चीन ने डॉलर के मुकाबले युआन की दैनिक संदर्भ दर 6.7911 तय की, वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी मुद्रा की संदर्भ दर को 6.7911 पर सेट किया है, जबकि वैश्विक बाजारों में सोने, कच्चे तेल और प्रमुख विदेशी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की दैनिक संदर्भ दर 6.7911 निर्धारित की है। यह दर शुक्रवार को तय की गई 6.7939 की मध्य दर की तुलना में मामूली मजबूती दर्शाती है। चीन की विनिमय दर प्रणाली में केंद्रीय बैंक द्वारा रोजाना तय की जाने वाली यह संदर्भ दर ऑनशोर बाजार में युआन के दैनिक कारोबार का दायरा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का उद्देश्य और प्रशासनिक ढांचा चीन के केंद्रीय बैंक के प्राथमिक मौद्रिक नीति लक्ष्यों में मूल्य स्थिरता बनाए रखना, विनिमय दर में स्थिरता सुनिश्चित करना और देश की समग्र आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा पीबीओसी वित्तीय बाजार को खोलने और विकसित करने जैसे कई महत्वपूर्ण वित्तीय सुधारों को लागू करने की जिम्मेदारी भी संभालता है। पश्चिमी देशों के स्वायत्त केंद्रीय बैंकों के विपरीत, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पूरी तरह से चीनी जनवादी गणराज्य के स्वामित्व वाली संस्था है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से इसे एक स्वतंत्र निकाय नहीं माना जाता है। बैंक के प्रबंधन और दिशा-निर्देश में गवर्नर से अधिक प्रभाव चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की समिति के सचिव का होता है, जिनका नामांकन राज्य परिषद के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। वर्तमान समय में पान गोंगशेंग केंद्रीय बैंक में गवर्नर और कम्युनिस्ट पार्टी समिति सचिव, दोनों ही प्रमुख पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चीन के मौद्रिक उपकरण और निजी बैंकिंग व्यवस्था अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए चीनी केंद्रीय बैंक पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक व्यापक और विविध मौद्रिक नीति उपकरणों का उपयोग करता है। इनमें सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मीडियम टर्म लेंडिंग फैसिलिटी (एमएलएफ), विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो (आरआरआर) शामिल हैं। हालांकि, लोन प्राइम रेट (एलपीआर) चीन की मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर के रूप में कार्य करती है। एलपीआर में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव वाणिज्यिक ऋणों, होम लोन की ब्याज दरों और बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ता है। इस बेंचमार्क दर के माध्यम से पीबीओसी चीनी रेनमिनबी के विनिमय मूल्य को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है। देश के राज्य-नियंत्रित वित्तीय ढांचे में निजी बैंकों की हिस्सेदारी काफी सीमित है। चीन में केवल 19 निजी बैंक संचालित हो रहे हैं। इनमें सबसे बड़े डिजिटल ऋणदाता वीबैंक और मायबैंक हैं, जिन्हें टेक दिग्गज टेंसेंट और एंट ग्रुप का समर्थन प्राप्त है। चीन ने साल 2014 से निजी पूंजी से पूरी तरह से वित्त पोषित घरेलू लेंडर्स को देश के वित्तीय क्षेत्र में काम करने की अनुमति दी थी। ब्रिटिश पाउंड और यूरो पर वैश्विक घटनाक्रमों का प्रभाव विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में, ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) पिछले सत्र की तेज गिरावट के बाद 1.3300 के स्तर से ऊपर सीमित बढ़त बनाए हुए है। ब्रिटेन के सकारात्मक रिटेल सेल्स आंकड़ों और जुलाई महीने के पीएमआई डेटा से पाउंड को सहारा मिला है। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों के सतर्क रुख से इसकी ऊपरी बढ़त सीमित बनी हुई है। अमेरिका के जुलाई पीएमआई आंकड़ों का मुद्रा दरों पर कोई विशेष असर नहीं देखा गया। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान 1.1400 के निचले स्तर के पास दबाव में दिखाई दिया। एसएंडपी ग्लोबल के मिले-जुले पीएमआई आंकड़ों, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और सेवा क्षेत्र में विस्तार दर्ज किया गया, का बाजार पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। निवेशकों का मुख्य ध्यान मध्य पूर्व के हालात और महंगाई से जुड़ी चिंताओं पर टिका हुआ है। सोने और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव तथा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का रुख कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई और यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा है, जिससे मुद्रास्फीति की आशंकाएं कम हुई हैं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घट गई है। इसके चलते सुरक्षित निवेश माना जाने वाला अमेरिकी डॉलर अपने एक महीने के उच्च स्तर से नीचे आ गया। अब बाजार सहभागियों की नजरें इस सप्ताह होने वाली एफओएमसी नीति बैठक पर टिकी हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए साल का पहला आधा हिस्सा काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहां इसने चार साल के उच्च स्तर को छूने के बाद गिरावट दर्ज की। मध्य पूर्व में नए सिरे से जारी तनाव ने ऑस्ट्रेलिया के मुद्रास्फीति और ब्याज दर के परिदृश्य को अनिश्चित बना दिया है। इसका आप पर असर भारत में: चीनी युआन और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दरों में स्थिरता से भारत के आयात-निर्यात शुल्क तथा वैश्विक कमोडिटी कीमतों पर असर पड़ता है। वैश्विक निवेशकों के लिए: सोने में बढ़त और कच्चे तेल में नरमी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुद्रास्फीति का दबाव कम हो सकता है। सवाल-जवाब 1. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने युआन की संदर्भ दर क्या तय की है? पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन की संदर्भ दर 6.7911 तय की है। 2. चीन में मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर कौन सी है? चीन में लोन प्राइम रेट (एलपीआर) मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर के रूप में कार्य करती है। 3. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का प्रमुख कौन है? वर्तमान में पान गोंगशेंग केंद्रीय बैंक के गवर्नर और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति सचिव दोनों पदों पर कार्यरत हैं। 4. सोने की कीमत पर हालिया घटनाक्रमों का क्या असर पड़ा? सोने की कीमत में तेजी देखी गई और यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर पहुंच गई। https://trendkia.com/market/china-sets-dollar-vs-yuan-daily-reference-rate-at-6-7911-global-forex-commodity-market-updates-10616 TrendKia — Har trend, sabse pehle.