# चीनी युआन पर मंदी का रुख बरकरार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6.7000 के स्तर पर है निवेशकों की नजर

> यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन पर नकारात्मक दबाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह 6.7000 के अहम स्तर की ओर बढ़ सकता है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/chinese-yuan-faces-bearish-outlook-as-usd-cnh-targets-6-7000-according-to-uob-22076 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीनी युआन, अमेरिकी डॉलर, यूओबी, विदेशी मुद्रा, बाजार विश्लेषण, मुद्रा बाजार

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन को लेकर वित्तीय बाजारों में मंदी का रुख कायम है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (यूओबी) के रणनीतिकारों क्वेक सेर लेयांग और ली सू आन ने अपनी ताजा समीक्षा में इस बात पर जोर दिया है कि हालांकि हालिया कारोबारी सत्रों में मूल्य गतिविधियों में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला है, लेकिन इसके भीतर का बाजार रुझान कमजोर बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में इसमें मामूली गिरावट आने की गुंजाइश है, बशर्ते यह अपने तय शुदा दायरे में कारोबार करे। बाजार की इन चालों पर विदेशी मुद्रा बाजार के निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

## दैनिक कारोबार और समर्थन स्तर
दैनिक कारोबार के मोर्चे पर बात करें तो विश्लेषकों ने पहले ही यह अनुमान जताया था कि अमेरिकी डॉलर के लिए गिरावट का रुझान बना रह सकता है, हालांकि यह सीमित दायरे में ही रहने की उम्मीद थी। अमेरिकी डॉलर ने 6.7181 और 6.7255 के दायरे में कारोबार करने के बाद मामूली बढ़त दर्ज करते हुए 6.7220 पर बंद हुआ। हालांकि बाजार में उस दिन गतिविधियां शांत रहीं, लेकिन अंदरूनी माहौल कमजोर हो गया है। मौजूदा सत्र के दौरान डॉलर में कुछ और नरमी देखने को मिल सकती है, हालांकि 6.7150 का महत्वपूर्ण समर्थन स्तर खतरे में पड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इसके विपरीत, ऊपरी स्तर पर 6.7240 और उसके बाद 6.7280 पर रुकावट या प्रतिरोध देखा जा सकता है।

## साप्ताहिक और मध्यम अवधि का दृष्टिकोण
एक से तीन सप्ताह के मध्यम अवधि के दृष्टिकोण को देखें तो विश्लेषकों ने इस महीने की शुरुआत से ही अमेरिकी डॉलर के प्रति नकारात्मक रुख अपना रखा है। पिछले शुक्रवार को जब हाजिर भाव 6.7240 के आसपास था, तब यह रेखांकित किया गया था कि downward momentum लगातार बढ़ रहा है। यदि डॉलर में मंदी का यह दौर जारी रहता है और यह 6.7200 के समर्थन स्तर को तोड़कर उसके नीचे टिक जाता है, तो अगला अहम पड़ाव 6.7000 का स्तर होगा। हालांकि हाल ही में डॉलर इस आंकड़े के नीचे फिसला जरूर था, लेकिन सत्र का समापन इसके नीचे नहीं हो पाया। फिलहाल के लिए, जब तक 6.7340 का मजबूत प्रतिरोध स्तर सुरक्षित है, तब तक यही नकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार रहेगा।

## वैश्विक मुद्रा बाजारों में अन्य हलचलें
विदेशी मुद्रा बाजार के विस्तृत फलक पर अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों में भी अहम बदलाव देखे जा रहे हैं। पाउंड-डॉलर की जोड़ी सोमवार की सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए मंगलवार को मामूली बढ़त हासिल करने में सफल रही। हालांकि ग्रीनबैक के आसपास मंडरा रहे मामूली बिकवाली के दबाव के बीच इस तेजी को 1.3650 के दायरे में एक मजबूत प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, यूरो-डॉलर की जोड़ी वॉल स्ट्रीट के मंगलवार के कारोबार के बाद 1.1670 के आसपास मामूली लाभ दर्ज कर रही है। अमेरिकी डॉलर में आई हल्की कमजोरी ने इस मुद्रा जोड़े को दो दिनों की लगातार गिरावट से उबारने में मदद की है और अब यह 1.1700 के आंकड़े को अपने दायरे में लेने का प्रयास कर रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका के पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़े और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़ों के संशोधित आंकड़े निवेशकों का ध्यान आकर्षित करेंगे।

## कमोडिटी, शेयर बाजार और अमेरिकी बॉन्ड बाजार के रुझान
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल पर नजर डालें तो पीली धातु मंगलवार को प्रति ट्रॉय औंस 4.650 डॉलर के आसपास अपने दैनिक दायरे के बीचों-बीच कारोबार करती नजर आई। सोने में इस स्पष्ट दिशा के अभाव की मुख्य वजह बाजार सहभागियों के बीच व्यापक सतर्कता, अमेरिकी डॉलर में हल्की कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेज गिरावट है। इसके अलावा, शेयर बाजारों में टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी एनवीडिया के नतीजों पर निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं, जो इस तिमाही के अर्निंग सीजन के अहम दौर को पूरा करेंगे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भी अपने कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया है और 10 साल से लेकर 30 साल तक के सेक्टरों में तरलता समर्थन पुनर्खरीद संचालन के आकार को कम से कम दोगुना करने का निर्णय लिया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** विदेशी मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर और चीनी युआन के उतार-चढ़ाव का असर भारतीय रुपये और आयात-निर्यात लागत पर पड़ सकता है।

**व्यापक बाजार में:** वैश्विक मुद्रा रुझानों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर रखने वाले निवेशकों को अल्पावधि में विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के अनुसार अमेरिकी डॉलर और चीनी युआन का मौजूदा रुख क्या है?
यूओबी के विश्लेषकों का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन पर नकारात्मक रुख है और वे इसमें मंदी की संभावना देख रहे हैं।

### 2. अमेरिकी डॉलर के लिए मुख्य समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या बताए गए हैं?
विश्लेषकों के अनुसार 6.7150 का स्तर मुख्य समर्थन के रूप में कार्य कर रहा है, जबकि प्रतिरोध स्तर 6.7340 पर बना हुआ है।

### 3. यदि डॉलर 6.7200 के नीचे टिक जाता है तो अगला कौन सा स्तर देखने को मिल सकता है?
यदि अमेरिकी डॉलर 6.7200 के स्तर से नीचे टूटकर टिक जाता है, तो अगला लक्ष्य 6.7000 का स्तर हो सकता है।

### 4. सोने की कीमत किस दायरे में कारोबार करती नजर आई?
सोना मंगलवार को प्रति ट्रॉय औंस लगभग 4,650 डॉलर के अपने दैनिक दायरे के बीच में कारोबार कर रहा था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._