सिस्को के नतीजों ने बिगाड़ी डाउ जोंस की चाल, एसएंडपी 500 के रिकॉर्ड के बावजूद सूचकांक में गिरावट टेक्नोलॉजी दिग्गज सिस्को के शेयरों में आई 9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के कारण डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 75 अंक टूट गया, जबकि एसएंडपी 500 ने कारोबार के दौरान नया रिकॉर्ड बनाया। अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान एक अनूठा विरोधाभास देखने को मिला, जहां व्यापक बाजार में तेजी का माहौल रहने के बावजूद पुराना इंडेक्स डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दबाव में नजर आया। सुबह के सत्र में जहां एसएंडपी 500 ने सर्वकालिक उच्च स्तर का नया रिकॉर्ड कायम किया और नास्डैक कम्पोजिट लगभग एक प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, वहीं डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 53,700 के स्तर के आसपास लाल निशान में कारोबार करता दिखा। मुख्य सूचकांकों के बीच दिखा यह अंतर सतह पर ऐसा लग सकता है कि नरम मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बीच पुरानी अर्थव्यवस्था वाला यह इंडेक्स टेक शेयरों की रैली में पिछड़ गया, लेकिन यह निष्कर्ष पूरी तरह से गलत साबित होता है। बाजार के इस आंकड़ों के गणित को अगर गहराई से समझा जाए तो पूरा का पूरा दबाव केवल एक ही लिस्टेड कंपनी के नतीजों के कारण पैदा हुआ है। बुधवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसके बाद गुरुवार को निवेशकों ने इसमें बिकवाली का रुख अपनाया। डाउ जोंस में आई कुल गिरावट का लगभग पूरा हिस्सा इसी एक शेयर के खाते में जाता है। डाउ जोंस और बाकी दो प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों के बीच गुरुवार को दिखा यह अंतर उनके स्वामित्व वाली कंपनियों के बुनियादी कारोबार के कारण नहीं, बल्कि सूचकांक की गणना करने के अनूठे गणितीय तरीके की वजह से पैदा हुआ है। सिस्को का गणित और सूचकांक की गणना प्रणाली सिस्को (CSCO) के शेयरों में गुरुवार को लगभग 9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार ने कंपनी के तिमाही नतीजों में राजस्व के आंकड़ों से ज्यादा उसके प्रॉफिट मार्जिन में आई नरमी पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। नतीजों के ऐलान से ठीक पहले सिस्को का शेयर मूल्य 124 डॉलर के आसपास बना हुआ था, ऐसे में 9 प्रतिशत की गिरावट का मतलब यह हुआ कि इसके शेयर की कीमत में करीब 11 डॉलर की सीधी कमी आ गई। डाउ जोंस एक प्राइस-वेटेड सूचकांक है, जो अपने 30 सदस्य कंपनियों के शेयर मूल्यों को सीधे इंडेक्स पॉइंट्स में तब्दील करता है। वर्तमान में प्रति डॉलर शेयर मूल्य में बदलाव इंडेक्स के लगभग 6 पॉइंट्स के बराबर बैठता है। इस अंकगणित का सीधा नतीजा यह निकला कि सिस्को के अकेले शेयर ने ही डाउ जोंस की 75 अंकों की कुल गिरावट में से करीब 65 अंकों का नुकसान करा दिया। इसका मतलब यह है कि अगर सिस्को के इस एक शेयर की गिरावट को हटा दिया जाए, तो इंडेक्स की बाकी 29 कंपनियां ठीक उसी तेजी के रास्ते पर बनी हुई थीं जिस पर बाकी अमेरिकी बाजार कारोबार कर रहा था। इसी सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप बनाने वाली कंपनी सेरेब्रास (CBRS) के शेयर भी अपने तिमाही नतीजों के बाद 13 प्रतिशत तक टूट गए, लेकिन इसका डाउ जोंस पर शून्य असर पड़ा क्योंकि वह 30 कंपनियों वाले इस इंडेक्स का हिस्सा नहीं है। इसी तरह नास्डैक कम्पोजिट को ऊंचाई पर ले जाने वाले तीन प्रमुख टेक दिग्गज मेटा प्लेटफॉर्म्स (META), माइक्रोन (MU) और नेटफ्लिक्स (NFLX) भी डाउ जोंस के घटक नहीं हैं। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर बदला बाजार का अनुमान शेयरों की व्यक्तिगत हलचल के अलावा मैक्रो स्तर पर केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर निवेशकों के रुख में बड़ा बदलाव देखा गया है। मनी मार्केट फ्यूचर्स के आंकड़ों के अनुसार 9 दिसंबर की बैठक तक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कम से कम एक बढ़ोतरी किए जाने की संभावना 68.3 प्रतिशत पर आ गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि तीन दिन पहले सोमवार को दिसंबर में दर वृद्धि को पूरी तरह से तय यानी 100 प्रतिशत मानकर प्राइस किया जा रहा था। इसी तरह 16 सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक के लिए दर बढ़ोतरी की संभावना घटकर 34.4 प्रतिशत रह गई है, जो पहले लगभग 50 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई थी। 28 अक्टूबर की बैठक के लिए भी संभावना 48.9 प्रतिशत पर आ गई है, जो पहले 75 प्रतिशत से अधिक मानी जा रही थी। केवल तीन कारोबारी सत्रों और मुद्रास्फीति के दो नए आंकड़ों ने चालू वर्ष के दौरान केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति में सबसे बड़ा नरम रुख पैदा किया है। हालांकि इस नरमी के बावजूद दरों में कटौती की संभावनाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। दिसंबर तक दरों में दो बार बढ़ोतरी की संभावना 23.3 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है, जो सोमवार के 24.1 प्रतिशत के मुकाबले लगभग अपरिवर्तित है। इसके विपरीत वर्ष 2026 की सभी बैठकों में ब्याज दर कटौती की संभावना शून्य प्रतिशत पर बनी हुई है और वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से पहले दर कटौती की संभावना एक प्रतिशत से भी कम नजर आती है। बाजार इस समय एक दोराहे को प्राइस कर रहा है कि अगर भू-राजनीतिक परिस्थितियां सामान्य होती हैं तो ब्याज दर में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, अन्यथा दरों में दो बार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। तकनीकी स्तर और प्रमुख इंडिकेटर्स का विश्लेषण तकनीकी चार्ट पर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज वर्तमान में 53,704 के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि इसका 52 सप्ताह का दायरा 44,572 से 54,744 के बीच रहा है। इंडेक्स के लिए पहला बड़ा प्रतिरोध स्तर 54,000 के ठीक ऊपर बना हुआ है, जहां गुरुवार का उच्चतम स्तर रुक गया। इसके ऊपर मुख्य रेजिस्टेंस 54,744 से 54,750 के बीच स्थित सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। सपोर्ट साइड की बात करें तो पहला मजबूत सहारा 53,600 और 53,535 (सपोर्ट 1) के दायरे में नजर आता है। अगर इंडेक्स इससे नीचे खिसकता है, तो अगला सपोर्ट 53,365 और 53,250 के आसपास स्थित है। दीर्घकालिक ट्रेंड के नजरिए से इंडेक्स का 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 52,264 के आसपास है, जबकि 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 49,611 के स्तर पर स्थित है। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर होना एक मजबूत बुलिश ट्रेंड का संकेत देता है। अन्य तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI 14) 59 के स्तर पर है जो संतुलित स्थिति दिखाता है। वहीं स्टोकेस्टिक आरएसआई 70 के मध्य में बना हुआ है। जब तक इंडेक्स 54,000 के ऊपर क्लोजिंग नहीं देता, तब तक अल्पकालिक नजरिया हल्का दबाव वाला बना रहेगा, जबकि 54,100 से ऊपर की दैनिक क्लोजिंग बियरिश व्यू को खारिज कर देगी। आगामी आर्थिक आंकड़े: खुदरा बिक्री और उपभोक्ता भावना निवेशकों की निगाहें अब शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। शुक्रवार को जुलाई महीने के खुदरा बिक्री आंकड़े जारी होंगे। हेडलाइन रिटेल सेल्स में 0.1 प्रतिशत की बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले महीने 0.2 प्रतिशत रही थी। वाहनों की बिक्री को छोड़कर खुदरा बिक्री के 0.