चीन की जीडीपी में मजबूती और आरबीए के संकेतों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उछाल, लेकिन जापानी येन के दखल का जोखिम बरकरार तीसरी तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि 4.5 प्रतिशत रहने और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के सख्त रुख से एयूडी/जेपीवाई 110.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है, हालांकि टोक्यो के संभावित हस्तक्षेप से तेजी सीमित रहने के आसार हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने जापानी येन के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में अपनी बढ़त का दायरा बढ़ाया है। पिछले हफ्ते 108.65 से 108.60 के दायरे में आठ महीने के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद, इस मुद्रा जोड़ी ने मजबूत वापसी करते हुए 110.00 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को फिर से हासिल कर लिया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक यह क्रॉस 110.27 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 109.40 की तुलना में 0.79 प्रतिशत की मजबूती दर्शाता है। इस उछाल को चीन के बेहतर आर्थिक आंकड़ों और ऑस्ट्रेलियाई नीति निर्माताओं की सख्त टिप्पणियों से सीधा सहारा मिला है, जबकि बैंक ऑफ जापान के रुख को लेकर अनिश्चितता ने येन पर दबाव बनाया है। चीन के मजबूत आंकड़ों और आरबीए के बयानों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को संजीवनी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की इस नई ताकत के पीछे सबसे प्रमुख वजह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन से आए तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़े हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत की दर से विस्तार दर्ज किया है, जो विश्लेषकों के अनुमानों से बेहतर साबित हुआ। इसके साथ ही सितंबर महीने के औद्योगिक और कारोबारी गतिविधि आंकड़ों ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया का चीन के साथ गहरा व्यापारिक संबंध होने के कारण, चीनी अर्थव्यवस्था में स्थिरता का सीधा फायदा ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मिलता है। दूसरी ओर, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट की तीखी टिप्पणियों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के पक्ष में माहौल तैयार किया। उनके नीतिगत बयानों से स्पष्ट संकेत मिले कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए कड़े रुख पर कायम रह सकता है। इस नीतिगत सख्ती की उम्मीद ने खरीदारों को दोबारा आकर्षित किया। यही वजह रही कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भी मजबूती दिखाते हुए एशियाई कारोबार में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश करता दिखा। जापानी येन पर दबाव लेकिन मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका जहां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बाहरी और घरेलू दोनों मोर्चों पर समर्थन मिल रहा है, वहीं जापानी येन बैकफुट पर दिखाई दे रहा है। बैंक ऑफ जापान की सतर्क नीति और ब्याज दरों में सामान्यीकरण की धीमी गति येन के लिए बाधा बनी हुई है। हालांकि, येन में कमजोरी के बावजूद ट्रेडर्स बहुत आक्रामक होकर बिकवाली करने से बच रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि जापानी वित्त मंत्रालय और बैंक ऑफ जापान पहले भी घरेलू मुद्रा में तेज गिरावट को थामने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप कर चुके हैं। टोक्यो के नीति निर्माताओं की ओर से संभावित हस्तक्षेप का डर किसी भी तेज उछाल को सीमित रखने का काम कर रहा है। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा की टिप्पणियों में सख्त रुख की झलक दिखने के बावजूद बाजार प्रतिभागी यह मान रहे हैं कि 158.00 के करीब संघर्ष कर रहे यूएसडी/जेपीवाई और 110.00 के पार पहुंचे एयूडी/जेपीवाई में येन का रुख कभी भी बदल सकता है। जब तक जापानी अधिकारियों का रुख स्पष्ट नहीं होता, तब तक येन की कमजोरी पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। तकनीकी स्तर और आगे की दिशा तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो एयूडी/जेपीवाई के लिए 110.04 का दैनिक पिवट स्तर काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है। जोड़ी वर्तमान में अपने 200-दिवसीय ईएमए यानी 110.03 से ऊपर बनी हुई है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 110.41 और 50-दिवसीय ईएमए 111.21 पर प्रतिरोध के रूप में खड़े हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 47 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि बाजार न तो अत्यधिक खरीदा गया है और न ही अत्यधिक बिका हुआ। एमएसीडी हिस्टोग्राम 0.07 पर सकारात्मक है, जो अल्पकालिक तेजी का संकेत देता है, जबकि एडीएक्स 26 पर रहते हुए ट्रेंड की मौजूदगी की पुष्टि करता है। ऊपर की ओर, 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 111.10 पर स्थित है, जो आगे की तेजी पर कड़ा ब्रेक लगा सकता है। यदि यह बाधा पार होती है, तो अगला लक्ष्य 111.76 और फिर 112.61 का दायरा हो सकता है। दूसरी तरफ, गिरावट की स्थिति में 23.