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  "type": "article",
  "title": "कॉइनबेस के शेयर एक तिहाई तक टूटे, फिर भी वॉल स्ट्रीट लगा रही बड़ा दांव",
  "summary": "कॉइनबेस इस साल करीब 30% टूट चुका है, लेकिन विश्लेषक अब भी भरोसा जता रहे हैं। उनका कहना है कि गिरावट भाव में शामिल हो चुकी है और बिटकॉइन के तल बनाते ही 2027 में रिकवरी लौटेगी।",
  "content": "इस हफ्ते शेयर बाजार ने एक अजीब फैसला सुनाया। कॉइनबेस की कमाई का अनुमान घटा, रेवेन्यू का पूर्वानुमान काटा गया और मुनाफे के आंकड़े नीचे किए गए, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का शेयर ऊपर चढ़ गया। यही विरोधाभास पूरी कहानी की जड़ है कि इस साल बुरी तरह टूटे इस शेयर को लेकर वॉल स्ट्रीट घबराने के मूड में क्यों नहीं है।\n\nबुधवार को कॉइनबेस (COIN) और सर्कल (CRCL), दोनों के शेयर करीब 3 से 4% चढ़े। इसकी वजह बनी विलियम ब्लेयर की एक रिसर्च नोट। यह शिकागो का एक निवेश बैंक है, जिसकी स्थापना 1935 में हुई थी और जिसे इक्विटी निवेशक खासतौर पर टेक्नोलॉजी और ग्रोथ सेक्टर की कवरेज के लिए जानते हैं। इस नोट में कॉइनबेस के रेवेन्यू और कमाई के अनुमानों में बड़ी कटौती की गई, फिर भी कंपनी ने अपनी \"आउटपरफॉर्म\" रेटिंग जस की तस बनाए रखी।\n\n \nबात को आसान शब्दों में समझें तो पूरा दर्द पहले ही शेयर के भाव में शामिल हो चुका है। विलियम ब्लेयर ने लिखा, \"हमारा मानना है कि निवेशकों को कॉइनबेस के साथ बने रहना चाहिए।\" यानी फर्म के हिसाब से गिरावट ने नुकसान का सबसे बुरा हिस्सा पहले ही सोख लिया है।\n\nडाउनग्रेड के पीछे के आंकड़े\nकटौती छोटी नहीं थी। विलियम ब्लेयर ने कॉइनबेस के लिए 2026 का रेवेन्यू अनुमान 12% और 2027 का अनुमान 13% घटा दिया। मुनाफे के मोर्चे पर तो चोट और गहरी रही, दोनों साल के लिए एडजस्टेड EBITDA अनुमान में 34% की कटौती कर दी गई। विश्लेषक एंड्रयू जेफरी और एडिब चौधरी का कहना है कि कमाई 2026 की दूसरी छमाही में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचेगी और उसके बाद 2027 में वापसी करेगी। उन्होंने शेयरधारकों से धैर्य रखने को कहा, क्योंकि स्पॉट क्रिप्टो का ट्रेडिंग वॉल्यूम बिटकॉइन के साथ-साथ अपने तल की ओर जा रहा है।\n\nवॉल्यूम का गणित भी यही \"यू\" आकार वाली कहानी कहता है। फर्म का अनुमान है कि कॉइनबेस का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम इस साल करीब 44% गिरकर $669 अरब पर आ जाएगा, और फिर 2027 में इसमें 32% से ज्यादा की जोरदार वापसी होगी।\n\nयह 2022 की दोहराई नहीं है\nइस भरोसे की एक बड़ी वजह यह सोच है कि मौजूदा गिरावट 2022 की क्रूर क्रिप्टो सर्दी से अलग ढंग से बनी है। उस वक्त स्पॉट बिटकॉइन ETF मौजूद ही नहीं थे। आज ये मौजूद हैं और लगातार पैसा खींच रहे हैं। संस्थागत निवेश अब कहीं बड़ी ताकत बन चुका है, और नियमन का माहौल भी उस तरह परिपक्व हुआ है जैसा चार साल पहले नहीं था। कुल मिलाकर, भले ही भाव की चाल पहले जैसी लगे, बाजार की बुनियादी बनावट बदल चुकी है।\n\n \nफर्म ने कॉइनबेस के बेस लेयर-2 नेटवर्क की ओर भी इशारा किया, जो आगे चलकर कमाई का एक बड़ा जरिया बन सकता है। इसमें रिटेल डेरिवेटिव्स और प्रेडिक्शन मार्केट को जोड़ दें तो रेवेन्यू का आधार सिर्फ स्पॉट ट्रेडिंग से कहीं आगे तक फैल जाता है। अकेले रिटेल डेरिवेटिव्स पहली तिमाही में सालाना आधार पर $200 मिलियन का आंकड़ा पार कर चुके थे।