मिसाइल हमलों से फिर भड़का कच्चा तेल, भाव 115 डॉलर के पार पहुंचा सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हुए हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव बढ़कर 115.36 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। मिसाइल हमलों की ताजा घटनाओं के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में भारी तेजी दर्ज की गई है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब की एक प्रमुख रिफाइनरी को निशाना बनाए जाने के बाद यह संकट पैदा हुआ है। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व के साथ-साथ दुनियाभर में ईंधन की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे निवेशकों और बाजारों में चिंता की स्थिति है। सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमला ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर हवाई हमले किए हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जिस रिफाइनरी पर यह हमला हुआ है, उसकी उत्पादन क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की है। हालांकि सऊदी अरब के अधिकारियों की तरफ से अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मांग तेजी से बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई के नए दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर इसका तत्काल असर देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.48 डॉलर की बढ़त के साथ 28 अक्टूबर की सुबह 115.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसके अलावा अमेरिकी बास्केट का डब्ल्यूटीआई तेल भी 1.22 डॉलर की तेजी के साथ 101.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को कीमतों में करीब 2 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन ताजा हमलों के बाद बाजार फिर से उफन पड़ा है। ईंधन की सप्लाई पर मंडराया संकट मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और मिसाइल हमलों का इतिहास रहा है, जिसमें खाड़ी युद्ध से लेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष तक के दौरान तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। रिफाइनरी पर हमले की इस घटना से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह के हमले जारी रहे, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें और अधिक ऊंचाई छू सकती हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है। इसका आप पर असर कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में पेट्रोल और डीजल के महंगे होने का सीधा खतरा पैदा हो गया है। • भारत में: परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं और सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। इससे आम आदमी के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा। • महंगाई दर: ईंधन महंगा होने से देश में खुदरा महंगाई दर ऊपर जा सकती है, जिससे रिजर्व बैंक पर ब्याज दरों को लेकर दबाव बढ़ सकता है। • विदेशी मुद्रा भंडार: महंगे तेल के आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर दबाव पड़ेगा, जिससे रुपये की विनिमय दर कमजोर हो सकती है। • औद्योगिक लागत: उद्योगों के लिए ऊर्जा और उत्पादन लागत बढ़ने से विनिर्माण महंगा होगा, जिसका असर कंपनियों के मुनाफे पर भी दिखेगा। • हवाई यात्रा: एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतें बढ़ने से विमानन कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ेगा और हवाई यात्रा के किराए में इजाफा हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ कच्चे तेल की कीमतों में आया यह उछाल मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख उत्पादक देशों की बुनियादी संरचना पर हुए हमलों के कारण हुआ है। इस तरह के संघर्ष वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करते हैं। • सैन्य टकराव: हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर किए गए हवाई हमलों ने उत्पादन को खतरे में डाल दिया, जिससे वैश्विक बाजार में तुरंत डर का माहौल बन गया। • आपूर्ति की चिंता: जिस रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, उसकी क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन है, और इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन प्रभावित होने से वैश्विक सप्लाई पर सीधा असर पड़ा है। • ऐतिहासिक पैटर्न: इतिहास गवाह है कि खाड़ी युद्ध या रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे मौकों पर जब भी तेल प्रतिष्ठानों पर हमले हुए हैं, कीमतों में इसी तरह की भारी तेजी देखने को मिली है। • बाजार प्रतिक्रिया: एक दिन पहले आई मामूली गिरावट के बाद निवेशकों ने सुरक्षा और मांग बढ़ने की आशंका के चलते तुरंत खरीदारी बढ़ा दी, जिससे भाव 115 डॉलर के पार निकल गए। सवाल-जवाब 1. कच्चे तेल की कीमतों में ताजा उछाल की मुख्य वजह क्या है? सऊदी अरब की एक प्रमुख रिफाइनरी पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कीमतों में यह उछाल आया है। 2. ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव बढ़कर कितना हो गया है? ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.48 डॉलर बढ़कर 115.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। 3. अमेरिकी डब्ल्यूटीआई तेल का नया भाव क्या है? डब्ल्यूटीआई तेल 1.22 डॉलर की तेजी के साथ 101.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। 4. जिस रिफाइनरी पर हमला हुआ उसकी उत्पादन क्षमता कितनी थी? सूत्रों के मुताबिक, इस रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की थी। 5. क्या सऊदी अरब ने इस हमले की पुष्टि की है? सऊदी अरब की अथॉरिटी ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। https://trendkia.com/market/crude-oil-surges-past-115-dollars-a-barrel-following-missile-strikes-52430 TrendKia — Har trend, sabse pehle.