# कच्चे तेल में भारी गिरावट से जापानी येन में आई मजबूती, अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा

> मध्य पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति सुधरने के संकेतों और तेल कीमतों में तेज गिरावट के बाद जापानी येन ने डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति सुधारी है, जबकि बैंक ऑफ जापान की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/crude-oil-men-bhari-giravata-se-japanese-yen-men-ai-majabuti-us-dollar-para-dabava-barha-36436 · **Language:** Hindi
**Tags:** जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, कच्चा तेल, बैंक ऑफ जापान, विदेशी मुद्रा, यूएसडी जेपीवाई, वित्त

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज करेक्शन आने के बाद विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में जापानी येन ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शानदार वापसी की है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर मध्य पूर्व से आ रहे सकारात्मक संकेतों की वजह से तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिसका सीधा लाभ आयातित ऊर्जा पर बेहद निर्भर रहने वाली जापानी अर्थव्यवस्था और उसकी राष्ट्रीय मुद्रा को मिला। गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान जापानी येन अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए ग्रीनबैक के मुकाबले मामूली बढ़त हासिल करने में सफल रहा। इस दौरान यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी 0.2 फीसदी फिसलकर 157.00 के करीब आ गई।

## मध्य पूर्व से ऊर्जा सप्लाई सुधरने के संकेत और तेल बाजार का हाल
ऊर्जा बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में तनाव घटने की संभावनाओं के कारण देखने को मिली है। ईरान का कहना है कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका सैन्य दबाव कम करने की पहल करता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है। इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब लाल सागर में स्थित यनबू बंदरगाह से कच्चे तेल का निर्यात मंगलवार से ही दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सऊदी अरब अपनी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को भी फिर से चालू करेगा। इन तमाम घटनाक्रमों से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं काफी कम हो गई हैं। लाइव बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चा तेल (CL=F) पिछले बंद भाव 95.78 डॉलर के मुकाबले 6.22 फीसदी गिरकर 89.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है, जबकि मौजूदा वॉल्यूम 20 दिनों के औसत का 0.43 गुना दर्ज किया गया है। तकनीकी स्तरों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई 46 पर है, जबकि एमएसीडी 3.59 है जो सिग्नल 4.22 के मुकाबले मंदी के संकेत दे रहा है। लंबी अवधि में 50-दिवसीय ईएमए 89.39 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 79.60 डॉलर के साथ गोल्डन क्रॉस बना हुआ है, जबकि दैनिक आधार पर धुरी स्तर यानी पिवट 90.94 डॉलर पर है। पहला समर्थन स्तर 88.04 डॉलर और दूसरा समर्थन स्तर 86.26 डॉलर पर देखा जा रहा है, वहीं प्रतिरोध स्तर क्रमशः 92.72 डॉलर और 95.62 डॉलर हैं।

## सस्ते तेल से जापानी अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत
सस्ते कच्चे तेल का सबसे बड़ा फायदा जापान जैसी बड़ी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को होता है, क्योंकि यह देश अपनी कुल घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी तेल आयात पर निर्भर है। जब तेल सस्ता होता है, तो देश का आयात बिल घटता है और व्यापार घाटा कम होता है, जिससे येन की विनिमय दर को ठोस समर्थन मिलता है। इसके उलट, तेल कीमतों में आई भारी गिरावट ने अमेरिकी डॉलर के सुरक्षित ठिकाने यानी सेफ-हेवन के आकर्षण को कमजोर कर दिया है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) दिन के दौरान दर्ज किए गए अपने 52-दिन के उच्च स्तर 100.67 से नीचे लुढ़क गया। डॉलर के ऊपरी स्तरों से फिसलने के कारण भी येन को आगे बढ़ने का खुला रास्ता मिला।

## बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और दर वृद्धि के संकेत
मुद्रा बाजार के रणनीतिकारों और एमयूएफजी (MUFG) के विश्लेषकों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) का हालिया नीतिगत कदम मौद्रिक नीति के लिए एक बिल्कुल नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। विश्लेषकों के अनुसार यह रुख हर तीन महीने में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के चक्र के अनुरूप बैठता है। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतें येन पर लगातार नीचे की ओर दबाव डाल रही हैं, फिर भी केंद्रीय बैंक की तरफ से नियमित दर बढ़ोतरी का सिलसिला साफ दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 फीसदी से बढ़ाकर 1.25 फीसदी कर दिया है। यह कदम बाजार की हफ्तों पुरानी उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल था और इसने ब्याज दरों को 31 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। वित्तीय विश्लेषक मानते हैं कि इस वर्ष के अंत तक बैंक ऑफ जापान से दरों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

## यूएसडी/जेपीवाई का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
दैनिक चार्ट पर यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी 156.96 के स्तर पर कारोबार कर रही है। यह जोड़ी 156.63 पर स्थित अपने 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। हाल ही में 160.00 के दायरे से हुई भारी बिकवाली के बाद यह स्थिरता निकट अवधि में एक अनिश्चित लेकिन सकारात्मक रुख को दर्शाती है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 49.57 पर मौजूद है, जो बिल्कुल न्यूट्रल लाइन के करीब है। इसका मतलब है कि गति अभी संतुलित है, जिससे भाव ऊपर की तरफ बढ़ने या फिर मौजूदा स्तरों पर कुछ समय तक सीमित दायरे में बने रहने दोनों की पूरी गुंजाइश बाकी है। चार्ट पर नीचे की ओर सबसे नजदीकी समर्थन 20-दिवसीय ईएमए 156.63 पर है, जबकि वर्तमान कारोबारी सत्र का निचला स्तर 156.96 इंट्राडे कारोबारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पिवट क्षेत्र के रूप में काम कर रहा है। यदि यह जोड़ी इस स्तर से टिककर ऊपर उछलती है, तो सकारात्मक रुख बरकरार रहेगा, लेकिन 20-दिवसीय ईएमए से नीचे का कोई भी निर्णायक ब्रेक भाव को चार्ट के पिछले निचले स्तरों की ओर खींच सकता है।