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 109.59 पर पहला मजबूत सहारा है। इसके टूटने पर 109.26 का एस2 स्तर और हालिया स्विंग लो 108.66 से 108.65 का क्षेत्र परीक्षण के दायरे में आ सकता है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 98.83 से 114.96 के बीच रहा है। वैश्विक बाजारों, सोने और क्रिप्टो परिसंपत्तियों की चाल करेंसी बाजार से परे अन्य संपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी डॉलर बॉन्ड यील्ड में हालिया नरमी के चलते दो हफ्तों के निचले स्तरों के पास दबाव में रहा, जिससे यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के पास रक्षात्मक मुद्रा में बना रहा। सोने की कीमतें 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे टिकी रहीं और अपनी पिछली तेजी को बनाए रखने के लिए जूझती दिखीं। तेल की गिरती कीमतों और भू-राजनीतिक मोर्चे पर कुछ राहत के बीच सोने में तेजी सीमित रही। डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में, बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल पिछले सप्ताह अमेरिकी मुद्रास्फीति के चिपचिपे आंकड़ों और संस्थागत पूंजी निकासी के बाद संभलते दिखे। बिटकॉइन 80,607 डॉलर के 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से ऊपर उछलने में कामयाब रहा, जबकि एथेरियम और एक्सआरपी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों की परीक्षा ले रहे हैं। कुल मिलाकर वित्तीय बाजार ब्याज दरों के भविष्य और केंद्रीय बैंकों के अगले कदमों को तौलने में व्यस्त हैं। इसका आप पर असर मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव आयातकों, निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बजट को सीधे प्रभावित करता है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: एयूडी/जेपीवाई 110.00 के अहम स्तर पर पहुंचने के बाद तकनीकी रूप से संवेदनशील हो गया है। 111.10 पर कड़ा प्रतिरोध और टोक्यो की ओर से अचानक हस्तक्षेप की आशंका के चलते स्टॉप-लॉस प्रबंधन बेहद जरूरी है। • अंतरराष्ट्रीय छात्रों और प्रवासियों के लिए: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती से ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई और रहने का खर्च बढ़ सकता है। यदि यह मुद्रा जोड़ी ऊंची बनी रहती है तो भारतीय और विदेशी छात्रों को फीस भुगतान में अधिक स्थानीय मुद्रा खर्च करनी पड़ सकती है। • आयात और निर्यात लागत: चीन के आर्थिक आंकड़ों में सुधार से कमोडिटी मांग में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। इसके चलते धातु और ऊर्जा से जुड़े व्यापारिक अनुबंधों की कीमतों में अल्पकालिक तेजी देखने को मिल सकती है। • क्रिप्टो और कमोडिटी निवेशक: बिटकॉइन 80,607 डॉलर के समर्थन स्तर पर टिकने की कोशिश कर रहा है जबकि सोना 4,200 डॉलर से नीचे सीमित है। वैश्विक ब्याज दर अनिश्चितता के बीच निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ मुद्रा विनिमय दरों में यह तेज बदलाव दो बड़े देशों के नीतिगत संकेतों और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से आए ताजा आर्थिक आंकड़ों का प्रत्यक्ष परिणाम है। • चीन की आर्थिक वृद्धि का असर: तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी 4.5 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी जो अनुमानों से बेहतर रही। ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के नाते चीनी अर्थव्यवस्था में मजबूती सीधे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग बढ़ाती है। • आरबीए का सख्त नीतिगत रुख: रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट की तीखी टिप्पणियों ने स्पष्ट किया कि ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना नहीं है। इस उम्मीद ने संस्थागत खरीदारों को ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। • बैंक ऑफ जापान की सतर्क नीति: जापानी केंद्रीय बैंक की ओर से दरों को सामान्य करने की धीमी गति ने येन को कमजोर बनाए रखा है। हालांकि, येन में अत्यधिक गिरावट को रोकने के लिए टोक्यो के संभावित बाजार हस्तक्षेप का डर निवेशकों को सतर्क रखे हुए है। सवाल-जवाब 1. एयूडी/जेपीवाई जोड़ी 110.00 के पार क्यों पहुंची? चीन की तीसरी तिमाही की जीडीपी 4.5 प्रतिशत रहने और आरबीए के सहायक गवर्नर क्रिस केंट के सख्त बयानों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दी, जिससे यह जोड़ी 110.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई। 2. जापानी येन के लिए मुख्य जोखिम क्या है? यदि येन में ज्यादा गिरावट आती है तो जापानी अधिकारी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिससे येन की बिकवाली अचानक उलट सकती है। 3. एयूडी/जेपीवाई के लिए प्रमुख प्रतिरोध स्तर कौन से हैं? ऊपर की ओर 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट 111.10 पर कड़ा प्रतिरोध है, जिसके बाद 111.76 और 112.61 के स्तर आते हैं। 4. बिटकॉइन और सोने के बाजार में क्या स्थिति रही? बिटकॉइन 80,607 डॉलर के 50-दिवसीय ईएमए से ऊपर संभलने में सफल रहा, जबकि सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित बना रहा। https://trendkia.com/market/china-ki-gdp-men-majabuti-aura-rba-ke-snketon-se-australian-dollar-men-uchhala-lekina-japanese-yen-ke-dakhala-ka-jokhima-barakarar-49380 TrendKia — Har trend, sabse pehle.