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  "type": "article",
  "title": "चीन में भौतिक मांग और त्योहारी खरीदारी से तांबे की कीमतों को मिला सहारा",
  "summary": "शंघाई में तांबे के भंडार में भारी गिरावट और त्योहारी मांग के चलते हाजिर बाजार में मजबूती देखने को मिली है, हालांकि वैश्विक निवेशकों की धारणा अब भी सतर्क बनी हुई है।",
  "content": "चीन के घरेलू बाजार में भौतिक आपूर्ति की किल्लत और छुट्टियों से पहले की मांग ने वैश्विक स्तर पर तांबे की कीमतों को मजबूत सहारा दिया है। लंदन मेटल एक्सचेंज यानी LME में तांबे के सौदों में हाल ही में लगातार छह कारोबारी सत्रों की बढ़त दर्ज की गई, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी तेजी की श्रृंखला रही। हालांकि बुधवार सुबह इसमें मामूली नरमी देखी गई, लेकिन चीन के हाजिर बाजार में मजबूत खपत के चलते आधारभूत मजबूती बरकरार है। मध्य-शरद उत्सव और राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों से पहले फैब्रिकेटर्स की तरफ से की गई खरीदारी और मौसमी खपत ने इस तेजी को धार दी है।\n\nशंघाई गोदामों में भंडार दिसंबर 2023 के बाद के निचले स्तर पर\nचीनी बाजार में आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का अंदाजा शंघाई में घटते भंडार से लगाया जा सकता है। शंघाई में तांबा कैथोड के भंडार में 14,700 टन की तेज गिरावट आई है, जिसके बाद कुल स्टॉक घटकर 43,900 टन रह गया है। यह आंकड़ा दिसंबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर दर्शाता है। हालांकि आयातित तांबे की खेप में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन यह सामग्री सीधे निर्माताओं और फैब्रिकेटर्स तक पहुंच रही है। गोदामों में माल जमा न होने के कारण हाजिर बाजार में तुरंत डिलीवरी वाला माल बेहद सीमित बना हुआ है, जिसने कीमतों को नीचे गिरने से रोक रखा है।\n\nसटोरिया निवेशकों की स्थिति और धातुओं पर दबाव\nभौतिक बाजार में मजबूती के बावजूद वायदा बाजार में निवेशकों की स्थिति लगातार सुस्त बनी हुई है। कमिटमेंट्स ऑफ ट्रेडर्स रिपोर्ट यानी COTR के ताजा आंकड़ों के अनुसार, तांबे में शुद्ध तेजी की पोजीशन यानी नेट बुलिश पोजीशन 3,981 लॉट घटकर 42,132 लॉट पर आ गई है। यह स्तर मार्च के अंत के बाद का सबसे निचला स्तर है और कीमतों में तेजी के बावजूद लगातार छठे हफ्ते इसमें गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों इवा मांथे और वॉरेन पैटरसन के अनुसार, बेस मेटल्स में निवेशकों की भागीदारी अभी भी दबी हुई है।\n\nतांबे के अलावा अन्य बेस मेटल्स में भी सटोरिया भागीदारी में कमी आई है। एल्युमिनियम में नेट लॉन्ग पोजीशन मुख्य रूप से सौदे काटे जाने के कारण 11,623 लॉट घटकर 77,423 लॉट पर आ गई। वहीं जस्ता यानी जिंक में नेट लॉन्ग पोजीशन 2,787 लॉट घटकर 29,946 लॉट रह गई, जो लगातार चौथे सप्ताह की गिरावट को दर्शाती है।\n\nमुद्रा बाजार और नीतिगत फैसलों का रुख\nवैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल का असर भी कमोडिटी और मुद्राओं पर साफ देखा जा रहा है। एशियाई सत्र में AUD/USD पर नया बिकवाली दबाव देखा गया और यह 0.7100 के स्तर का परीक्षण कर रहा था। ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र में संकुचन देखा गया, जबकि सेवा क्षेत्र लगातार दूसरे महीने धीमी गति से आगे बढ़ा। मजबूत अमेरिकी डॉलर इस जोड़ी के लिए बाधा बना हुआ है, जबकि कारोबारी गुरुवार को होने वाली ट्रंप-शी बैठक पर नजरें टिकाए हुए हैं। इस बीच अमेरिका और ईरान की अप्रत्यक्ष वार्ता के खत्म होने पर बाजार ने बहुत कम ध्यान दिया है।\n\nUSD/JPY की जोड़ी 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान यानी BoJ द्वारा अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के मत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने के बावजूद मौद्रिक नीति को लेकर उसका नरम रुख येन पर दबाव बनाए हुए है। