क्लोजिंग ऑक्शन सेशन पर SEBI का कड़ा रुख, तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट की नियम वापसी पर स्थिति भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में शुरू हुआ क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम अभी वापस नहीं लिया जाएगा। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने साफ किया है कि इस व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव किए जा सकते हैं। भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों और कारोबारियों के बीच चर्चा का केंद्र बने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम को लेकर बाजार नियामक SEBI ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। नियामक ने यह साफ कर दिया है कि इस नए सिस्टम को फिलहाल वापस लेने का कोई इरादा नहीं है और यह व्यवस्था आगे भी सुचारू रूप से जारी रहेगी। हालांकि, बाजार से मिलने वाले लगातार फीडबैक और व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर इसमें उचित सुधार भी किए जा सकते हैं। हाल ही में इस संबंध में अपने विचार साझा करते हुए SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने जोर देकर कहा कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन बाजार में अपनी जगह बनाए रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद से विभिन्न बाजार प्रतिभागियों की तरफ से कई तरह के सुझाव और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नियामक की विशेष टीमें इन सभी सुझावों का गहराई से अध्ययन करने में जुटी हैं और संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत भी जारी है। उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि यदि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाई नजर आती है और उसमें सुधार की गुंजाइश दिखती है, तो नियामक नीतिगत बदलाव करने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाएगा। 3 अगस्त से प्रभावी हुआ है यह नया ढांचा बता दें कि शेयर बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन को आधिकारिक तौर पर 3 अगस्त 2026 से लागू किया गया था। इस नए नियम को लाने का मुख्य उद्देश्य कारोबारी सत्र के समापन के समय शेयरों की क्लोजिंग कीमत निर्धारित करने की पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, बेहतर और व्यवस्थित बनाना था। हालांकि, जब से यह सिस्टम प्रभावी हुआ है, तब से बाजार के कुछ हलकों में इसकी कार्यप्रणाली और तौर-तरीकों को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर भी इस नए नियम को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं और बहस देखने को मिली हैं। हर आलोचना पर तुरंत फेरबदल नहीं करेगा नियामक बाजार में उठ रही आवाजों और आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए SEBI चेयरमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि नियामक सोशल मीडिया पर आने वाली हर एक टिप्पणी या तात्कालिक सुझाव के आधार पर तुरंत नियमों में संशोधन नहीं करेगा। उनके अनुसार, CAS भारतीय पूंजी बाजार में एक बड़ा और दूरगामी सुधार है जिसे कुछ खास और स्पष्ट उद्देश्यों के साथ लाया गया है। नियामक सभी प्राप्त सुझावों का मूल्यांकन कर रहा है, लेकिन नियमों में बदलाव केवल तभी किए जाएंगे जब वास्तविक स्तर पर उसकी आवश्यकता महसूस होगी। भागीदारी बढ़ने से दूर हो सकती हैं शुरुआती अड़चनें तुहिन कांत पांडे का मानना है कि जैसे-जैसे इस सेशन में बाजार के विभिन्न प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी में इजाफा होगा, शुरुआती दौर में सामने आ रही कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं अपने आप समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अभी भी कई बाजार प्रतिभागियों के आंतरिक सिस्टम पुराने वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) सिस्टम के आधार पर ही डिजाइन किए गए हैं। ऐसे सिस्टम्स के कारण वे नए CAS की आधुनिक सुविधाओं और फायदों का पूरी तरह से लाभ उठाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। नई व्यवस्था को समझना और अपनाना है जरूरी SEBI चेयरमैन ने इस बात पर खास जोर दिया कि बाजार से जुड़े सभी लोगों के लिए इस नई व्यवस्था को गहराई से समझना और उसके अनुकूल अपनी तैयारी करना बेहद आवश्यक है। उनका कहना है कि जब कोई प्रणाली वर्षों से एक तय डगर पर चल रही हो, तो लोगों को उसमें होने वाले बदलाव को स्वीकार करने और उसके साथ ढलने में थोड़ा समय लगता है। कई बार लोग नई व्यवस्था को सीखने और उसके तौर-तरीकों को समझने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं करते हैं। नियामक का यह दृढ़ विश्वास है कि जैसे-जैसे समय बीतेगा और इस व्यवस्था की समझ तथा भागीदारी बढ़ेगी, इसकी कार्यप्रणाली और अधिक परिपक्व एवं बेहतर हो जाएगी। सवाल-जवाब 1. क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम कब लागू किया गया था? शेयर बाजार में नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम 3 अगस्त 2026 से लागू किया गया है। 2. क्या SEBI इस नए नियम को वापस लेने जा रहा है? नहीं, SEBI ने साफ कर दिया है कि यह नियम वापस नहीं लिया जाएगा और आगे भी जारी रहेगा। 3. इस नए सिस्टम के बारे में सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने क्या कहा है? सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि बाजार से मिले सुझावों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव किए जा सकते हैं। 4. नियम में बदलाव को लेकर सेबी का क्या रुख है? सेबी का कहना है कि सोशल मीडिया की हर टिप्पणी पर तुरंत बदलाव नहीं किया जाएगा, बल्कि वास्तविक जरूरत महसूस होने पर ही संशोधन होगा। https://trendkia.com/market/closing-auction-session-par-sebi-ka-kada-rukh-tuhin-kanta-pandey-ne-spasht-ki-niyam-vapsi-par-sthiti-17691 TrendKia — Har trend, sabse pehle.