क्रूड ऑयल में $82 के पास सुस्ती, जानिए 9-दिवसीय EMA के नीचे फिसलने के बाद क्या कह रहे हैं तकनीकी चार्ट डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमत $82.20 के पास कारोबार कर रही है। 9-दिवसीय ईएमए से नीचे खिसकने के बावजूद तकनीकी विश्लेषण बताता है कि प्राथमिक अपट्रेंड अब भी बना हुआ है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को यूरोपीय व्यापारिक सत्र के दौरान मामूली गिरावट दर्ज की गई और भाव $82.20 प्रति बैरल के आसपास कारोबार करते दिखे। लगातार दो दिनों की बढ़त के बाद आई इस सुस्ती के बावजूद, दैनिक तकनीकी चार्ट का विश्लेषण दर्शाता है कि कच्चा तेल अभी भी एक मजबूत चढ़ते चैनल के भीतर बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में प्राथमिक ट्रेंड मजबूती की ओर ही है, भले ही हालिया ओवरबॉट स्थितियों के शांत होने के बाद अल्पकालिक स्तर पर कुछ समेकन देखा जा रहा हो। तकनीकी नजरिए से देखें तो जब तक डब्ल्यूटीआई क्रूड अपने महत्वपूर्ण 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के ऊपर बना रहता है, तब तक निकट भविष्य का दृष्टिकोण सकारात्मक ही नजर आता है। हाल ही में कीमत 9-दिवसीय ईएमए यानी $82.75 के स्तर से नीचे खिसकी है, जो बड़ी रिकवरी के बीच एक छोटे विराम का संकेत देती है। दूसरी ओर, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) फिलहाल 51 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले ओवरबॉट क्षेत्र से नीचे आने के बाद न्यूट्रल मोमेंटम की पुष्टि करता है। तकनीकी स्तर: रेजिस्टेंस और सपोर्ट दायरा कच्चे तेल में आगे की चाल को समझने के लिए व्यापारी कई महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर नजर बनाए हुए हैं। ऊपर की ओर पहला बड़ा रेजिस्टेंस 9-दिवसीय ईएमए पर $82.75 का स्तर है। यदि कीमत इस अल्पकालिक मूविंग एवरेज के ऊपर सफलतापूर्वक ब्रेकआउट देती है, तो बुलिश रुख को और मजबूती मिलेगी। ऐसी स्थिति में डब्ल्यूटीआई की कीमतें चढ़ते चैनल की ऊपरी सीमा $90.40 के लक्ष्य की तरफ बढ़ सकती हैं। इसके बाद 23 जुलाई को दर्ज किए गए लगभग तीन महीने के उच्चतम स्तर $92.25 पर नजर रहेगी। इसके विपरीत, नीचे की तरफ इमीडिएट सपोर्ट 50-दिवसीय ईएमए पर $81.69 के स्तर पर स्थित है। इसके ठीक नीचे चढ़ते चैनल की निचली सीमा $80.80 के करीब बनी हुई है। यदि इन दोनों मजबूत सपोर्ट स्तरों के नीचे गिरावट जारी रहती है, तो तेजी का पूर्वाग्रह कमजोर हो सकता है और कीमतें सात हफ्ते के निचले स्तर $72.53 की ओर रुख कर सकती हैं। वहीं, और अधिक बिकवाली का दबाव बनने पर 2 जुलाई को बने छह महीने के निचले स्तर $67.09 तक गिरावट आ सकती है। लाइव मार्केट डेटा और तकनीकी संकेतक लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, क्रूड ऑयल (CL=F) $83.23 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के बंद स्तर $83.53 से 0.36% की हल्की गिरावट दर्शाता है। पिछले एक साल के दौरान कच्चे तेल ने $54.98 से $119.48 के 52-हफ्तों के विस्तृत दायरे में कारोबार किया है, जो कमोडिटी बाजार में बने व्यापक उतार-चढ़ाव को जाहिर करता है। वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.08 गुना है, जो बाजार में चुनिंदा लिक्विडिटी का संकेत देता है। मूविंग एवरेज का ढांचा लंबे समय के तेजी के रुझान को बनाए हुए है। 