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से डॉलर को समर्थन मिल रहा है, हालांकि जापानी येन में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं बढ़त को सीमित कर रही हैं। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं के चलते सोने पर भी दबाव रहा और XAU/USD लगभग 1.0 प्रतिशत गिरकर 4,315 डॉलर के आसपास आ गया।\n\nइसका आप पर असर\nचीन में तांबे के भौतिक स्टॉक में आई गिरावट और औद्योगिक मांग से निर्माण व बिजली उपकरणों की लागत पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n• औद्योगिक खरीदारों के लिए: तांबे की हाजिर कीमतों में मजबूती से तार, केबल और ट्रांसफार्मर निर्माताओं की कच्ची सामग्री लागत बढ़ सकती है। कंपनियों को अग्रिम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।\n• घरेलू उपभोक्ताओं के लिए: एसी, फ्रिज और बिजली के तारों की कीमतों में आगे चलकर मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। धातु की बढ़ती कीमतें उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं।\n• कमोडिटी व्यापारियों के लिए: वायदा बाजार में लगातार पोजीशन घटने के बीच हाजिर बाजार की तेजी से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है। ट्रेडर्स को अचानक आने वाले प्राइस करेक्शन और स्टॉप-लॉस पर नजर रखनी चाहिए।\n• मुद्रा एवं आयातकों के लिए: डॉलर की मजबूती और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव से आयात पर निर्भर कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है। आयातकों को विनिमय दरों की हेजिंग पर ध्यान देने की जरूरत होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nचीन में तांबे के भंडार में तेज गिरावट और मौसमी खपत ने वैश्विक कीमतों को मजबूती दी है, जबकि सटोरिया निवेशक सतर्क रुख बनाए हुए हैं।\n\n• त्योहारी मांग और मौसमी खपत: चीन में मध्य-शरद उत्सव और राष्ट्रीय दिवस की आगामी छुट्टियों से पहले कारखानों ने अग्रिम उत्पादन के लिए तांबे की भारी खरीदारी की है। इस मौसमी जरूरत ने हाजिर मांग को काफी बढ़ा दिया।\n• सीधे कारखानों तक आपूर्ति: आयातित तांबा गोदामों में जमा होने के बजाय सीधे निर्माताओं तक पहुंच रहा है। इसके कारण एक्सचेंज के गोदामों में स्टॉक दिसंबर 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।\n• कागजी बाजार में सतर्कता: कीमतों में उछाल के बावजूद बड़े फंड्स और ट्रेडर्स ने मुनाफे की बुकिंग की और अपनी लॉन्ग पोजीशन कम की। व्यापक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने सटोरिया दांव को सीमित रखा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शंघाई में तांबे का भंडार कितना घट गया है?\nशंघाई में तांबा कैथोड का भंडार 14,700 टन घटकर 43,900 टन रह गया है, जो दिसंबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है।\n\n2. लंदन मेटल एक्सचेंज में तांबे का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा?\nतांबे ने लगातार छह सत्रों में बढ़त दर्ज की, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी तेजी रही, हालांकि बुधवार सुबह इसमें हल्की गिरावट आई।\n\n3. वायदा बाजार में तांबे की पोजीशन में क्या बदलाव हुआ?\nसीओटीआर आंकड़ों के अनुसार, शुद्ध तेजी की पोजीशन 3,981 लॉट घटकर 42,132 लॉट रह गई, जो मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है।\n\n4. बैंक ऑफ जापान ने हालिया बैठक में ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया?\nबैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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