# चीन ने करेंसी नीति पर अपनी स्थिति की स्पष्ट, युआन मूल्यांकन और मैन्युफैक्चरिंग बढ़त पर बढ़ा वैश्विक मंथन

> पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने विनिमय दर नीति का बचाव करते हुए बड़े ट्रेड सरप्लस के लिए कमजोर युआन के दावों को नकारा है, जबकि वैश्विक स्तर पर मुद्रा के मूल्यांकन और व्यापक बाजार रुझानों पर नजर बनी हुई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/china-ne-karensi-niti-para-apani-sthiti-ki-spashta-yuan-mulyankana-aura-manufacturing-barhata-para-barha-vaishvika-mnthana-45656 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीनी युआन, पीबीओसी, विदेशी मुद्रा बाजार, वैश्विक व्यापार, आईएमएफ, सोना

चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना यानी PBoC ने अपनी विनिमय दर नीति का बचाव करते हुए एक नया दस्तावेज जारी किया है। इस आधिकारिक दस्तावेज में उन दावों को सीधे तौर पर खारिज किया गया है जिनमें कहा जा रहा था कि चीनी युआन यानी CNY का मौजूदा स्तर देश के भारी ट्रेड सरप्लस की मुख्य वजह है। केंद्रीय बैंक की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चीन के निर्यात में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी और असल वजह वहां के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की आंतरिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त है, न कि कोई करेंसी हेरफेर।

## व्यापार वार्ता और केंद्रीय बैंक का कड़ा रुख
यह आधिकारिक दस्तावेज ठीक ऐसे समय पर सामने आया है जब व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक और चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ के बीच उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है। इन महत्वपूर्ण वार्ताओं के साथ ही केंद्रीय बैंक का यह स्पष्टीकरण जारी होना यह संकेत देता है कि चीन अपनी विनिमय दर नीतियों पर पीछे हटने या किसी दबाव में झुकने को तैयार नहीं है। वैश्विक व्यापार मंचों पर युआन के मूल्यांकन को लेकर बहस छिड़ी हुई है और यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या चीनी मुद्रा वास्तविक मूल्य से कम आंकी गई है।

बाजार विश्लेषक हैल्पेनी के आकलन के अनुसार युआन के कम आंके जाने की संभावना काफी हद तक सही प्रतीत होती है, हालांकि इसके वास्तविक पैमाने पर अर्थशास्त्रियों के बीच मतभेद हैं। यह माना जाता है कि मुद्रा के कम मूल्य से निर्यात को सहारा मिलता है, लेकिन चीन के भारी निर्यात विस्तार को केवल विनिमय दर के चश्मे से देखना अधूरा विश्लेषण होगा। औद्योगिक दक्षता और विनिर्माण क्षमता ही चीन की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।

## आरईईआर सूचकांक और आईएमएफ का आकलन
मुद्रा के ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो बीआईएस यानी बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के आरईईआर डेटा से पता चलता है कि वर्ष 2005 से 2015 के अंत तक रॅन्मिन्बी यानी आरएमबी में लगभग 60 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि 2022 के उच्चतम स्तर से सूचकांक में पिछले साल के निचले स्तर तक 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई, जिसके बाद आज के स्तर तक 6.5 प्रतिशत का बदलाव देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ का अनुमान है कि चीनी युआन में 12 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच अंडरवैल्यूएशन है। यह दायरा व्यापक बाजार सहमति के अनुरूप है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच चीन अपनी मुद्रा को नई मजबूती की ओर बढ़ाने के संकेत भी दे रहा है। डॉलर की चौतरफा मजबूती के बावजूद यूएसडी/सीएनवाई के हालिया पीबीओसी फिक्सिंग से यह स्पष्ट होता है कि केंद्रीय बैंक युआन को मजबूत रास्ते पर बनाए रखने का इच्छुक है। वहीं दूसरी ओर ईयूआर/सीएनवाई जनवरी के उच्चतम स्तर से 10 प्रतिशत नीचे आ चुका है और निकट अवधि में इसमें और गिरावट की गुंजाइश देखी जा रही है।

## वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल
चीनी मुद्रा के अलावा अंतरराष्ट्रीय करेंसी और कमोडिटी बाजारों में भी अहम बदलाव देखे जा रहे हैं। शुक्रवार को एशियाई कारोबार में एयूडी/यूएसडी ने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी करते हुए बढ़त बनाई और 0.7000 के स्तर की ओर रुख किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में रात भर आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गति मिली। साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं ने भी इस जोड़ी को सहारा दिया।