20-दिवसीय ईएमए $83.12 पर, 50-दिवसीय ईएमए $82.80 पर और 200-दिवसीय ईएमए $76.05 पर बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) $79.30 पर है, जो 200-दिवसीय एसएमए $78.06 के ऊपर बना हुआ है, जो एक सक्रिय गोल्डन क्रॉस पैटर्न की पुष्टि करता है। बोलिंगर बैंड (20,2) $75.51 से $89.04 के बीच हैं, जिसका मध्य बिंदु $82.28 है। वहीं, एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (एडीएक्स) 13 पर है, जो सीमित दायरे में कारोबार का संकेत देता है। पिवट स्तरों की बात करें तो मुख्य पिवट $83.25, रेजिस्टेंस R1 $83.76, R2 $84.29 तथा सपोर्ट S1 $82.72 और S2 $82.21 पर स्थित हैं। डब्ल्यूटीआई क्रूड क्या है और इसके वैश्विक कारक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल का एक विशिष्ट ग्रेड है, जो नॉर्थ सी ब्रेंट क्रूड और दुबई क्रूड के साथ वैश्विक वित्तीय बाजारों में प्रमुख बेंचमार्क माना जाता है। अमेरिका में उत्पादित और ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग हब के माध्यम से वितरित, जिसे दुनिया का पाइपलाइन चौराहा भी कहा जाता है, डब्ल्यूटीआई एक हल्का और मीठा कच्चा तेल है। इसका कम घनत्व और कम सल्फर सामग्री इसे पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल में रिफाइन करने के लिए काफी उपयुक्त बनाती है। डब्ल्यूटीआई की कीमतें मुख्य रूप से आपूर्ति और मांग के वैश्विक सिद्धांतों से संचालित होती हैं। मजबूत वैश्विक आर्थिक वृद्धि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाती है जिससे ईंधन की मांग बढ़ती है, जबकि सुस्त आर्थिक विकास मांग को घटा देता है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव, क्षेत्रीय संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। इन्वेंटरी रिपोर्ट: एपीआई और ईआईए के आंकड़े कच्चे तेल के भंडार से जुड़े साप्ताहिक आंकड़े आपूर्ति और मांग के संतुलन को मापने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में दो संस्थाएं ये आंकड़े जारी करती हैं: अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (एपीआई) और एनर्जी इंफॉर्मेशन एजेंसी (ईआईए)। एपीआई हर मंगलवार शाम अपने आंकड़े जारी करता है, जबकि अमेरिकी ऊर्जा विभाग की सरकारी एजेंसी ईआईए अगले दिन बुधवार को अपने आधिकारिक आंकड़े पेश करती है। ईआईए के सरकारी निकाय होने के कारण संस्थागत व्यापारी इसके आंकड़ों को अधिक प्रामाणिक मानते हैं। हालांकि, ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि 75% मौकों पर एपीआई और ईआईए के परिणाम 1% के अंतर के भीतर ही रहते हैं। जब इन्वेंटरी में गिरावट आती है, तो यह मजबूत मांग का संकेत देती है जिससे डब्ल्यूटीआई की कीमतों में उछाल आता है। इसके विपरीत, इन्वेंटरी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कमजोर मांग या अधिक आपूर्ति को दर्शाती है, जिससे कीमतों पर दबाव बनता है। ओपेक, ओपेक+ की भूमिका और अमेरिकी डॉलर का असर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) द्वारा लिए गए उत्पादन फैसले वैश्विक तेल बाजार को सीधे प्रभावित करते हैं। 12 तेल उत्पादक देशों का यह समूह साल में दो बार बैठक कर सदस्य देशों के लिए उत्पादन कोटा तय करता है। जब ओपेक उत्पादन में कटौती का फैसला करता है, तो बाजार में आपूर्ति तंग होती है और कीमतें बढ़ती हैं। हाल के वर्षों में, इस समूह का विस्तार ओपेक+ के रूप में हुआ है, जिसमें 10 अन्य गैर-ओपेक देश शामिल हुए हैं, जिनमें रूस सबसे प्रमुख है। इसके अलावा, चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर की विनिमय दर का गहरा प्रभाव पड़ता है। कमजोर अमेरिकी डॉलर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए कच्चे तेल को सस्ता बनाता है जिससे मांग बढ़ती है, जबकि मजबूत डॉलर आयात को महंगा कर मांग को धीमा कर देता है। फॉरेक्स बाजार और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कच्चे तेल की कीमतों का असर विदेशी मुद्रा बाजार और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर भी देखा जा रहा है। एशियाई कारोबारी घंटों में ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) दो दिनों की गिरावट के बाद संभलकर 1.3600 के करीब