# कच्चे तेल में तेजी और फेड के सख्त रुख से यूरो पर भारी दबाव, डॉलर मजबूत

> जर्मनी में घटते उपभोक्ता विश्वास और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो तीन महीने के निचले स्तर के पास बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/crude-oil-men-teji-aura-fed-ke-sakhta-rukha-se-euro-para-bhari-dabava-dollar-majabuta-38409 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा, यूरो डॉलर, कच्चा तेल, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी डॉलर, मुद्रास्फीति, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को यूरो पर निरंतर बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे EUR/USD की जोड़ी 1.1380 के आसपास कारोबार करती नजर आई। इससे पहले कारोबारी सत्र के दौरान यह जोड़ी 1.1350 के स्तर तक फिसल गई थी, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर है। यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी से आए निराशाजनक आर्थिक आंकड़ों और संयुक्त राज्य अमेरिका में नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं ने साझा मुद्रा पर दोहरा दबाव बना रखा है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताओं ने डॉलर को अतिरिक्त मजबूती दी है, जिससे यूरोपीय संपत्तियों के प्रति निवेशकों का रुझान कमजोर हुआ है।

## जर्मनी के उपभोक्ता विश्वास में तेज गिरावट
यूरोपीय अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को दर्शाने वाले नए आंकड़ों से निवेशकों को कोई खास राहत नहीं मिली। अक्टूबर महीने के लिए जारी जीएफके (GfK) जर्मन उपभोक्ता विश्वास सूचकांक गिरकर -30.6 पर पहुंच गया। यह पिछले पांच महीनों का सबसे कमजोर स्तर है। इससे पिछले महीने यह सूचकांक -26.6 पर दर्ज किया गया था। बाजार विश्लेषक उम्मीद कर रहे थे कि इसमें -27.4 तक की अपेक्षाकृत हल्की गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन वास्तविक आंकड़े अनुमान से कहीं अधिक खराब रहे हैं।

सर्वेक्षण से साफ संकेत मिलता है कि जर्मनी के आम परिवार ऊर्जा की ऊंची दरों के कारण गंभीर वित्तीय दबाव से जूझ रहे हैं। उपभोक्ताओं की आय अपेक्षाओं से जुड़ा उप-सूचकांक सितंबर के 1.7 से तेजी से फिसलकर -15.0 पर आ गया। भविष्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के चलते लोगों ने खर्च करने की अपनी योजनाएं स्थगित कर दी हैं। उपभोक्ताओं की बचत करने की प्रवृत्ति का पैमाना पिछले महीने के 15.5 से उछलकर 21.5 पर पहुंच गया, जिसका सीधा नकारात्मक असर खरीद योजनाओं और खुदरा बाजार पर पड़ रहा है।

## अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त बयान
यूरो की कमजोरी के विपरीत, अमेरिकी डॉलर को फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माताओं के सख्त रुख से लगातार समर्थन मिल रहा है। फिलाडेल्फिया फेड की अध्यक्ष एना पॉलसन ने शुक्रवार को कहा कि मुद्रास्फीति को तय लक्ष्य तक वापस लाने के लिए दरों में सीमित बदलावों की अभी भी जरूरत पड़ सकती है। उनसे कुछ ही घंटे पहले न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने भी इसी रुख को दोहराते हुए कहा कि साल के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीद करना पूरी तरह समझदारी भरा कदम है।

ओसीबीसी (OCBC) के रणनीतिकारों ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि वायदा बाजार इस समय अक्टूबर में 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की लगभग 70% संभावना मानकर चल रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में इस बात का भरोसा गहरा गया है कि मुद्रास्फीति से निपटने की फेड की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और लगातार बनी हुई महंगाई अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को बहु-वर्षीय उच्च स्तर की ओर बढ़ा रही हैं। यह रुझान अमेरिकी डॉलर को सहारा दे रहा है, जबकि ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील और कैरी-ट्रेड संपत्तियों पर इसका सीधा नकारात्मक असर पड़ रहा है।

## कच्चे तेल में मजबूती और वैश्विक जिंस बाजार
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दी है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, क्रूड ऑयल (CL=F) पिछले सत्र के 94.61 डॉलर के बंद स्तर के मुकाबले 1.28% घटकर 93.40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण पर नजर डालें तो इसका आरएसआई (RSI-14) 50 के स्तर पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी (MACD) 2.44 पर है जो 3.57 के सिग्नल स्तर से नीचे होने के कारण बियरिश हिस्टोग्राम (-1.13) प्रदर्शित कर रहा है। मूविंग एवरेज में ईएमए20 94.50 डॉलर, ईएमए50 90.01 डॉलर और ईएमए200 80.13 डॉलर पर है, जबकि एसएमए50 88.06 डॉलर और एसएमए200 81.55 डॉलर पर स्थित है। लंबी अवधि में 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के जरिए मजबूत अपट्रेंड का संकेत देता है। बोलिंगर बैंड (20,2) 83.79 डॉलर से 106.93 डॉलर (मध्य रेखा 95.36 डॉलर) के दायरे में है और एडीएक्स (ADX-14) 27 पर ट्रेंडिंग स्थिति दिखा रहा है। 4.50 डॉलर का एटीआर (ATR-14) दैनिक अस्थिरता को दर्शाता है, जिसमें पिवट 93.51 डॉलर, पहला रेजिस्टेंस 94.64 डॉलर और पहला सपोर्ट 92.27 डॉलर पर आंका गया है। तेल में आई दो दिवसीय तेजी ने वैश्विक बॉन्ड यील्ड को ऊपर खींचने में मुख्य भूमिका निभाई है।

## अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने की स्थिति
डॉलर के मजबूत होने का असर केवल यूरो तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों में भी तेज हलचल दर्ज की गई

- **ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD):** एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई और 0.7000 के स्तर के पास काफी कमजोर नजर आई। रात भर के कारोबार में इसके 200-दिवसीय एसएमए से नीचे फिसलने के बाद बिकवाली और बढ़ गई। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के उछाल से मजबूत हुए डॉलर ने इस जोड़ी को दबाए रखा।
- **जापानी येन (USD/JPY):** शुक्रवार को एशियाई सत्र में यह जोड़ी तीन सप्ताह के उच्च स्तर 159.00 के करीब पहुंचने के बाद थोड़ी धीमी पड़ी। बाजार प्रतिभागियों में जापानी सरकार द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण के चलते डॉलर में मजबूती बरकरार है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी पिछली बैठक में अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया था, जिसे 7-2 के बहुमत से मंजूरी मिली थी। मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया यह कदम बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था, जिसने येन की बढ़त को सीमित रखा।
- **सोना:** डॉलर में आई मजबूती और उच्च बॉन्ड यील्ड के कारण सर्राफा बाजार में सोने की चाल सुस्त रही। सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की कीमतें अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब एक सीमित दायरे में फंसी नजर आईं।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और घरेलू आयात लागत को प्रभावित करती हैं।

- **आयात बिल और ईंधन लागत:** डॉलर के मुकाबले वैश्विक मुद्राओं की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत सहित प्रमुख आयातक देशों के ईंधन बिल को बढ़ा सकती हैं। इसके चलते आगामी हफ्तों में घरेलू स्तर पर लॉजिस्टिक्स और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी का जोखिम रहता है।
- **विदेशी शिक्षा और यात्रा:** यदि डॉलर इंडेक्स में मजबूती जारी रहती है, तो अमेरिका में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ जाता है। विदेश यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को मुद्रा विनिमय दरों पर सतर्क नजर रखनी चाहिए।
- **मुद्रा बाजार में ट्रेडर्स:** विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स में सक्रिय निवेशकों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों के मद्देनजर सतर्कता बरतनी होगी। दरों में बढ़ोतरी की 70% संभावना के बीच डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।
- **सोना और निवेश पोर्टफोलियो:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोने की कीमतों में निकट भविष्य में सीमित दायरे में कारोबार रह सकता है। पोर्टफोलियो में विविधता लाने वाले निवेशकों को केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णयों के आधार पर रणनीतियां बनानी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यूरो में गिरावट और डॉलर में बढ़त का मुख्य कारण यूरोपीय और अमेरिकी अर्थव्यवस्थाओं की बदलती परिस्थितियां तथा केंद्रीय बैंकों की नीतियों में अंतर है।

- **जर्मनी में आर्थिक मंदी की आशंका:** जर्मनी में ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने आम परिवारों के बजट पर गंभीर असर डाला है, जिससे उपभोक्ता विश्वास सूचकांक गिरकर -30.6 पर पहुंच गया। इस आर्थिक नरमी के कारण यूरो मुद्रा पर लगातार दबाव बना हुआ है।
- **फेडरल रिजर्व का सख्त नीतिगत रुख:** फिलाडेल्फिया और न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्षों द्वारा दिए गए बयानों ने स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति को काबू करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी जरूरी हो सकती है। इस रुख ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत सहारा दिया है।
- **कच्चे तेल में तेजी और महंगाई:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए हालिया उछाल ने दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को फिर से जीवित कर दिया है। इसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं, जो डॉलर के लिए अनुकूल हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. शुक्रवार को EUR/USD जोड़ी किस स्तर पर कारोबार कर रही थी?
शुक्रवार को EUR/USD जोड़ी 1.1380 के आसपास कारोबार कर रही थी, जबकि इससे पहले सत्र में यह तीन महीने के निचले स्तर 1.1350 तक फिसल गई थी।

### 2. अक्टूबर के लिए जर्मन उपभोक्ता विश्वास सूचकांक कितना दर्ज किया गया?
जर्मनी का GfK उपभोक्ता विश्वास सूचकांक अक्टूबर के लिए गिरकर -30.6 पर आ गया, जो पिछले पांच महीनों का सबसे निचला स्तर है।

### 3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने ब्याज दरों पर क्या कहा?
फिलाडेल्फिया फेड की अध्यक्ष एना पॉलसन और न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने संकेत दिया कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए इस साल के अंत तक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी संभव है।

### 4. अक्टूबर में फेड द्वारा दरें बढ़ाने की कितनी संभावना मानी जा रही है?
बाजार मूल्य निर्धारण के आधार पर अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की लगभग 70% संभावना जताई गई है।

### 5. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया था?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया था।

### 6. कच्चे तेल की वर्तमान कीमत क्या दर्ज की गई है?
लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार क्रूड ऑयल 1.28% की दैनिक गिरावट के साथ 93.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

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