीरियड का ईएमए 0.5788 पर स्थित है। वहीं 50 पीरियड का एसएमए 0.5730 तथा 200 पीरियड का एसएमए 0.5832 पर है। बोलिंजर बैंड की सीमाएं 0.5566 से 0.5715 के बीच हैं, जिसका मध्य स्तर 0.5641 है। ट्रेंड की ताकत मापने वाला एडीएक्स 39 पर है, जो सक्रिय ट्रेंड का संकेत देता है। पिवट पॉइंट 0.5619 पर है, जिसके लिए पहला सपोर्ट 0.5603 और दूसरा सपोर्ट 0.5595 पर दिखाई दे रहा है। जब तक यह जोड़ी इन मूविंग एवरेज क्लस्टर के ऊपर निकलकर टिक नहीं जाती, तब तक तेजी पर बिकवाली का दबाव बने रहने की संभावना है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 0.5567 से 0.6093 के बीच रहा है। वैश्विक बाजारों में अन्य मुद्राओं और सोने की स्थिति विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी सोमवार को उतार चढ़ाव देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में एशियाई सत्र की शुरुआती गिरावट के बाद सुधार आया, जहां ईरान को लेकर कूटनीतिक उम्मीदों से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर कुछ दबाव बना और जोखिम संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को राहत मिली। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आगामी नीतिगत फैसले से पहले कारोबारी सतर्क रहे और भाव एक महीने के उच्च स्तर से नीचे बने रहे। उधर अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) ने शुक्रवार के 157.00 से नीचे के निचले स्तर से उबरते हुए सोमवार के एशियाई सत्र में बढ़त हासिल की, क्योंकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता ने येन को कमजोर बनाए रखा। कमोडिटी बाजार में सोने ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की और शुक्रवार को छुए गए अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर से मामूली रिकवरी दिखाई। हालांकि फेड द्वारा दर वृद्धि के दांवों ने बिना ब्याज वाली इस धातु पर दबाव बनाए रखा है, और निवेशकों का पूरा ध्यान अमेरिकी अर्थव्यवस्था के शुरुआती माह के प्रमुख आंकड़ों पर टिका है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में डॉलर के मजबूत होने और कीवी मुद्रा के टूटने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेश यात्रा से जुड़े लोगों पर सीधा वित्तीय असर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं के कमजोर होने से विदेश में डॉलर आधारित भुगतान महंगे हो जाते हैं। विदेश यात्रा करने वाले पर्यटकों या वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों को अपनी मुद्रा बदलने के लिए ज्यादा खर्च करना होगा। • आयात लागत: वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कच्चे माल और ईंधन के आयात की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं की अंतिम कीमतों और मुद्रास्फीति पर देखने को मिलता है। • निर्यात पर असर: चीन में औद्योगिक गतिविधियों की सुस्ती से वैश्विक कमोडिटी की मांग में गिरावट आ सकती है। जो कंपनियां कृषि और धातु निर्यात से जुड़ी हैं, उनके मुनाफे और ऑर्डर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। • निवेशक रणनीति: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना से बॉन्ड यील्ड मजबूत होती है। ऐसे में वैश्विक निवेशक जोखिम भरी इक्विटी से पूंजी निकालकर सुरक्षित डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड में लगा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ न्यूजीलैंड डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती दो प्रमुख वैश्विक आर्थिक शक्तियों के आपसी तालमेल और नए नीतिगत अनुमानों का परिणाम है। • चीन की आर्थिक मंदी: चीन का रेटिंगडॉग मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई सितंबर में 52.0 पर गिरा और एनबीएस पीएमआई 49.3 पर संकुचित हुआ। चूंकि चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है, इसलिए चीनी मांग में नरमी सीधे तौर पर कीवी डॉलर को नुकसान पहुंचाती है। • फेडरल रिजर्व की सख्ती: अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति के कारण व्यापारियों ने दिसंबर में दर वृद्धि की 75 प्रतिशत संभावना तय की है। बढ़ती ब्याज दरें अमेरिकी डॉलर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक आकर्षक बनाती हैं। • तकनीकी दबाव: मुद्रा जोड़ी 9 अवधि और 50 अवधि के ईएमए के नीचे बनी हुई है, जहां चार्ट पर डेथ क्रॉस दिखाई दे रहा है। ऐसे तकनीकी अवरोधों के कारण संस्थागत कारोबारी उछाल पर लगातार बिकवाली कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. सोमवार को एशियाई सत्र में NZD/USD का विनिमय भाव क्या रहा? सोमवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान यह मुद्रा जोड़ी 0.5620 के आसपास कारोबार कर रही थी, जिसका लाइव भाव 0.5612 दर्ज किया गया। 2. चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े क्या रहे? चीन का रेटिंगडॉग मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई सितंबर में 52.0 पर रहा, जबकि एनबीएस मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अक्टूबर में संकुचित होकर 49.3 पर दर्ज किया गया। 3. दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की कितनी संभावना है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, कारोबारी दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 75 फीसदी संभावना मानकर चल रहे हैं। 4. NZD/USD के लिए तात्कालिक तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन से हैं? चार्ट पर पहला प्रतिरोध 9 पीरियड के ईएमए 0.5644 पर और उससे ऊपर मजबूत अवरोध 50 पीरियड के ईएमए 0.5701 पर स्थित है। https://trendkia.com/market/china-ke-susta-mainyuphaikcharinga-ankaron-aura-majabuta-us-dollar-se-new-zealand-dollar-para-bhari-dabava-54725 TrendKia — Har trend, sabse pehle.