पहुंचा। हालांकि, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई हालिया नरमी ने ब्रिटेन में महंगाई की चिंताओं को कम किया है, जिसके चलते मनी मार्केट ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में अगली बढ़ोतरी की उम्मीदों को 2026 के अंत से खिसकाकर 2027 की शुरुआत कर दिया है। दूसरी ओर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के सख्त मौद्रिक नीति रुख के चलते यूरो (EUR/USD) भी मजबूत होकर 1.1650 के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही, निवेशकों की निगाहें फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश पर टिकी हैं, जो 27 से 29 अगस्त तक आयोजित होने वाले वार्षिक जैक्सन होल संगोष्ठी में अपना पहला संबोधन देने जा रहे हैं। "फाइनेंशियल इनोवेशन: इम्प्लिकेशंस फॉर पेमेंट्स एंड पॉलिसी" विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में केविन वॉश के बयान से सितंबर की ब्याज दर नीति के साथ-साथ भविष्य के आर्थिक कदमों के स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है। इसका आप पर असर कच्चे तेल की कीमतों में $82.20 के पास स्थिरता का सीधे तौर पर असर ईंधन की घरेलू लागत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। • ईंधन की लागत: कच्चे तेल में सुस्ती से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में तात्कालिक बढ़ोतरी का खतरा कम होता है। इससे आम उपभोक्ताओं को वाहन चलाने और परिवहन पर खर्च राहत की स्थिति में बना रहता है। • मुद्रास्फीति और महंगाई: जब क्रूड ऑयल की कीमतें $85 के नीचे बनी रहती हैं तो माल ढुलाई की लागत स्थिर रहती है। इसका सीधा लाभ रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजों और जरूरी सामानों की कीमतों पर दिखता है। • केंद्रीय बैंक की दरें: ऊर्जा कीमतों में स्थिरता से केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं रहती। ब्रिटेन और यूरोप जैसे क्षेत्रों में दर वृद्धि टलने से आम कर्जदारों के ईएमआई बोझ में राहत मिलती है। • ऊर्जा निवेशक: कमोडिटी ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए $81.69 का 50-दिवसीय ईएमए एक प्रमुख सपोर्ट है। निवेशक इस स्तर को ध्यान में रखकर अपने स्टॉप-लॉस तय कर सकते हैं। • विदेशी मुद्रा बाजार: डॉलर के मुकाबले कच्चे तेल की चाल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के चालू खाता घाटे को प्रभावित करती है। तेल कीमतें स्थिर रहने से घरेलू मुद्रा की विनिमय दर को सहारा मिलता है। सवाल-जवाब 1. डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल $82.20 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि लाइव बाजार में हालिया क्लोजिंग स्तर $83.23 दर्ज किया गया है। 2. डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल के लिए पहला रेजिस्टेंस स्तर कौन सा है? डब्ल्यूटीआई के लिए इमीडिएट रेजिस्टेंस 9-दिवसीय ईएमए यानी $82.75 पर स्थित है। 3. कच्चे तेल को नीचे की तरफ कहां सपोर्ट मिल रहा है? पहला इमीडिएट सपोर्ट 50-दिवसीय ईएमए $81.69 पर है, जिसके बाद चढ़ते चैनल की निचली सीमा $80.80 पर स्थित है। 4. ओपेक और ओपेक+ की कच्चे तेल की कीमतों में क्या भूमिका है? ओपेक और ओपेक+ 12 सदस्य देशों और 10 गैर-सदस्य देशों के साथ मिलकर उत्पादन कोटा तय करते हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतें प्रभावित होती हैं। 5. एपीआई और ईआईए इन्वेंटरी रिपोर्ट कब जारी की जाती हैं? एपीआई रिपोर्ट हर मंगलवार शाम को आती है, जबकि अमेरिकी सरकारी एजेंसी ईआईए की रिपोर्ट अगले दिन बुधवार को जारी की जाती है। https://trendkia.com/market/crude-oil-men-82-ke-pasa-susti-janie-9-divasiya-ema-ke-niche-phisalane-ke-bada-kya-kaha-rahe-hain-takaniki-charta-23608 TrendKia — Har trend, sabse pehle.