चीन ने आर्थिक रफ्तार बढ़ाने को पेश किए नए राहत उपाय, वैश्विक बाजारों में सुस्ती चीन के केंद्रीय बैंक ने पीएसएल ब्याज दरों में कटौती की है और छोटे कारोबारों व तकनीकी नवाचार के लिए री-लेंडिंग कोटा बढ़ाया है, जबकि प्रमुख वैश्विक मुद्राएं और संपत्तियां मिले-जुले दायरे में कारोबार कर रही हैं। एशियाई बाजारों में आर्थिक गतिविधियों को सहारा देने के लिए चीन ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित नए प्रोत्साहन कदमों की घोषणा की है। इस ताजा पहल का मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा और तकनीकी उद्योग में स्थिरता लाना तथा विकास की गति को तेज करना है। हालांकि, इन चुनिंदा राहत कदमों के बावजूद शेयर बाजारों में खास उत्साह देखने को नहीं मिला है, क्योंकि निवेशक सितंबर 2024 में घोषित व्यापक पैकेजों की तुलना में इन्हें काफी सीमित मान रहे हैं। केंद्रीय बैंक की ब्याज दर कटौती और ऋण सहायता का विस्तार चीन के केंद्रीय बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने अपनी गिरवी पूरक ऋण सुविधा यानी प्लेज्ड सप्लीमेंट्री लेंडिंग (पीएसएल) पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की है। इस फैसले के बाद एक वर्षीय पीएसएल दर 1.75 प्रतिशत से गिरकर 1.50 प्रतिशत पर आ गई है। ब्याज दरों में यह कमी प्रणाली में तरलता बढ़ाने और प्राथमिक ढांचागत परियोजनाओं को आसान शर्तों पर पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। इसके अलावा, बैंक ने रणनीतिक क्षेत्रों के लिए री-लेंडिंग कोटे में भी पर्याप्त बढ़ोतरी की है। नवाचार और तकनीकी क्षेत्रों के लिए री-लेंडिंग सीमा में 200 अरब चीनी युआन (CNY) का इजाफा किया गया है। वहीं कृषि क्षेत्र और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहारा प्रदान करने के लिए कोटे को 500 अरब चीनी युआन तक बढ़ाया गया है। इन लक्षित रियायतों के माध्यम से जमीनी स्तर की अर्थव्यवस्था और शोध आधारित उद्योगों को सीधी मदद पहुंचाने की रूपरेखा तैयार की गई है। आवास क्षेत्र को राहत और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए सब्सिडी मकान निर्माण और बिक्री के संकट से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर को संभालने के लिए अधिकारियों ने खास योजनाएं पेश की हैं। छोटे और किफायती श्रेणी के मकान खरीदने वाले पहली बार के खरीदारों के लिए पांच साल तक की बंधक सब्सिडी यानी मॉर्टगेज सब्सिडी शुरू की गई है। इस सहायता का मकसद निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों पर मासिक किस्तों का भार कम करना और सस्ते आवासीय बाजार में मांग को दोबारा जीवित करना है। इसके बावजूद, बाजारों का मानना है कि यह धीरे-धीरे दी जाने वाली आर्थिक मदद निवेशकों का भरोसा पूरी तरह बहाल करने के लिए नाकाफी साबित हो रही है। एशियाई सत्र में प्रमुख मुद्राओं का रुख वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार के एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के आसपास बना रहा। अगस्त के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहने के कारण रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें ठंडी पड़ गई हैं। अमेरिकी डॉलर की तेजी में ठहराव आने के बावजूद चीन के हालिया पीएमआई आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा देने में असफल रहे। उधर, डॉलर-येन (USD/JPY) जोड़ी में बुधवार को एशियाई कारोबार के दौरान 157.00 के स्तर से नीचे दबाव बना रहा। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) की आक्रामक नीतिगत अपेक्षाओं और बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को आधार दिया है। घरेलू कारखाने उत्पादन और खुदरा बिक्री के कमजोर आंकड़ों के असर को व्यापक अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने संतुलित कर दिया। कमोडिटी, क्रिप्टोकरेंसी और यूरोपीय बाजार का परिदृश्य अमेरिकी मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के बाद अमेरिकी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों ने 4,220 डॉलर का स्तर छू लिया था। उम्मीद से बेहतर रोजगार और विकास आंकड़ों के चलते अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं पर असर पड़ा। हालांकि, पीली धातु अपनी यह तेजी बरकरार रखने में असमर्थ रही और 4,180 डॉलर के आसपास सपाट स्तर पर आ गई। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी बुधवार को सुस्त रुख देखने को मिला। बिटकॉइन 83,000 डॉलर के तात्कालिक समर्थन स्तर को बचाने के लिए जूझता नजर आया। एथेरियम भी बिटकॉइन की चाल का अनुसरण करते हुए ऊपर में 2,700 डॉलर और नीचे में 2,600 डॉलर के प्रमुख स्तरों के बीच सीमित रहा। रिपल (एक्सआरपी) 1.50 डॉलर के करीब मंडराता रहा। यूरोपीय मोर्चे पर, यूरो-डॉलर (EUR/USD) गिरकर मई 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और बुधवार को 1.1312 पर कारोबार करता दिखा, जो जनवरी के उच्चतम स्तर 1.2082 से काफी नीचे है। यूरो में यह भारी गिरावट अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप के ऊर्जा संकट से जुड़ी चिंताओं के कारण आई है, हालांकि यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के नए झटके यूरो को कुछ सहारा दे सकते हैं। इसका आप पर असर चीन के नीतिगत फैसलों और वैश्विक मुद्रा व कमोडिटी में हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और उपभोक्ता कीमतों पर पड़ता है। • भारतीय बाजार पर असर: चीन द्वारा सीमित प्रोत्साहन देने से एशियाई बाजारों में तेज उछाल नहीं आया है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में आयात-निर्यात आधारित क्षेत्रों पर दबाव संतुलित बना रहेगा। निवेशकों को धातु और विनिर्माण शेयरों में सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। • सोने के खरीदार: सोने की कीमतें 4,220 डॉलर छूने के बाद 4,180 डॉलर के स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं। आगामी शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन के खरीदारों को तुरंत बड़ी मूल्य गिरावट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले प्रमुख विदेशी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव जारी रहने से विदेश यात्रा या अंतरराष्ट्रीय पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों की लागत प्रभावित हो सकती है। मुद्रा विनिमय के लिए दरों पर नजर रखना जरूरी है। • क्रिप्टो निवेशक: बिटकॉइन 83,000 डॉलर के समर्थन स्तर पर टिका हुआ है और बाजार में सुस्ती का माहौल है। डिजिटल परिसंपत्ति में निवेश करने वालों को फिलहाल बड़े जोखिम लेने से बचना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ चीन की अर्थव्यवस्था लंबे समय से आवासीय क्षेत्र में मंदी, घरेलू मांग में कमी और बाहरी व्यापारिक दबावों से जूझ रही है, जिसके चलते केंद्रीय अधिकारियों को यह लक्षित राहत देनी पड़ी। • लक्षित नीतिगत हस्तक्षेप: पीबीओसी ने बड़े पैमाने पर नकदी डालने के बजाय अर्थव्यवस्था के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे प्रौद्योगिकी और कृषि को सीधी वित्तीय मदद देने का फैसला किया। इससे वित्तीय प्रणाली पर अनावश्यक दबाव डाले बिना प्राथमिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। • रियल एस्टेट का संकट: निर्माण क्षेत्र में धीमी बिक्री के कारण आम खरीदारों का विश्वास डगमगाया हुआ था, जिसे बहाल करने के लिए बंधक सब्सिडी दी गई। सस्ते और छोटे मकानों के खरीदारों को राहत देकर आवास मांग को स्थिर करने का प्रयास किया गया है। • मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों का रुख: अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में सीपीआई आंकड़ों में बदलाव ने वैश्विक ब्याज दरों के परिदृश्य को प्रभावित किया है। इन आर्थिक आंकड़ों के चलते वैश्विक मुद्राओं और सोने के रुख में तेजी से फेरबदल हुआ है। सवाल-जवाब 1. चीन के केंद्रीय बैंक ने पीएसएल दर में कितनी कटौती की है? पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने एक वर्षीय पीएसएल दर को 25 आधार अंक घटाकर 1.75 प्रतिशत से 1.50 प्रतिशत कर दिया है। 2. प्रौद्योगिकी और छोटे व्यवसायों के लिए कितना री-लेंडिंग कोटा बढ़ाया गया है? नवाचार और तकनीकी क्षेत्र के लिए 200 अरब चीनी युआन तथा कृषि व छोटे उद्योगों के लिए 500 अरब चीनी युआन का अतिरिक्त कोटा तय किया गया है। 3. घर खरीदारों के लिए आवास क्षेत्र में क्या राहत दी गई है? पहली बार छोटे और किफायती घर खरीदने वालों के लिए पांच साल तक की बंधक (मॉर्टगेज) सब्सिडी शुरू की गई है। 4. सोने की कीमत में हाल ही में क्या उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया? सोने ने अमेरिकी सत्र में 4,220 डॉलर का स्तर छुआ था, लेकिन बाद में बढ़त गंवाकर 4,180 डॉलर के करीब सपाट कारोबार करने लगा। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन और एथेरियम किस स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं? बिटकॉइन 83,000 डॉलर के समर्थन स्तर पर बना हुआ है, जबकि एथेरियम 2,600 डॉलर से 2,700 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/china-ne-arthika-raphtara-barhane-ko-pesha-kie-nae-rahata-upaya-vaishvika-bajaron-men-susti-40488 TrendKia — Har trend, sabse pehle.