## अन्य मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो बाजार का रुख
व्यापक वित्तीय बाजारों में केवल येन ही सक्रिय नहीं रहा। मंगलवार को एशियाई सत्र में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की असिस्टेंट गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर जोड़ी (AUD/USD) 0.7100 से ऊपर लिफ्ट हुई। हालांकि मध्य पूर्व का व्यापक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त नजरिया डॉलर को सहारा देता रहा, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित रही। इसी तरह, सप्ताह के अंत में होने वाले ट्रंप और शी जिनपिंग के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। दूसरी तरफ, एशियाई सत्र में यूएसडी/जेपीवाई 157.50 के पास मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जहां संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट को थामे रखा। लेकिन बैंक ऑफ जापान की दर बढ़ोतरी के बावजूद जापानी मुद्रा पूरी तरह हावी नहीं हो सकी। कमोडिटी बाजार में, सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी आई और यूरोपीय सत्र में पीली धातु अपने तीन दिवसीय निचले स्तर 4,315 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने बिना ब्याज देने वाली इस सुरक्षित संपत्ति पर बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया। वहीं क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में, पिछले दिन 6.7 फीसदी की जोरदार छलांग लगाने के बाद मंगलवार को बिटकॉइन 85,500 डॉलर से नीचे थोड़ा सुस्ताता दिखा। हालांकि बिटकॉइन की तेजी को मजबूत संस्थागत समर्थन मिला हुआ है, जिसमें स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ (ETF) में सोमवार को लगभग 1 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया और स्ट्रैटेजी ने अपने खजाने में 950 बीटीसी (BTC) और जोड़े हैं।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और मुद्राओं के उतार-चढ़ाव से वैश्विक व्यापार लागत और आयात बिल पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** कच्चे तेल की कीमतों में 6 फीसदी से अधिक की गिरावट से भारत के आयात बिल में बड़ी कमी आ सकती है। इससे पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में स्थिरता रहने के साथ-साथ घरेलू मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट और येन में मजबूती से वैश्विक तरलता का रुख बदल सकता है। निवेशकों को बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गति पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।
- **आयात-निर्यात कारोबार:** मजबूत जापानी मुद्रा से जापान को निर्यात करने वाली कंपनियों की प्राप्तियां बेहतर हो सकती हैं। वहीं ऊर्जा आयातक देशों की विनिर्माण लागत घटने से औद्योगिक उत्पादन को समर्थन मिलेगा।
- **कमोडिटी और सोना:** ब्याज दरों के ऊंचे रहने की संभावना के कारण गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने पर दबाव बना रह सकता है। सोने में नया निवेश करने वालों को फेडरल रिजर्व के बयानों और 4,315 डॉलर के समर्थन स्तर पर ध्यान देना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई है, जिसके पीछे मध्य पूर्व में आपूर्ति संकट टलने की उम्मीदें मुख्य वजह हैं। इस गिरावट ने मुद्रा बाजार में डॉलर के सेफ-हेवन आकर्षण को कम किया और ऊर्जा आयातक देशों की मुद्राओं को बढ़त दिलाई।

- **मध्य पूर्व में आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद:** ईरान ने घोषणा की है कि यदि अमेरिकी सैन्य दबाव कम होता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य सात दिनों में खुल सकता है। साथ ही सऊदी अरब भी यनबू बंदरगाह से तेल निर्यात और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को जल्द बहाल करने जा रहा है।
- **बैंक ऑफ जापान का सख्त रुख:** बैंक ऑफ जापान ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 फीसदी कर दिया है, जो 31 साल का उच्च स्तर है। विश्लेषकों का मानना है कि हर तीन महीने में दरें बढ़ाने का यह नया चक्र येन को दीर्घकालिक मजबूती दे रहा है।
- **अमेरिकी डॉलर पर दबाव:** कच्चे तेल की कीमतों में 6.22 फीसदी की भारी गिरावट के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने 52 दिनों के शीर्ष 100.67 से फिसल गया, जिससे येन को उबरने का अवसर मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. कच्चे तेल में गिरावट से जापानी येन क्यों मजबूत हुआ?
जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल सस्ता होने पर देश का आयात बिल घटता है और येन को मजबूती मिलती है।

### 2. मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति को लेकर क्या ताजा प्रगति हुई है?
ईरान ने कहा है कि अमेरिकी दबाव घटने पर होर्मुज जलडमरूमध्य सात दिनों में खुल सकता है, जबकि सऊदी अरब यनबू से निर्यात और अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन दोबारा शुरू करने की तैयारी में है।

### 3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 फीसदी से बढ़ाकर 1.25 फीसदी कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।

### 4. यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी के लिए मुख्य तकनीकी स्तर कौन से हैं?
चार्ट पर 156.63 पर स्थित 20-पीरियड ईएमए तात्कालिक समर्थन बना हुआ है, जबकि वर्तमान सत्र का निचला स्तर 156.96 अहम पिवट बिंदु का काम कर रहा है।

### 5. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में क्या रुझान देखा गया?
तेल की कीमतों में गिरावट और सेफ-हेवन मांग घटने के कारण डॉलर इंडेक्स अपने 52 दिनों के उच्च स्तर 100.67 से नीचे फिसल गया।

### 6. सोने और बिटकॉइन की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
सोने की कीमत गिरकर 4,315 डॉलर प्रति औंस के पास आ गई, जबकि बिटकॉइन 6.7 फीसदी की बढ़त के बाद 85,500 डॉलर से नीचे स्थिर हुआ।

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