\n\nएक ज्यादा सतर्क राय\nहर कोई नजदीकी भविष्य को लेकर इतना उत्साहित नहीं है। पाइपर सैंडलर के विश्लेषक पैट्रिक मोली ने अपना प्राइस टारगेट $170 से घटाकर $155 कर दिया और \"न्यूट्रल\" रेटिंग बनाए रखी। उनके लिए दूसरी तिमाही की सबसे अहम कहानी प्रेडिक्शन मार्केट और परपेचुअल फ्यूचर्स रहे, जिसमें वर्ल्ड कप ने प्रेडिक्शन मार्केट की गतिविधि में जबरदस्त उछाल ला दिया। तीसरी तिमाही को देखते हुए उन्होंने \"परपेचुअल फ्यूचर के खतरे पर निवेशकों के भारी ध्यान\" को लेकर आगाह किया, जो इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के दबाव की याद दिलाता है।\n\nघबराहट की वजह गिरावट का आकार है। कॉइनबेस इस साल करीब 30% टूट चुका है, और साथ ही बिटकॉइन में भी करीब 26% की गिरावट आई है। सर्कल, जिसने जून 2025 में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर $31 प्रति शेयर के भाव के साथ धमाकेदार शुरुआत की थी, जनवरी से अब तक करीब 20% गिर चुका है।\n\nबोलिंगर का \"W\" और संभावित बदलाव\nयही उम्मीद भरा नजरिया चार्ट पर भी दिख रहा है। जॉन बोलिंगर, वही अनुभवी तकनीकी विश्लेषक जिन्होंने बोलिंगर बैंड्स बनाए थे, वे उतार-चढ़ाव दिखाने वाली रेखाएं जो किसी मूविंग एवरेज के ऊपर और नीचे खींची जाती हैं और जिन्हें दुनिया भर के ट्रेडर सिकुड़न और संभावित ब्रेकआउट पहचानने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जुलाई की शुरुआत से बिटकॉइन के डेली चार्ट पर बन रहे एक पैटर्न पर नजर रखे हुए हैं।\n\n2 जुलाई को उन्होंने X पर अपना विश्लेषण साझा किया और बताया कि एक \"W\" डबल-बॉटम बन रहा है। डबल-बॉटम एक रिवर्सल आकार होता है, जो दो निचले स्तरों और उनके बीच एक उछाल से बनता है, और यह तभी तेजी का संकेत देता है जब भाव दोनों तलों के बीच बने शिखर की अड़चन को पार कर जाए। बोलिंगर ने इस बनावट को \"पूरी तरह फ्रैक्टल\" कहा, यानी उसी आकार की छोटी-छोटी प्रतियां बड़े ढांचे के भीतर बैठी हैं, और यह पैटर्न साप्ताहिक चार्ट पर भी दिखता है। उन्होंने जोखिम को लेकर भी साफ बात की, इस चक्र में पहले के तेजी वाले सेटअप नई बिकवाली के चलते टूट चुके थे।\n\n यहां एक चार्ट है जो बिटकॉइन में बन रहे 'W' पैटर्न को दिखाता है: नोट करें कि यह पूरी तरह फ्रैक्टल है। तलों पर छोटे 'w' हैं और शिखर पर एक छोटा 'm'। एक्स्ट्रा क्रेडिट के लिए साप्ताहिक चार्ट देखें, जहां और बड़े टाइम फ्रेम का फ्रैक्टल 'W' नजर आता है।\nएक बाद की पोस्ट में उन्होंने दांव और बढ़ा दिया और कहा कि अगर यह \"W\" पूरा होता है तो वे इसे \"ट्रेंड में बदलाव की पुष्टि\" के तौर पर देखेंगे। यह अब तक का उनका सबसे स्पष्ट सार्वजनिक इशारा था कि ट्रेंड सचमुच बदल रहा हो सकता है, न कि सिर्फ थोड़ी देर के लिए रुका हुआ है।\n\n हम एक अहम मोड़ पर हैं। मंदी के बाजार में तेजी वाले सेटअप टूट जाते हैं और तेजी के बाजार में मंदी वाले सेटअप टूट जाते हैं। इसलिए अगर यह W पैटर्न सफल होता है तो मैं इसे ट्रेंड में बदलाव की पुष्टि मानूंगा।\nबोलिंगर ने इस साल की शुरुआत में यह भी बताया था कि उनके निवेश माध्यम के जरिए बिटकॉइन में उनकी लॉन्ग पोजीशन है, यानी उनका विश्लेषण और उनका अपना दांव एक ही दिशा में इशारा कर रहे हैं। शुद्ध तकनीकी आधार पर बिटकॉइन का भाव अब भी मंदी वाला दिखता है, लेकिन वह ट्रेंड साफ तौर पर कमजोर पड़ रहा है।