जापानी बाजार की बात करें तो यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के आसपास अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। शुक्रवार के आंकड़ों में सामने आया कि जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने गिरा है, जिससे जापानी येन पर दबाव बना। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट ने सख्त फेडरल रिजर्व और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रभाव को संतुलित किया, जिससे इस जोड़ी की गिरावट पर रोक लगी। इस बीच सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव दिखा। साप्ताहिक ऊंचाई पर पहुंचने के शुरुआती प्रयास के बाद सोने की चाल कुछ धीमी पड़ी और शुक्रवार को यह 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के निशान से नीचे आ गया। अमेरिकी डॉलर की तेज बढ़त और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में लगातार वृद्धि ने पीली धातु पर दबाव बनाए रखा है।

## इसका आप पर असर
प्रमुख मुद्राओं और बॉन्ड यील्ड्स में जारी फेरबदल से वैश्विक व्यापार लागत, आयात-निर्यात मार्जिन और कमोडिटी कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **भारत में प्रभाव:** वैश्विक स्तर पर मजबूत डॉलर और एशियाई मुद्राओं में अस्थिरता से भारतीय आयातकों के लिए लागत बढ़ सकती है। कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक सामानों के बिल पर इसका सीधा असर दिखने की संभावना है।
- **अंतरराष्ट्रीय निवेशकों पर असर:** युआन के फिक्सिंग और जापानी येन की कमजोरी से करेंसी डेरिवेटिव्स में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। ट्रेडर्स को हेजिंग रणनीतियों पर अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है।
- **सोने के खरीदारों के लिए:** सोने का भाव 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे आने से खरीदारों को कुछ राहत मिली है। हालांकि यील्ड्स और डॉलर में तेजी बने रहने पर कीमतों में आगे और भी फेरबदल हो सकता है।
- **आयातक और निर्यातक:** चीनी मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी मूल्य बनाए रख रही है। भारतीय विनिर्माताओं को चीनी आपूर्ति श्रृंखला और मूल्य निर्धारण पर करीबी नजर रखनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
चीन पर अपने बड़े व्यापार अधिशेष और कथित रूप से कम मूल्य वाली मुद्रा को लेकर पश्चिमी साझेदारों से लगातार नीतिगत दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय बैंक ने अपनी विनिमय दर व्यवस्था का बचाव किया है।

- **द्विपक्षीय वार्ता का दबाव:** यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक और चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ के बीच वार्ता के दौरान व्यापार असंतुलन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इसी दबाव के बीच केंद्रीय बैंक ने अपना रुख स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक दस्तावेज पेश किया।
- **मूल्यांकन पर मतभेद:** अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार चीनी युआन 12 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक कम आंका गया है। इसके विपरीत चीनी अधिकारियों का तर्क है कि निर्यात की मजबूती मुद्रा दर के बजाय फैक्ट्रियों की कार्यकुशलता पर आधारित है।
- **डॉलर और बॉन्ड यील्ड्स की चाल:** अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में रात भर आई नरमी और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने वैश्विक मुद्राओं और सोने की कीमतों में व्यापक फेरबदल की जमीन तैयार की।

## सवाल-जवाब

### 1. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपने आधिकारिक दस्तावेज में क्या दलील दी है?
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि चीन का भारी ट्रेड सरप्लस युआन की विनिमय दर के कारण नहीं, बल्कि देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की आंतरिक प्रतिस्पर्धा के कारण है।

### 2. चीन के वाणिज्य मंत्री किसके साथ व्यापार वार्ता कर रहे हैं?
चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ द्विपक्षीय बातचीत कर रहे हैं।

### 3. आईएमएफ के अनुसार चीनी युआन कितना अंडरवैल्यूड है?
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमान के मुताबिक चीनी युआन 12 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच अंडरवैल्यूड है।

### 4. बीआईएस आरईईआर डेटा युआन के बारे में क्या दर्शाता है?
डेटा के अनुसार 2005 से 2015 तक आरएमबी लगभग 60 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन 2022 के उच्च स्तर से पिछले साल के निचले स्तर तक इसमें 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

### 5. शुक्रवार को सोने की कीमत किस स्तर से नीचे आ गई?
मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड्स के दबाव में सोना 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे आ गया।

### 6. जापान में घरेलू खर्च के आंकड़ों का येन पर क्या असर हुआ?
जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिससे येन कमजोर हुआ और यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के करीब बना रहा।

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