चेक कोरुना में कमजोरी के आसार, चेक नेशनल बैंक की आगामी बैठक पर टिकी हैं निवेशकों की निगाहें चेक नेशनल बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले शुरू हुए ब्लैकआउट पीरियड के बीच चेक कोरुना में कमजोरी बनी हुई है। डिप्टी गवर्नर इवा ज़मराजिलोवा के बयानों से संकेत मिलता है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। चेक गणराज्य की मुद्रा चेक कोरुना पर यूरो के मुकाबले दबाव लगातार बना हुआ है, और बाजार के जानकारों का मानना है कि चेक नेशनल बैंक की आगामी नीतियों से इसमें और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। चेक नेशनल बैंक का ब्लैकआउट पीरियड आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक के अधिकारी अब नीतिगत फैसलों पर खुलकर बयान देने से बचेंगे। इस बीच बैंक की बोर्ड की सबसे आक्रामक सदस्यों में शुमार डिप्टी गवर्नर इवा ज़मराजिलोवा ने साफ संकेत दिया है कि वह सितंबर में होने वाली आगामी बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखने के पक्ष में हैं। उनके इस रुख से यह लगभग तय माना जा रहा है कि पूरी बोर्ड कमेटी का आम सहमति वाला फैसला भी दरों को यथावत रखने का ही होगा। ब्याज दरों के अंतर में आया बदलाव बाजार में चल रही दरों की बिकवाली के बावजूद दोनों मुद्राओं के बीच का ब्याज दर अंतर कम हुआ है और EUR/CZK एक्सचेंज रेट एक बार फिर 24.250 के आंकड़े को पार कर गया है। विश्लेषकों का आकलन है कि मौजूदा विनिमय दर अपनी उचित वैल्यू के आसपास है, लेकिन अगर चेक नेशनल बैंक का रुख उम्मीद से ज्यादा नरम रहता है, तो इससे EUR/CZK में और अधिक तेजी आ सकती है और कोरुना कमजोर हो सकता है। हालांकि बैंक की तरफ से बैठक से पहले किसी बड़े सरप्राइज की उम्मीद बहुत कम है, फिर भी निवेशक हर एक गतिविधि पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि मुद्रा बाजार के अगले रुख का अंदाजा लगाया जा सके। वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल दूसरी ओर वैश्विक मुद्रा बाजार में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर में बनी हुई है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों से समर्थन मिल रहा है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को भी मजबूती मिल रही है, जिससे इस मुद्रा जोड़े की तेजी पर कुछ हद तक लगाम लगी है। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के आने से पहले व्यापारी काफी सतर्कता बरत रहे हैं। येन, सोने और अन्य परिसंपत्तियों में हलचल जापानी येन के मोर्चे पर, USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 153.50 के ऊपर स्थिर नजर आ रही है, लेकिन यह इस हफ्ते की शुरुआत में छूए गए सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब बनी हुई है। जापानी केंद्रीय बैंक की नीतियों में बदलाव की उम्मीदों के कारण येन को लगातार समर्थन मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है और यह 4,400 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर से थोड़ा संभलकर ऊपर आया है, हालांकि अभी भी यह 4,450 डॉलर के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे ही कारोबार कर रहा है। आज अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक और शुक्रवार को आने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से सोने और अन्य कमोडिटी की दिशा तय होगी। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, सोलाना आधारित विकेन्द्रीकृत एक्सचेंज Raydium में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है और नए टोकन लॉन्च होने के कारण इसके नेटवर्क एक्टिविटी में भारी उछाल आया है, जिससे तकनीकी संकेत इसकी कीमत को 1.50 डॉलर तक पहुंचने की संभावना जता रहे हैं। उधर यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा मुख्य पुनर्वित्त संचालन और जमा सुविधा पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर क्रमशः 2.65% और 2.50% करने की पूरी उम्मीद है, जिसकी आधिकारिक घोषणा गुरुवार को 12:15 GMT पर की जाएगी। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार और केंद्रीय बैंकों के इन नीतिगत बदलावों का असर सीधे तौर पर निवेशकों, आयातकों और वैश्विक बाजारों से जुड़े कारोबारियों पर पड़ता है। • वैश्विक बाजारों में: मुद्राओं के उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आयात-निर्यात की लागत पर सीधा असर पड़ता है। इससे विदेशी मुद्रा निवेशकों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है। • ब्याज दरों के संदर्भ में: चेक नेशनल बैंक द्वारा दरों को स्थिर रखने के संकेत से स्थानीय ऋण बाजार में ब्याज दरों में तात्कालिक राहत मिल सकती है, जिससे उधारकर्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा। ऐसा क्यों हुआ केंद्रीय बैंकों के फैसलों और मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई प्रमुख आर्थिक कारक और नीतिगत संकेत जिम्मेदार हैं। • ब्लैकआउट पीरियड और नीतिगत संकेत: चेक नेशनल बैंक का ब्लैकआउट पीरियड शुरू होने से पहले डिप्टी गवर्नर इवा ज़मराजिलोवा ने दरों को अपरिवर्तित रखने की इच्छा जताई, जिससे बाजार में नीतिगत स्थिरता का स्पष्ट संदेश गया। • ब्याज दर अंतर में संकुचन: चल रही दरों की बिकवाली के बावजूद दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच ब्याज दरों के अंतर में कमी आने से विनिमय दरों पर दबाव पड़ा और EUR/CZK एक्सचेंज रेट में बदलाव आया। • वैश्विक आर्थिक कारक: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक स्तर पर डॉलर और अन्य प्रमुख मुद्राओं के रुख को प्रभावित किया है। सवाल-जवाब 1. चेक नेशनल बैंक का ब्लैकआउट पीरियड क्यों शुरू हुआ है? चेक नेशनल बैंक का ब्लैकआउट पीरियड आगामी मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले शुरू हुआ है, ताकि अधिकारी बैठक से पहले नीतिगत फैसलों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी न करें। 2. इवा ज़मराजिलोवा का आगामी बैठक को लेकर क्या रुख है? डिप्टी गवर्नर इवा ज़मराजिलोवा ने सितंबर की बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखने का समर्थन किया है। 3. EUR/CZK एक्सचेंज रेट में हाल ही में क्या बदलाव आया है? ब्याज दर के अंतर में कमी आने के बाद EUR/CZK एक्सचेंज रेट वापस 24.250 के स्तर से ऊपर चला गया है। 4. यूरोपीय सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में कितने की बढ़ोतरी कर सकता है? यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा मुख्य पुनर्वित्त संचालन और जमा सुविधा पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद है। https://trendkia.com/market/czech-koruna-men-kamajori-ke-asara-czech-national-bank-ki-agami-baithaka-para-tiki-hain-niveshakon-ki-nigahen-30895 TrendKia — Har trend, sabse pehle.