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले महीने शून्य से 0.2 प्रतिशत नीचे दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त कंट्रोल ग्रुप की पिछली रीडिंग 0.5 प्रतिशत रही थी। खुदरा बिक्री के आंकड़ों के तुरंत बाद यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन का अगस्त महीने का प्रारंभिक उपभोक्ता भावना सूचकांक जारी किया जाएगा। इसके 54.5 रहने का सर्वसम्मत अनुमान है, जो पिछले 55.2 के आंकड़े से मामूली कम है। इसी सर्वेक्षण में शामिल एक वर्ष के मुद्रास्फीति अनुमान का पिछला आंकड़ा 4.2 प्रतिशत था, जबकि पांच वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 3.3 प्रतिशत पर बना हुआ था। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के रुख को और स्पष्ट करने में भूमिका निभाएंगे। डाउ जोंस की संरचना और चार्ल्स डाउ का सिद्धांत डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शेयर बाजार सूचकांकों में से एक है। इसकी स्थापना चार्ल्स डाउ ने की थी, जिन्होंने विश्व प्रसिद्ध वित्तीय समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी स्थापना की थी। इस इंडेक्स में अमेरिका की 30 सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली दिग्गज कंपनियों के शेयरों को शामिल किया जाता है। मार्केट कैप आधारित इंडेक्स के विपरीत, डाउ जोंस को प्राइस-वेटेड विधि से कैलकुलेट किया जाता है, जिसमें शामिल 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों का योग करके उसे एक विशेष डिवाइजर (वर्तमान में 0.152) से विभाजित किया जाता है। आलोचक अक्सर इसकी इस बात के लिए समीक्षा करते हैं कि केवल 30 कंपनियों को शामिल करने के कारण यह एसएंडपी 500 की तरह पूरे बाजार का व्यापक प्रतिनिधित्व नहीं करता। डाउ थ्योरी शेयर बाजार के प्राथमिक रुझान को पहचानने का एक ऐतिहासिक सिद्धांत है। इसका मूल नियम यह है कि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) और डाउ जोंस ट्रांसपोर्टेशन एवरेज (DJTA) दोनों को एक ही दिशा में गति करनी चाहिए। जब दोनों इंडेक्स एक दिशा में बढ़ते हैं, तभी ट्रेंड की पुष्टि मानी जाती है। डाउ थ्योरी के अनुसार बाजार के तीन मुख्य चरण होते हैं: पहला एक्यूमुलेशन (जब बड़े संस्थागत निवेशक खरीदारी या बिकवाली शुरू करते हैं), दूसरा पब्लिक पार्टिसिपेशन (जब आम निवेशक बाजार में शामिल होते हैं), और तीसरा डिस्ट्रीब्यूशन (जब बड़े निवेशक अपना मुनाफा वसूल कर बाहर निकलते हैं)। डाउ जोंस में निवेश और ट्रेडिंग के विभिन्न साधन वैश्विक और भारतीय निवेशक डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में विभिन्न वित्तीय साधनों के माध्यम से ट्रेडिंग और निवेश कर सकते हैं। सबसे लोकप्रिय तरीका एक्सचेंज ट्रैडेड फंड्स (ETF) का उपयोग करना है। उदाहरण के लिए, एसपीडीआर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ (DIA) निवेशकों को सभी 30 कंपनियों के अलग-अलग शेयर खरीदे बिना एक ही सिक्योरिटी के माध्यम से पूरे इंडेक्स में निवेश का अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा वायदा और विकल्प (Futures and Options) अनुबंधों के जरिए ट्रेडर इंडेक्स की भावी दिशा पर सट्टा लगा सकते हैं या अपने मौजूदा पोर्टफोलियो को हेज कर सकते हैं। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट निवेशकों को भविष्य के मूल्य पर दांव लगाने की अनुमति देते हैं, जबकि ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट प्रीमियम देकर भविष्य में एक पूर्व-निर्धारित मूल्य पर इंडेक्स को खरीदने या बेचने का अधिकार प्रदान करते हैं। म्यूचुअल फंड भी विविध पोर्टफोलियो के माध्यम से इस इंडेक्स में निवेश की सुविधा देते हैं। ग्लोबल मार्केट आउटलुक: फॉरेक्स, कमोडिटीज और क्रिप्टो डाउ जोंस में आई इस हलचल के बीच वैश्विक मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजारों में भी सुस्ती और सीमित उतार-चढ़ाव का दौर देखा गया। करेंसी मार्केट में ब्रिटेन के अनिश्चित आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के कमजोर आंकड़ों के बीच जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी 1.3500 के स्तर के इर्द-गिर्द घूमती नजर आई। वहीं यूरो/यूएसडी (EUR/USD) 1.1500 के स्तर से ऊपर बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जिसे डॉलर में आई हल्की नरमी से समर्थन मिला। कमोडिटी बाजार में सोने (Gold) की कीमतों में बुधवार की तेजी के बाद मामूली मुनाफावसूली देखी गई और यह 4,370 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास स्थिर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर क्रिप्टो करेंसी बाजार में सुस्ती का माहौल बना रहा। बिटकॉइन (BTC) 64,000 डॉलर के स्तर को दोबारा हासिल करने के लिए संघर्ष करता दिखा, जबकि एथेरियम (ETH) 1,900 डॉलर के रेजिस्टेंस के पास मोमेंटम बनाने का प्रयास कर रहा था। रिपल (XRP) 1.00 डॉलर के सपोर्ट स्तर से ऊपर बना हुआ है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव कायम है। इसका आप पर असर भारत में: अमेरिकी बाजार की इस अनिश्चितता और आईटी दिग्गजों के मार्जिन दबाव का असर भारतीय टेक कंपनियों के शेयरों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) के रुख पर पड़ सकता है। ग्लोबल निवेशकों के लिए: सिस्को के इस एकल प्रभाव से स्पष्ट होता है कि प्राइस-वेटेड सूचकांकों में व्यक्तिगत स्टॉक रिस्क ज्यादा होता है, इसलिए इंडेक्स ETF और डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स में निवेश अधिक सुरक्षित माना जाता है। सवाल-जवाब 1. एसएंडपी 500 की बढ़त के बावजूद डाउ जोंस में गिरावट क्यों आई? डाउ जोंस में आई गिरावट का मुख्य कारण सिस्को के शेयरों में 9 प्रतिशत की भारी गिरावट थी। डाउ जोंस एक प्राइस-वेटेड इंडेक्स है, जिसमें सिस्को के $11 के नुकसान ने इंडेक्स को 65 अंक का सीधा झटका दिया। 2. डाउ जोंस में सिस्को की गिरावट का गणित कैसे काम करता है? डाउ जोंस अपने 30 घटकों के शेयर मूल्य के योग को डिवाइजर (0.152) से विभाजित करता है। इस गणित के अनुसार किसी शेयर में $1 का बदलाव इंडेक्स के लगभग 6 पॉइंट्स के बराबर होता है। 3. फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर क्या अनुमान हैं? दिसंबर बैठक तक कम से कम एक दर वृद्धि की संभावना घटकर 68.3 प्रतिशत रह गई है, जबकि सितंबर और अक्टूबर में दर बढ़ोतरी की संभावनाएं भी काफी नीचे आ गई हैं। 4. डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज के प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं? डाउ जोंस के लिए पहला प्रतिरोध स्तर 54,000 के ऊपर और सर्वकालिक उच्च स्तर 54,744 पर है। नीचे की तरफ प्राथमिक समर्थन 53,600 और 53,365 के पास स्थित है। 5. डाउ जोंस इंडेक्स में साधारण निवेशक कैसे ट्रेडिंग या निवेश कर सकते हैं? निवेशक एसपीडीआर डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ (DIA), इंडेक्स फ्यूचर्स, ऑप्शंस अनुबंधों या म्यूचुअल फंड के माध्यम से डाउ जोंस में निवेश कर सकते हैं। https://trendkia.com/market/cisco-ki-giravata-se-dow-jones-para-dabava-s-p-500-ne-banaya-naya-rikorda-16426 TrendKia — Har trend, sabse pehle.