चीन के केंद्रीय बैंक ने लोन प्राइम रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया, प्रमुख ब्याज दरें 3.00% और 3.50% पर स्थिर पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सितंबर महीने के लिए अपनी मानक बेंचमार्क उधारी दरों को स्थिर रखा है, जिसके तहत एक-वर्षीय एलपीआर 3.00% और पांच-वर्षीय एलपीआर 3.50% पर बनी हुई है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सोमवार को एक घोषणा करते हुए देश की मानक लोन प्राइम रेट्स यानी बेंचमार्क उधारी दरों में किसी भी तरह का फेरबदल न करने का फैसला किया है। इस ताजा निर्धारण के बाद एक साल की अवधि वाली लोन प्राइम रेट 3.00 प्रतिशत पर यथावत बनी रहेगी, जबकि पांच साल की परिपक्वता अवधि वाली दर को 3.50 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है। यह घोषणा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मौद्रिक स्थितियों और उधारी लागत के मौजूदा स्तर को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। विदेशी मुद्रा बाजार की शुरुआती प्रतिक्रियाएं केंद्रीय बैंक के इस फैसले के समय मुद्रा बाजारों में कई प्रकार की हलचल देखने को मिली। जब यह घोषणा सामने आई, उस समय ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज करते हुए 0.7127 पर कारोबार कर रही थी। इसके अलावा, सोमवार के एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर मजबूती के साथ टिकी रही। अमेरिकी डॉलर में जुलाई के आखिर के बाद से बने अपने उच्चतम स्तर से आई मामूली गिरावट अब रुक गई है, जिसका एक बड़ा कारण लगातार बनी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं हैं। अमेरिकी मुद्रा को फेडरल रिजर्व के आक्रामक और सख्त नीतिगत रुख से भी लगातार सहारा मिल रहा है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन देने में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावनाओं का हाथ रहा है। बाजार प्रतिभागी मंगलवार को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक के संबोधन और गुरुवार को आने वाले ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मुद्रा की दिशा अधिक स्पष्ट हो सके। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक ढांचा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के प्राथमिक मौद्रिक नीतिगत लक्ष्यों में कीमतों की स्थिरता को सुरक्षित रखना शामिल है। इसके दायरे में विनिमय दर की स्थिरता सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश की समग्र आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देना भी आता है। इसके अलावा, चीन का केंद्रीय बैंक विभिन्न वित्तीय सुधारों को लागू करने की दिशा में भी सक्रिय रहता है, जिसमें वित्तीय बाजारों का विकास और उन्हें बाहरी भागीदारी के लिए खोलना प्रमुख है। संरचनात्मक रूप से पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के सीधे राज्य नियंत्रण में है, इसलिए इसे पश्चिमी शैली का स्वायत्त संस्थान नहीं माना जाता। स्टेट काउंसिल के चेयरमैन द्वारा नामित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी सचिव का बैंक के प्रबंधन और नीतिगत दिशा पर गवर्नर से भी अधिक गहरा प्रभाव होता है। वर्तमान में, पैन गोंगशेंग ही इन दोनों महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे हैं। चीन के मौद्रिक नीतिगत उपकरण और लोन प्राइम रेट का महत्व पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में चीन का केंद्रीय बैंक अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मौद्रिक नीति उपकरणों के एक कहीं अधिक व्यापक समूह का इस्तेमाल करता है। इसके प्रमुख औजारों में सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी, विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो शामिल हैं। इन तमाम उपकरणों के बीच लोन प्राइम रेट चीन की प्राथमिक बेंचमार्क ब्याज दर के तौर पर काम करती है। इस दर में आने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर बाजार में मिलने वाले विभिन्न वाणिज्यिक कर्जों, होम लोन यानी मॉर्गेज और बचत खातों पर दिए जाने वाले ब्याज की दरों को निर्धारित करता है। लोन प्राइम रेट में संशोधन के जरिए देश का केंद्रीय बैंक चीनी युआन यानी रेनमिनबी की अंतरराष्ट्रीय विनिमय दरों को भी सीधे तौर पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है। चीन का बैंकिंग परिदृश्य और निजी बैंकों की उपस्थिति चीन के विशाल वित्तीय तंत्र में सरकारी संस्थाओं का दबदबा है, लेकिन यहां 19 निजी बैंक भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जो पूरे तंत्र का केवल एक बहुत छोटा हिस्सा हैं। निजी क्षेत्र के इन वित्तीय संस्थानों में डिजिटल लेंडर्स जैसे वीबैंक और मायबैंक सबसे बड़े खिलाड़ियों के रूप में उभरे हैं। इन दोनों डिजिटल लेंडर्स को क्रमशः तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों टेनसेंट और एंट ग्रुप का मजबूत समर्थन प्राप्त है। वर्ष 2014 में चीन ने पूरी तरह से निजी पूंजी द्वारा वित्तपोषित घरेलू कर्जदाताओं को इस राज्य-नियंत्रित वित्तीय क्षेत्र में संचालन शुरू करने की अनुमति दी थी, जिससे वित्तीय नवाचार को थोड़ी गति मिल सकी। वैश्विक मुद्राएं, बैंक ऑफ जापान का फैसला और सोने की चाल नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर में हल्की बढ़त देखी गई। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों में की गई बढ़ोतरी के बाद यह जोड़ी 158.00 के स्तर यानी दो सप्ताह के उच्चतम शिखर तक पहुंची थी, जहां से आई गिरावट अब थम गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल एक और दर वृद्धि की संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, हालांकि खरीदार अभी भी किसी बड़े कदम से पहले भू-राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान ने अपनी सामान्यीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अपने शॉर्ट-टर्म ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की आम अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुरूप था। इस बीच, सोने की कीमतों को पिछले दो दिनों में हुई अपनी रिकवरी बढ़त को बनाए रखने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। सप्ताह की शुरुआत होते ही सर्राफा बाजार में नए बिकवाली दबाव के संकेत मिले हैं। मिडिल ईस्ट में व्यापक संघर्ष के बढ़ते जोखिम ने अमेरिकी डॉलर को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूती प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, फेड के सख्त रुख के कारण बिना ब्याज देने वाला सोना 4,400 डॉलर के स्तर के नीचे ही दबा हुआ है। इसका आप पर असर चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने से वैश्विक वित्तीय बाजारों और कमोडिटी की कीमतों में तत्काल कोई अचानक उथल-पुथल नहीं होगी। • वैश्विक कर्जदार और निवेशक: उधारी लागतों में स्थिरता रहने से चीनी अर्थव्यवस्था में नकदी की स्थिति जस की तस रहेगी। अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक कंपनियां मौजूदा ब्याज लागत पर ही अपने सौदे और वित्तीय योजनाएं आगे बढ़ा सकेंगी। • मुद्रा बाजार और फॉरेक्स ट्रेडर्स: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि के बीच मुद्रा विनिमय दरों में सीमित उतार-चढ़ाव रहेगा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन जैसे प्रमुख करेंसी जोड़ों में ट्रेडर्स को केंद्रीय बैंक के बयानों पर नजर रखनी होगी। • सोने के खरीदार और निवेशक: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और डॉलर की स्थिरता के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। सर्राफा निवेशक 4,400 डॉलर के स्तर के नीचे कीमतों में स्थिरता आने पर ही नए बड़े दांव लगाने पर विचार कर सकते हैं। • व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला: चीनी विनिर्माण और उधारी दरें न बदलने से आयात-निर्यात से जुड़ी कंपनियों की लागत में स्थिरता बनी रहेगी। इससे जुड़े कारोबारियों को अचानक किसी वित्तीय झटके का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपनी लोन प्राइम रेट्स को स्थिर रखने का निर्णय घरेलू आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रा विनिमय स्थिरता को संतुलित करने के उद्देश्य से लिया है। बैंक को अपनी विकास गति को समर्थन देने के साथ-साथ युआन को कमजोर होने से भी बचाना है। • आर्थिक संतुलन की आवश्यकता: केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और विकास को धीमा होने से रोकना है। मौजूदा ब्याज दर स्तर अर्थव्यवस्था की मौजूदा जरूरतों के अनुकूल माने गए हैं। • मुद्रा स्थिरता और बाहरी दबाव: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और मजबूत डॉलर के चलते दरों में कटौती करने से युआन पर अत्यधिक दबाव आ सकता था। विनिमय दर को नियंत्रित रखना बैंक के प्राथमिक घोषित लक्ष्यों में शामिल है। • नीतिगत उपकरणों का व्यापक उपयोग: चीन केवल एक ब्याज दर पर निर्भर रहने के बजाय रिवर्स रेपो और विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप जैसे कई साधनों का इस्तेमाल करता है। इसलिए मानक दर को तुरंत बदले बिना भी बाजार में नकदी का प्रबंधन किया जा सकता है। • क्षेत्रीय घटनाक्रम और वैश्विक नीतियां: बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में ब्याज दरों को 1.25% तक बढ़ाए जाने और मध्य पूर्व तनाव के बीच वित्तीय स्थिरता बनाए रखना अनिवार्य था। ऐसे वैश्विक माहौल में केंद्रीय बैंक ने दरों में छेड़छाड़ न करना ही सुरक्षित समझा। सवाल-जवाब 1. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सितंबर में ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया? केंद्रीय बैंक ने अपनी प्रमुख लोन प्राइम रेट्स को अपरिवर्तित रखा, जिससे एक-वर्षीय दर 3.00% और पांच-वर्षीय दर 3.50% पर स्थिर बनी रही। 2. वर्तमान में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के प्रमुख पदों पर कौन आसीन हैं? पैन गोंगशेंग वर्तमान में केंद्रीय बैंक के गवर्नर और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी सचिव दोनों पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 3. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने शॉर्ट-टर्म ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया। 4. इस घोषणा के समय ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की दर क्या थी? घोषणा के समय AUD/USD जोड़ी 0.03% की बढ़त के साथ 0.7127 के स्तर पर कारोबार कर रही थी। 5. चीन के बैंकिंग क्षेत्र में निजी बैंकों की क्या स्थिति है? चीन में केवल 19 निजी बैंक हैं, जिनमें टेनसेंट और एंट ग्रुप समर्थित वीबैंक और मायबैंक सबसे बड़े डिजिटल लेंडर्स हैं। 6. सर्राफा बाजार में सोने की कीमत का क्या रुख रहा? मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के रुख के कारण सोना दबाव में रहा और 4,400 डॉलर के नीचे बना रहा। https://trendkia.com/market/china-keeps-benchmark-lending-rates-steady-as-central-bank-leaves-one-year-and-five-year-lpr-unchanged-35453 TrendKia — Har trend, sabse pehle.