\n\nऑन-चेन आंकड़े क्या कह रहे हैं\nग्लासनोड का ताजा साप्ताहिक विश्लेषण इस बदलाव वाली दलील को और मजबूती देता है। लॉन्ग-टर्म होल्डर कैपिचुलेशन, जो पूरे साल बिकवाली के दबाव की सबसे बड़ी वजह रहा, दो हफ्ते पहले अपने चक्र के शिखर पर पहुंचा और उसके बाद नीचे मुड़ गया। वह पैमाना, जो यह मापता है कि लॉन्ग-टर्म होल्डर हर दिन असल में कितना छोड़ते हैं और जिसे आंतरिक ट्रांसफर हटाकर समायोजित किया जाता है, अपने चरम पर पहुंचकर अब इस चक्र में पहली बार गिर रहा है।\n\nदूसरी ओर, खरीदार जून के निचले स्तरों पर सक्रिय हो गए। ग्लासनोड ने उस दौरान हर आकार के वॉलेट में खरीदारी की एक व्यापक लहर दर्ज की। बिटकॉइन का डॉलर के साथ उलटा रिश्ता गहरा हुआ है, जबकि अमेरिकी शेयरों के साथ उसका जुड़ाव ढीला पड़ा है, और अच्छी मैक्रो खबरों के प्रति उसकी संवेदनशीलता लौट आई है। मंगलवार के नरम महंगाई आंकड़े ने बिटकॉइन को किसी भी बड़े शेयर सूचकांक के मुकाबले ज्यादा तेजी से हिलाया।\n\nफिर भी एक ही अड़चन ऑन-चेन विश्लेषकों और वॉल स्ट्रीट, दोनों को खटक रही है। अब तक किसी टिकाऊ, स्पॉट आधारित खरीदारी ने इस रिकवरी की पुष्टि नहीं की है।\n\nडेरिवेटिव पोजीशन खुल रही हैं, लॉन्ग-टर्म बिकवाल कम हो रहे हैं और ऑप्शंस बाजार में समाया डर का प्रीमियम घट रहा है। जो चीज गायब है, वह है नई पूंजी, और वह अभी पूरी तरह नहीं आई है। यही वजह है कि विलियम ब्लेयर असली मोड़ को 2027 पर टिकाता है और इस साल कॉइनबेस के ट्रेडिंग वॉल्यूम में अनुमानित 44% गिरावट के बाद उसमें 32% की वापसी का अनुमान लगाता है।\n\nइसका आप पर असर\n• कॉइनबेस के निवेशकों के लिए: शेयर इस साल करीब 30% टूट चुका है, लेकिन विश्लेषक कमाई के 2026 की दूसरी छमाही में तल बनाकर 2027 में लौटने की उम्मीद कर रहे हैं, इसलिए कई इसे बेचने नहीं, बल्कि बने रहने का मौका मान रहे हैं।\n• क्रिप्टो निवेशकों के लिए: ऑन-चेन आंकड़े बता रहे हैं कि लॉन्ग-टर्म बिकवाली का दबाव घट रहा है और जून के निचले स्तरों पर खरीदारी हुई है, जिससे बिटकॉइन का मंदी वाला ट्रेंड कमजोर पड़ता दिख रहा है।\n• सावधानी: अभी तक किसी टिकाऊ स्पॉट खरीदारी ने रिकवरी की पुष्टि नहीं की है, इसलिए बदलाव पक्का नहीं माना जा सकता।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कॉइनबेस का शेयर इस साल कितना गिरा है?\nकॉइनबेस इस साल करीब 30% टूट चुका है, और इसी दौरान बिटकॉइन में भी करीब 26% की गिरावट आई है।\n\n2. अनुमान घटने के बावजूद शेयर क्यों चढ़ा?\nविश्लेषकों का मानना है कि बुरी खबर पहले ही भाव में शामिल हो चुकी है। विलियम ब्लेयर ने कटौती के बाद भी अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी।\n\n3. विलियम ब्लेयर ने अनुमानों में कितनी कटौती की?\nफर्म ने 2026 का रेवेन्यू अनुमान 12% और 2027 का 13% घटाया, तथा दोनों साल के लिए एडजस्टेड EBITDA अनुमान में 34% की कटौती की।\n\n4. विश्लेषक रिकवरी कब आने की उम्मीद कर रहे हैं?\nकमाई 2026 की दूसरी छमाही में तल बनाकर 2027 में लौटने की उम्मीद है, जब ट्रेडिंग वॉल्यूम में 32% से ज्यादा की वापसी का अनुमान है।\n\n5. जॉन बोलिंगर का \"W\" पैटर्न क्या है?\nयह बिटकॉइन के चार्ट पर बन रहा एक डबल-बॉटम है, जो पूरा होने पर बोलिंगर के मुताबिक ट्रेंड में बदलाव की पुष्टि करेगा।\n\n6. पाइपर सैंडलर ने क्या कहा?\nपैट्रिक मोली ने अपना प्राइस टारगेट $170 से घटाकर $155 किया और न्यूट्रल रेटिंग रखी, साथ ही परपेचुअल फ्यूचर्स के खतरे को लेकर आगाह किया।",
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  "publishedAt": "2026-07-15",
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